बुधवार, 30 अप्रैल 2025

विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, उप मुख्यमंत्री ने किया मेडीकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज के भवन निर्माण का शिलान्यास


भोपाल- प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सतना मेडीकल कॉलेज के लिए 650 बेडेड सुपर स्पेशलियटी हास्पिटल के निर्माण के लिए 383 करोड रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इसके साथ ही मेडीकल कॉलेज परिसर में 14 करोड 80 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नर्सिंग कॉलेज सतना मेडीकल कॉलेज को सम्पूर्णता प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल बुधवार को सतना मेडीकल कॉलेज कैंपस में 14 करोड 80 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नर्सिंग कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य के शिलान्यास अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय, विंध्य चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा, पूर्व विधायक ऊषा चौधरी, शंकरलाल तिवारी, पूर्व महापौर ममता पाण्डेय, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, डीन मेडीकल कॉलेज शशिधर गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है तो डॉक्टरों की संख्या बढानी होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और सुदृढीकरण के लिए मेडीकल कॉलेज में 75 हजार सीटे बढाने का फैसला लिया है। इसी कडी में राज्य सरकार इस वर्ष श्योपुर और सिंगरौली जिले में मेडीकल कॉलेज प्रारंभ कर रही है। अगले साल तीन और फिर अगले साल पांच और मेडीकल कॉलेज खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि पीपीटी मोड पर मध्यप्रदेश में मेडीकल कॉलेजों की संख्या 50 तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि गांव में चिकित्सा सेवायें देने का 2 साल का अनुभव परफेक्ट डॉक्टर बनाता है। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सक ने मरीजों के साथ करूणा, प्रेम और चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ दिल से काम किया तो सबसे अधिक प्रतिष्ठा डॉक्टर को ही मिलती है। उन्होंने कहा कि संस्कार के बिना शिक्षा सुगंधहीन पुष्प के समान है। यदि व्यक्ति में संस्कार है तो उसकी तरक्की में कोई बाधा नहीं होती। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से सतना मेडीकल कॉलेज में 29 सीटें पीजी कोर्स की मंजूर होने वाली है। मेडीकल कॉलेज के लिए सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल के लिए 383 करोड रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जिसमें कैंसर चिकित्सा के लिए बंकर का प्रावधान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि विकास के मामले में सतना कही पीछे नहीं है। यहां सतना से चित्रकूट के लिए 2 हजार करोड की लागत से फोरलेन सडक भी बन रही है। उन्होंने कहा कि सतना के विकास के लिए बरगी की नहर भी आना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। 

     नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के नेतृत्व में चिकित्सा के क्षेत्र में पूरे विंध्य क्षेत्र को एक नई ऊंचाईयों तक ले जाने के प्रयास अत्यंत सराहनीय है। सतना मेडीकल कॉलेज के लिए सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल और नर्सिंग कॉलेज की मांग पूरी हो गई है। जिससे अस्पताल में नर्सिग स्टाफ की आपूर्ति भी सुगमता से पूरी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सतना मेडीकल कॉलेज का कैंपस अत्यंत सुंदर और रमणीक है उन्होंने सभी मेडीकल और नर्सिग छात्र-छात्राओं से अनुरोध किया कि कैंपस को हरा-भरा बनाये रखने एक पेड मां के नाम जरूर लगाये। 

        सांसद सतना गणेश सिंह ने कहा कि सतना विकास के पथ पर तेज गति से बढ रहा है। यहां स्मार्ट सिटी विश्व स्तरीय स्टेशन, राम पथ गमन के तहत हाइवे सभी सुविधायें उपलब्ध की जा रही है। सांसद ने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है। जिसमें सभी को सकारात्मक सहयोग देना चाहिए। सांसद ने कहा कि सतना के विकास में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का सदैव से ही योगदान रहा है और आगे भी रहेगा। सतना मेडीकल कॉलेज के लिए सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल निर्माण के लिए 383 करोड रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति की सौगात के साथ उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल का मेडीकल कॉलेज में प्रथम आगमन हुआ है। उन्होंने मेडीकल कॉलेज में 650 बिस्तरा सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल के लिए 383.22 करोड की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का आभार भी व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि सतना मेडीकल कॉलेज पूर्व में 550 करोड रूपये का प्रोजेक्ट था। जो अब 733 करोड रूपये का हो गया है। मेडीकल के क्षेत्र में एक जिले के लिए यह बहुत बडी उपलब्धि है। उन्होंने डीन मेडीकल कॉलेज और सीएमएचओ को पूर्व चिकित्सकों सहित डॉक्टरों की एक परिषद गठित करने का सुझाव दिया ताकि मेडीकल के क्षेत्र में उनके अनुभवों का लाभ भी जिले की जनता को दिया जा सके। महापौर योगेश ताम्रकार ने कार्यक्रम में आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सतना का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेडीकल कॉलेज में अस्पताल के बनने के साथ ही वह अपनी निजी जमीन पर ढाई करोड रूपये की लागत से आश्रय स्थल बनाकर देंगे ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को आश्रय की व्यवस्था हो सके। इसके पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मेडीकल कॉलेज सतना में 14 करोड 80 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नर्सिंग कॉलेज के निर्माण का भूमिपूजन किया।

स्वास्थ्य सुविधाओं के कार्यों को शीघ्रतापूर्वक समय-सीमा में पूर्ण करें-राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री ने की सतना और मैहर जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा


भोपाल- उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार के कार्यों में एक दिवस का विलम्ब भी नहीं किया जाना चाहिए। सतना और मैहर जिले में स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण के 211 करोड 74 लाख रूपये लागत के कार्य चल रहे हैं। इन्हें समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाये। जिला अस्पताल में 25 करोड 38 लाख रूपये की लागत से बनने वाले अस्पताल भवन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाये। उप मुख्यमंत्री बुधवार को मेडीकल कॉलेज सतना के सभागार में सतना और मैहर जिले में स्वास्थ्य केन्द्र और चिकित्सा संस्थाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, महापौर योगेश ताम्रकार, स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुस्मिता, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, मेडीकल कॉलेज डीन शशिधर गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला, एनएचएम के वरिष्ठ सलाहकार संजय नेमा, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के महाप्रबंधक अजय ठाकुर सहित लोक निर्माण विभाग पीआईयू के अधिकारी भी उपस्थित थे। 

      उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल के भवन की ड्राइंग डिजाइन शीघ्र एप्रूव करने के साथ ही 15 मई तक निर्माण कार्य का शिलान्यास करायें। उन्होंने जिला अस्पताल में सेवायें देने वाले सतना मेडीकल कॉलेज के डॉक्टरों और जिला अस्पताल के डॉक्टरों के बीच समन्वय स्थापित करने कलेक्टर को डीन और सीएमएचओ के साथ बैठक करने के निर्देश दिये। जिससे जिला चिकित्सालय आने वाले मरीजों को मेडीकल कॉलेज के स्पेशलिस्ट चिकित्सकों का लाभ विधिवत मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने सतना और मैहर जिले में बन रहे जिला अस्पताल सिविल हास्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र के भवनों के निर्माण के एजेंसी विभागवार समीक्षा की। बताया गया कि मध्यप्रदेश भवन विकास निगम, लोक निर्माण विभाग पीआईयू, हाउसिंग बोर्ड और एनएचएम स्वास्थ्य विभाग द्वारा 211 करोड 74 लाख 67 हजार रूपये लागत के 120 निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। इनमें मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा 47 करोड 28 लाख रूपये लागत के 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग पीआईयू द्वारा 75 करोड 52 लाख रूपये लागत के 14 कार्य, हाउसिंग बोर्ड द्वारा 22 करोड 88 लाख रूपये लागत के 4 कार्य तथा एनएचएम द्वारा 66 करोड 5 लाख रूपये लागत के 6 मदों में 94 उप स्वास्थ्य केन्द्र दो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्टाफ क्वार्टर सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जिगना और बदेरा का निर्माण किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र और संस्थाओं के जो काम पूर्ण हो चुके है उनका लोकार्पण कराये। 

     उप मुख्यमंत्री ने मेडीकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय में शुरू की गई टेली मेडीसीन व्यवस्था को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मेडीकल कॉलेज सतना जिला चिकित्सालय सतना के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में सर्पोटिव सिस्टम है। मेडीकल कॉलेज में हास्पिटल बनने तक इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाये ताकि मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके।

