रविवार, 7 दिसंबर 2025
आज प्रत्येक गांव में विशेष ग्राम सभा और शहरों में वार्ड सभा का सफल आयोजन, मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत नागरिकों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता
शनिवार, 6 दिसंबर 2025
हॉकफोर्स की सबसे बड़ी सफलता: “मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में हॉकफोर्स के इतिहास का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर
बालाघाट- मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की लगातार रणनीतिक कार्रवाई और जमीनी स्तर पर किए जा रहे विशेष अभियानों ने बड़ी सफलता दर्ज की है। हॉकफोर्स इंटेलिजेंस इकाई के अथक और जोखिमपूर्ण प्रयासों के फलस्वरूप MMC (मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन में सक्रिय KB (कान्हा–भोरमदेव) डिवीजन के 10 सशस्त्र नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने का मन बनाया है। यह कदम हॉकफोर्स के इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक नक्सली सरेंडर माना जा रहा है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह सभी नक्सली आने वाले दिनों में बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री संजय सिंह के समक्ष औपचारिक रूप से अपने हथियार डालेंगे। हॉकफोर्स की टीम ने कुशल खुफिया तंत्र, सतत निगरानी, मानवीय संवाद और क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा उपस्थिति के माध्यम से नक्सलियों के भीतर विश्वास का माहौल तैयार किया। यही कारण है कि नक्सली पहली बार इतने बड़े पैमाने पर संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने को तैयार हुए हैं।
संगठन को बड़ा झटका
केबी डिवीजन नक्सल गतिविधियों का एक मजबूत मॉड्यूल माना जाता है, जो MMC जोन में विस्फोटक गतिविधियों, हमलों, आईईडी प्लांटिंग और हथियारों की सप्लाई श्रृंखला से जुड़ा हुआ है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे नक्सली हैं जिन पर सुरक्षाबलों पर हमलों, वसूली, ग्रामीणों को धमकाने और जंगल–आधारित कैंपों के संचालन के आरोप रहे हैं। इस बड़े कदम से नक्सली संगठन की रणनीतिक क्षमता और मनोबल पर तीव्र प्रभाव पड़ेगा।
हॉकफोर्स का प्रभावी खुफिया नेटवर्क
नक्सली सरेंडर का यह ऑपरेशन हॉकफोर्स के खुफिया तंत्र की ताकत को दर्शाता है। पिछले कुछ महीनों से इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने जंगलों में कई स्तरों पर संवाद रणनीति अपनाई—
- नक्सलियों के भीतर असहमति के बिंदुओं को चिन्हित किया,
- परिवारजनों को संपर्क में लेकर नक्सली कैडर को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की,
- शिविर बदलने, हथियारों की कमी और भीतर की आपसी खींचतान जैसे मुद्दों को संबोधित किया,
- और अंततः विश्वास पैदा किया कि सरेंडर के बाद उन्हें सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास का अधिकार मिलेगा।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार KB डिवीजन में शामिल नक्सली लंबे समय से दबाव में थे। सख्त सुरक्षा रणनीति, दलों की लगातार नाकेबंदी, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन और जंगलों में बढ़ती तकनीकी निगरानी ने उनके लिए संचालन कठिन बना दिया था।
क्षेत्र में बढ़ेगी शांति और विकास की राह
यह आत्मसमर्पण न केवल नक्सल संगठन के ढांचे को कमजोर करेगा बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास की प्रक्रिया को भी गति देगा। बालाघाट जिले में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और वन–ग्राम विकास के कार्यों में नक्सल गतिविधियों के कारण अक्सर बाधाएं आती रही हैं। नक्सलियों के आत्मसमर्पण से जहां भय का वातावरण कम होगा, वहीं ग्रामीणों को भी शासन की योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सकेगा।
सरेंडर पॉलिसी का असर
राज्य सरकार और पुलिस विभाग की पुनर्वास एवं सरेंडर नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को—
- सुरक्षा प्रदान की जाएगी,
- पुनर्वास पैकेज उपलब्ध होगा,
- शिक्षा और आजीविका से जोड़ने के अवसर मिलेंगे,
- और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने में हर संभव मदद की जाएगी।
आगे की प्रक्रिया
आधिकारिक तौर पर आत्मसमर्पण की प्रक्रिया जल्द ही IG श्री संजय सिंह की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी नक्सलियों का सत्यापन, पंजीयन और पुनर्वास प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
