बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओंकारेश्वर में सनातन समन्वय का नया अध्याय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास | एकात्म धाम में 27 अगस्त को होगा ऐतिहासिक आयोजन, वैदिक अनुष्ठानों के बीच रखी जाएगी मंदिर की आधारशिला

ओंकारेश्वर/भोपाल। भगवान शिव की पावन नगरी ओंकारेश्वर एक बार फिर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। मान्धाता पर्वत पर विकसित हो रहे भव्य ‘एकात्म धाम’ में 27 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, देशभर से पधार रहे पूज्य संतों, धर्माचार्यों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में ‘पंचायतन मंदिर’ का शिलान्यास किया जाएगा। श्रावण माह के पावन अवसर पर आयोजित यह समारोह केवल एक मंदिर निर्माण का शुभारंभ नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की समन्वयवादी परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित करने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय माना जा रहा है।

प्रातः 6 बजे से प्रारंभ होने वाले इस समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार, शिला पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। आयोजन को लेकर एकात्म धाम परिसर में व्यापक तैयारियां की गई हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और धर्मप्रेमियों के पहुंचने की संभावना है।

मुख्यमंत्री और संत समाज करेंगे 45 पवित्र शिलाओं का पूजन

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् धर्मगिरि (आंध्रप्रदेश), दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् कर्नाटक तथा अन्य प्रतिष्ठित वैदिक संस्थानों के आचार्य विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संत समाज एवं जनप्रतिनिधि 45 पवित्र शिलाओं का पूजन कर मंदिर निर्माण का शुभारंभ करेंगे।

धार्मिक दृष्टि से यह आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि श्रावण शुक्ल चतुर्दशी के पावन दिन पर होने वाला यह शिलान्यास सनातन परंपरा के विभिन्न उपासना मार्गों को एक सूत्र में जोड़ने का संदेश देगा।

आदि शंकराचार्य के समन्वय दर्शन को मिलेगा भव्य स्वरूप

पंचायतन मंदिर का निर्माण आदि शंकराचार्य के उस महान दर्शन पर आधारित है, जिसमें उन्होंने शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर और गाणपत्य परंपराओं के मध्य समरसता स्थापित करने का प्रयास किया था। उन्होंने ‘पंचायतन पूजा’ को पुनर्जीवित कर यह संदेश दिया था कि विभिन्न देवी-देवताओं की उपासना अंततः एक ही परम सत्य और परम ब्रह्म की आराधना है।

एकात्म धाम में बनने वाला यह मंदिर उसी समन्वयवादी विचार का स्थापत्य रूप होगा, जो भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता के सिद्धांत को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को सनातन धर्म के व्यापक और समावेशी स्वरूप से परिचित कराएगा।

प्राचीन पंचायतन शैली में बनेगा भव्य मंदिर

मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय पंचायतन स्थापत्य शैली में किया जा रहा है। इसके केंद्र में भगवान शिव का मुख्य देवालय स्थापित होगा, जबकि चारों दिशाओं में अन्य देवताओं के उप-देवालय बनाए जाएंगे।

ईशान कोण में भगवान विष्णु, आग्नेय कोण में भगवान सूर्य, नैऋत्य कोण में भगवान गणेश तथा वायव्य कोण में भगवती शक्ति का स्थान निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था पंचदेव उपासना की परंपरा को साकार रूप प्रदान करेगी।

मंदिर का मुख्य शिखर ‘सोमतिलक’ शैली में निर्मित होगा तथा गर्भगृह ‘सर्वतोभद्र’ शैली का होगा, जिसमें चारों दिशाओं से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। यह स्थापत्य व्यवस्था भारतीय मंदिर वास्तुकला की प्राचीन वैज्ञानिकता और आध्यात्मिक दृष्टि को दर्शाती है।

100 नक्काशीदार स्तंभ और 26 फीट का विशाल गुंबद होंगे आकर्षण

पंचायतन मंदिर अपनी भव्यता और कलात्मकता के कारण देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होने की क्षमता रखता है। मंदिर परिसर में 100 उत्कृष्ट नक्काशीदार स्तंभ स्थापित किए जाएंगे, जिन पर भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े कलात्मक चित्रांकन उकेरे जाएंगे।

मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का विशाल कलात्मक गुंबद निर्मित किया जाएगा, जो मंदिर की स्थापत्य भव्यता का प्रमुख केंद्र होगा। इसके अलावा आकर्षक तोरण द्वार, अलंकृत देवकोष्ठ, प्रतिरथ संरचनाएं तथा पारंपरिक शिल्पकला मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करेंगी।

पूरा मंदिर 16 फीट ऊंची ‘जगति’ पर निर्मित होगा तथा इसकी बाहरी संरचना भारतीय नागर शैली की उत्कृष्ट झलक प्रस्तुत करेगी।

80 हजार घन फीट गुलाबी बलुआ पत्थर से होगा निर्माण

मंदिर निर्माण में लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग किया जा रहा है। यह पत्थर अपनी मजबूती, सौंदर्य और दीर्घकालिक स्थायित्व के लिए प्रसिद्ध है।

संपूर्ण मंदिर 121 कलशों से अलंकृत होगा, जो इसकी आध्यात्मिक गरिमा और स्थापत्य सौंदर्य को और अधिक भव्य बनाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंदिर भारतीय शिल्पकला, मूर्तिकला और पारंपरिक वास्तुकला के पुनरुत्थान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा।

एकात्म धाम बन रहा वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र

ओंकारेश्वर में विकसित हो रहा ‘एकात्म धाम’ केवल एक धार्मिक परिसर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और राष्ट्रीय एकता का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा विकसित इस परियोजना का उद्देश्य आदि शंकराचार्य के जीवन, विचार और अद्वैत दर्शन को विश्व स्तर पर स्थापित करना है।

परियोजना के प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ अर्थात ‘एकात्मता की मूर्ति’ स्थापित की जा चुकी है, जो देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