आईपीएल की तर्ज पर खेला जाएगा 6 सुपर टेनिस क्रिकेट लींग़, 2लाख रुपए का प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार 1लाख रुपए का रहेगा


रात्रिकालीन टूनामेंट का आगाज 8 मई से शुरू होगा

बड़वाह- शहर में पहली बार तहसील स्तरीय रात्रिकालीन राजवंश टेनिस बॉल क्रिकेट लीग कप का टूनामेंट का आगाज 8 मई से नर्मदा रोड स्थित शासकीय महाविद्यालय क्रिकेट ग्राउंड में खेली जाएगी।टेनिस बॉल क्रिकेट प्रायोजक संस्था राजवंश इंदौर एवं आयोजक क्रिकेट क्लब बड़वाह के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित चैम्पियनशिप के विजेता और उपविजेता टीम को 2 लाख एवं एक लाख रुपए के साथ-साथ ट्राफी प्रदान की जायेगी। इसके अलावा चैम्पियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को कई आकर्षक ईनाम भी दिये जाएंगे। 

टेनिस बॉल क्रिकेट के नए युग की शुरुआत

प्रायोजक संस्था राजवंश इंदौर रवि शुक्ला ने बताया कि टेनिस बॉल क्रिकेट के नए युग की शुरुआत का आगाज बड़वाह से किया जा रहा है।6ओवर के सुपर लीग मैच की शुरुवात 8 मई को होगी।36बाल वाले टूनामेंट में करीब 40 टीम एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करती नजर आएगी।

नियम व शर्ते लागू रहेगी

आयोजक विक्रम गोहर ने बताया कि रात्रिकालीन टूनामेंट के आयोजन में करीब 400 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होगे।टूनामेंट में आने वाली सभी टीम ड्रेस कोड जर्सी में आना अनिवार्य है।100 कि.मी. दूर से आने वाली टीम को इंट्री फिस माफ होगी प्रत्येक मैच 6 ओवर का होगा साथ 4 बॉलर के साथ होगी। टीम के सभी खिलाड़ी एक ही तहसील के होना अनिवार्य है। सभी खिलाड़ी अपना आधारकार्ड व समग्र आईडी साथ में लेकर आवें।टुर्नामेंट के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के खिलाड़ी स्वयं जिम्मेदार होगा।जर्क एवं थ्रो गेंदबाजी पुर्णत प्रतिबंधित रहेगी।समिति का निर्णय सर्वमान्य होगा।

युवा टैलेंट को सशक्त बनाना है।

शुभम शुक्ला विक्रम गोहर ने बताया कि टेनिस क्रिकेट बाल सुपर लीग टूनामेंट का मुख्य उद्देश्य है।युवा टेलेंट को सशक्त बनाना है।टूनामेंट का सीधा प्रसारण यू ट्यूब के माध्यम से दिखाया जायेगा।टूनामेंट को लेकर व्यापक रूप से तैयारी की जा रही है।जिस भी टीम को टूनामेंट में भाग लेना है तो आयोजन समिति के सदस्यों के पास इंट्री फीस 5 हजार रुपए जमा करके टूनामेंट में भाग ले सकता है।

मंगलवार, 29 अप्रैल 2025

सदभावना मंच व्दारा खंडवा जंक्शन पर ऑटो प्रीपेड बूथ पुन: प्रारंभ हेतु सौपा ज्ञापन


खंडवा- सदभावना मंच व्दारा खंडवा जंक्शन पर ऑटो प्रीपेड बूथ पुन: प्रारंभ हेतु एक ज्ञापन मंच संस्थापक प्रमोद जैन के नेतृत्व में स्टेशन मास्टर अरविंद कुमार साहा को सौपा। सदभावना मंच व्दारा रेलवे स्टेशन प्रबंधक खंडवा को ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि कुछ माह पर्व खंडवा रेलवे जंक्शन पर सौंदर्यकरण के नाम से स्टेशन परिसर स्थापित ऑटो प्रीपेड बूथ को हटा दिया गया है जिसके चलते ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। वही यात्रियों के साथ लूटपाट एवं मोबाइल छिने जाने की घटनाएं आम हो रही है। जिसकी शिकायतें भी सिटी कोतवाली थाना में की गई है। इस तरह की शिकायतें ऑटो प्रीपेड बूथ के न होने से लगातार बढ़ती जा रही है। ज्ञापन सौपते हुए श्री जैन ने कहा कि पूर्व में भी सद्भावना मंच द्वारा इस हेतु ध्यान आकर्षित करवाया गया था किंतु आज तक भी बूथ को पुलिस व्दारा स्थापित नहीं किया गया है, अतः शीघ्र ही बूथ को स्थापित कर यात्रियों को सुरक्षा प्रदान की जाए।  वहीं मंच सदस्यों द्वारा रेलवे जंक्शन के में गेट के सामने पहले बदबू की और भी ध्यान आकर्षित करवाया गया। इस मौके मंच के प्रमोद जैन, सुरेंद्र गीते, गणेश भावसार, कमल नागपाल, निर्मल मंगवानी, सुभाष‌ मीणा आदि सहित सद्भावना मंच सदस्य उपस्थित थे।

Expedite Recruitment Process for Vacant Posts in the Health Department, Deputy Chief Minister Shri Shukla held a meeting with officials of various departments


Bhopal : Deputy Chief Minister Shri Rajendra Shukla has directed officials to expedite the recruitment process for vacant posts in the Health Department by setting a defined timeline, in line with the state government's priorities. He also reviewed the current status of ongoing recruitment activities. These instructions were issued during a meeting held on Tuesday at the Secretariat with officials from the Health Department, General Administration Department, and the Staff Selection Board.

Shri Shukla further advised that, if necessary, proposals should be prepared for amending existing rules and simplifying procedures to facilitate timely recruitment. During the meeting, instructions were also given to enhance facilities for employees of the National Health Mission and to finalize the examination format and syllabus for recruiting 1,200 vacant posts of Class IV Hospital Assistants in the department.

In the meeting, Deputy Chief Minister Shri Rajendra Shukla emphasized that the contributions of health workers, who provide round-the-clock services, must be duly recognized. He instructed officials to take proposals aimed at improving their conditions seriously and to prepare such proposals in consultation with the Finance and General Administration Departments.

Shri Shukla also called for consideration of key issues such as resolving salary discrepancies among health workers, addressing grade-pay concerns, and extending benefits to National Health Mission (NHM) employees on par with regular government staff.

The meeting was attended by Health Commissioner Shri Tarun Rathi, Director Smt. Malika Nigam Nagar, Director of the Staff Selection Board Shri Sanket Malviya, and Secretary of the General Administration Department Shri Anil Suchari.

सोमवार, 28 अप्रैल 2025

महापौर की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक संपन्न, कई विषयों को मिली स्वीकृती, नगर निगम खंडवा द्वारा ऊर्जा संरक्षण अंतर्गत सोलर ऊर्जा प्लांट ग्रीड को मिली स्वीकृति