बालाघाट में KB डिवीजन के 10 सशस्त्र नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल हॉकफोर्स के साहस, रणनीति और खुफिया कौशल की जीत है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हिंसा का मार्ग छोड़कर संवाद और विकास की दिशा में लौटना ही भविष्य का सुरक्षित मार्ग है।
पत्रकारिता एक मिशन है, जो समाज में जागरूकता लाती है-राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री ने किया सतना में दैनिक समाचार पत्र का लोकार्पण
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने हिनौती गौधाम में दो शेडों का लोकार्पण किया, बोले—“रीवा बनेगा प्राकृतिक और जैविक खेती का जिला”
हिनौती गौधाम—एशिया की सबसे बड़ी और आधुनिक गौशाला बनने की ओर
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बसामन मामा गौ अभ्यारण्य और हिनौती गौधाम आज प्रदेश ही नहीं, देश में गौ सेवा के सबसे बड़े और सुव्यवस्थित केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हिनौती गौधाम में रहने वाली 50 हजार से अधिक गायों से प्राप्त गोबर और गौमूत्र प्राकृतिक एवं जैविक खेती को नई दिशा देंगे। इससे रीवा जिले को जैविक खेती का एक मॉडल जिला बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“पूरी तरह विकसित होने पर हिनौती गौधाम शासन द्वारा निर्मित सबसे बड़ी गौशाला होगी। मास्टर प्लान के अनुसार सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जाएँ, ताकि हजारों गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।”
गौसेवा ही ईश्वर सेवा—उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में मौजूद संसाधनों और व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि गौवंश के लिए मिलने वाले 40 रुपए प्रति गाय प्रतिदिन में से 35 रुपए आहार और 5 रुपए गौसेवकों के लिए निर्धारित हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौसेवकों को यह राशि समय पर मिले, ताकि वे मन लगाकर सेवा कर सकें।
पिताश्री स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने अपने पूज्य पिताजी स्व. भैयालाल शुक्ल को याद करते हुए कहा—
“पिताजी की आत्मा तभी प्रसन्न होगी जब हम गौधाम का निर्माण कार्य तेज गति से और समय पर पूरा कर सकें। वे जो भी कार्य हाथ में लेते थे, उसे ईमानदारी और समय से पहले पूरा करते थे।”
उन्होंने गौधाम के विकास को अपने पिताजी की सेवा–भाव, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा से जोड़ते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
गौसेवकों को कंबल वितरण, संत समाज का सम्मान
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य केडी शुक्ला द्वारा सभी गौसेवकों को नि:शुल्क कंबल प्रदान किए गए। उप मुख्यमंत्री ने स्वयं कंबल वितरित कर गौसेवकों का उत्साह बढ़ाया।
संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में उप मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रीफल और शॉल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में पूज्य संत रामसुमन महाराज और संत बटुक जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
गौधाम का विस्तार: 231 एकड़ से 1300 एकड़ तक
विधायक श्री नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि हिनौती गौधाम एशिया की सबसे बड़ी और आधुनिक गौशाला बनेगी।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में 231 एकड़ भूमि उपलब्ध थी, जो उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के प्रयासों से बढ़कर आज 1300 एकड़ तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने गौशाला का नाम “स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल हिनौती गौधाम” करने का सुझाव भी दिया।
पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने स्व. भैयालाल शुक्ल को मध्यप्रदेश के सबसे बड़े संविदाकारों में से एक बताते हुए उनके समाजसेवी कार्यों की सराहना की और कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल अपने पिता के सपनों को ही साकार कर रहे हैं।