वहीं द्वितीय चरण में लगभग 2195 करोड़ रुपये की लागत से ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय का निर्माण कार्य जारी है। यह संग्रहालय आधुनिक तकनीक के माध्यम से आचार्य शंकर के जीवन, दर्शन, यात्राओं और सांस्कृतिक योगदान को प्रदर्शित करेगा।

भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बनेगा पंचायतन मंदिर

धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतन मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं होगा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक एकता का जीवंत केंद्र बनेगा। यह मंदिर दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा विविधताओं को स्वीकार करते हुए एकता का मार्ग दिखाती है।

27 अगस्त को होने वाला यह शिलान्यास समारोह ओंकारेश्वर और मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। एकात्म धाम में बनने वाला पंचायतन मंदिर आने वाले समय में सनातन संस्कृति, अध्यात्म और भारतीय स्थापत्य वैभव का वैश्विक प्रतीक बनकर उभरेगा।

मंगलवार, 25 अगस्त 2026

मॉं नर्मदा भक्ति का महापर्व: आशापुर से ओंकारेश्वर तक निकलेगी भव्य चुनरी यात्रा, 25 पड़ावों से गुजरकर मां नर्मदा को अर्पित होगी श्रद्धा की चुनरी

खंडवा- मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र मां नर्मदा के प्रति समर्पण और श्रद्धा का अनुपम दृश्य बुधवार 26 अगस्त को देखने को मिलेगा। आशापुर माता मंदिर से ओंकारेश्वर तक भव्य नर्मदा चुनरी यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारों के साथ पदयात्रा और वाहन यात्रा के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचकर चुनरी अर्पित करेंगे। यह धार्मिक आयोजन कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि नर्मदा चुनरी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे तथा मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।

नर्मदा नदी भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार

भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवन और आध्यात्मिक चेतना का स्रोत माना गया है। मां नर्मदा को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि नर्मदा के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह चुनरी यात्रा आयोजित की जा रही है।

आशापुर माता मंदिर से होगा शुभारंभ

यात्रा का शुभारंभ बुधवार सुबह आशापुर माता मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारे लगाते हुए ओंकारेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों के सदस्य भी शामिल होंगे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी विभिन्न स्थानों पर की गई हैं।

25 प्रमुख पड़ावों से होकर गुजरेगी यात्रा

आयोजकों के अनुसार यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बैतूल फाटा, रेलवे ब्रिज खमेरा, सक्तापुर फाटा, चारखेड़ा फाटा, तितली पार्क-चारखेड़ा, मांडला, सहेजला, भैसावा, पालसूद, केनूद, जलवा, देवला, सुलगांव, पोसल्ली, इमलपुर, कोठी और नागर घाट सहित 25 प्रमुख पड़ावों से होकर ओंकारेश्वर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

ओंकारेश्वर में मां नर्मदा को अर्पित होगी चुनरी

ओंकारेश्वर पहुंचने के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के पावन तट पर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और चुनरी अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करना श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर सामूहिक प्रार्थना और आरती भी आयोजित की जाएगी।

युवा शक्ति निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका

कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल के युवाओं द्वारा यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मार्ग निर्धारण, श्रद्धालुओं की सुविधा, जलपान व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्वयंसेवकों की टीम लगातार कार्य कर रही है। मंडल के सदस्यों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश देते हैं।

श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील

आयोजकों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि मां नर्मदा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का यह एक विशेष अवसर है। यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन होगा, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी।

नर्मदा तट की पवित्रता, ओंकारेश्वर की दिव्यता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ी यह चुनरी यात्रा निश्चित रूप से क्षेत्र के धार्मिक आयोजनों में एक विशेष स्थान बनाएगी तथा मां नर्मदा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।

बालाघाट में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर सर्वोच्च प्राथमिकता से सुदृढ़ करें : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता और निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए वल्नरेबल (संवेदनशील) क्षेत्रों में सुनियोजित कार्ययोजना के अनुसार चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं आवश्यकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बालाघाट जिले में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आईपीएचएस-12 के अंतर्गत प्रावधानित पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार पदस्थापना एवं भर्ती संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यक्षमता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकरणों का उचित रख-रखाव किया जाए और खराब अथवा अनुपयोगी उपकरणों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशील स्थिति की भी नियमित निगरानी हो, ताकि मरीजों को आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधा निर्बाध रूप से मिल सके।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और कार्य पूर्ण होने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों को शीघ्र जनसेवा के लिए उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और संस्थानों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री सुखवीर सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य श्री धनराजू एस, अपर संचालक स्वास्थ्य श्री मनोज सरियाम सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सोमवार, 24 अगस्त 2026

देशभक्ति एवं निडरता की मिसाल शहीद राजगुरु को सद्भावना मंच ने किया नमन

खण्डवा -अमर क्रांतिकारी और महान स्वतंत्रता सेनानी शिवराम हरि राजगुरु को उनकी जयंती पर सद्भावना मंच ने नमन किया, सद्भावना मंच के सभी साथियों ने 2 मिनट का मन धारण कर देश भक्ति का संदेश दिया इस अवसर पर सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए उन्होंने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर अदम्य साहस का परिचय दिया और मात्र 22 वर्ष की आयु में 23 मार्च 1931 को हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगा लिया। इस अवसर पर सद्भावना मंच में अमर शहीद राजगुरु जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया राजगुरु जी ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके लिए देश की आज़ादी से बढ़कर कुछ भी नहीं था। उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर सुरेन्द्र गीते,सत्येंद्र सोनी, ओम पिल्ले, डॉ जगदीश चौरे, कैलाश शर्मा, योगेश गुजराती, धीरज नेगी, विजया द्विवेदी, गणेश भावसार, मनीष गुप्ता,सुभाष मीणा, त्रिलोक चौधरी,

रविवार, 23 अगस्त 2026

प्रति रविवार मरीजो को खंडवा से बड़ौदा धीरज हॉस्पिटल निशुल्क लेकर पहुंचेगी बस | दादाजी मंदिर के पास से निशुल्क बस का रविवार को हुआ शुभारंभ

खंडवा। मानव सेवा ही प्रभु सेवा है, सामाजिक सेवा के माध्यम से हमें अच्छे फल की प्राप्ति होती है इस उपदेश को लेकर गुजरात के बडौदा में धीरज हॉस्पिटल मरीजों की सेवा के लिए मिशाल बनता जा रहा है, बहुत ही कम दरों पर बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज इस अस्पताल में हो रहा है, गरीब लोगों का इलाज पूरी तरह निशुल्क है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मरीजो के लिए  स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई सौगात  मिलने जा रही है। दादाजी मंदिर के पास से धीरज हॉस्पिटल, बड़ौदा (गुजरात) के लिए जल्द ही निशुल्क बस सेवा शुरू की जा रही है। रविवार को धीरज हॉस्पिटल से जुड़े कसरावद के गौरीशंकर पाटीदार के द्वारा खंडवा से बड़ौदा के लिए निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ समाजसेवी हरीश कोटवाले, गौरी शंकर पाटीदार के हाथों हुआ।
यह बस सेवा हर रविवार सुबह 8 बजे खंडवा से रवाना होगी। एवं शनिवार को बड़ौदा से खंडवा आएगी। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि बस खंडवा से खरगोन, जुलवानिया, बड़वानी, निसरपुर, कुक्षी और अलीराजपुर होते हुए बड़ौदा स्थित धीरज हॉस्पिटल पहुंचेगी।
इस सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जानकारी के अनुसार किसी भी प्रकार के मरीज का धीरज हॉस्पिटल में निशुल्क इलाज किया जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह निशुल्क बस सेवा काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है। खंडवा से प्रति  रविवार को मरीजो को भेजने की व्यवस्था रजत पाटीदार, हरीश कोटवाले, संदेश गुप्ता, सुनील जैन, सोमनाथ काले संभालेंगे।

शनिवार, 22 अगस्त 2026

बंगाल की खाड़ी में बड़ा समुद्री हादसा: पनामा का मालवाहक जहाज डूबा, 24 नाविकों में से 2 को बचाया गया, राहत अभियान जारी


नई दिल्ली/भुवनेश्वर- बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है, जहां पनामा ध्वज वाला मालवाहक जहाज एमवी ओशन विनर (MV Ocean Winner) समुद्र में डूब गया। यह दुर्घटना ओडिशा तट से लगभग 240 समुद्री मील दूर हुई। जहाज में सवार 24 चालक दल के सदस्यों में से अब तक दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष की तलाश के लिए भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल द्वारा व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एमवी ओशन विनर 20 अगस्त को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था। जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अपनी नियमित यात्रा कर रहा था, लेकिन बंगाल की खाड़ी में पहुंचने के बाद अचानक संकट में फंस गया और अंततः समुद्र में डूब गया। हादसे की सूचना मिलते ही समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

अंतरराष्ट्रीय चालक दल था सवार

जहाज के चालक दल में कुल 24 सदस्य शामिल थे, जिनमें 20 नागरिक चीन के, तीन म्यांमार के और एक बांग्लादेश का नागरिक बताया गया है। चालक दल के विभिन्न देशों से होने के कारण इस दुर्घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। संबंधित देशों के दूतावासों और समुद्री प्राधिकरणों को भी घटना की जानकारी दी जा रही है।

नौसेना और तटरक्षक बल ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलने के बाद भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने तत्काल संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। समुद्र में तैनात जहाजों के साथ-साथ हवाई निगरानी संसाधनों को भी अभियान में लगाया गया है। अब तक दो चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बचाए गए नाविकों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और उनसे दुर्घटना के कारणों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

बचाव दल समुद्र में संभावित स्थानों पर लगातार खोज कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लापता नाविकों की तलाश में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी सदस्यों का पता नहीं चल जाता।

दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल जहाज के डूबने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी खराबी, प्रतिकूल मौसम या किसी अन्य आपात स्थिति के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और जहाज के अंतिम संपर्क, मार्ग, मौसम की स्थिति तथा तकनीकी रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि आवश्यक हुआ तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों की भी सहायता ली जा सकती है।

समुद्री सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा और लंबी दूरी के मालवाहक जहाजों की निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। बंगाल की खाड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कार्गो पोत आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना का प्रभाव केवल एक जहाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समुद्री परिवहन और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।

बचाव अभियान पर टिकी निगाहें

फिलहाल सभी की निगाहें भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान पर टिकी हैं। समुद्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राहत दल लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि लापता चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित खोजा जा सके। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय-समय पर जानकारी साझा की जाएगी।

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

वरिष्ठ नागरिक दिवस पर वरिष्ठजनों के सम्मान और अधिकारों का संदेश

खंडवा- वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर सद्भावना मंच ने वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और उनके समाज में महत्वपूर्ण योगदान को याद किया।
इस अवसर पर संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक किसी भी परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं।उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा परिवार,समाज और देश के निर्माण में समर्पित किया है।उनके अनुभव, संस्कार और जीवन संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सद्भावना मंच सदस्य कमल नागपाल के अनुसार उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में वरिष्ठ नागरिकों को प्रेम, सम्मान और अपनापन देना हम सभी की जिम्मेदारी है। बुजुर्गों की जरूरत केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें परिवार के साथ, बातचीत, सम्मान और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां संस्कार और संस्कृति मजबूत होती है।युवा पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने माता-पिता और वरिष्ठजनों के अनुभवों को सुने, उनका मार्गदर्शन ले और उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा प्राप्त करे।
इस अवसर पर सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन,जगदीश चंद्र चौरे,राष्ट्रीय राठौर क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम राठौर,त्रिलोक चौधरी,सुरेंद्र गीते,राधेश्याम शाक्य,अनूप शर्मा,गणेश भावसार,नितिन मुदलियार,एन के दवे,पंडित गोपाल भारद्वाज,कमल नागपाल,एम एम कुरैशी,नारायणदास चावला,भूपेंद्र चौहान,सुभाष मीणा,कैलाश पटेल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