सोलर प्लांट पावर ग्रिड के लग जाने से निगम को बिजली बिलों में होगी लाखों की बचत

खंडवा- निगम कर्मचारीयो 10 विषयों को लेकर सोमवार को निगम के महापौर कक्ष में महापौर अमृता अमर यादव की अध्यक्षता में वेयर इन काउंसिल की बैठक संपन्न हुई, एजेंट में शामिल विषयों पर चर्चा के पश्चात उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। निगम के कार्यालयो में एवं शहर में लगी लाइटो के बिजली के बिलों की राशि में अंकुश लगाने के लिए शहर हित एवं निगम के हित में सोलर प्लांट ग्रीड केे निर्माण को लेेकर स्वीकृति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि नगर निगम कार्यालय से लेेकर शहर के सभी वार्डो में सडक पोल बत्ती का बिल का बोझ करोडों रूपयों में आता हें जिसका भार निगम को वहन करना होता हें। सोलर प्लांट ग्रिड के निर्माण से बकाया बिजली बिल के भुगतान से निगम को आर्थिक संबल प्राप्त होगा। निगम को बिना खर्च किए हुए प्रति महीना बिजली के बिलों से लाखों रुपए की बचत इस ग्रीड के लग जाने से होगी एवं शहर में सोलर बिजली के माध्यम से अब लाईट जगमगाऐंगे। बैठक मेें स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग अंतर्गत टेंचिंग ग्राउण्ड पर सुखे कचरे केे निपटान हेतु 33.13 टी पी डी क्षमता केे एम आर एफ संयत्र की क्षमता में वृद्वि को भी सहर्ष स्वीकृृति प्रदान की गई। आज जहां मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों के डी ए मेें वृद्वि की घोषणा की गई वहीं नगर निगम कर्मचारियों के गृह भाडा एवं शासकीय कर्मचारी की मृत्य होने पर अनुग्र्रह राशि अनुदान के पुनःरीक्षण किये जाने को स्वीकृति प्रदान करते हुए निगम के दिवंगत श्री राजेश पिता शिवदीन सफाई संरक्षक के पुत्र को शासन नियमानुसार अनुकम्पा नियुक्ति हेतु स्वीकृति प्रदान की गई । शासन निर्देशानुसर नियम 2017 के अतर्गत कर्मचारियों केे हित में यात्रा भत्ता, के पुनःरीक्षण के साथ ही शासकीय सेवकों के उच्च पद पर अतिरिक्त कार्य करने देय कार्य भत्ता केे पुनःरीक्षण को भी शासकीय नियमानुसार वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्र्रकार कार्यालय कलेक्टर जिला खंडवा केे पत्र अनुसार दैनिक वेतन श्रमिक कर्मचारियों हेतुु दैनिक वेतन की दरों को भी बैठक में स्वीकृत किया गया। बैठक में महापौर अमृता अमर यादव, परिषद अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, मेयर इन काउंसिल सदस्य राजेश यादव, सोमनाथ काले, आशीष चटकले, विक्की अरूण भावरे, अनिल वर्मा, निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत, उपायुक्त सचिन सिटोले के साथ ही निगम केे वर्षा धीघोड़े संजय शुक्ला, भूपेन्द्रसिंह बिसेन, राजेेश गुुप्ता, ई गव्हरनेंस अधिकारी अंकितसिंह पवार सहित निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


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उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के आश्वासन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की हड़ताल हुई समाप्त


भोपाल : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी गयी है। स्वास्थ्य संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल की समाप्ति के संबंध में उप मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 22 अप्रैल 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अप्रेजल, स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, समकक्षता निर्धारण, ग्रेज्युटी, अर्जित एवं मेडिकल अवकाश तथा अन्य मांगों पर यथोचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के आश्वासन पर सहर्ष हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। 

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, प्रदेश महामंत्री भारतीय मजदूर संघ श्री कुलदीप सिंह गुर्जर सहित संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

ग्राम पाडल्यामाल में मां गणगौर महोत्सव की धूम, जिलेभर से उमड़े भक्त, भजनों और झालरा नृत्य ने बांधा समां, प्रख्यात कलाकारों ने दी प्रस्तुति



खंडवा- खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पाडल्यामाल में मां गणगौर महोत्सव की भव्य धूम मची हुई है। मां रनुबाई के पावन आगमन पर ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों में जबरदस्त उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति के सदस्य विपिन राठौर, ब्रज पंवार एवं उनके साथियों ने बताया कि प्रतिदिन मां रनुबाई की आराधना हेतु रात्रि 9 बजे से प्रदेशभर की प्रसिद्ध भजन मंडलियों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। भजन संध्याओं के दौरान कलाकारों द्वारा पारंपरिक झालरा नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया जा रहा है। क्षेत्र के साथ-साथ अन्य जिलों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में मां के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। भक्ति रस में डूबे इस आयोजन ने अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेशस्तरीय पहचान बना ली है। ग्रामवासियों की अथक मेहनत, अटूट श्रद्धा और समर्पण भावना से यह आयोजन हर दिन और भी भव्यता ग्रहण कर रहा है। मां गणगौर की भक्ति से सराबोर वातावरण में श्रद्धालुओं को आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत अनुभव हो रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई एवं व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। भजन मंडलियों के सुरों और भक्तों की आस्था ने पूरे पाडल्यामाल ग्राम को भक्ति के रंग में रंग दिया है। मां रनुबाई की कृपा से यह महोत्सव एक नई ऊंचाई प्राप्त कर रहा है। इसके साथ ही समिति द्वारा सम्मानित नागरिकों का सम्मान किया जा रहा हैं। इस आयोजन की चर्चा स्थानीय लोगों के साथ साथ कलाकारों में भी हो रही हैं।

संभावित दौरा अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1 मई को विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. शाह ने चारखेड़ा में स्थित तितली पार्क का निरीक्षण किया



खंडवा - प्रदेश के मुख्यमंत्री 1 मई को हरसूद के संभावित कार्यक्रम में तेंदूपत्ता व वन समितियों का सम्मेलन, जनजाति सम्मेलन, छड़ी वितरण एवं विभिन्न हित लाभ वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण करेंगे।

कार्यक्रम को पृष्ठीगत रखते हुए जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने सोमवार को हरसूद में अधिकारियों की बैठक में मंच व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। साथ ही उन्होंने चारखेड़ा में स्थित तितली पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय, डी.एफ.ओ. श्री राकेश डामोर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अनुविभागीय अधिकारी हरसूद, जनपद सीईओ खालवा, एस.डी.ओ.पी. हरसूद एवं लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

सड़क दुर्घटना में घायल दिनेश को उपचार हेतु ‘‘एयर एम्बुलेंस’’ से भोपाल भेजा



हरदा- प्रदेश सरकार ने गंभीर मरीजों को तत्काल बड़े शहरों के उच्च स्तरीय अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस’’ योजना प्रारम्भ की है। इस योजना के तहत हरदा जिले के रोलगांव निवासी 27 वर्षीय युवक दिनेश उईके को सोमवार को हरदा से भोपाल के हमीदिया मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि दिनेश शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि मल्टीपल फ्रैक्चर होने से दिनेश का हरदा के जिला चिकित्सालय में बेहतर ढंग से उपचार नहीं हो पा रहा था इसलिए एयर एम्बुलेंस की आज ही उन्होने डिमांड की थी, और कुछ ही देर में दिनेश के लिये एयर एंबुलेंस भोपाल से आ गई। एयर एम्बुलेंस से आये डॉक्टर्स ने दिनेश का स्वास्थ्य परीक्षण किया और कुछ ही देर में हरदा स्थित हेलिपेड से दिनेश भोपाल में उच्च स्तरीय उपचार के लिए एयर एम्बुलेंस से रवाना हो गया

रविवार, 27 अप्रैल 2025

खुशियों की दास्तां - प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" से खेती की लागत और पानी की खपत कम हुई और आय बढ़ी


हरदा- हरदा जिले के ग्राम सोडलपुर के किसान श्री देवेन्द्र भाटी ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लेकर कम लागत में खेती कर कृषि उत्पादन तो बढाया ही है साथ में अपनी आय भी बढ़ाई है। उप संचालक कृषि श्री जे एल कास्दे ने बताया कि किसान श्री देवेन्द्र भाटी पहले बिना ड्रिप पद्धति के खेतों में सिंचाई करते थे जिसमें पानी तो अधिक खर्च होता ही था, साथ में परिश्रम भी अधिक लगता था। कृषि विभाग के अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने "प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" के तहत ड्रिप इरिगेशन सिस्टम अपने खेत में लगवाया तो कम मेहनत और कम पानी में खेतों में सिंचाई होने लगी। किसान देवेंद्र ने बताया कि ड्रिप सिंचाई सिस्टम लगाने के पहले जहां उन्हें फसलों को पानी देने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, वहीं अब ड्रिप सिंचाई सिस्टम ने इस काम को बहुत आसान बना दिया। उन्होंने बताया कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगवाने के बाद से खेती की लागत में भी काफी कमी आई है, जिससे आय में भी बढ़ोतरी हुई है। किसान श्री देवेन्द्र अब अन्य किसानों को भी ड्रिप सिंचाई सिस्टम का उपयोग करने की सलाह देते हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने डायबीटिक फुट कार्यशाला का किया शुभारंभ, रीवा मेडिकल हब बनने के लिए तेजी से है अग्रसर - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ रहने पर ही साकार होगा - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल



भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में आयोजित तीसरी डायबीटिक फुट कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रीवा मेडिकल हब बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाहर जाने वाले लगभग पचास प्रतिशत जटिल रोगी अब रीवा में ही इलाज करा रहे हैं। विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा। चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार अनुसंधान से नई तकनीकों से अधिक कारगर उपचार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इस तरह के आयोजनों से चिकित्सकों को आपस में संवाद करने और अपने ज्ञान को बेहतर करने का अवसर मिलता है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि खान-पान की आदतों और जीवनशैली के कारण डायबिटीज का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण पैरों में कई तरह की जटिलता आती हैं और कई बार पैर काटने पड़ते हैं। यह कार्यशाला लोगों को जागरूक करने और रीवा में डायबीटिक फुट की प्रभावी उपचार व्यवस्था बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यशाला में चिकित्सकों ने समर्पण के भाव से जो संवाद किया है उसके सुखद परिणाम निकलेंगे। कार्यशाला से सामने आए तथ्यों को लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रयास करें। हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक स्वस्थ भारत का संदेश पहुंचाएंगे। रीवा में चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शीघ्र ही दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो रहा है। इसमें कैंसर के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिकतम मशीनें रहेंगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड योजना से उपचार कराने में भी रीवा प्रदेश में सबसे आगे हैं।

कार्यशाला में इंडियन कोडायट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एपी सूरी ने कहा कि 2009 में संस्था का गठन किया गया। डायबिटीज के कारण पैरों में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इनका समय पर इलाज न होने पर पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य डायबिटिक फुट के उपचार की सुविधाएं मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर उपलब्ध कराने की है। हम दो साल तक यदि जागरूकता अभियान चलाएं तो मध्यप्रदेश को पाँच साल में डायबिटिक फुट के रोग से मुक्त कर देंगे। समारोह में कार्यशाला के संयोजक तथा पूर्व डीन डॉ मनोज इंदुलकर ने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी के विशेष प्रयासों से रीवा में चिकित्सा सेवाओं में तेजी से विस्तार हो रहा है। रीवा में 24 और 25 अक्टूबर को डायबिटीज पर नेशनल कान्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान में आबादी का लगभग 12 प्रतिशत डायबिटीज से ग्रस्त है। इसके कारण पैरों में भी समस्या आती है। कार्यशाला में देश भर से आए विशेषज्ञों ने डायबिटिक फुट के उपचार के संबंध में सारगर्भित विचार और सुझाव दिए हैं। कार्यशाला में डॉ एमआर पटेल ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में मेडिकल कालेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव शुक्ला, पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल मिश्रा, डॉ उमेश मसंध, डॉ आलोक दुबे, डॉ प्रदीप निगम, डॉ लवकुश तिवारी, डॉ अनुराग चौरसिया सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।

शनिवार, 26 अप्रैल 2025

स्वस्थ भारत की कल्पना प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ रहने से होगी साकार: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, भोपाल में शुरू हुआ पहला राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन



भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 में विकसित भारत के लिये जो विजन तैयार किया है, उसे प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखकर ही पूरा किया जा सकता है। इसके लिये हमें विभिन्न रोगों के साथ-साथ मनोरोग से भी छुटकारा पाना होगा। इस कार्य में मनोचिकित्सकों की अहम भूमिका रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आज भोपाल में मध्य भारत के पहले राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भोपाल में हो रहे 2 दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 45 प्रमुख वक्ता शामिल हो रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया को माना गया है। आज के वैश्विक दौर में युवाओं में मानसिक तनाव मुख्य रूप से देखने को मिल रहा है। इसकी प्रमुख वजह व्यावहारिक जीवन में भारी चिंता, असीमित प्रतिस्पर्धा, असफल होने का डर और अत्यधिक मोबाइल समेत अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना प्रमुख है। ऐसे माहौल में मनोचिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर वर्ष करीब 10 लाख लोगों की आत्महत्या के प्रकरण चिंता का विषय हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि इन सब का उपाय भारत की प्राचीन परांपरा में समाहित है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अनेक संस्थाएँ ध्यान और योग की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इन सबके और विस्तार की संभावनाएँ है। 

मनोरोग के उपचार में राज्य सरकार के प्रयास

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के उपचार और सलाह के लिये विशेष कक्ष में सेवाएँ शुरू की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के साथ-साथ मनोरोगी के साथ लगातार संवाद भी जरूरी है। समाज में फोबिया, युवाओं में मानसिक बीमारियाँ, चिंता रोग, सिजोफ्रेनिया और ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर के रोगी सामने आ रहे है। इन सबसे निपटने में मनोचिकित्सक समर्पण भाव को प्रदर्शित करे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मानसिक रोग के उपचार को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि मनोरोगी के उपचार के पहले उसके परिवेश को समझा जाये तो समस्या का बेहतर तरीके से निदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेली-मानस हेल्पलाइन पर 24X7 पर नि:शुल्क परामर्श दिये जाने की व्यवस्था की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि इस हेल्पलाइन पर 3 लाख कॉल पर परामर्श दिया गया। कार्यक्रम को भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह, इंडिया एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट साइकियाट्री (आईएपीपी) के पदाधिकारी डॉ. आर.एन. साहू, डॉ. मृगेश वैष्णव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समीक्षा साहू ने किया।

रैली का आयोजन

राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत में गांधी मेडिकल कॉलेज से इकबाल मैदान तक रैली निकाल कर मनोरोग के प्रति जन-जागरूकता और इससे सावधान रहने का संदेश दिया गया। रैली में मनो चिकित्सक और गांधी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी शामिल थे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के पंजीयन प्रारंभ, 5 साल के बाद यात्रा शुरु होने से शिवभक्तों में खुशी की लहर



खण्डवा- पांच साल के लंबे इंतजार के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा का रास्ता फिर से खुल गया है। विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित यात्रा के लिए ऑनलाईन पंजीयन प्रक्रिया भी आज से प्रारंभ हो चुकी है जो 13 मई तक चलेगी। यात्रा की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश कैलाशी परिवार एवं महाकाल सांस्कृतिक सेवा मंडल खंडवा के संयोजक पीयूष शर्मा "कैलाशी" ने बताया कैलाश यात्रा आयोजन इस साल जून से अगस्त के बीच किया जाएगा और करीब 750 भारतीय श्रद्धालु इस बार पवित्र स्थल की यात्रा कर सकेंगे। उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथूला दर्रे के जरिए कुल 15 जत्थे कैलाश मानसरोवर की ओर रवाना होंगे। इनमें से 5 जत्थे लिपुलेख के रास्ते और 10 जत्थे नाथूला दर्रे के जरिये यात्रा करेंगे। हर जत्थे में 50 यात्री शामिल होंगे। 22 दिनों की यात्रा में 1.80 लाख से 2.85 लाख तक का खर्च आयेगा। ऐसे होता है पंजीयन और चयन- पासपोर्ट धारक श्रद्धालु को आधिकारिक वेवसाईट www.kmy.gov.in पर ऑनलाईन पंजीयन करना होता है उसके बाद विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कंप्यूटरीकृत ड्रा प्रक्रिया से यात्रियों का चयन किया जाता है जिन्हे चिकित्सा परीक्षण में पास होने के बाद ही यात्रा के लिए पात्र माना जाता है। पंजीयन के लिए अनिवार्य:- यात्रा के ऑनलाईन पंजीयन हेतु भारतीय पासपोर्ट के साथ ही यात्री को अपनी व्यक्तिगत जानकारी एवं 1 फोटोग्राफ की आवश्यकता होगी। यात्रा के लिए निधार्रित उम्र सीमा 18 वर्ष से 70 वर्ष तक की है। अधिक जानकारी के लिए यात्रा हेल्पलाईन नं. 94250 86007 पर संपर्क कर सकते है।

शिवभक्तों में उत्साह और खुशी की लहर

भारत-चीन सीमा विवाद और कोविड-19 महामारी के चलते 2020 से कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी तरह ठप थी। अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के विशेष प्रयास से यात्रा पुनः प्रारंभ हो रही है जिसका लाभ शिवभक्तों को मिलेगा। भारत सरकार ने उत्तराखंड के पारंपरिक मार्ग लिपुलेख पास पर सड़क निर्माण किया जिससे यात्रा सुगमता से होगी। खंडवा के पूर्व कैलाश यात्री सुनंदा ढाके, अमर यादव, रामनारायण कुशवाह, बालकृष्ण पुरस्वानी, अशोक त्रिवेदी, लोकेश पालीवाल, मंगल यादव, रितेश चौहान सहित शिवभक्तों ने सरकार का आभार माना और खुशी व्यक्त की।

कैलाश मानसरोवर: आस्था का केंद्र-

तिब्बत के क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत हिंदू, जैन और बौद्ध धर्मों में गहरी आस्था का प्रतीक है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा अपने धार्मिक मूल्यों, सांस्कृतिक महत्व, नैसर्गिक खूबसूरती और रोमांचक प्रकृति के लिए जानी जाती है। भगवान शिव के निवास के रूप में हिन्दुओं के लिए अतिमहत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह जैन और बौध्द धर्म के लोगो के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुँचते रहे हैं।

विश्व टीकाकरण सप्ताह में दी जा रही टीकों से रोकी जाने वाली बीमारियों की जानकारी, भोपाल में हर साल 60 हजार से ज्यादा बच्चों और गर्भवतियों को लगाए जा रहे टीके



टीकाकरण जागरूकता के लिए विश्व टीकाकरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें Immunization for All is Humanly Possible की थीम पर टीकाकरण की पहुंच एवं जागरूकता को बढ़ाने के लिए गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। सप्ताह के दौरान रिक्त उप स्वास्थ्य केंद्रों, कम उपलब्धि वाले वार्डों,उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं हाईरिस्क क्षेत्र में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन्म से लेकर 5 वर्षों के बच्चों की सूची तथा ड्यू लिस्ट अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है। पैरी अर्बन एरिया एवं मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के रहवासी परिवारों के बच्चों के टीकाकरण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल ऑफिसर, एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स, सुपरवाइजर , आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण किया जा रहा है। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, चौपाल व चौराहा, मंदिर ग्राम प्रवेश दीवार पर टीकाकरण संबंधी नारे लेखन करवाया जा रहा है। 

भोपाल जिले में पिछले साल 60275 बच्चों को टीके लगाए गए हैं जिसका कवरेज 105% है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2026 तक खसरा और रूबेला के निर्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । खसरा और रूबेला संक्रामक रोगों के शून्य मामलों के लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए एम आर 1 एवं एम आर 2 अटीकाकृत बच्चों की जानकारी घर-घर जाकर ली जा रही है । जिले में 50789 बच्चों को एम आर 1 और 47928 बच्चों को एम आर 2 टीके लगाए गए हैं। प्रत्येक गर्भवती महिला को टी डी टीके का डोज सुनिश्चित करने के लिए टीकों का सत्यापन भी किया जा रहा है। मातृ एवं शिशु कार्ड में प्रविष्टियों की स्थिति भी देखी जा रही है । बच्चों के टीकाकरण से वंचित रहने की विस्तृत रूप से समीक्षा की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा इन टीकों से वंचित न रहे। 

कोविड-19 महामारी के संक्रमण की गंभीरता को कम करने में भी टीकाकरण ने अपनी भूमिका निभाई है। निजी क्षेत्रों में जिन टीकों की कीमत हजारों में है, वो सरकार निशुल्क लगवा रही है। आज टीकाकरण के द्वारा ही पोलियो, हेपेटाइटिस बी, टीबी, डिप्थीरिया, पर्टूटिस, टिटनेस, निमोनिया, डायरिया, खसरा ,रूबेला जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से बचाव हो रहा है।

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि 12 गंभीर बीमारियों से अपने बच्चों को बचाने के लिए समय पर टीके लगवाना हर माता-पिता का मूलभूत दायित्व है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी का उन्मूलन टीकाकरण के माध्यम से ही किया गया है। टीकों के द्वारा ही कई बीमारियों का उन्मूलन किया जा चुका है। जबकि कई जानलेवा बीमारियों से बचाव में भी टीके महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत हेपेटाइटिस बी, पोलियो ,बीसीजी, रोटावायरस, एफ आई पी वी, पीसीवी , पेंटावेलेंट, विटामिन ए, मीजल्स , रुबेला, डीपीटी, टी डी के टीके लगाए जा रहे हैं। ये सभी टीके शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क लगाए जाते हैं।

रीवा एवं इंदौर मेडिकल कॉलेज के उन्नयन का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करें: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल



वरिष्ठ चिकित्सकों को 70 वर्ष तक संविदा सेवा देने का प्रस्ताव होगा तैयार, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की

भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य के लिए सुलभ, उच्च गुणवत्ता युक्त और व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, आधुनिक मेडिकल कॉलेजों का सुदृढ़ आधार और समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की।

     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश में वरिष्ठ चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के उद्देश्य से, उन्हें 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा देने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगी साथ ही यह निर्णय चिकित्सकों की कमी की पूर्ति करने में भी सहायक होगा।

     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेजों का अधोसंरचना विकास, अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था अन्य आवश्यक कार्य भी समय से पूर्ण किए जाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके।

     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल (ई-एचआरएमएस) की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय से विभागीय कार्य में गति आएगी और सेवाओं में सुधार होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना उपस्थित रहे।

खेतों में पराली जलाने वाले 21 किसानों से होगी ‘‘पर्यावरण मुआवजा’’ की वसूली, एसडीएम खिरकिया ने जारी किये आदेश


हरदा- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जिले में नरवाई का जलाना प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध धारा 223 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कर दांडिक कार्यवाही व अर्थदण्ड दण्डनीय है। उन्होंने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खिरकिया श्री अशोक डेहरिया द्वारा खिरकिया अनुविभाग के कुल 21 किसानों पर खेतों में पराली जलाने के मामले में एनजीटी के निर्देश अनुसार 2500-2500 रूपये पर्यावरण मुआवजा राशि अधिरोपित की गई है। एसडीएम खिरकिया श्री अशोक डेहरिया ने बताया कि इनमें से ग्राम धूपकरण निवासी किसान श्री अमर सिंह, हरे सिंह, निलेश, मनोज सिंह और शिव प्रसाद द्वारा पर्यावरण मुआवजा राशि 2500 _ 2500 रुपए जमा भी करा दी गई है। इसके अलावा जिन अन्य किसानों पर भी पराली जलाने के मामले में 2500_2500 रुपए अर्थदंड लगाया गया है, उनमें श्रीमती आरती राजपूत व बृजलाल राजपूत निवासी कुड़ावा, श्रीमती निर्मला ग्राम धनवाड़ा श्री गुलाब राजपूत धनवाड़ा, श्री पुरुषोत्तम जेसानी धनवाड़ा, श्री गोपाल धनवाड़ा, मदन गोपाल राजपूत निवासी हिवाला, राहुल निवासी धनवाड़ा, अजीज खान, श्री कैलाश, श्रीमती रुक्मिणी बाई, श्री दीपक बिश्नोई, श्री गणेश गौर, श्री अशोक बिश्नोई, श्री रमेश सभी निवासी चौकड़ी एवं श्रीमती शकुन बाई निवासी ग्राम धूपकरण शामिल है।

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

खंडवा जिले में नवीन आपराधिक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु तृतीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र पुलिस कंट्रोल रूम खंडवा मे सम्पन्न




खंडवा- पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार जिला खंडवा में पदस्थ अनुसंधान अधिकारियों एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों को नवीन आपराधिक अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है, इसी तारतम्य मे जिला खंडवा मे पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारणेकर व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री राजेश रघुवंशी के मार्गदर्शन मे तृतीय बैच का 03 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र मे दिनांक 23.04.25 से प्रारंभ होकर दिनांक 25.04.25 तक प्रशिक्षण का कार्यक्रम पुलिस कंट्रोल रूम खंडवा मे सम्पन्न कराया गया। प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिवस पर सभी प्रशिक्षणार्थियों के साथ पुलिस अधीक्षक खंडवा द्वारा ग्रुप फोटोग्राफी कराई गई। 

                    प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारणेकर द्वारा प्रशिक्षण ले रहे जिले के अनुसंधानकर्ता अधिकारियों से प्रशिक्षण के संबंध मे व्यवहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान के बारे मे चर्चा की गई। 01 जुलाई 2024 से नवीन आपराधिक अधिनियम लागू होने के पश्चात अनुसंधान मे आने वाली व्यावहारिक समस्याओ को लेकर चर्चा की गई। सभी ने प्रशिक्षण के माध्यम से कानूनी प्रावधानो के अंतर्गत साक्ष्य संकलन एवं वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रीकरण, क्राइम सीन की फोटग्राफी व वीडिओग्राफी के संबंध मे जानकारी प्राप्त किया। प्रशिक्षण मे जिले के 02 निरीक्षक, 09 उप निरीक्षक, 14 सहायक उप निरीक्षक एवं 19 प्रधान आरक्षक सहित कुल 44 अनुसंधानकर्ता अधिकारी सम्मिलित हुए। 

 जिला स्तर पर अनुसंधान अधिकारियों एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों को नवीन आपराधिक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रशिक्षण कार्य हेतु पुलिस मुख्यालय से प्राप्त शॉर्ट फिल्म के माध्यम से विषयों को समझाया गया एवं उस पर चर्चा की गई। तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान श्री अभिनव बारंगे नगर पुलिस अधीक्षक, श्री अनिल सिंह चौहान उपुअ मुख्यालय, श्री लोकेन्द्र सिंह ठाकुर एसडीओपी हरसूद, श्री आनंद स्वरूप सोनी उप पुलिस अधीक्षक यातायात, श्रीमती नेहा पच्चीसिया उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा, श्री बी.एल. मंडलोई से.नि. वैज्ञानिक अधिकारी इंदौर, श्री राजेन्द्र तोमर से.नि. संचालक जिला अभियोजन अधिकारी इंदौर, निरीक्षक गायत्री सोनी प्रभारी सायबर सेल खंडवा, निरीक्षक सुलोचना गेहलोद थाना प्रभारी अजाक, उनि गणेश पाटीदार प्रभारी फिंगर प्रिन्ट शाखा व प्रआर अजय पटेल प्रभारी CCTNS द्वारा अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थी अनुसंधानकर्ता अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोष जनक जवाब दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर प्रभारी कंट्रोल रूम निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता खंडवा द्वारा प्रशिक्षण मे सम्मिलित सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण प्रदान करने वाले अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया।

एसडीएम सत्यनारायण दर्रो के सानिध्य में हम फाउंडेशन भारत की संस्कृति शाखा बड़वाह द्वारा पक्षियों हेतु सिकोरे एवं अन्न पार्कों में रखा गया




बड़वाह- भीषण गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके।उसी को लेकर शुक्रवार को हम फाउंडेशन भारत 

की संस्कृति शाखा बड़वाह द्वारा पक्षियों हेतु सिकोरे एवं अन्न पार्कों में रखने की व्यवस्था के दौरान एसडीएम सत्यनारायण दर्रा ने कही।सर्वप्रथम कश्मीर में हुए मानवीय नरसंहार जो पर्यटकों पर हुआ ।उन्हें सामूहिक श्रद्धांजिल देते हुए दो मिनट का मौन रख आतंकवाद की घोर निंदा की गई 

शहर के पार्कों में सकोरे लगाने और अन्न व्यवस्था की शुरुआत की गई-

प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज वर्मा जिला संरक्षक प्रवीण श्रीमाली जिलाध्यक्ष अर्चना आरस ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह महात्मा गांधी पार्क बस स्टैण्ड बड़वाह के पास पार्क में एकत्रित होकर पक्षियों हेतु सिकोरे लगाने और अन्न व्यवस्था की शुरुआत की गई ।तथा बड़वाह के अन्य पार्कों में जैसे अंबेडकर पार्क,साई मंदिर परिसर ,एरीकेशन पार्क,हाउसिंग बोर्ड पार्क,कन्या शाला परिसर, केला माता परिसर,,बीआरसी परिसर, पात्र गुरुकुल के पास पार्क में एवम अन्य पार्कों और धार्मिक स्थलों पर पक्षियों हेतु सिकोरे और अन्न रखे गए।

सकोरे और अन्न रखने का मूल उद्देश्य है कि गर्मियों में पक्षियों को पानी और अन्न की किल्लत होती हैं।इसलिए शहर के पार्कों में रखा गया।और समाज से जुड़े हर व्यक्ति से हम फाउंडेशन भारत के सदस्यो द्वारा की सभी कोई अपने घर की छत या पेड़ पर पक्षियों के लिए सिकोरे और अन्न की व्यवस्था करने की अपील की। सभी सदस्यो को भी प्रण दिलाया की हम सब भी अपने अपने घरों पर सिकोरे और अन्न की व्यवस्था पक्षियों के लिए करेंगे।

जून माह में वृक्षारोपण किया जाएगा-

अध्यक्ष नीति देशवाली ने कहा कि शाखा द्वारा जून महीने में वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा।शाखा द्वारा अनोखी पहल शुरू की है। पक्षियों की भूख प्यास बुझाने के लिए दाना-पानी पात्र शहरवासियों व बच्चों पार्कों में लगाया जाएगा। जिसमें रोजाना पानी और दाने रखे जा रहे हैं। इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। इससे अब लोग पशु-पक्षियों को दाना-पानी रख रहे है।अतिथियों द्वारा प्रेरणादायक बताया और इस आयोजन से सभी को प्रेरणा लेकर अपने अपने अपने घरों में एक सिकोरा अवश्य लगाना चाहिए और पक्षियों के लिए अन्न की व्यवस्था भी करना चाहिए।

शाखा में इनका सराहनीय योगदान रहा

मुख्य अतिथि सत्यनारायण दर्रो अध्यक्षता हंसा कानूडे प्राचार्य,विशेष अतिथि डी एस पिपलौदे एवं मेवाराम बर्मन शिवराज वर्मा आशा चौधरी उम्मेद सिंह मुजाल्दे, रघुनाथ धारेकर,कविता चौहान, विशाल सोनी,प्रीतिमा गंगराड़े,,प्रिया चंद्रवंशी,ममता जाट, नैना सोनी,दीपिका यादव,ज्योति शर्मा,नवीन दुबे, राकेश शर्मा, धर्मेंद्र मंडलोई, दिलीप मुसले,गौरीशंकर शर्मा , रणवासी सांवले,मंजुलता जमरे , रत्ना कोठिया,पूजा चौहान ,खुशयाल पटेल,पवन, पीयूष खांडे एवम अन्य सदस्य उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन डा परेश विजयवर्गीय ने किया तथा आभार प्रवीण श्रीमाली ने माना।

जल संरक्षण के जन-आंदोलन से जल-समृद्ध बनेगा मध्यप्रदेश - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल




शहडोल की ग्राम पंचायत टिहकी में जल गंगा संवर्धन अभियान की जन-चौपाल में हुए शामिल,

जिले में चार हजार से अधिक जल संरचनाओं का किया जाएगा संरक्षण एवं संवर्धन

भोपाल: उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार जल-संरक्षण एवं संवर्धन को जन-आंदोलन के रूप में विकसित कर ‘जल-समृद्ध मध्यप्रदेश’ बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘जल-गंगा संवर्धन अभियान’ अब प्रदेश के हर गांव, हर परिवार और हर नागरिक की सहभागिता वाला जन-अभियान बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शहडोल जिले की जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत टिहकी में आयोजित जनचौपाल को संबोधित कर रहे थे। 

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण और संवर्धन आज समय की मांग है। प्राकृतिक संतुलन के लिए आवश्यक है। प्रदेश सरकार ने जल-गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है, ताकि हम जल को संग्रहित करें, उसका संरक्षण करें और जल-स्रोतों को पुनर्जीवित करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि धरती की कोख – यानी भूमिगत जल स्रोतों को भी पुनर्भरण (रीचार्ज) की आवश्यकता होती है। यदि हम केवल निकालते रहेंगे और वापस नहीं लौटाएँगे, तो भविष्य में अगली पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से आह्वान किया कि वे छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि जल केवल कृषि और पेयजल का साधन नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से भी सीधा जुड़ा हुआ है। उन्होंने ग्रामवासियों से आग्रह किया कि जल संरक्षण को सांस्कृतिक जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक विद्यालय, ग्रामसभा, स्व-सहायता समूह और युवा मंडल इस कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, और मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रणी बनकर उभर रहा है। 

निरोगी काया अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दी बधाई

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अगुवाई में देश एवं प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे है, महिलाएं सशक्त हो रही हैं, सामाजिक कार्यों में उनकी सहभागिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चारों तरफ पुल पुलियों, सड़कों का निर्माण होने से व्यापार के अवसर बढ़ रहें हैं, लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया है, सभी लोग निरोगी रहें, इसके लिए सरकार निरोगी काया अभियान चलाकर घर घर सर्वे कराकर रोगियों की पहचान कर रही है। जिससे आमजन को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। शहडोल जिला इस अभियान में तीसरे स्थान पर है, जिसके लिए जिला प्रशासन तथा सी. एम. एच. ओ. डॉ. राजेश मिश्रा को बधाई दी।