व्यवस्थाओं का निरीक्षण और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने गौशाला की व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया, निर्माण कार्यों को तेज़ी से पूरा करने निर्देश दिए और गायों की पूजा कर सम्मान अर्पित किया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य:
- जिला पंचायत सदस्य केडी शुक्ला
- जनपद अध्यक्ष गंगेव श्री विकास तिवारी
- श्री सुनील पाण्डेय
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर
- एसडीएम दृष्टि जायसवाल
- गौ संवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय
- संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ डीपी सिंह
- ग्राम पंचायत हिनौती के सरपंच भारत साकेत
- अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन
हिनौती गौधाम में आयोजित यह कार्यक्रम गौसंरक्षण, प्राकृतिक खेती, सामाजिक सहभागिता और श्रद्धा का उत्कृष्ट समागम रहा।
उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिनौती गौधाम न केवल एक विशाल गौशाला के रूप में विकसित हो रहा है, बल्कि रीवा जिले को प्राकृतिक और जैविक खेती की नई राजधानी बनाने की दिशा में भी अग्रसर है।
स्व. भैयालाल शुक्ल की 10वीं पुण्यतिथि: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, सेवा एवं मानवीय मूल्यों की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
समाजसेवा और मानवीय मूल्यों से भरे जीवन का स्मरण
स्व. भैयालाल शुक्ल विंध्य अंचल की एक ऐसी प्रेरक विभूति रहे, जिन्होंने जीवनभर समाजसेवा, सादगी, त्याग और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा। प्रार्थना सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भैयालाल शुक्ल जी ने सदैव गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा को अपना जीवन–धर्म माना।
उनकी सरलता, सहनशीलता, सौम्यता और मानव कल्याण की भावना ने उन्हें समाज में एक सम्मानित स्थान प्रदान किया।
उप मुख्यमंत्री की भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने भावुक शब्दों में अपने पिताजी को याद किया। उन्होंने कहा—
“यह अवसर मेरे पूज्य पिता जी की स्मृति को नमन करने का है, जिन्होंने सेवा, त्याग और मानवता को जीवन का आधार बनाया। उनका जीवन मूल्य, समर्पण और समाज के प्रति चिंता मुझे निरंतर प्रेरित करती रहेगी। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही मेरे लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।”
उप मुख्यमंत्री ने अपने पिताश्री द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और समाजहित में किए गए सेवा–कार्य को जीवनभर आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
जनप्रतिनिधियों और समाज का स्नेहपूर्ण सम्मिलन
प्रार्थना सभा में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, स्व. शुक्ल जी के परिवारजन, ग्रामवासी, संत समाज और बड़ी संख्या में समाजसेवी शामिल हुए।
सभी ने भैयालाल शुक्ल जी के स्मृतिचिह्न पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। उनकी स्मृति में सामूहिक मौन, प्रार्थना और सत्संग का आयोजन भी हुआ।
संत समाज का सम्मान और पौधारोपण
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रार्थना सभा में उपस्थित संत समाज को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पिताजी की स्मृति में पौधारोपण कर उन्होंने प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह कदम स्व. भैयालाल शुक्ल के प्रकृति–प्रेम और जीवन मूल्यों का प्रत्यक्ष प्रतीक रहा।
मानवीय विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश
कार्यक्रम का पूर्ण वातावरण श्रद्धा, आत्मीयता और सेवा भावना से भरा हुआ रहा।
प्रार्थना सभा ने स्व. भैयालाल शुक्ल की महान विरासत, उनके समाजसेवी जीवन और आध्यात्मिक विचारधारा को पुनः स्मरण कर समाज को प्रेरणा प्रदान की।
उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम परिवार, समाज और जनप्रतिनिधियों के बीच एकता, मानवीय मूल्यों और समाजहित की भावना को और मजबूत करता हुआ दिखाई दिया।
होमगार्ड्स का 79वां स्थापना दिवस: परेड, सम्मान और “ओपन जिम” की घोषणा के साथ मनाया गया समारोह
स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ परेड निरीक्षण के साथ हुआ। विधायक श्रीमती तन्वे ने परेड की सलामी ली, जिसमें होमगार्ड्स, एसडीईआरएफ, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस एवं एनसीसी कैडेट्स के प्लाटून शामिल रहे। सलामी के बाद प्लाटून कमांडर श्री रविन्द्र महिवाल ने अतिथियों को परेड का निरीक्षण कराया।
परेड का नेतृत्व परेड कमाण्डर श्री मनीष यादव, प्लाटून कमाण्डर तथा श्री नितिन पुरे, परेड टू-आईसी द्वारा किया गया। एसडीईआरएफ के रेस्क्यू वाहन एवं आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती कंचन तन्वे ने विगत वर्ष में होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन टीम द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि होमगार्ड्स जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोगी दल है, जो हर परिस्थिति में अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा देता है।
विधायक श्रीमती तन्वे ने जवानों के स्वास्थ्य और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए विधायक निधि से होमगार्ड्स लाइन खंडवा में “ओपन जिम” लगाने की घोषणा भी की, जिसे उपस्थित जवानों ने उत्साह से स्वागत किया।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य अतिथियों ने होमगार्ड्स स्वयंसेवी जवानों के मेधावी बच्चों को शिक्षा निधि एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही होमगार्ड्स एवं एसडीईआरएफ के अधिकारी–कर्मचारियों तथा स्वयंसेवी जवानों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया।
परेड समारोह के पश्चात अतिथियों ने एसडीईआरएफ द्वारा लगाए गए आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और जवानों की तत्परता व कौशल की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, स्वयंसेवी जवान एवं एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। स्थापना दिवस का यह आयोजन अनुशासन, सेवा भावना और समर्पण की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करता रहा।
शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025
खंडवा में ही स्थापित हो पुलिस बटालियन: सद्भावना मंच ने मुख्यमंत्री को भेजा सामूहिक ई-मेल
उन्होंने बताया कि खंडवा मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। यह रेलवे का प्रमुख जंक्शन है, जहां से देशभर के लिए परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंदिरा सागर बांध और बिजली उत्पादन केंद्र की मौजूदगी के कारण भी यहां सुरक्षा बल की आवश्यकता अधिक रहती है। जिला बड़ा है, पुलिस लाइन स्थापित है और भविष्य में उद्योग एवं संभाग बनने की संभावनाएं मजबूत हैं। बटालियन स्थापना के लिए भूमि का चयन भी पूर्व में खंडवा में ही किया जा चुका है।
प्रमोद जैन ने कहा कि इन सभी तथ्यों के बावजूद पुलिस बटालियन को खरगोन भेजे जाने का निर्णय आश्चर्य और क्षोभ का विषय है। खंडवा प्रदेश का अति संवेदनशील जिला है। यहां स्थित ओंकारेश्वर धाम देश का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं और सुरक्षा बल की आवश्यकता रहती है। इसके अलावा खंडवा को सिमी का गढ़ भी माना जाता है, ऐसे में अतिरिक्त पुलिस बल की उपस्थिति अनिवार्य है।
सद्भावना मंच के सदस्य कमल नागपाल ने बताया कि माली कुआं स्थित मंच कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि खंडवा को मिलने वाली सुविधाएं अन्य जिलों में भेजे जाने से जिले के सर्वांगीण विकास की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। बटालियन के लिए उपयुक्त स्थान खंडवा में पहले ही तय हो चुका था, इसलिए इसे यहां से हटाना न्यायोचित नहीं है।
मंच के संस्थापक तथा सदस्यों —
प्रमोद जैन, आनंद तोमर, जगदीश चंद्र चौरे, देवेंद्र जैन, गणेश भावसार, राधेश्याम शाक्य, कमल नागपाल, जैकी रेवतानी, राजेश पोरपंथ, शहादत मतीन और सुरेश कुमार
— ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री को ई-मेल भेजकर मांग रखी कि पुलिस बटालियन का मुख्यालय खंडवा में ही स्थापित किया जाए।
सद्भावना मंच ने कहा कि खंडवा की भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा आवश्यकताएं और भविष्य की संभावनाएं इसे बटालियन के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान बनाती हैं। इसलिए सरकार को इस निर्णय पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए।
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मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की तहसील खालवा के ग्राम झिंझरी का एक साधारण युवक आज बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बन चुका है...
