गुरुवार, 27 नवंबर 2025

संविधान दिवस : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, खंडवा में आयोजित प्रस्तावना वाचन कार्यक्रम


खंडवा- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में संविधान दिवस के अवसर पर संविधान की प्रस्तावना वाचन तथा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों में संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और नागरिक कर्तव्यों की समझ विकसित करने का भी सार्थक प्रयास रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य : संविधान के मूल्यों से युवा पीढ़ी को जोड़ना

संविधान दिवस का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संविधान की मूल भावनाओं, आदर्शों और सिद्धांतों से परिचित कराना है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद भी दिलाता है।

शुभारंभ : आस्था, आदर और प्रेरणा का संगम

कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के सभागृह में मां सरस्वती एवं भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथियों और प्राध्यापकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर ज्ञान और संविधान की मर्यादा का संदेश दिया।

स्वाती कुशवाहा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय पंधाना महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. आलोक राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने की।

इसके अलावा लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार गोयल, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप फरे, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णा सोलंकी, तथा रा.से.यो. कार्यक्रम अधिकारी प्रो. महेश भाबोर सहित अन्य प्राध्यापकगण कार्यक्रम में शामिल हुए।

उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को शैक्षणिक, वैचारिक और मार्गदर्शी दृष्टि से अत्यंत समृद्ध किया।

संविधान प्रस्तावना का सामूहिक वाचन : संवैधानिक मूल्यों की ओर एक कदम

मुख्य अतिथि डॉ. आलोक राय ने सभा में उपस्थित विद्यार्थियों को संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करवाया।

प्रस्तावना वाचन के माध्यम से विद्यार्थियों ने—

  • संप्रभुता।
  • समाजवाद।
  • पंथनिरपेक्षता
  • लोकतंत्र।
  • गणराज्यवाद।

जैसे भारतीय संविधान के मूल स्तंभों को समझने का अवसर प्राप्त किया।

यह वाचन विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और संवैधानिक आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा लेकर आया।

विशिष्टजन के प्रेरक उद्बोधन

डॉ. आलोक राय — संविधान की प्रासंगिकता पर सारगर्भित व्याख्यान

डॉ. राय ने मध्यप्रदेश की हाल ही में घटित दो महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं के उदाहरण देकर समझाया कि संविधान आज भी कितना जीवंत, प्रासंगिक और दिशा देने वाला दस्तावेज है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि—

  • संविधान नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन स्थापित करता है।
  • प्रस्तावना देश की आत्मा है, जो राष्ट्र को मार्गदर्शन देती है।
  • नागरिकों का जागरूक, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ होना लोकतंत्र की मजबूती का आधार है।

प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह — विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश

प्राचार्य श्री सिंह ने संविधान के मूल्यों, मौलिक अधिकारों तथा विद्यार्थियों की भूमिका पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने कहा कि संविधान युवा पीढ़ी को सामाजिक न्याय, समानता और भ्रातृत्व की भावना को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करता है।

अन्य प्राध्यापकों के विचार

प्रो. कुलदीप फरे ने संविधान और भारतीय लोकतंत्र के संबंध पर प्रकाश डाला।

डॉ. सुनील कुमार गोयल ने विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक और देश के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. महेश भाबोर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संविधान की भावना से परिचित कराने की आवश्यकता बताई।

सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं स्वागत

काजल और लॉयन द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। रा.से.यो. द्वारा अतिथियों को बैज पहनाकर और पौधे भेंट कर स्वागत किया गया, जो पर्यावरण और सम्मान दोनों का संदेश देता है। पूजा सोनवणे और दीपांशी विश्वकर्मा ने मंच संचालन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक निभाई।

आभार और प्रेरणा

कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णा सोलंकी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, रा.से.यो. स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

पूरे कार्यक्रम का प्रतिवेदन मिलेश बर्डे द्वारा प्रस्तुत किया गया।

 जागरूक भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल संवैधानिक मूल्यों से अवगत कराया, बल्कि उन्हें देश के भविष्य निर्माता के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया।

इस प्रकार का आयोजन लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

बुधवार, 26 नवंबर 2025

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आईएनएच संपादक के पिता के निधन पर व्यक्त किया शोक

भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आईएनएच के संपादक श्री हिमांशु द्विवेदी के पिता, श्री कीर्ति नारायण द्विवेदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री द्विवेदी के स्वर्गवास का समाचार अत्यंत दुखद एवं व्यथित करने वाला है।