श्रमदान, कर दिया जल संरक्षण का संदेश

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ग्राम पंचायत टिहकी में राम सागर बड़ा तालाब जीर्णोधार कार्य का शुभारंभ किया तथा श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। 

विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि पहले गांव के तालाब, कुआं, बावड़ी, में कभी पानी की कमी नहीं होती थी। सभी जगह साल भर पानी भरपूर मात्रा में रहता था, लेकिन अब इस दौर में कुआं, तालाब एवं बावड़ी का पानी गर्मी का सीजन आते ही सूख जाता है। उन्होंने कहा कि हमें आसपास के तालाब, कुआं, बावड़ी सहित अन्य जल संरचनाओं को बचाना होगा। उनकी साफ सफाई कर उनका जीर्णोधार करना होगा। कलेक्टर डॉ.केदार सिंह ने जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में चार हजार से अधिक जल संरचनाओं का चयन किया गया है, एक तिहाई कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं, लगातार जल चौपाल लगाकर लोगों को सहभागी बनाया जा रहा है । पुलिस अधीक्षक श्री राम जी श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नरेंद्र सिंह धुर्वें जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शहडोल के गंधिया ग्राम में भगवान श्रीराम के विश्राम स्थल का दर्शन और पूजन किया




भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान गंधिया ग्राम (सीतामढ़ी) में 11 दिनों तक किया था विश्राम

भोपाल: उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के वनवास के दौरान विश्राम स्थल जयसिंहनगर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम गंधिया (सीतामढ़ी) में पहुंचकर दर्शन किये। उन्होंने पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कलेक्टर डॉ. केदार सिंह को गंधिया ग्राम को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि भगवान श्रीराम वनवास के दौरान उमरिया जिले के (सीतामढ़ी ) के दशरथ घाट होते हुए गंधिया ग्राम पहुंचे थें। जहां उन्होंने 11 दिन विश्राम किया था।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बताया कि मंदिर के पास प्राचीन तालाब है जिसे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है और अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में ग्रामीणों के साथ जल चौपाल का आयेाजन कर कार्य योजना तैयार की गई है। आपने बताया कि गंधिया ग्राम को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने तथा आमजन के श्रद्धा का केंद्र बनाने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी शीघ्र किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर को व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। विधायक श्री शरद कोल, पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नरेंद्र सिंह धुर्वें सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव अधिकारों से संबंधित सेवाओं का लिया जा रहा फीडबैक


राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली के विशेष प्रतिनिधि श्री उमेश कुमार शर्मा द्वारा 24 अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रातीबड़ का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने संस्था में नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली द्वारा मानव अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर जांच, निगरानी, सलाह और रिपोर्ट देने के संबंध में स्वास्थ्य संस्थाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। मूल्यांकन में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल डिस्पेंसरी , संजीवनी क्लिनिक का दौरा कर मरीजों एवं हितग्राहियों को दी जा रही सेवाओं का फीडबैक लिया जा रहा है। 

मानव अधिकार आयोग के स्पेशल रेपोर्टर श्री शर्मा ने मूल्यांकन के दौरान मरीजों के अधिकार, भोजन, पेयजल, कूलर, पंखे, बिस्तर, लैबोरेटरी, साफ सफाई, शौचालय , दिव्यांग मरीजों की सुविधा, हितग्राहियों के लिए जागरूकता सत्रों का आयोजन, गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित समय पर सेवाएं, नियमित फॉलोअप, महिलाओं और बुजुर्गों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का मूल्यांकन करवाया जा रहा है। नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा सेवाओं के साथ साथ वैलनेस गतिविधियों के अंतर्गत स्वस्थ जीवन शैली, उचित खान-पान, योग प्राणायाम इत्यादि गतिविधियां भी करवाई जाती है, जिससे उनके जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सके।

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

किसान की बेटी का दिल्ली पुलिस में चयन

 


खंडवा- जहां एक और बेटियां बेटों से काम नहीं है वही खंडवा जिले की पंधाना विधानसभा के एक छोटे से गांव कुमठी के किसान सुरेश दामने की बेटियां सोनाली दामने ने जय हिंद ग्रुप में कठिन परिश्रम पर दिल्ली पुलिस में खंडवा की पहली बेटी के रूप में दिल्ली पुलिस में चयनित हुई। इस अवसर पर विगत 6 वर्षों से निशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण देने वाले जय हिंद डिफेंस ट्रेनिंग ग्रुप द्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम पर सोनाली दामने और उनके पिता सुरेश दामने का स्वागत फूलमाला एवं मेरी संतान देश को समर्पित मेडल पहनाकर किया गया। इस अवसर पर जय हिंद ग्रुप के संचालक अनिल पाटिल, अध्यक्ष प्रभु मसानी सहित तैयारी कर रहे युवक उपस्थित रहे।सोनाली पिताजी सुरेश ने बताया कि उनका सपना पुलिस में जाने का था परंतु आर्थिक परेशानी के कारण वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाए ,परंतु उनका सपना बेटी सोनाली ने दिल्ली पुलिस में चयनित होकर पूरा कर दिया है ,मैं बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। जय हिंद ग्रुप को भी धन्यवाद आभार व्यक्त किया

बुधवार, 23 अप्रैल 2025

पहलगाम में कायराना आतंकवादी हमले के पीछे के लोगों को जल्द ही करारा जवाब मिलेगा, सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी: रक्षा मंत्री



 “हर भारतीय एकजुट है, हम ऐसी आतंकी गतिविधियों से कभी नहीं भयभीत नहीं हो सकते”,

श्री राजनाथ सिंह ने कहा- सरकार अस्थिर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सशस्त्र बलों को और भी सुसज्जित कर रही है,

 “हमारा लक्ष्य भारतीय वायुसेना को एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करना और रक्षा संप्रभुता हासिल करना है"

भारत - रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने यह आश्वासन दिया है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही भारतीय धरती पर उनके नापाक कृत्यों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में 23 अप्रैल, 2025 को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के मार्शल अर्जन सिंह पर एक स्मारक व्याख्यान देते हुए यह बात कही। उन्होंने आतंकवाद कतई बर्दाश्त न करने के भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर आवश्यक तथा उचित कदम उठाएगी।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एक पुरानी सभ्यता है और इतना बड़ा देश कभी भी किसी भी आतंकी गतिविधि से घबरा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि इस कायराना हरकत के खिलाफ हर भारतीय एकजुट है। श्री सिंह ने कहा कि न केवल हमला करने वालों को, बल्कि भारतीय धरती पर ऐसे नापाक कृत्य करने के लिए पर्दे के पीछे से साजिश रचने वालों को भी जल्द ही उचित जवाब दिया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने सीमा पार से सहायता प्राप्त आतंकवादी घटनाओं के संदर्भ में कहा, “इतिहास साक्षी रहा है कि देशों का पतन दुश्मन की हरकतों के कारण नहीं, बल्कि उनके अपने कुकर्मों के कारण हुआ है। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि सीमा पार के लोग इतिहास के सबक को और करीब से देखेंगे।”

श्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों द्वारा धर्म को निशाना बनाकर किए गए कायराना हमले में हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खो दिया है। इस अत्यंत अमानवीय कृत्य ने हमें बहुत पीड़ा पहुंचाई है। रक्षा मंत्री ने दुःख की इस घड़ी में दिवंगत जनों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बाद में रक्षा मंत्री ने भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता एवं समर्पण को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि वे एक दूरदर्शी सैन्य अधिकारी थे, जो आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। यदि आज भारतीय वायु सेना दुनिया की सबसे मजबूत वायु सेनाओं में से एक है, तो यह भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह जैसे सैन्य अधिकारियों के दूरगामी दृष्टि कोण और मूल्यों की वजह से है।"

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की शुरू से अब तक की यात्रा को एक महत्वाकांक्षी, प्रेरणादायक और परिवर्तनकारी बताया, जो न केवल आसमान छूने के बारे में है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के बारे में भी है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद, भारतीय वायुसेना स्वतंत्रता के बाद और अधिक मजबूत हुई है। श्री सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना आज एक सशक्त स्तंभ के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान सशस्त्र बलों को आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के आधार पर रूपान्तरित करने में है। उन्होंने भारतीय वायुसेना को क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता की ओर यात्रा एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता, सहयोग और एकीकृत दृष्टिकोण समय की मांग है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि वर्तमान में भारतीय वायुसेना अच्छी तरह से सुसज्जित व अत्यधिक प्रौद्योगिकी-उन्मुख है, तो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और भी मजबूत होगी।

