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गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

हैदराबाद में बाग प्रिंट का अनूठा प्रदर्शन- भारतीय हस्तशिल्प की सुगंध से महका दक्षिण भारत, शिल्प गुरु मोहम्मद यूसुफ़ खत्री ने किया जीवंत प्रदर्शन, पारंपरिक कला को मिला आधुनिक मंच

भोपाल / धार / हैदराबाद- मध्यप्रदेश की गौरवशाली परंपरा बाग प्रिंट कला ने दक्षिण भारत के हैदराबाद शहर में अपनी विशिष्ट पहचान और आकर्षण से सभी का मन मोह लिया। धार ज़िले के बाग गाँव के सुप्रसिद्ध शिल्पकार और शिल्प गुरु मोहम्मद यूसुफ़ खत्री ने हैदराबाद में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बाग प्रिंट की पारंपरिक तकनीक का प्रत्यक्ष एवं जीवंत प्रदर्शन किया।
यह आयोजन आदित्य बिरला ग्रुप के प्रतिष्ठित हस्तशिल्प और डिजाइन ब्रांड ‘जैपोर (Jaypore)’ के आमंत्रण पर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन हैदराबाद के प्रमुख स्थलों — इनऑर्बिट मॉल और जैपोर शोरूम — में किया गया, जहाँ कला प्रेमियों, डिजाइन विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों ने बाग प्रिंट कला की सूक्ष्मता और पारंपरिक प्रक्रिया को नज़दीक से देखा। लोगों ने प्राकृतिक रंगों, लकड़ी के ब्लॉक और हाथ से छपाई की उस पुरातन तकनीक को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया, जो सैकड़ों वर्षों से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक रही है। उपस्थित लोगों ने स्वयं भी ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया में भाग लेकर इस अनूठी कला से आत्मीय संबंध जोड़ा।
शिल्प गुरु मोहम्मद यूसुफ़ खत्री, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय सम्मान और गोल्ड मेडल से अलंकृत किया जा चुका है, ने इस अवसर पर बताया कि बाग प्रिंट केवल एक हस्तकला नहीं, बल्कि यह प्रकृति, परंपरा और संस्कृति का संगम है। इसमें प्रयुक्त रंग पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ हैं।
खत्री ने बताया कि वे अब तक 24 देशों की यात्रा कर बाग प्रिंट की कला को विश्व स्तर पर स्थापित कर चुके हैं। उनका उद्देश्य है कि भारत की पारंपरिक हस्तकलाओं को नई पीढ़ी अपनाए और इसे आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं से जोड़े। उन्होंने कहा कि इस कला के संरक्षण के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
हैदराबाद में आयोजित यह जीवंत प्रदर्शन न केवल बाग प्रिंट के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी बना कि पारंपरिक भारतीय कला आज भी आधुनिक फैशन और डिजाइन जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
कार्यक्रम के अंत में जैपोर टीम ने शिल्प गुरु मोहम्मद यूसुफ़ खत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी कला ने न केवल मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित किया है।

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