भाजपा नेताओं के साथ नगर निगम नेता प्रतिपक्ष की तस्वीर पर कांग्रेस कार्यकर्ता ने उठाए सवाल | राहुल गांधी को लेकर हालिया बयानबाजी के बाद सामने आई तस्वीर बनी चर्चा का विषय, कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा—राजनीतिक रुख में स्पष्टता और कार्यकर्ताओं का विश्वास जरूरी

खंडवा- शहर की स्थानीय राजनीति में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच हालिया बयानबाजी के बीच सामने आई एक तस्वीर को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता ने सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की है। तस्वीर में खंडवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सहित कुछ स्थानीय नेताओं के एक साथ दिखाई देने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपनी पोस्ट में कहा कि हाल ही में भाजपा के कुछ पार्षदों द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर बयान जारी किए गए थे। इन बयानों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं के रुख का विरोध करते हुए नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के समर्थन में अपनी आवाज उठाई थी। ऐसे में इसके बाद उन्हीं नेताओं के साथ नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के एक कार्यक्रम में साथ दिखाई देने की तस्वीर सामने आने पर कार्यकर्ताओं के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।

बयानबाजी के बाद तस्वीर ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में नेताओं के अलग-अलग दलों के लोगों के साथ सामाजिक या सार्वजनिक कार्यक्रमों में मिलना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जब किसी मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बयानबाजी हो चुकी हो और कार्यकर्ता किसी पक्ष के समर्थन में खुलकर सामने आए हों, तब उसी मुद्दे से जुड़े नेताओं के साथ सामने आने वाली तस्वीरें कार्यकर्ताओं के बीच स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनती हैं।

पोस्ट में इसी संदर्भ में कार्यकर्ताओं की भावनाओं और उनके विश्वास को लेकर चिंता जताई गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता का कहना है कि पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता यह जानना चाहते हैं कि जिन मुद्दों को लेकर वे सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हैं, उन पर नेतृत्व का रुख कितना स्पष्ट और स्थिर है।

“आखिर भरोसा किस पर करें?”

सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस कार्यकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि एक दिन किसी नेता या राजनीतिक दल के नेताओं के खिलाफ बयान जारी किया जाता है और अगले ही दिन उन्हीं नेताओं के साथ सार्वजनिक रूप से सौहार्दपूर्ण माहौल में तस्वीर सामने आती है, तो कार्यकर्ताओं के मन में असमंजस पैदा होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि कल जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के समर्थन में भाजपा नेताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी, आज यदि वही भाजपा नेता उनके साथ दिखाई देते हैं तो कार्यकर्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि “आखिर भरोसा किस पर करें?”

हालांकि, पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का व्यक्तिगत विरोध करना नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच बने विश्वास और राजनीतिक मुद्दों की गंभीरता को लेकर चिंता व्यक्त करना है।

आवारा कुत्तों का मुद्दा भी उठाया

कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपनी पोस्ट में शहर में आवारा कुत्तों की समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से शहर की जनता परेशान है और इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होना जरूरी है। उनका कहना है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर मूल जनहित के मुद्दे का समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाने के बजाय संबंधित स्तर पर प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।

कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने पर जोर

पोस्ट में सबसे अधिक जोर पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास पर दिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता के अनुसार, किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके जमीनी कार्यकर्ताओं से होती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के राजनीतिक रुख को लेकर स्पष्टता महसूस होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता और आमजन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष के समर्थन में खड़े होते हैं, उनके विश्वास को बनाए रखना भी नेतृत्व की जिम्मेदारी है। राजनीतिक परिस्थितियों में अलग-अलग नेताओं के बीच संवाद और सामाजिक संबंध अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक मुद्दों पर पार्टी और नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट रहना जरूरी है।

राहुल गांधी के समर्थन में जताई प्रतिबद्धता

कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपनी पोस्ट के अंत में राहुल गांधी के प्रति समर्थन जताते हुए उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अभिमान, गौरव और सम्मान बताया। साथ ही उन्होंने “राहुल गांधी जिंदाबाद” तथा “जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस” के नारों के साथ अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।

फिलहाल सामने आई तस्वीर और उस पर कांग्रेस कार्यकर्ता की टिप्पणी ने खंडवा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जन्म दिया है। यह मामला मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं के राजनीतिक विश्वास, स्थानीय मुद्दों और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच सार्वजनिक संबंधों को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। संबंधित नेताओं की ओर से इस तस्वीर या कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

राहत और बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल | उप मुख्यमंत्री ने जलमग्न क्षेत्रों का किया दौरा

भोपाल- रीवा में भारी वर्षा से रीवा नगर निगम क्षेत्र में कई मोहल्लों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। कई क्षेत्रों के जलमग्न होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जलमग्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वार्ड क्रमांक 23 ललऊ घाट, वार्ड क्रमांक 15 विहान हॉस्पिटल, वार्ड क्रमांक 10 सामुदायिक भवन, वार्ड क्रमांक 41 भैरव मार्ग बिछिया तथा रानी तालाब क्षेत्र में पहुंचकर जलभराव से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। 
उन्होंने जल भराव से प्रभावित लोगों से कहा कि पूरा प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए मौके पर तैनात है और जहां भी लोग फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालते हुए उनकी हर कठिनाई को दूर किया जाएगा। राहत एवं बचाव कार्य के लिए जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशास‍न की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाए हुए हैं। इससे पहले उप मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम जाकर नगर में जलभराव, राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। 
उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त को सभी प्रभावित मोहल्लों से अविलंब पानी निकालने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटा जा सके।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में सभी दें योगदान : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल | प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी

भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण कराता है। उनके संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में गौरव और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने और फिट एवं स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के हर गांव, हर शहर और हर जरूरतमंद व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को सुदृढ़ करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से लेकर गंभीर बीमारियों के उपचार तक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को बेहतर उपचार के लिए अपने घर और प्रदेश से दूर न जाना पड़े। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

बुधवार, 12 अगस्त 2026

उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने स्व. श्री पारस जैन के निवास पहुंचकर परिजनों से की भेंट, व्यक्त की शोक संवेदना

भोपाल- उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने आज स्वर्गीय श्री पारस जैन के निवास पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की और शोक संवेदना व्यक्त की।
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वर्गीय श्री पारस जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ हैं। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी स्वर्गीय श्री पारस जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंगलवार, 11 अगस्त 2026

हर घर तिरंगा अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार रथ को महापौर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया | तिरंगे के नीचे भारत ही नए भारत की सबसे बड़ी पहचान है- महापौर अमृता यादव

खंडवा-हमारे भारत देश की आन बान शान है तिरंगा इस तिरंगे के प्रति सभी देशवासियों का भाव सदैव रहना चाहिए ताकि राष्ट्र प्रेम हमारे मन में जागृत रहे। हमारे भारत देश की सुरक्षा और तिरंगे की शान के लिए हमारे वीर जवानों ने कुर्बानी देकर हमारे राष्ट्र की रक्षा की हमारा भी दायित्व है कि तिरंगे को हर समय हमारे मन मस्तिष्क  में रखकर हमारे  वीर जवानों को याद करते रहे। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि पूरे देश भर में  हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत 09 अगस्त से 17 अगस्त तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने भोपाल में हरी झंडी दिखाकर तिरंगे को लहरा कर इस अभियान का शुभारंभ किया। खंडवा शहर में प्रचार रथ को नगर निगम परिसर में महापौर अमृता अमर यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्रचार रथ के माध्यम से नगर के प्रत्येक वार्ड एवं मोहल्ले में पहुंचकर नागरिकों को अभियान से जुड़ने तथा अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरे देश में अभियान हर घर तिरंगा चलाया जा रहा है। हर घर तिरंगा प्रचार रथ को महापौर अमृता अमर यादव के नेतृत्व में हरी झंडी दिखाई गई। 
इस अवसर पर महापौर अमृता यादव ने कहां की तिरंगा भारत की पहचान के साथ-साथ उसकी शक्ति सामथ्यृ  और राष्ट्रीय आस्मिता का सशक्त प्रतीक है, तिरंगे के नीचे एकजुट भारत ही नये भारत की सबसे बड़ी पहचान है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि तिरंगा लहराकर महापौर ने शहर वासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और गौरव को प्रदर्शित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर महापौर अमृता यादव के साथ नगर निगम अध्यक्ष  अनिल विश्वकर्मा, MIC सदस्य  सोमनाथ काले,  राजेश यादव, अनिल वर्मा, पार्षद  मनोज मंडलोई,  संतोष सारवान,  मोनिका नितेश बजाज, सादिक बांटिया, फरीद भाई, रानी वर्मा,  ज्योति कन्हैया वर्मा,  सुनीता दीपक राठौर,  रानी  वर्मा प्रवक्ता सुनील जैन, एल्डरमैन  मंगलेश तोमर,शारदा तांदले, ममता मोहे, धर्मेंद्र पालीवाल सहित नगर निगम के अधिकारी,
कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान के दौरान प्रचार रथ के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति एवं हर घर तिरंगा अभियान में जनभागीदारी का संदेश पहुंचाया जाएगा।

रविवार, 9 अगस्त 2026

ट्रांसमिशन सिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने पर एमपी ट्रांसको की पहल, नागदा में आयोजित हुई तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला

जबलपुर- मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुचारु बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में एमपी ट्रांसको के 400 केवी टेस्टिंग डिवीजन, नागदा द्वारा ट्रांसमिशन सिस्टम की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्युत पारेषण प्रणाली में उपयोग होने वाली विभिन्न सुरक्षा एवं प्रोटेक्शन प्रणालियों की कार्यप्रणाली को समझना, तकनीकी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना तथा विद्युत उपकरणों और ट्रांसमिशन नेटवर्क को संभावित फॉल्ट एवं आपात परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

कार्यशाला में पावर ट्रांसफार्मर प्रोटेक्शन, ट्रांसमिशन लाइन प्रोटेक्शन, बसबार प्रोटेक्शन, अंडर फ्रीक्वेंसी प्रोटेक्शन और लोड ड्रॉपिंग स्कीम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि उच्च क्षमता वाली विद्युत पारेषण प्रणाली में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी का प्रभाव व्यापक हो सकता है। ऐसे में प्रभावी प्रोटेक्शन सिस्टम न केवल उपकरणों को नुकसान से बचाता है, बल्कि विद्युत आपूर्ति की निरंतरता और ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ट्रांसफार्मर प्रोटेक्शन सिस्टम की दी गई विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता शेखर फटाले एवं सहायक अभियंता (परीक्षण) रामशरण यादव ने पावर ट्रांसफार्मरों की आंतरिक एवं बाह्य प्रोटेक्शन प्रणालियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पावर ट्रांसफार्मर विद्युत पारेषण व्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण होता है। इसके संचालन के दौरान आंतरिक अथवा बाहरी विद्युत दोष उत्पन्न होने की स्थिति में प्रोटेक्शन सिस्टम तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने में मदद करता है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को डिफरेंशियल रिले, डिस्टेंस प्रोटेक्शन रिले और बैकअप प्रोटेक्शन सहित विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों की उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली समझाई गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि प्रोटेक्शन सिस्टम का उद्देश्य फॉल्ट वाले हिस्से को तेजी से विद्युत प्रणाली से अलग करना है, ताकि खराबी का प्रभाव अन्य उपकरणों और पूरे नेटवर्क तक न पहुंचे। इससे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा के साथ-साथ सिस्टम की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।

बसबार प्रोटेक्शन और एलबीबी स्कीम पर भी जोर

कार्यशाला में बसबार प्रोटेक्शन स्कीम और लोकल ब्रेकर बैकअप (एलबीबी) स्कीम की भी विस्तृत जानकारी दी गई। विद्युत सब-स्टेशन में बसबार एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जहां विभिन्न विद्युत सर्किट जुड़े होते हैं। बसबार में किसी फॉल्ट की स्थिति में त्वरित और समुचित प्रोटेक्शन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है।

इसी तरह एलबीबी स्कीम के माध्यम से ब्रेकर के अपेक्षित रूप से कार्य नहीं करने की स्थिति में बैकअप सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार काम करती है, इसके तकनीकी पहलुओं को भी प्रशिक्षण के दौरान समझाया गया।

अंडर फ्रीक्वेंसी प्रोटेक्शन और लोड ड्रॉपिंग स्कीम की जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंडर फ्रीक्वेंसी प्रोटेक्शन और लोड ड्रॉपिंग स्कीम को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। विद्युत ग्रिड की स्थिरता के लिए फ्रीक्वेंसी का निर्धारित सीमा के भीतर रहना आवश्यक होता है। फ्रीक्वेंसी में असामान्य गिरावट आने पर सुरक्षा प्रणालियां ग्रिड को असंतुलन से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रतिभागियों को लोड ड्रॉपिंग स्कीम की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार लोड को नियंत्रित करने से विद्युत प्रणाली पर अत्यधिक दबाव को कम करने और ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

नाइट्रोजन इंजेक्शन फायर प्रोटेक्शन सिस्टम पर भी प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान नाइट्रोजन इंजेक्शन फायर प्रोटेक्शन सिस्टम (एनआईएफपीएस) पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को इस प्रणाली की संरचना, संचालन एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

पावर ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का विशेष महत्व है। एनआईएफपीएस जैसी प्रणाली आपात स्थिति में ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशिक्षण में इसके विभिन्न घटकों और संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझाया गया।

अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता शेखर फटाले, कार्यपालन अभियंता दिनेश चन्द्र आर्य एवं दिनेश शर्मा, सहायक अभियंता रामशरण यादव, विक्रम डेहरिया, यशवंत राय एवं सुनील धुर्वे सहित कनिष्ठ अभियंता, नियमित मेंटेनेंस स्टाफ तथा संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तकनीकी विषयों पर चर्चा भी हुई तथा ट्रांसमिशन सिस्टम के सुरक्षित संचालन, रखरखाव और प्रोटेक्शन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

एमपी ट्रांसको की ऐसी प्रशिक्षण कार्यशालाएं विद्युत पारेषण व्यवस्था में कार्यरत तकनीकी अमले की दक्षता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ट्रांसमिशन नेटवर्क में आधुनिक तकनीक और सुरक्षा प्रणालियों के प्रभावी उपयोग के लिए कर्मचारियों का तकनीकी रूप से अपडेट रहना आवश्यक है।

नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों को प्रोटेक्शन उपकरणों की कार्यप्रणाली, संभावित फॉल्ट की पहचान, सुरक्षा व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में आवश्यक कार्रवाई की बेहतर समझ मिलती है। इससे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा के साथ-साथ पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता और निरंतरता को मजबूत करने में मदद मिलती है।

इस प्रकार नागदा में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान, कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने और ट्रांसमिशन सिस्टम को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।

शनिवार, 8 अगस्त 2026

उप मुख्यमंत्री विन्ध्य विकास प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समारोह में हुए शामिल

भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल विंध्य विकास प्राधिकरण के नवीन कार्यालय D-10 सिविल लाइन रीवा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नवीन कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य विकास प्राधिकरण पूरे क्षेत्र के विकास की कार्ययोजना बनाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की मानीटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई विन्ध्य क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
गरीब और वंचित वर्ग को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में प्राधिकरण सक्रियता से कार्य करेगा। इस अवसर पर विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति, विन्य्प विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. पंचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, पूर्व विधायक श्री श्यामलाल द्विवेदी, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

उफनती नदी में जिंदगियां बचाने वाले चार साहसी सदस्यों का सम्मान | सद्भावना मंच ने किया सम्मानित, विधायक कंचन तन्वे ने कहा—विषम परिस्थितियों में दूसरों की मदद करना ईश्वर के दूत के समान

खंडवा- सद्भावना मंच द्वारा माली कुआं स्थित कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में विपरीत परिस्थितियों में साहस और मानवता का परिचय देने वाले मंच के चार सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अजंटी नदी में आई बाढ़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाने वाले बसंत ढाकसे और नारायण फरकले, चलती ट्रेन में लूट की वारदात को साहसपूर्वक नाकाम करने वाली विजया द्विवेदी तथा वन विभाग में सेवाकाल के दौरान उल्लेखनीय कार्य करने वाले सुनील सोमानी को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने की, जबकि विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

साहस को विधायक ने बताया प्रेरणादायी

मुख्य अतिथि विधायक कंचन तन्वे ने सम्मानित सदस्यों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि जब विषम परिस्थितियों में कोई व्यक्ति दूसरों की मदद के लिए आगे आता है, तो वह किसी ईश्वर के दूत से कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने डर का सामना करते हुए अद्भुत साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक कार्य समाज के अन्य लोगों को भी मुश्किल परिस्थितियों में मानवता और मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सम्मानित सदस्यों के साहस को नमन करते हुए उनके कार्यों पर गर्व व्यक्त किया।

सद्भावना मंच के लिए गर्व का क्षण

मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि सद्भावना मंच के लिए यह गर्व और हर्ष का विषय है कि उसके सदस्यों ने अलग-अलग परिस्थितियों में साहस और मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

उन्होंने बताया कि बसंत ढाकसे और नारायण फरकले ने मूसलाधार बारिश के दौरान उफनती अजंटी नदी में अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जिंदगी बचाई। वहीं विजया द्विवेदी ने चलती ट्रेन में हुई लूट की वारदात को अपने साहस से विफल किया। उन्होंने वन विभाग में कार्यरत रहे सुनील सोमानी के सेवाकाल के उल्लेखनीय कार्यों की भी सराहना की।

साहसिक घटनाएं सुनाकर किया प्रेरित

सम्मान समारोह के दौरान नारायण फरकले, बसंत ढाकसे और विजया द्विवेदी ने अपने साथ हुई साहसिक घटनाओं का अनुभव साझा किया। उनके द्वारा सुनाए गए घटनाक्रम ने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ-साथ विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत और सूझबूझ से काम लेने की प्रेरणा दी।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, कैलाश शर्मा, त्रिलोक चौधरी, अनुप शर्मा, सुरेंद्र गीतें, निर्मल मंगवानी, राधेश्याम शाक्य, डिग्रीलाल हिरवे, अजय मंडलोई, सुभाष मीणा, पं. कृष्ण कुमार व्यास, कैलाश पटेल, राजेश खांडे, योगेश गुजराती, अशोक जैन, पं. गोपाल भारद्वाज, कमल नागपाल, संदीप डोगरे, अरविंद ढाकसे, अशोक पारवानी सहित मंच के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्वेता हरि सखी ने किया।

गुरुवार, 6 अगस्त 2026

स्कूल वाहन चालकों की समस्याओं पर होगी संयुक्त बैठक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने दिए सख्त निर्देश

हरदा/टिमरनी- स्कूल वाहन चालकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में वाहन चालकों की समस्याओं पर चर्चा कर नियमों के अनुरूप समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

स्कूल वाहन चालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चालकों ने लगातार हो रही चालानी कार्रवाई, वाहनों की जब्ती, परमिट संबंधी परेशानियों सहित अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से उचित समाधान की मांग की।

इस दौरान पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों को समझाइश देते हुए स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने निर्देश दिए कि सभी चालक अपने वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाएं, वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें, फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करते हुए वाहन नियंत्रित गति से चलाएं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चालानी कार्रवाई का उद्देश्य किसी भी वाहन चालक को परेशान करना नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। प्रशासन चाहता है कि सभी स्कूल वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना से बचा जा सके।

वहीं स्कूल वाहन चालकों ने भी प्रशासन के साथ सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे सभी नियमों का पालन करेंगे और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

इस संबंध में एसडीओपी आकांक्षा तलया ने बताया कि शीघ्र ही एसडीएम, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग (आरटीओ) तथा सभी स्कूल वाहन चालकों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में चालकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर नियमों के दायरे में रहते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्कूल वाहन संचालन से जुड़े विवादों का समाधान होगा और बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।

किशोर दा जन्म दिवस पर लाइव ऑर्केस्ट्रा का कार्यक्रम सपन्न

खंडवा- माणिक्य स्मारक वाचनालय में हरफानमौला कलाकार किशोर दा के जन्मदिवस पर योगेश गदले म्यूजिकल ग्रुप एवं सुरमई एंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वाधान में खंडवा एवं भोपाल के कलाकारों ने लाइव ऑर्केस्ट्रा पर किशोर दा के यादगार गीत गुनगुनाये और बड़ी धूमधाम से उनका जन्म दिवस मनाया।
समाजसेवी सुनील जैन और कमल नागपाल ने बताया कि इस अवसर पर योगेश गदले ने किशोर दा के चिर परिचित अंदाज में प्यारे बंधुओं एवं नीले नीले अंबर गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद में फूलों के रंग से,अरे दीवानो मुझे पहचानो, भोले ओ भोले, क्या यही प्यार है, चिट्ठी आई है मुसाफिर हूं यारों ,जिंदगी प्यार का गीत है, ओ माझी रे, एक हसीना थी,कोरा कागज था यह मन मेरा जैसे कई सुपरहिट गीत किशोर दा के गाए गए।
जहां खंडवा के कलाकारों में योगेश गदले,अशोक परवानी आशीष ढोके, राजेश शर्मा, शैला शुक्ला , संजय कश्यप, विवेक शर्मा, किरण मराठा, अंकुश पटेल आदि ने किशोर दा के गीत गुनगुनाए वही भोपाल से आए आनंद चंदेश्री,राजू जी, नरेंद्र कल्याणजी एवं सुनीता जी ने किशोर दा को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सी एच ग्रुप के चेयरमैन राजेंद्र चांदमल जी जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेडे एवं सद्भावना मंच के अध्यक्ष प्रमोद जैन व दिनेश पालीवाल रहे। लाइव ऑर्केस्ट्रा की टीम में कीबोर्ड पर राजू  नायर इंदौर,योगेश पाचौरे खंडवा, ऑक्टोपैड पर सचिन मोरे इंदौर, गिटार पर मोनू जादम इंदौर,कांगो पर अश्विन कनारे इंदौर,ढोलक एवं बांगो पर सागर राठौर खंडवा रहे।साउंड श्याम चेतन सैनी का रहा एवं
मंच संचालन हिमांशु गीते ने किया। समाजसेवी सुनील जैन और कमल नागपाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का खंडवा की संगीत प्रेमी जनता ने भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम देर रात तक चला।आभार ग्रुप संयोजक योगेश गदले ने माना।

गौ अभ्यारण्य और गौधाम बनेंगे प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दिए निर्देश

भोपाल- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य और हिनौती गौधाम को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण एवं शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक गौशालाएं केवल निराश्रित और बीमार गौवंश के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी बन रही हैं।

नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने दोनों गौधामों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती का सफल मॉडल विकसित किया गया है और इसी तर्ज पर हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती का मॉडल तैयार किया जाए। इन केंद्रों को किसानों के प्रशिक्षण, अनुसंधान और जागरूकता का प्रमुख मंच बनाया जाए ताकि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना समय की आवश्यकता है। रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचने तथा आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती ही सबसे प्रभावी विकल्प है।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बसामन मामा गौ अभ्यारण्य और हिनौती गौधाम से जुड़े सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। एसडीएम सिरमौर को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्माण एजेंसियों को कार्य की प्रगति के अनुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बसामन मामा मोड़ से गौ अभ्यारण्य तक सड़क के दोनों ओर 30 अगस्त को पीपल के पौधों का वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग को 25 लाख रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही हिनौती गौधाम को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने आसपास के किसानों के लिए गौधाम परिसर में किसान संगोष्ठियों के आयोजन पर जोर देते हुए कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के सहयोग से किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से परिचित कराया जाए, जिससे जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को नई दिशा मिल सके।

बैठक में एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल ने बताया कि दोनों गौशालाओं में निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा निर्माण एजेंसियों को नियमित भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के एक उपयंत्री के अस्वस्थ होने के कारण दो कार्यों के भुगतान में विलंब हुआ है, जिसे शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा।

बैठक के दौरान श्री राजेश पाण्डेय ने हिनौती गौधाम परिसर में 500 मुनगा (सहजन) के पौधे लगाने का सुझाव भी दिया। बैठक में जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत डॉ. संजय सिंह, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा बी.डी. कोरी, उप संचालक पशुपालन डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीओ वन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मंगलवार, 4 अगस्त 2026

किशोर कुमार जयंती पर कराओके गायक बेनी प्रसाद बघेल ने घर पर दी संगीतमय स्वरांजलि

खंडवा/रोशनी- महान पार्श्व गायक किशोर कुमार की जयंती के अवसर पर ग्राम रोशनी निवासी कराओके गायक श्री बेनी प्रसाद बघेल ने अपने निवास पर उनके लोकप्रिय गीत "मेरी हंसिनी..." की प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी स्वरांजलि अर्पित की।

किशोर कुमार के संगीत के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए श्री बघेल ने कहा कि किशोर दा की गायकी आज भी हर संगीत प्रेमी के दिल में जीवित है। उनकी मधुर आवाज और कालजयी गीत पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। इसी भावना के साथ उन्होंने अपने घर पर कराओके के माध्यम से गीत प्रस्तुत कर महान गायक को नमन किया।

उन्होंने कहा कि किशोर कुमार भारतीय फिल्म संगीत के ऐसे अनमोल सितारे हैं, जिनकी गायकी का जादू आज भी बरकरार है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना और उनके गीतों को गाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

श्री बेनी प्रसाद बघेल की इस संगीतमय प्रस्तुति ने किशोर कुमार के प्रति उनके सम्मान और संगीत के प्रति समर्पण को दर्शाया। उनके इस प्रयास की स्थानीय संगीत प्रेमियों ने भी सराहना की।

सोमवार, 3 अगस्त 2026

चालीहा महापर्व की आध्यात्मिक छटा: खंडवा में शहजादे साईं ओमीराम और सतगुरु साईं लालदास का भव्य स्वागत, संतों के प्रवचनों से भक्तिमय हुआ श्री झूलेलाल मंदिर

खंडवा- सिंधी समाज के आराध्य भगवान श्री झूलेलाल की आराधना एवं तप, संयम और श्रद्धा के प्रतीक चालीहा साहब महापर्व के अवसर पर खंडवा में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण चरम पर है। महापर्व के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्माओं का नगर आगमन लगातार जारी है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और धर्मोपदेश प्राप्त हो रहा है। इसी क्रम में उल्हासनगर के शहजादे साईं ओमीराम साहेब तथा चकरभाटा के सतगुरु साईं लालदास साहेब के खंडवा आगमन पर श्री पूज्य सिंधी पंचायत ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
श्री पूज्य सिंधी पंचायत के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में दोनों संतों ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, मानवता और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने भगवान श्री झूलेलाल के जीवन, उनके आदर्शों और सिंधी समाज की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। संतों ने कहा कि चालीहा साहब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मसंयम, ईश्वर भक्ति, सकारात्मक चिंतन और समाज सेवा का महान पर्व है।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्री झूलेलाल भगवान की महिमा का गुणगान, भक्ति गीतों एवं धार्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर संतों के प्रवचनों का श्रवण करते रहे। श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर श्री पूज्य सिंधी पंचायत के कार्यवाहक अध्यक्ष मोहन दीवान ने कहा कि खंडवा को संतों की नगरी के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। चालीहा साहब के पावन अवसर पर देशभर के संतों का नगर आगमन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है और समाज को एकता, सेवा तथा संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में श्री पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से शहजादे साईं ओमीराम साहेब एवं सतगुरु साईं लालदास साहेब का शाल, पुष्पमाला एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। स्वागत एवं सम्मान करने वालों में कार्यवाहक अध्यक्ष मोहन दीवान, उपाध्यक्ष राजेश परचानी, सचिव श्याम हेमवानी, कोषाध्यक्ष मनोहरलाल संतवानी, सह सचिव किशोर लालवानी, विशेष सहयोगी सदस्य किशनचंद कोटवानी, लालचंद चंदवानी, संजय सभनानी, प्रवक्ता कमल नागपाल सहित पंचायत के अनेक पदाधिकारी एवं समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
चालीहा महापर्व के दौरान श्री झूलेलाल मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, संत प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। समाजजनों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनते हैं। यही कारण है कि चालीहा साहब महापर्व पूरे सिंधी समाज के लिए श्रद्धा, समर्पण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर हर वर्ष नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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ओंकारेश्वर/भोपाल। भगवान शिव की पावन नगरी ओंकारेश्वर एक बार फिर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही ...