मंगलवार, 31 मार्च 2020

Maa Mahagauri Aarti And Puja Mantra: आज Maha Ashtami को करें मां महागौरी की आरती और इन मंत्रों का जाप



Maha Ashtami 2020 Maa Mahagauri Aarti And Puja Mantra: आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है, जिसे महाष्टमी या दुर्गाष्टमी के नाम से जानते हैं। इस दिन मां महागौरी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कई वर्षों तक कठोर तप के कारण मां पार्वती का रंग गौर वर्ण का हो गया था, भगवान शिव ने उनको गौर वर्ण का वरदान दिया, जिससे वो महागौरी कहलाईं। महाष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है। मां महागौरी की कृपा से व्यक्ति के सभी पाप और कष्ट मिट जाते हैं। आज महाष्टमी के दिन आप मां महागौरी के दिए गए बीज मंत्र, प्रार्थना, स्तुति मंत्र का जाप करें और मां महागौरी की आरती करें। आपकी पूजा और श्रद्धा से प्रसन्न होकर माता आपकी मनोकामनाओं को पूरी करेंगी।

मां महागौरी की प्रार्थना

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

मां महागौरी की स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मंत्र

1. माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना।

श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।।

2. ओम देवी महागौर्यै नमः।

मां महागौरी बीज मंत्र

श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

मां महागौरी की आरती/Maa Mahagauri Ki Aarti

जय महागौरी जगत की माया।

जया उमा भवानी जय महामाया।

हरिद्वार कनखल के पासा।

महागौरी तेरा वहां निवासा।

चंद्रकली और ममता अम्बे।

जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे।

भीमा देवी विमला माता।

कौशिकी देवी जग विख्याता।

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।

महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।

सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।

उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।

तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।

तभी मां ने महागौरी नाम पाया।

शरण आनेवाले का संकट मिटाया।

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।

मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता।

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।

महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो।



मां महागौरी की पूजा का महत्व

महाष्टमी या दुर्गाष्टमी के दिन मां महागौरी की विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट मिट जाते हैं और उसे जीवन के सभी पापों से मुक्ति भी मिल जाती है। मां महागौरी की कृपा से सौभाग्य में वृद्धि होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।


आज क्या करें

महाष्टमी के दिन आपको पूजा के समय मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना चाहिए। इससे देवी महागौरी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं। नारियल चढ़ाने से विशेषकर संतान संबंधी समस्याओं का निवारण होता है।

सोमवार, 30 मार्च 2020

Navratri 2020 Day 7: महासप्‍तमी के दिन ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा, जानिए विधि, मंत्र, स्‍तोत्र और आरती




Navratri 2020: नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि (Maa Kalratri) को सपमर्पित है. इस दिन से पूजा पंडालों (Puja Pandal) में भक्तजनों के लिए देवी मां के द्वार खुल जाते हैं.

Navratri 7th Day Maa Kalratri: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है



खास बातें

  • नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है.
  • महासप्‍तमी के दिन मां की पूजा करने से सभी विपदाओं का नाश होता है
  • मां कालरात्रि का रूप भयंकर है, लेकिन भक्‍तों के लिए बेहद क्‍लयाणकारी है

नई दिल्‍ली: चैत्र नवरात्रि (Navratri) के सातवें दिन महा सप्‍तमी (Maha Saptami) होती है. इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्‍वरूप कालरात्र‍ि (Kalratri) की पूजा का विधान है. शक्ति का यह रूप शत्रु और दुष्‍टों का संहार करने वाला है. मान्‍यता है कि मां कालरात्रि ही वह देवी हैं जिन्होंने मधु कैटभ जैसे असुर का वध किया था. कहते हैं कि महा सप्‍तमी के दिन पूरे विध‍ि-व‍िधान से कालरात्रि की पूजा करने पर मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. ऐसा भी कहा जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को किसी भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता. इस बार महा सप्‍तमी 31 मार्च को है.


कालरात्र‍ि का स्‍वरूप
शास्त्रों के अनुसार देवी कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत भयंकर है. देवी कालरात्रि का यह भय उत्पन्न करने वाला स्वरूप केवल पापियों का नाश करने के लिए है. मां कालरात्रि अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करने वाली होती हैं. इस कारण इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है. देवी कालरात्रि का रंग काजल के समान काले रंग का है जो अमावस की रात्रि से भी अधिक काला है. इनका वर्ण अंधकार की भांति कालिमा लिए हुए है. देवी कालरात्रि का रंग काला होने पर भी कांतिमय और अद्भुत दिखाई देता है.

भक्‍तों के लिए अत्‍यंत शुभ है मां का ये रूप
शास्त्रों में देवी कालरात्रि को त्रिनेत्री कहा गया है. इनके तीन नेत्र ब्रह्मांड की तरह विशाल हैं, जिनमें से बिजली की तरह किरणें प्रज्वलित हो रही हैं. इनके बाल खुले और बिखरे हुए हैं जो की हवा में लहरा रहे हैं. गले में विद्युत की चमक वाली माला है. इनकी नाक से आग की भयंकर ज्वालाएं निकलती रहती हैं. इनकी चार भुजाएं हैं. दाईं ओर की ऊपरी भुजा से महामाया भक्तों को वरदान दे रही हैं और नीचे की भुजा से अभय का आशीर्वाद प्रदान कर रही हैं. बाईं भुजा में मां ने तलवार और खड्ग धारण की है. शास्त्रों के अनुसार देवी कालरात्रि गधे पर विराजमान हैं. 

मां कालरात्रि का पसंदीदा रंग और भोग 
नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को सपमर्पित है. कालरात्रि को गुड़ बहुत पसंद है इसलिए महासप्‍तमी के दिन उन्‍हें इसका भोग लगाना शुभ माना जाता है. मान्‍यता है कि मां को गुड़ का भोग चढ़ाने और ब्राह्मणों को दान करने से वह प्रसन्‍न होती हैं और सभी विपदाओं का नाश करती हैं. मां कालरात्रि को लाल रंग प्रिय है. 

महा सप्‍तमी पूजा की व‍िध‍ि
दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि का काफी महत्व है. इस दिन से पूजा पंडालों में भक्तजनों के लिए देवी मां के द्वार खुल जाते हैं. महा सप्‍तमी के दिन कालरात्रि की पूजा इस प्रकार करें:
- पूजा शुरू करने के लिए मां कालरात्रि के परिवार के सदस्यों, नवग्रहों, दशदिक्पाल को प्रार्थना कर आमंत्रित कर लें. 
- सबसे पहले कलश और उसमें उपस्थित देवी-देवता की पूजा करें. 
- अब हाथों में फूल लेकर कालरात्रि को प्रणाम कर उनके मंत्र का ध्यान किया जाता है. मंत्र है- "देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्तया, निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां, भक्त नता: स्म विपादाधातु शुभानि सा न:". 
- पूजा के बाद कालरात्रि मां को गुड़ का भोग लगाना चाहिए. 
- भोग लगाने के बाद दान करें और एक थाली ब्राह्मण के लिए भी निकाल कर रखनी चाहिए.

तंत्र साधना के लिए महत्‍वपूर्ण है सप्‍तमी
सप्तमी की पूजा अन्य दिनों की तरह ही होती है लेकिन रात में पूजा का व‍िशेष व‍िधान है. सप्तमी की रात्रि सिद्धियों की रात भी कही जाती है. दुर्गा पूजा का सातवां दिन तांत्र‍िक क्रिया की साधना करने वाले लोगों के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है. इस दिन तंत्र साधना करने वाले साधक आधी रात में देवी की तांत्रिक विधि से पूजा करते हैं. इस दिन मां की आंखें खुलती हैं. कुंडलिनी जागरण के लिए जो साधक साधना में लगे होते हैं महा सप्‍तमी के दिन सहस्त्रसार चक्र का भेदन करते हैं. देवी की पूजा के बाद शिव और ब्रह्मा जी की पूजा भी जरूर करनी चाहिए.


देवी कालरात्रि का ध्यान
करालवंदना धोरां मुक्तकेशी चतुर्भुजाम्।
कालरात्रिं करालिंका दिव्यां विद्युतमाला विभूषिताम॥

दिव्यं लौहवज्र खड्ग वामोघो‌र्ध्व कराम्बुजाम्।
अभयं वरदां चैव दक्षिणोध्वाघ: पार्णिकाम् मम॥

महामेघ प्रभां श्यामां तक्षा चैव गर्दभारूढ़ा।
घोरदंश कारालास्यां पीनोन्नत पयोधराम्॥

सुख पप्रसन्न वदना स्मेरान्न सरोरूहाम्।
एवं सचियन्तयेत् कालरात्रिं सर्वकाम् समृद्धिदाम्॥


देवी कालरात्रि के मंत्र
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

एक वेधी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।।

वामपदोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी।।

देवी कालरात्रि के स्तोत्र पाठ
हीं कालरात्रि श्री कराली च क्लीं कल्याणी कलावती।
कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥

कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी।
कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥

क्लीं हीं श्रीं मन्त्र्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।
कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा॥

देवी कालरात्रि के कवच
ऊँ क्लीं मे हृदयं पातु पादौ श्रीकालरात्रि।
ललाटे सततं पातु तुष्टग्रह निवारिणी॥

रसनां पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम।
कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशंकरभामिनी॥

वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि।
तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी॥

कालरात्रि की आरती 
कालरात्रि जय-जय-महाकाली।
काल के मुह से बचाने वाली॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।
महाचंडी तेरा अवतार॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा।
महाकाली है तेरा पसारा॥

खडग खप्पर रखने वाली।
दुष्टों का लहू चखने वाली॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी।
ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें।
महाकाली माँ जिसे बचाबे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह।
कालरात्रि माँ तेरी जय॥



पूरे प्रदेश भर में मोदी किचन के माध्यम से भाजपा कर रही जरूरतमंदों की सेवा, छैगांवमाखन मंडल में जरुरतमंदों को बांटा राशन और अन्य सामग्री, आज से खंडवा में भी वितरण कार्य शुरू होगा

खंडवा। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार पूरे देश एवं प्रदेश में गरीबों, अभावग्रस्त एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन एवं राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने प्रदेश भर के जिलाध्यक्षों को भी मोदी किचन खोलकर जरूरतमंदों को खाद्यान सामग्री व भोजन के पैकेज शासन-प्रशासन की गाईड लाईन के अनुसार वितरित करने के निर्देश दिए हैं। मीडिया प्रभारी सुनील जैन ने बताया कि कोरोना वायरस की इस विपदा की घड़ी में असहाय, निराश्रित, विकलांग, मजदूर जिनका इस लॉकडाउन के कारण पेट भरना मुश्किल हो रहा है उन सभी की चिंता करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि इस विपदा की घड़ी में काई भी व्यक्ति भूखा न सोए कार्यकर्ताओं और नगर के समाजसेवियों द्वारा मोदी कम्युनिटी किचन खोलकर जरूरतमंद लोगों के घरों तक खाद्यान सामग्री एवं भोजन के पैकेट सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वितरित किए जाए। प्रदेश के अन्य शहरों के साथ ही खंडवा जिले में भी जरूरतमंदों को खाद्यान सामग्री के वितरण कार्य का शुभारंभ छैगांवमाखन मंडल में जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल एवं पंधाना विधायक राम दांगोरे के नेतृत्व में हो चुका है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल के निर्देश पर सभी मंडलों में मोदी किचन खोल कर जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट एवं खाद्यान सामग्री का वितरण कार्य किया जाना है। जिला मुख्यालय खंडवा में भी जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल व विधायक देवेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में नगराध्यक्ष सुधांशु जैन एवं आशीष राजपूत द्वारा मंगलवार से यह कार्य शुरू किया जाएगा। छैगांवमाखन मंडल में जरूरतमंद अति गरीब परिवारों को खाद्य सामग्री दाल, चावल, आटा, नमक, शक्कर की आपूर्ति हेतु भाजपा द्वारा जन  सहायता केंद्र प्रारंभ  किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल, विधायक राम दांगोरे, जिला उपाध्यक्ष राजेश पटेल, मंडल अध्यक्ष मुकेश पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह मंडलोई, जयपाल सिंह चौहान, जितेन्द्र सिंह चंद्रावत, भरत लाड, विक्रम सिंह, भरत तंवर, प्रदीप कुशवाह, श्रृंगी उपाध्याय, अनिल बाबा, गोपाल सोनी आदि ने गरीबों को सामग्री वितरित की। 

सोमवार, 23 मार्च 2020

शिवराज सिंह चौहान ने शुभ मुहूर्त में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली |



भोपाल। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिवराज सिंह चौहान ने राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसकी तैयारियां पहले से ही की जा चुकी थी। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिवराज सिंह चौहान को नेता चुना गया। गोपाल भार्गव ने विधायक दल के नेता के पद से इस्तीफा दे दिया था। शिवराज सिंह ने शपथ ग्रहण के लिए शुभ मुहूर्त का शोधन करवाया था। निर्धारित समय पर शपथ ली है।
अपने पहले भाषण में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शासन करने की शैली में भी अब परिवर्तन किया जाएगा। सभी को साथ लेकर चलेंगे। कोरोना के कारण कोई उत्सव न मनाए, घर पर रहें। मैं आज रात ही वल्लभ भवन बैठ जाऊंगा, कोरोना को हराना है।

मध्यप्रदेश में विधायक दल का नेता चुने जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरे लिए आज बहुत भावुक पल है, मैं एक कार्यकर्ता के रूप में सालों से कार्य करता रहा हूं, यह इसी पार्टी में हो सकता है कि एक साधारण कार्यकर्ता को एक बड़ा कार्य करने का मौका मिले।

मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान के लिए 

 शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री बने।
शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शिवराज सिंह चौहान ने 2 कार्यकाल पूरे किए।
शिवराज सिंह चौहान का पहला और चौथा कार्यकाल 5 साल का नहीं था। 

मास्क पहनकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए 7 फेरे , पंडित से लेकर बारातियों ने भी लगाये मास्क !



कोरोनावायरस का असर अब धीरे-धीरे हमारी जिदंगी पर देखे जाने लगा है। बाजार, ट्रेनें और शादी-पार्टी अब सूनी हो गई हैं। कुछ हो रही हैं तो उनमें इसका खौफ देख जा रहा है। मुंबई एक ऐसी शादी हुई जिसमें, दूल्हा-दुल्हन से लेकर पंडित और बाराती सभी मास्क लगाकर शामिल हुए। दूल्हा-दुल्हन ने मास्क लगाकार सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाई। कोरोना को देखते हुए शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, 'हम जनता से अपील करना चाहते हैं कि वे शादी को आगे के लिए टाल दे।' इस शादी के जरिए इस कपल ने लोगों को एहतियात बरतने का संदेश भी दिया। यह शादी मुंबई के भांडुप इलाके में हुई। ऐसे में बारात में शामिल हुए दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे दूर से ही नमस्कार किया। हालांकि, पहले वर-वधु इस शादी को आगे के लिए टालना चाहते थे, लेकिन बाद में इसे करने का फैसला लिया गया। 

शादी में 800 लोगों को भेजा गया था निमंत्रण

  • दूल्हे सतीश ने हरे रंग का मास्क लगाया था। शादी समारोह में आए सभी लोगों के लिए मास्क का इंतजाम भी वर-वधु पक्ष की ओर से किया गया था। पहले इस शादी के लिए 800 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ 100 लोग ही इसमें शामिल हुए। सीएम ने भी शादी में कम लोगों के शामिल होने की अपील की थी।
  • बारात में आए सभी लोग और पंडित भी मास्क पहने हुए थे। पंडित ने मास्क पहनकर ही सभी मंत्र पढ़े। शादी में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया था।

रविवार, 22 मार्च 2020

विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को भी अब मिलेगा मां बनने का अधिकार


न्यूज डेस्क — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सरोगेसी नियमन विधेयक 2019 में बदलाव करते हुए विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार देने का फैसला किया है।राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए सेरोगेसी (किराए की कोख) बिल को मंजूरी दे दी है। बिल की मंजूरी के बाद विधवा हो या तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी का अधिकार होगा।
नये नियम में ये हुआ बदलाव
नए नियम में सेरोगेट मदर के मेडिकल कवर को 18 से बढ़ाकर 36 महीने का कर दिया गया है। शादी के बाद सरोगेसी की इजाजत की सीमा को भी 5 साल से घटा दिया गया है।भारतीय विवाहित जोड़े, विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के विवाहित जोड़े और अकेली भारतीय महिलाएं कुछ शर्तों के अधीन सरोगेसी का फायदा उठा सकेंगी। हालांकि अकेली महिलाओं की स्थिति में उनका विधवा या तलाकशुदा होना जरूरी होगा। साथ ही उनकी उम्र 35 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। महिला व बाल विकास मंत्रालय की मंत्री स्मृति ईरानी ने सेरोगेसी बिल पेश किया था। इसके कुछ बिंदुओं पर आपत्ति के चलते उसे राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था।
सेलेक्ट कमेटी ने कुछ सिफारिशें दी थीं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूर कर लिया गया। मौजूदा सिफारिशों में अब महिला विधवा हो या तलाकशुदा, उसे भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार है।
वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के प्रजनन के अधिकारों में उदारवादी विचारों को बढ़ावा दिया है। फिर चाहे वह एसिसटेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल हो या फिर सेरोगेसी बिल हो। सेरोगेसी संशोधन बिल को अगले महीने बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

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