खंडवा- हरसूद क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात के रूप में नर्मदा वेयर हाउस छनेरा में नगद उर्वरक विक्रय केंद्र का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह केंद्र किसानों की वर्षों से चली आ रही मांगों के परिणामस्वरूप स्थापित किया गया है। प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह कदम कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयास है।
जिला विपणन अधिकारी श्रीमती श्वेता सिंह ने बताया कि इस केंद्र का संचालन मार्केटिंग सोसाइटी न्यू हरसूद द्वारा किया जाएगा। इसके माध्यम से क्षेत्रीय किसानों को अब उर्वरक खरीदने में काफी सुविधा होगी। पहले किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के केंद्रों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय की हानि और अतिरिक्त खर्च उत्पन्न होता था। अब छनेरा में स्थापित यह केंद्र सीधे नगद पर उर्वरक विक्रय सुविधा प्रदान करेगा, जिससे किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों को सहजता से चलाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि श्री कमल खंडेलवाल, श्री राजेंद्र करोडे, श्री राम पंवार, किसान प्रतिनिधि श्री हेमन्त मीणा, मनोज यदुवंशी, मार्केटिंग सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष श्री विनोद पटेल और एस.डी.ओ कृषि श्रीमती अमृता मोरे सहित विभिन्न अधिकारी और किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने इस केंद्र के शुभारंभ पर अपनी खुशी व्यक्त की और इसे किसानों के लिए आवश्यक कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के प्रतिनिधियों ने जिला विपणन अधिकारी श्रीमती श्वेता सिंह का शॉल व श्रीफल से सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन सहकारिता निरीक्षक श्री राधामोहन बिश्नोई ने किया और उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों व किसानों का आभार व्यक्त किया।
इस नए नगद उर्वरक विक्रय केंद्र के माध्यम से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा। इससे कृषि कार्य में तेजी आएगी और फसल उत्पादन की गुणवत्ता व मात्रा में सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम किसानों के हित में बेहद लाभकारी साबित होंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।
प्रदेश सरकार लगातार किसानों को तकनीकी, आर्थिक और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। हरसूद क्षेत्र में यह उर्वरक विक्रय केंद्र किसान कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार के अन्य केंद्र भी स्थापित किए जाने की योजना बन रही है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।
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