धार्मिक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
धार्मिक लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 20 नवंबर 2020

महापर्व छठ : अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को गंगाजल से दिया अघ्र्य, विधायक वर्मा ने गणगौर घाट पहुंच पूजा कर घाट के सौंदर्यीकरण का दिया आश्वासन



खंडवा- महापर्व छठ की छटा शुक्रवार शाम आबना नदी के गणगौर घाट व सूरजकुंड घाट पर छाई रही। व्रती महिला-पुरुषों ने घर के बने पकवान और फल-फूल से आबना के तट पर गंगाजल से अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अघ्र्य दिया। इसके लिए बिहार से मां गंगा का जल भक्तों ने बुलाया था। शनिवार सुबह उगते सूर्य का गाय के दूध से अघ्र्य के साथ व्रत पूरा होगा। 
शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे से ही घाट पर 'कांचहि बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए..., दर्शन दीहीं ना अपन ये छठी मइया...Ó जैसे गीत गूंज उठे। गणगौर एवं सूरजकुंड घाट पर गन्ने के मंडप के नीचे माता की वेदी बनाकर भक्तों ने भगवान सूर्य की आराधना की। बांस से बने डाल और सूप में प्रसाद रखकर माता की पूजा हुई। माता को ठेकुआ (आटा और गुड से बना प्रसाद), सूखा और कच्चा नारियल, छुहारा, किशमिश, काजू, पंचमेवा, सेव, केला, अनार, गन्ना, नारंगी, अमरूद, नाशपती, शकरकंद, सीताफल समेत मौसमी फल का भोग लगाया। छठ पूजा के दिन घाट पर पूजन के बाद प्रासाद का वितरण किया जाएगा। घाट पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सफाई एवं बिजली विभाग ने प्रकाश की व्यवस्था की। गणगौर घाट पर 40 से अधिक परिवारों ने छठी मैया का पूजन किया। 
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सामाजिक बंधुओं द्वारा गणगौर घाट पर छठ माह पर्व उत्साह पूर्वक मनाया गया। विगत चार दिनों से चल रहे पर्व का शुक्रवार को महत्वपूर्ण दिन था। शाम के समय बड़ी संख्या में महिलाओं ने गणगौर घाट पहुंचकर पूजा अर्चना के साथ भगवान अस्ताचलगामी सूर्य को मंत्रोच्चार के साथ अघ्र्य चढ़ाया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक देवेन्द्र वर्मा ने सभी सामाजिक बंधुओं को छठ पूजा की शुभकामना प्रेषित करते हुए कहा कि अनेकता में एकता यही है हमारे भारत देश की विशेषता, जहां प्रतिदिन कोई न कोई त्यौहार उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। बिहार और यूपी में छठ पूजा को महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। खंडवा में भी बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु गणगौर घाट पर मौजूद होकर छठ माता की पूजा अर्चना कर भगवान सूर्य को अघ्र्य चढ़ाते हैं। भगवान सूर्य ऐसे देवता है जिनके दर्शन हम प्रतिदिन करते हैं और सूर्य देवता से मांगी गई हर प्रार्थना पूर्ण होती है। सामाजिक बंधुओं द्वारा गणगौर घाट के सौंदर्यीकरण की मांग रखी गई है। मेरी विधायक निधि से गणगौर घाट का व्यवस्थित निर्माण कर सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा। छठ पर्व के दिन बड़ी संख्या में सामाजिक बंधुओं के साथ विधायक देवेन्द्र वर्मा, सीएसपी ललित गठरे, तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या, समाजसेवी सुनील जैन के साथ समाज के अध्यक्ष सुमन श्रीवास्तव, सुधीर शर्मा, अलोक तिवारी, सुभाष सिंह, संतोष शर्मा, माधव झा, किशोरीप्रसाद, अंकित सिंह, आरपी चौधरी, उमेश ढाकसे, अभिषेक सिंह, गौरव सोमानी, प्रशांत शर्मा, हरेन्द्रनाथ ठाकुर, उदितनारायण झा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संतोष शर्मा ने किया एवं आभार एजे श्रीवास्तव ने माना।  

सोमवार, 23 मार्च 2020

मास्क पहनकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए 7 फेरे , पंडित से लेकर बारातियों ने भी लगाये मास्क !



कोरोनावायरस का असर अब धीरे-धीरे हमारी जिदंगी पर देखे जाने लगा है। बाजार, ट्रेनें और शादी-पार्टी अब सूनी हो गई हैं। कुछ हो रही हैं तो उनमें इसका खौफ देख जा रहा है। मुंबई एक ऐसी शादी हुई जिसमें, दूल्हा-दुल्हन से लेकर पंडित और बाराती सभी मास्क लगाकर शामिल हुए। दूल्हा-दुल्हन ने मास्क लगाकार सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाई। कोरोना को देखते हुए शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, 'हम जनता से अपील करना चाहते हैं कि वे शादी को आगे के लिए टाल दे।' इस शादी के जरिए इस कपल ने लोगों को एहतियात बरतने का संदेश भी दिया। यह शादी मुंबई के भांडुप इलाके में हुई। ऐसे में बारात में शामिल हुए दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे दूर से ही नमस्कार किया। हालांकि, पहले वर-वधु इस शादी को आगे के लिए टालना चाहते थे, लेकिन बाद में इसे करने का फैसला लिया गया। 

शादी में 800 लोगों को भेजा गया था निमंत्रण

  • दूल्हे सतीश ने हरे रंग का मास्क लगाया था। शादी समारोह में आए सभी लोगों के लिए मास्क का इंतजाम भी वर-वधु पक्ष की ओर से किया गया था। पहले इस शादी के लिए 800 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ 100 लोग ही इसमें शामिल हुए। सीएम ने भी शादी में कम लोगों के शामिल होने की अपील की थी।
  • बारात में आए सभी लोग और पंडित भी मास्क पहने हुए थे। पंडित ने मास्क पहनकर ही सभी मंत्र पढ़े। शादी में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया था।

रविवार, 22 मार्च 2020

विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को भी अब मिलेगा मां बनने का अधिकार


न्यूज डेस्क — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सरोगेसी नियमन विधेयक 2019 में बदलाव करते हुए विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार देने का फैसला किया है।राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए सेरोगेसी (किराए की कोख) बिल को मंजूरी दे दी है। बिल की मंजूरी के बाद विधवा हो या तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी का अधिकार होगा।
नये नियम में ये हुआ बदलाव
नए नियम में सेरोगेट मदर के मेडिकल कवर को 18 से बढ़ाकर 36 महीने का कर दिया गया है। शादी के बाद सरोगेसी की इजाजत की सीमा को भी 5 साल से घटा दिया गया है।भारतीय विवाहित जोड़े, विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के विवाहित जोड़े और अकेली भारतीय महिलाएं कुछ शर्तों के अधीन सरोगेसी का फायदा उठा सकेंगी। हालांकि अकेली महिलाओं की स्थिति में उनका विधवा या तलाकशुदा होना जरूरी होगा। साथ ही उनकी उम्र 35 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। महिला व बाल विकास मंत्रालय की मंत्री स्मृति ईरानी ने सेरोगेसी बिल पेश किया था। इसके कुछ बिंदुओं पर आपत्ति के चलते उसे राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था।
सेलेक्ट कमेटी ने कुछ सिफारिशें दी थीं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूर कर लिया गया। मौजूदा सिफारिशों में अब महिला विधवा हो या तलाकशुदा, उसे भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार है।
वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के प्रजनन के अधिकारों में उदारवादी विचारों को बढ़ावा दिया है। फिर चाहे वह एसिसटेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल हो या फिर सेरोगेसी बिल हो। सेरोगेसी संशोधन बिल को अगले महीने बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

Featured Post

ओंकारेश्वर में सनातन समन्वय का नया अध्याय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास | एकात्म धाम में 27 अगस्त को होगा ऐतिहासिक आयोजन, वैदिक अनुष्ठानों के बीच रखी जाएगी मंदिर की आधारशिला

ओंकारेश्वर/भोपाल। भगवान शिव की पावन नगरी ओंकारेश्वर एक बार फिर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही ...