मंगलवार, 30 सितंबर 2025

भावांतर नहीं, एमएसपी पर खरीदी की मांग पर अड़े किसान : भारतीय किसान संघ

उज्जैन- मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है और यहां का किसान इस समय भारी संकट से गुजर रहा है। मौसम की मार, अतिवृष्टि और बाजार में दामों की गिरावट के चलते किसानों की आय पर गहरी चोट पड़ी है। इन्हीं हालातों को देखते हुए भारतीय किसान संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब किसान भावांतर योजना को स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों की एकमात्र मांग है कि सोयाबीन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाए।
भावांतर योजना पर अविश्वास
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने उज्जैन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सोमवार को प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मालवा, मध्यभारत और महाकौशल प्रांतों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि किसान अब भावांतर योजना से जुड़ना नहीं चाहते।
उन्होंने कहा कि किसानों का भावांतर योजना पर भरोसा उठ चुका है। वर्ष 2018 में घोषित भावांतर की राशि आज तक किसानों को नहीं मिल सकी है। किसानों को समय पर उचित भुगतान न मिलने के कारण उनके बीच असंतोष और आक्रोश गहरा हो गया है। इसलिए अब किसान इस योजना को पूरी तरह से खारिज करते हुए सरकार से एमएसपी पर खरीदी की मांग कर रहे हैं।
फसल नुकसान का मुआवजा भी जरूरी
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस वर्ष अतिवृष्टि और पीला मोजेक रोग ने सोयाबीन की फसल को बर्बाद कर दिया है। उत्पादन कम होने से किसान पहले ही नुकसान में हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तत्काल कराकर किसानों को मुआवजा राशि वितरित करे। उन्होंने मांग की कि राहत वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और शीघ्र होनी चाहिए ताकि किसानों को समय पर मदद मिल सके।
आंदोलन की चेतावनी
कमल सिंह आंजना ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने भावांतर योजना को निरस्त कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की गारंटी नहीं दी, तो प्रदेशभर के किसान भोपाल में विशाल आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होगी।
किसानों की एकजुटता का संदेश
बैठक में भारतीय किसान संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, महामंत्री चंद्रकांत गौर, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र पालीवाल, मालवा प्रांत संगठन मंत्री अतुल माहेश्वरी, मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, महाकौशल प्रांत अध्यक्ष गजराज सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस बैठक ने प्रदेशभर के किसानों के बीच एकजुटता का संदेश दिया है।
भारतीय किसान संघ का यह रुख साफ करता है कि किसानों का सब्र अब जवाब दे रहा है। वर्षों से भावांतर योजना की खामियों और बकाया भुगतान ने उनकी नाराजगी को और गहरा दिया है। ऐसे में सरकार के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह किसानों के विश्वास को बहाल करे और सोयाबीन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करे। यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रदेश की कृषि राजनीति एक बार फिर बड़े आंदोलन की गवाह बनेगी।

एमपी ट्रांसको ने ऊर्जीकृत किया 200 एम.वी.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर, महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण में आई मजबूती, महाकौशल के क्षेत्रों को होगा लाभ