श्री शुक्ल ने शोक संदेश में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने एक स्नेही, संयमी और आदर्श व्यक्तित्व को खोया है, जिसकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने इस कठिन घड़ी में द्विवेदी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और समाज उनकी पीड़ा में साथ खड़ा है।

मंगलवार, 25 नवंबर 2025

टिमरनी नगर के वार्ड क्रमांक 10 में विकास कार्य ठप, प्रशासनिक लापरवाही से नाराज़ जनता

हरदा- वार्ड क्रमांक 10 में आवश्यक विकास कार्यों के लटकने और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ स्थानीय पार्षद द्वारा कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में पार्षद ने वार्ड की वास्तविक समस्याओं और रुके पड़े निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

स्वीकृत कार्य अब तक शुरू नहीं, वार्डवासी परेशान

पार्षद के अनुसार, 16 जुलाई 2024 की पीआईसी बैठक और 21 जुलाई 2024 की सामान्य सभा बैठक में वार्ड के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें

  • जैन मंदिर से छात्रावास मार्ग तक सड़क निर्माण,
  • नाली एवं जल निकासी व्यवस्था सुधार,
  • और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल थे।

इन सभी कार्यों को तत्काल प्रभाव से शुरू किए जाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद महीनों गुजर जाने के बाद भी किसी भी परियोजना पर कार्यारंभ नहीं हो पाया, जिससे वार्डवासियों में गहरी नाराजगी है।

अतिक्रमण से बिगड़ रहा आवागमन, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

आवेदन में पार्षद ने बताया कि वार्ड में कई स्थानों पर अतिक्रमण दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है, जिसकी वजह से पहले से संकरी गलियाँ अब और भी अवरुद्ध हो गई हैं।

  • बच्चों व बुजुर्गों के लिए आवागमन मुश्किल
  • आपातकालीन वाहनों के प्रवेश में बाधा
  • दुर्घटनाओं की आशंका में वृद्धि

इन समस्याओं के समाधान हेतु पार्षद ने कलेक्टर से तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।

साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई

वार्ड की स्वच्छता व्यवस्था भी बदहाली की ओर है। पार्षद ने बताया कि कचरा वाहन हफ्ते में केवल दो बार ही आता है, जिसके कारण कचरा सड़कों और गलियों में जमा होने लगा है।

  • मच्छरों का प्रकोप
  • बदबू और गंदगी
  • मौसमी बीमारियों का खतरा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अनियमितता से समस्याएँ और बढ़ गई हैं।

कलेक्टर से शीघ्र कार्रवाई की मांग

पार्षद ने कलेक्टर को सौंपे अपने आवेदन में अनुरोध किया है कि—

  • स्वीकृत विकास कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराया जाए,
  • जिम्मेदार विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएँ,
  • अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए,
  • स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और सुदृढ़ किया जाए।

पार्षद ने कहा कि “जनहित से जुड़े कार्यों में देरी वार्डवासियों के प्रति अन्याय है और प्रशासन को स्थिति की गंभीरता समझते हुए तुरंत कदम उठाने चाहिए।”

वार्ड नंबर 10 के नागरिक भी आशा कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा और रुके हुए विकास कार्य पटरी पर लौटेंगे।

सेवा सप्ताह में जरूरतमंदों को ठंड से बचाव हेतु डेढ़ सौ से अधिक गर्म वस्त्र वितरित, जय भोलेनाथ ग्रुप एवं ओम साईं सेवा संस्था द्वारा निरंतर सेवा कार्यक्रम

खंडवा- जय भोलेनाथ ग्रुप एवं ओम साईं सेवा संस्था द्वारा 20 नवंबर से प्रारंभ किए गए सेवा सप्ताह के छठवें दिन जरूरतमंदों को ठंड से बचाव हेतु 150 से अधिक स्वेटर, कंबल और ऊनी टोपे वितरित किए गए। सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन दोनों संगठनों द्वारा प्रतिदिन सेवाभाव पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुँचाई जा रही है।

सेवा सप्ताह के तहत लगातार जारी हैं जनसेवा गतिविधियाँ

सेवा सप्ताह में वस्त्र वितरण, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक स्वास्थ्य शिविर, धार्मिक कार्यक्रमों सहित कई मानवीय सेवाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रमों को सफल बनाने में ग्रुप की सदस्याएँ—
नंदा चंचलानी, पुष्पा चंचलानी, भाव्या साधवानी, सरिता पाटीदार, मुस्कान तोलानी, नंदिनी उधलानी, प्रियंका चौहान, ज्योति चौहान, पूजा चौहान, रश्मि बाहेती, रक्षा प्रजापति, सुनीता यादव और कशीश साहनी—महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सुबह 6 बजे से वस्त्र वितरण, मजदूरों व आमजन को मिली राहत

छठवें दिन का आयोजन सुबह 6 बजे प्रारंभ हुआ। ठंड में दैनिक मजदूरी पर जाने वाले मजदूरों, दूध विक्रेताओं और ऑटो चालकों को सबसे पहले ऊनी टोपे वितरित किए गए। इसके बाद शिव मंदिर परिसर में पहुँचने वाले जरूरतमंदों, बुजुर्गों और प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने वालों को भी स्वेटर, कंबल और गर्म कपड़े प्रदान किए गए।

स्कूली बच्चों के लिए अलग से ऊनी टोपे उपलब्ध कराए गए। छोटे बच्चों को प्रसाद के साथ हेयर बेल्ट, हेयर पिन, पेंसिल जैसी उपयोगी सामग्री भी भेंट की गई।

कार्यक्रम में प्रसादी वितरण, समाज सेवा का अनूठा संदेश

पूरे आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों को प्रसादी का वितरण भी किया गया। उदाहरणीय सेवा भावना के साथ ग्रुप के सेवा कार्यों की सराहना उपस्थित जनों ने की।

101 दिनों तक लगातार नए वस्त्र वितरण का संकल्प

ग्रुप के संरक्षक मनोहर शामनानी ने बताया कि जय भोलेनाथ ग्रुप ऐसी अनूठी संस्था है, जो 101 दिनों तक लगातार नए या नए जैसे गर्म वस्त्रों का वितरण करती है। यह सेवा शरद पूर्णिमा से मकर संक्रांति तक निरंतर चलती है।

मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से तिल-गुड़ प्रसाद और उपयोगी वस्तुओं का वितरण भी किया जाता है।

संस्था का सिद्धांत : पुराने नहीं, हमेशा नए कपड़े

शामनानी ने बताया कि संस्था द्वारा कभी भी पुराने कपड़े वितरित नहीं किए जाते। जरूरतमंदों को उनकी पसंद, रंग और साइज के अनुसार कपड़े चुनने की स्वतंत्रता दी जाती है।

उन्होंने कहा—“नर सेवा ही नारायण सेवा है, और इसी उद्देश्य के साथ संस्था समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है।”

जिलेभर के स्कूलों में खंडवा पुलिस का “मुस्कान जन जागरूकता अभियान”, बाल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पर छात्रों को दिया मार्गदर्शन

खंडवा- नाबालिग बालिकाओं पर होने वाले अपराधों की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय द्वारा 1 से 30 नवम्बर 2025 तक चलाए जा रहे “मुस्कान जन जागरूकता अभियान” के तहत खंडवा जिले में विभिन्न थानों एवं चौकियों द्वारा व्यापक जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं। पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री राजेश रघुवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारणेकर के मार्गदर्शन में जिले के कई स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा-संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।

बच्चों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी — गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर सुरक्षा तक

पुलिस टीमों ने छात्र–छात्राओं को निम्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समझाइश दी—

  • गुड-टच और बैड-टच की पहचान
  • महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रकार
  • नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणाम
  • साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल, अश्लील वीडियो/फोटो के दुरुपयोग
  • बाल विवाह, बाल अपराध, बाल बंधुआ मजदूरी की वैधता और खतरे
  • दहेज प्रताड़ना, POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधान
  • सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के नियम
  • बच्चों के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर
    • महिला हेल्पलाइन – 1090
    • साइबर हेल्पलाइन – 1930
    • चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
    • डायल 112 – आपातकालीन सेवा

पुलिस ने बच्चों को सुरक्षा से संबंधित वीडियो क्लिपिंग और छोटी फिल्में भी दिखाई ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों को समझ सकें और सावधानी बरत सकें।

जिले के विभिन्न थानों में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

25 नवम्बर को जिले के सभी थानों में अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों में पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को जागरूक किया। प्रमुख स्थानों में शामिल रहे—

थाना हरसूद

  • शासकीय माध्यमिक विद्यालय देवल्दी
  • चौकी आशापुर अंतर्गत ग्राम भगावां कन्या विद्यालय
    कार्यक्रम में SDOP हरसूद श्री लोकेंद्र सिंह ठाकुर एवं महिला थाना प्रभारी सुलोचना गहलोत उपस्थित रहीं।

थाना खालवा

  • हाई स्कूल मुनिया बाम

थाना मूँदी

  • ग्राम हेडई स्थित शासकीय माध्यमिक शाला

थाना किल्लोद

  • शासकीय माध्यमिक विद्यालय लहाड़पुर

थाना नर्मदानगर

  • माध्यमिक शाला पामाखेड़ी

थाना पदमनगर

  • विद्याकुंज स्कूल

चौकी बीड़

  • माध्यमिक शाला गोराडिया
  • माध्यमिक शाला भैंसावा टांडा

इन सभी स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सतर्क रहने, अजनबियों के संपर्क से सावधान रहने, सोशल मीडिया पर अनचाहे संदेशों व प्रस्तावों को अस्वीकार करने और किसी भी अपराध या संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी।

बच्चों को समझाइश : “किसी लालच में न आएं, न ही डरें—पुलिस आपकी मित्र है”

जागरूकता कार्यक्रम में अधिकारियों ने बच्चों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सदैव उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में वे बेझिझक हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि समय पर जानकारी देने से बड़े अपराधों को रोका जा सकता है।

उपस्थित शिक्षक व छात्र–छात्राओं ने सराहा अभियान


स्कूल स्टाफ, शिक्षकों और छात्रों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सजग होते हैं।

खंडवा पुलिस द्वारा संचालित “मुस्कान जन जागरूकता अभियान” जिले के युवाओं और बच्चों को सुरक्षा, कानून और साइबर जागरूकता से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अभियान से न सिर्फ बच्चों में जागरूकता बढ़ी है, बल्कि समाज में भी सुरक्षित माहौल निर्माण की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है।

पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही विकास मिशन सफल—उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश’ थीम पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्रदेश भर से आए जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों ने व्यापक सहभागिता दर्ज की। 650 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति में आयोजित इन सत्रों में पंचायत शासन की मजबूती, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी विषयों पर गहन चर्चा हुई।

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का उद्बोधन : पंचायतें विकास अभियानों की धुरी

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी सरकारी मिशन की वास्तविक सफलता पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव होती है।
उन्होंने कहा—

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में पाइपलाइन, पानी की टंकियों तथा फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ‘नल से जल’ आज एक सपना नहीं, बल्कि वास्तविकता का स्वरूप ले चुका है।
  • पंचायतों को इन अभियानों में सक्रिय भागीदार बनकर समुदाय को जोड़ना होगा।

उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विकास मिशनों के स्थानीय नेतृत्वकर्ता बनें तथा लोगों को योजनाओं से अधिकतम लाभ दिलाने में पहल करें।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल : समन्वय और पारदर्शिता ही मूल आधार

मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था का आधार समन्वय, संवाद और संतुलन है। उन्होंने प्रतिनिधियों को जिम्मेदारियों और अधिकारों के बीच सामंजस्य स्थापित करने की सलाह दी।

उन्होंने प्रमुख बिंदु रेखांकित किए—

  • पंचायतों की स्थाई समितियों की नियमित बैठकें विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
  • प्रतिनिधियों को नियमों की जानकारी, संवेदनशीलता और मर्यादा के साथ कार्य करना चाहिए।
  • पंचायतें स्वयं की आय बढ़ाने के लिए नवीन स्रोत विकसित करें।
  • पंचायत कार्यालयों में अभिलेखों का रख-रखाव और नियमित सेवाओं का प्रदाय शासन की पारदर्शिता को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपनी क्षमता बढ़ाएँ, अनुभव साझा करें और योजनाओं की सही जानकारी लेकर कार्य करें।

स्वावलंबी पंचायत निर्माण पर विस्तृत चर्चाएँ

दूसरे दिन हुए तकनीकी सत्रों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया, जिनमें शामिल हैं—

  • गोधन प्रबंधन एवं पशुधन संरक्षण
  • कृषि एवं उद्यानिकी नवाचार
  • युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार अवसर
  • पंचायत कार्यालय से नागरिक सेवाओं का प्रभावी प्रदाय
  • अभिलेखों का डिजिटल और व्यवस्थित संधारण

अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक श्री दिनेश जैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं और प्रबंधन से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका मिशन पर महत्त्वपूर्ण प्रस्तुति

एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हार्षिका सिंह ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया—

  • नमो ड्रोन दीदी योजना’ के अंतर्गत 41 जिलों के 69 ब्लॉकों में 89 महिला समूह सदस्यों को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण देकर ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं।
  • महिलाओं को कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।
  • उन्होंने एकीकृत कृषि, प्रोत्साहन संकुल विकास, पोषण सुरक्षा, जैविक संसाधन केंद्र की स्थापना तथा सामूहिक उपार्जन जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
  • मनरेगा के नए नवाचारों की जानकारी

मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया—

  • मनरेगा की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और सशक्त बनाया गया है।
  • नयी भुगतान प्रणाली SNA-SPARSH के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
  • एक बगिया माँ के नाम” परियोजना के तहत वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के नए मॉडल प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
  • उन्होंने प्रतिनिधियों को ‘जन-मनरेगा मोबाइल ऐप’ डाउनलोड करने की सलाह दी, जिससे वे अपने क्षेत्र में मनरेगा कार्यों की निगरानी स्वयं कर सकेंगे।
  • समापन सत्र : जल संरक्षण पर व्याख्यान और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन कार्यशाला के अंत में जल संरक्षण विशेषज्ञ श्री बाबू भाई केंद्रे और श्री बालाजी केंद्रे ने जल प्रबंधन पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।

इसके बाद ऑस्कर-नामित जल संरक्षण पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत सराहनीय बताया।

कार्यशाला का मुख्य संदेश यह रहा कि—
“पंचायतें तभी आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगी, जब जनप्रतिनिधि सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जनता और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाएँगे।”

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी के रूप में राव पुष्पेंद्र सिंह नियुक्त, खंडवा में जनमंच साथियों ने किया आत्मीय स्वागत, तीर्थ विकास को लेकर सुझाव सौंपे

खंडवा- ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में धार्मिक व प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विकास कार्यों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए न्यायालय ने श्री जी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी के रूप में राव पुष्पेंद्र सिंह की नियुक्ति की है। मंगलवार को खंडवा आगमन पर जनमंच साथियों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनका पुष्पमालाओं से स्वागत-सत्कार किया तथा तीर्थ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न सुझाव और मांगपत्र सौंपे।

1400 वर्षों से जारी मांधाता राजपरिवार की सेवा परंपरा

मांधाता राजपरिवार के सदस्य कुंवर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, जो द्वीप रूपी मांधाता पर्वत पर स्थित है, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इस मंदिर की सेवा लगभग 1400 वर्ष से राजपरिवार द्वारा निरंतर की जा रही है

उन्होंने बताया कि—

  • राजपरिवार के राव शौभाग सिंह ने मंदिर को निजी स्वरूप से पब्लिक ट्रस्ट के रूप में विकसित करने हेतु श्री जी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पब्लिक ट्रस्ट की स्थापना की थी और वे इसके पहले मुख्य प्रबंध ट्रस्टी थे।
  • उनके निधन (1970) के बाद राव शिवशरण सिंह इस पद पर आसीन हुए।
  • तत्पश्चात 1989 से 2025 तक राव देवेंद्र सिंह मुख्य प्रबंध ट्रस्टी रहे।

उनके निधन के बाद परिवार में आपत्तियाँ उत्पन्न होने पर राव पुष्पेंद्र सिंह को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जहाँ ट्रस्ट के बॉयलाज का अध्ययन कर यह स्पष्ट हुआ कि मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पद पर नियुक्ति का अधिकार केवल राव परिवार के ज्येष्ठ पुत्र को है। इसी आधार पर उन्हें मुख्य प्रबंध ट्रस्टी घोषित किया गया।

कलेक्टर से की मुलाकात, विकास कार्यों पर हुई प्रारंभिक चर्चा

नियुक्ति आदेश की प्रति मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को प्राप्त होने के बाद राव पुष्पेंद्र सिंह ने कलेक्टर श्री ऋषव कुमार गुप्ता से भेंट की। कलेक्टर ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर और आसपास के तीर्थ क्षेत्र के विकास कार्यों में प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

खंडवा में जनमंच सदस्यों ने किया भव्य स्वागत

खंडवा आगमन पर जनमंच साथियों चंद्र कुमार सांड, अनुराग बंसल, देवेंद्र जैन, डॉ. जगदीश चंद्र चौरे, दादाजी मंदिर निर्माण समिति के सदस्य गणेश कांनडे, सुनील जैन, कुंवर दीपेंद्र सिंह, राव हेमेंद्र सिंह, सूर्यपाल सिंह, जयपाल सिंह मंडलोई, कुंवर धीरेन्द्र सिंह, कुंवर राघवेंद्र सिंह, नवनीत सिंह, प्रमोद सोलंकी, अनार सिंह सोलंकी ने पुष्पमालाएँ पहनाकर उनका अभिनंदन किया। वातावरण स्वागत और सद्भाव से सराबोर रहा।

जनमंच द्वारा तीर्थ क्षेत्र के विकास हेतु सुझाव और मांगपत्र सौंपे

स्वागत कार्यक्रम के दौरान जनमंच सदस्यों ने राव पुष्पेंद्र सिंह को प्रधानमंत्री एवं रेलमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र सौंपे।
इनमें मुख्य प्रस्ताव शामिल थे—

1. ओंकारेश्वर में हॉल्ट स्टेशन का निर्माण

तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओंकारेश्वर में शिर्डी और खाटू श्याम की तर्ज पर समुचित रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता बताई गई।

2. इंदौर–सनावद गेज कन्वर्जन कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग

सिंहस्थ से पूर्व रेल मार्ग को पूरी तरह चालू कर तीर्थ क्षेत्र तक सुगम रेल यातायात उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

3. तीर्थ क्षेत्र विकास में मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन का संयुक्त प्रयास

अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था, यात्री सुविधाओं का विस्तार, घाटों की सफाई, सुरक्षा, रोशनी और धार्मिक पर्यटन मार्गों के विकास की भी आवश्यकता बताई गई।

मांगपत्र सौंपने वालों में चंद्र कुमार सांड, अनुराग बंसल, सुनील जैन, गणेश कानडे, देवेंद्र जैन, जगदीश चंद्र चौरे और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

ओंकारेश्वर विकास की दिशा में बड़ा कदम

मुख्य प्रबंध ट्रस्टी के रूप में राव पुष्पेंद्र सिंह की नियुक्ति से ओंकारेश्वर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन, तीर्थ सेवा व्यवस्थाएँ, और मंदिर प्रबंधन तंत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनमंच सदस्यों और शहरवासियों ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में मंदिर परिसर, घाटों और स्थानीय सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

सीएम केयर योजना के शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर: सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को समय की आवश्यकता- उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल- प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने और गंभीर रोगों के उच्च स्तरीय उपचार को राज्य में ही उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बड़े कदम तेज कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम केयर योजना से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों और औपचारिकताओं को शीघ्र, पारदर्शी और प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द आम नागरिकों को प्राप्त हो सके।

प्रदेश में ही विकसित होगा उन्नत उपचार का ढांचा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब जटिल हृदय रोग, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों को बड़े शहरों या राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि सरकार सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य कर रही है, ताकि—

  • उच्च गुणवत्ता वाले उपचार
  • विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता
  • आधुनिक उपकरणों और तकनीक

राज्य के मेडिकल कॉलेजों और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में सुलभ हो सके।

सुपर-स्पेशलिटी चिकित्सा शिक्षा में वृद्धि : विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की पहल

बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में—

  • एमडी/एमएस – 1909 सीटें
  • डीएम – 41 सीटें
  • एम.च. – 43 सीटें

स्वीकृत हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा को बढ़ावा देने से कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, रेडियोलॉजी, युरोलॉजी, सीटीवीएस जैसे उन्नत उपचार क्षेत्रों में अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार किए जा सकेंगे।

यह विस्तार प्रदेश में गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा।

आयुष्मान भारत योजना के उपचार डेटा ने बताया बढ़ती मांग का रुझान

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के डेटा का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में—

  • ऑन्कोलॉजी,
  • कार्डियोलॉजी,
  • रेडिएशन ऑन्कोलॉजी,
  • युरोलॉजी,
  • जनरल मेडिसिन,
  • ऑर्थोपेडिक्स
  • सीटीवीएस

जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

कैंसर की कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, डायलिसिस, एंजियोग्राफी-एंजियोप्लास्टी, सीटी-एमआरआई-पीईटी स्कैन, लैप्रोस्कोपी जैसे उपचारों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

यह संकेत है कि आने वाले वर्षों में सुपर-स्पेशलिटी ढांचे को न केवल विस्तार देना होगा, बल्कि उच्च स्तर पर उन्नत करना भी आवश्यक है।

सीएम केयर योजना : उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं को आमजन तक पहुँचाने का संकल्प

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सीएम केयर योजना का उद्देश्य प्रदेश में उच्च-स्तरीय चिकित्सा सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने का है। योजना के मुख्य बिंदु—

  • कार्डियक और कैंसर उपचार को बेहतर और सुलभ बनाना
  • सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा को बढ़ावा देकर अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करना
  • रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना
  • प्रदेश में उत्कृष्टता संस्थान (Centres of Excellence) स्थापित करना
  • गंभीर रोगों के उपचार पर होने वाले जेब खर्च में कमी
  • तृतीयक स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक तकनीक से लैस करना

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता सूची में रखकर तत्काल गति दी जाए।

युद्धस्तर पर प्रारंभ होंगी अधोसंरचना एवं अनुमतियों की प्रक्रियाएँ

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुपर-स्पेशलिटी विभागों के उन्नयन, मानवबल की नियुक्तियों, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को तेज, दक्ष और समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि आगामी महीनों में योजना के परिणाम स्पष्ट रूप से दिख सकें।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई महत्वपूर्ण समीक्षा

बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने सीएम केयर योजना के विभिन्न चरणों पर विस्तृत प्रस्तुति दी और तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिया।

एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल पूर्णत: डिजिटल — ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा को मिली नई मजबूती


जबलपुर-
 मध्यप्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। कंपनी का केंद्रीयकृत प्रोटेक्शन सेल अब सौ प्रतिशत डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित हो गया है। यह परिवर्तन न केवल तकनीकी उन्नयन का उदाहरण है, बल्कि यह बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में क्रांतिकारी सुधार लेकर आया है।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सरकारी प्रणालियों को स्मार्ट, तेज और पारदर्शी बनाना है।

ट्रांसमिशन सुरक्षा का नया युग – डिजिटलीकरण की बड़ी उपलब्धि

एम.पी. ट्रांसको वर्तमान में प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनें, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन, और 1000 से अधिक पावर ट्रांसफॉर्मरों का संचालन व सुरक्षा संभालता है। इतने विशाल नेटवर्क की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए उन्नत डिजिटल सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
केंद्रीयकृत प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद अब नेटवर्क के प्रत्येक हिस्से पर 24×7 रियल-टाइम नज़र रखी जा सकती है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एम.पी. ट्रांसको को बधाई देते हुए इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।

मोबाइल और क्लाउड आधारित सिस्टम से मिली गति और पारदर्शिता

मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना के अनुसार, प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने से अब—

  • फाल्ट रिपोर्ट,
  • इवेंट डेटा,
  • डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड,
  • ट्रैकिंग फाइलें,
  • एनालिटिकल और तकनीकी रिपोर्ट

अब तुरंत मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट पर उपलब्ध हो जाती हैं।

किसी भी लाइन फाल्ट, उपकरण फेल्योर या ओवरलोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचता है।
इससे निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ब्रेकडाउन, ट्रिपिंग या ब्लैकआउट जैसी परिस्थितियों को समय रहते नियंत्रित किया जा सका है।

कुछ ही मिनटों में फाल्ट लोकेशन की पहचान

पहले किसी भी तकनीकी खराबी का पता लगाने में काफी समय लगता था, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल होने में देरी होती थी।
डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद—

  • फाल्ट लोकेशन की सटीक पहचान कुछ ही मिनटों में संभव हो गई है।
  • फील्ड टीमें और प्रोटेक्शन सेल अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं।
  • डेटा एनालिटिक्स आधारित प्रीवेंटिव मेंटेनेंस को नई गति मिली है।

यह तकनीकी सुधार पूरे प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइन की स्थिरता, विश्वसनीयता और सुरक्षा को उल्लेखनीय रूप से मजबूत कर रहा है।

ऊर्जा व्यवस्था को मिलेगी दीर्घकालिक मजबूती

एम.पी. ट्रांसको के इस डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से—

  • तकनीकी त्रुटियों की निगरानी और सुधार तेज़ होगा,
  • रियल-टाइम डेटा विश्लेषण से भविष्य की चुनौतियों का समय रहते पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा,
  • ट्रांसमिशन नेटवर्क का संचालन और अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा,
  • और प्रदेश की बिजली आपूर्ति में आने वाली रुकावटें न्यूनतम होंगी।

यह कदम न केवल वर्तमान बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण आधार भी तैयार करेगा।