जबलपुर- प्रदेश में निरंतर और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 200 एम.वी.ए. क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। इस परियोजना पर लगभग 13 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत आई है।
इस उपलब्धि से न केवल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच विद्युत आदान-प्रदान में और अधिक विश्वसनीयता आएगी, बल्कि अंतर्राज्यीय पारेषण में लचीलापन भी बढ़ेगा।
ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको की इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारियों एवं कार्मिकों की मेहनत से प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि नए ट्रांसफार्मर से प्रदेश के अनेक जिलों को स्थिर और पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।
40 एम.वी.ए. अतिरिक्त क्षमता
नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.वी.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव, मुलताई और छिंदवाड़ा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को पर्याप्त और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
पांडुर्णा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 360 एम.वी.ए.
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि पहले पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर केवल 160 एम.वी.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर कार्यरत थे। उस स्थिति में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कई बार दिक्कत आती थी, जिससे दोनों राज्यों को आवश्यकता अनुसार बिजली का आदान-प्रदान करने में कठिनाई होती थी।
इस कमी को दूर करने के लिए अब नया 200 एम.वी.ए. क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके साथ ही पांडुर्णा सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 360 एम.वी.ए. हो गई है।
महाकौशल क्षेत्र को सीधा फायदा
नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से महाकौशल क्षेत्र के बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा छिंदवाड़ा 220 केवी सबस्टेशन से जुड़े विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यहां बिजली आपूर्ति अब और अधिक सुचारू एवं विश्वसनीय हो जाएगी।
ऊर्जा अवसंरचना को मिला नया आयाम
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट है कि एमपी ट्रांसको प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण की क्षमता बढ़ने से जहां औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर बिजली आपूर्ति होगी, वहीं कृषि कार्यों में भी किसानों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराना संभव होगा।
यह समाचार न केवल तकनीकी उपलब्धि को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी बताता है कि इस कदम से आम जनता और विशेषकर महाकौशल क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।



ग्राम खेड़ीपुरा का संकल्प – “नशे को ना, जीवन को हाँ”, समाज सुधार की दिशा में ग्रामीणों का ऐतिहासिक कदम

खंडवा/किल्लौद- ग्राम पंचायत कुक्सी रैयत के अंतर्गत आने वाला छोटा सा गांव खेड़ीपुरा आज पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गया है। यहां के ग्रामीणों ने एक स्वर में नशा मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने का बीड़ा उठाया है। मंगलवार को किल्लौद जनसुनवाई के दौरान गांव के युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने कलेक्टर एवं थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शराब सहित सभी प्रकार के नशे पर स्थायी रोक लगाने की मांग की।
महिलाओं की मजबूत आवाज
गांव की महिलाओं ने इस मुहिम में आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाई। उनका कहना था कि नशा परिवार की आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है और सामाजिक रिश्तों में दरार लाता है। महिलाओं का यह भी कहना था कि जब तक समाज से नशा खत्म नहीं होगा, तब तक परिवार सुखी और समृद्ध नहीं हो सकते। उन्होंने गांव को नशामुक्त बनाने की पहल का पूरा समर्थन किया और अन्य ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रेरित किया।
युवाओं का जागरूक संकल्प
गांव के युवाओं ने न केवल खुद नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली, बल्कि यह भी वचन दिया कि वे दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहेगी, तो गांव का भविष्य स्वाभाविक रूप से उज्ज्वल बनेगा।
चौपाल में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय
गांव की चौपाल पर हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति गांव में नशा करता हुआ या नशे की बिक्री करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय ने साफ कर दिया कि अब गांव किसी भी तरह के नशे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
समाज सुधार की दिशा में नई पहल
एडवोकेट सुनिल राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाया गया यह कदम समाज सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। जब गांव खुद आगे आकर इस प्रकार का संकल्प लेते हैं, तो प्रशासन के लिए भी कार्य करना सरल और प्रभावी हो जाता है। उन्होंने इस पहल को एक नई मिसाल बताया।
प्रशासन से सहयोग की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मुहिम को पूरा सहयोग दिया जाए और गांव को आधिकारिक रूप से “नशामुक्त गांव” घोषित किया जाए। इससे अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी और धीरे-धीरे समाज से नशे जैसी बुराई को खत्म करने में मदद मिलेगी।
उपस्थित ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने वालों में मायाराम पवार, गजराज राठौड़, दिलीप पवार, जवाहर राठौड़, आदेश राठौड़, मंसाराम पवार, संतोष राठौड़, नेकसिंह राठौड़, मुकेश पवार, गोपाल राठौर, कमल पवार, लल्लू पवार सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे।
ग्राम बलियापुरा से भी संतोष राठौड़ (ठेकेदार), गबरू राठौड़ (भाजपा नेता), राजू चौहान, बबलू जाधव आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई।
खेड़ीपुरा गांव का यह संकल्प पूरे जिले और प्रदेश के लिए एक प्रेरणा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज खुद आगे आए तो किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। ग्रामीणों की एकता, महिलाओं का सहयोग और युवाओं का जागरूकता भाव निश्चित ही इस गांव को नशामुक्त और आदर्श गांव बनाने में सफल होगा।

पदमनगर पुलिस ने 10,000 रुपये के इनामी फरार आरोपी मुड्डा सिह को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में पिस्टल निर्माण सामग्री बरामद


खंडवा: पदमनगर पुलिस ने 10,000 रुपये के इनामी फरार आरोपी भोलू उर्फ मुड्डा सिह सिकलीगर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 9 देशी कट्टे, 1 पिस्टल और पिस्टल बनाने का भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है। मुड्डा सिह की तलाश इंदौर, खरगोन और अन्य जिलों की पुलिस द्वारा की जा रही थी।
दिनांक 24.07.2025 को थाना पदमनगर में वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुनासा की ओर से एक बिना नंबर की सफेद बोलेरो नियो में तीन व्यक्ति आ रहे हैं जिनके पास पिस्टलें और पिस्टल बनाने का सामान हो सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
टीम ने आरोपी विक्रम, रवि और जितेन्द्र के कब्जे से एक देशी पिस्टल बरामद की। तलाशी के दौरान बोलेरो नियो की पिछली तरफ 4 बोरियों में पिस्टल निर्माण सामग्री जैसे लोहे की बैरल 350 नग और शटर नली 297 नग बरामद हुई। आरोपियों ने बताया कि यह सामग्री नारायण तिवारी, खातेगांव, देवास से मुड्डा सिह को पिस्टल बनाने के लिए लाई गई थी। नारायण तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
फरार आरोपी मुड्डा सिह की तलाश लगातार जारी थी। दिनांक 28.09.2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि वह अपने निवास स्थान ग्राम सिग्नूर में है। तत्परता से पुलिस टीम द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुड्डा सिह ने अपना जुर्म स्वीकार किया और पुलिस को पिस्टल, देशी कट्टे एवं पिस्टल बनाने का सामान सौंपा।

जप्त सामान:
09 देशी कट्टे एवं 01 पिस्टल।
पिस्टल बनाने का सामान: कटर मशीन, ड्रिल मशीन, संडासी, हथौड़ा।
कुल कीमत लगभग 3 लाख रुपये


गिरफ्तार आरोपी:
भोलू उर्फ मुड्डा सिह सिकलीगर, पिता: जलसिह सिकलीगर, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम सिग्नूर, थाना गोगावा, जिला खरगोन

पुलिस की सराहनीय भूमिका:
टीम में थाना प्रभारी प्रवीण आर्य, उनि हर्ष सोनगरे, राउनि केमरसिंह रावत, आरक्षक जितेंद्र खाण्डेकर, अनंत अवधाने, विकास मंडलोई, जितेंद्र, विक्रम, सुनील गाड़गे (साइबर सेल), नितिन, आनंद, अजय, अनिल वछाने, जावेद खान, ललिता शामिल रही। पुलिस अधीक्षक खंडवा ने टीम को 10,000 रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की।

मुड्डा सिह का आपराधिक रिकार्ड:
1. गोगावा, खरगोन – अपराध क्र. 280/19, धारा 25 ए आर्म्स एक्ट।
2. गोगावा, खरगोन – अपराध क्र. 481/2022, धारा 25 ए आर्म्स एक्ट।
3. पदमनगर, खंडवा – अपराध क्र. 209/25, धारा 25 (1-बी) (ए) आर्म्स एक्ट।
4. लसूडिया, इंदौर – अपराध क्र. 110/25, धारा 25 बी आर्म्स एक्ट।
इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि खंडवा पुलिस अपराध नियंत्रण और समाज की सुरक्षा के प्रति सतत सक्रिय है।