श्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि आयात पर निर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है और यही कारण है, जो रक्षा संप्रभुता हासिल करने के लिए सरकार अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर रक्षा उपकरणों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है और रक्षा मंत्रालय के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, उन्नत कम भार वाले हेलीकॉप्टर ध्रुव, हल्के उपयोगिता वाले हेलीकॉप्टर प्रचंड, आकाश और ब्रह्मोस वायु रक्षा हथियारों को भारतीय डिजाइनरों, इंजीनियरों तथा वैज्ञानिकों की क्षमता के उज्ज्वल उदाहरण बताया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज रक्षा निर्माण में न केवल सार्वजनिक क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, बल्कि निजी उद्योग जगत भी इसमें बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहा है। रक्षा उत्पादन का क्षेत्र जैसे-जैसे तकनीक-उन्मुख होता जा रहा है, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई की भूमिका भी तेजी से बढ़ रही है। ये रक्षा नवाचार की रीढ़ साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हाई-टेक युद्ध में निजी क्षेत्र, स्टार्ट-अप्स व एमएसएमई की भूमिका और भी अधिक बढ़ने वाली है।

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एयरो-इंजन विकास को सरकार की प्राथमिकता वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इंजन को भारत में ही सह-विकास और सह-उत्पादन के मॉडल पर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और एलसीए मार्क-2 के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बताया कि एस्ट्रा मार्क-2, प्रलय, स्मार्ट, एंटी-फील्ड हथियार, एनजी एंटी-रेडिएशन मिसाइल तथा बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली सहित कई वायु रक्षा प्रणालियों पर काफी हद तक आत्मनिर्भरता हासिल की जा चुकी है और ये उत्पादन एवं विकास के विभिन्न चरणों में हैं।

रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 21वीं सदी में शक्ति का झुकाव एशिया की ओर होने के कारण हिंद-प्रशांत क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार अस्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और तकनीकी क्रांति से उत्पन्न जटिल चुनौतियों से निपटने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। श्री सिंह ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हाइपरसोनिक निर्देशित हथियार, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, साइबर व अंतरिक्ष तकनीक के बढ़ते उपयोग सहित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी सफलता ने आधुनिक युद्ध में अप्रत्याशितता एवं घातकता ला दी है, जिससे यह अपरंपरागत और अधिक अनिश्चित हो गया है। उन्होंने इन चुनौतियों और अनिश्चितताओं से निपटने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, वरिष्ठ असैन्य एवं सैन्य अधिकारी तथा भारतीय वायुसेना के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मी भी उपस्थित थे।

डिजिटल एम.बी. के माध्यम से ही होगा वेंडर, कांट्रेक्टरों का भुगतान : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर, एम.पी. ट्रांसको का डिजिटाइजेशन की दिशा में एक और प्रभावी कदम



जबलपुर- एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने अपने कार्यालयीन प्रक्रियाओं में नई तकनीकों के समावेश को आगे बढ़ाते हुए डिजिटाइजेशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यों के बिलों का भुगतान, जो पूर्व में भौतिक मापन पुस्तिका में मैन्युअल प्रविष्टि के बाद होता था, अब वह डिजिटल एम.बी. के माध्यम से ही होगा। एम.पी. ट्रांसको के विभिन्न विभागों में इसका उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मंत्री श्री तोमर ने बताया कि अब संपूर्ण मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के कार्यालयों में शत प्रतिशत पारदर्शिता के साथ वेंडर, ठेकेदारों आदि के बिल डिजिटल एम.बी. के माध्यम से भुगतान किये जा रहे हैं। इससे न केवल भुगतान की प्रक्रिया आसान हुई है बल्कि वेंडर, कॉन्ट्रेक्टर आदि भी अपने बिलों की करंट स्टेट्स से अवगत रहते हैं। साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर भुगतान प्राप्त भी हो रहा है।

इन हाउस विकसित किया-

एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री अजय पांडे ने बताया कि इस डिजिटल एम.बी. को कंपनी की आई.टी. एवं ई.आर.पी. सेल ने कंपनी के वित्तीय विभाग से समन्वय बनाकर इनहाउस विकसित किया है। डिजिटल एम.बी. में वेंडर और कॉन्ट्रेक्टर की उनके द्वारा किए गए कार्यों के पार्ट पेमेंट का नियमानुसार भुगतान करने की भी सुविधा दी गई है। सॉफ्टवेयर से किए गए कार्य, उपयोग हुआ मटेरियल और शेष कार्य तथा मटेरियल की गणना कर भुगतान की राशि निकल आती है।

क्या है डिजिटल एम.बी.

डिजिटल एम.बी. एक डिजिटल मापन पुस्तिका है। यह सरकारी कार्यालयों में बाहरी एजेंसी द्वारा किए गए कार्यों, सप्लाई किये गए मटेरियल के बदले भुगतान प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख होता है। यह किए गए कार्य की वास्तविक माप या गिनती का मूल अभिलेख कहलाता है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ई-एचआरएमएस मॉड्यूल की समीक्षा की, स्थानांतरण नीति के अनुरूप प्रक्रिया को पारदर्शी, सुविधाजनक एवं सरल बनाने के दिये निर्देश



भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली मॉड्यूल (ई-एचआरएमएस) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉड्यूल मध्यप्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति के सिद्धांतों एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्थानांतरण नीति का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉड्यूल में सभी आवश्यक मापदंडों का समावेश इस तरह से किया जाए कि किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में कर्मचारियों के स्थानांतरण पर लागू प्रतिबंध अगले कुछ दिनों में हटाया जाने वाला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी समयावधि को ध्यान में रखते हुए ई-एचआरएमएस मॉड्यूल की अंतिम टेस्टिंग पूर्ण कर ली जाए, ताकि प्रतिबंध हटते ही स्थानांतरण प्रक्रिया बिना किसी बाधा, सुगमता और पारदर्शिता के साथ संचालित की जा सके। 

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह मॉड्यूल प्रदेश में मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कर्मचारियों के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा। आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, विभागीय अधिकारी, एमपीएसईडीसी के तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित थे।

सैनिक कल्याण के लिए "झंडा निधि" में लक्ष्य से दो गुनी राशि जमा करने पर हरदा कलेक्टर श्री जैन हुए सम्मानित



हरदा- सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि की राशि लक्ष्य से अधिक जमा करने पर प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर जनसहयोग से लक्ष्य से अधिक राशि का संग्रहण एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने लक्ष्य से अधिक सहयोग राशि का संग्रहण करने वाले संभागायुक्तों और कलेक्टर्स के प्रयासों की सराहना की तथा सहयोगकर्ताओं का अभिनंदन किया। 

          उल्लेखनीय है कि हरदा जिले को सशस्त्र सैनिकों के कल्याण के लिए "सशस्त्र सेना झंडा निधि" के लिए वर्ष 2023-24 में कुल 2,50,800 रूपये जमा कराने का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के विरूद्ध 226 प्रतिशत राशि अर्थात लगभग 5,67,048 रूपये जमा कराने पर हरदा जिला प्रदेश में जिला तृतीय स्थान पर रहा है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने इस अवसर पर बताया कि हरदा जिला ‘‘झंडा दिवस निधि’’ के लिये लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण के मामले में पिछले 10 वर्षों से लगातार प्रदेश में ‘‘प्रथम तीन’’ जिलों में शामिल रहकर यह सम्मान प्राप्त करता रहा है।

मंगलवार, 22 अप्रैल 2025

केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार एम.पी. ट्रांसको की स्काडा प्रणाली का हुआ उन्नयन: ऊर्जा मंत्री श्री तोमर


अब निगरानी के साथ सबस्टेशनों का नियंत्रण भी संभव-

जबलपुर- मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रदेश में क्रियाशील एकस्ट्रा हाइटेंशन सबस्टेशनों की निगरानी (मॉनिटरिंग) के साथ अब इनका रिमोट से नियंत्रण (कंट्रोल) और संचालन का ऑपरेशन संभव हो सकेगा। इसके लिये एम.पी. ट्रांसको ने अपनी पुरानी स्काडा प्रणाली का केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार उन्नयन करते हुये अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई स्काडा प्रणाली (स्काडा सिस्टम) स्थापित कर क्रियाशील कर लिया है। विगत दिवस इसका संचालन नयागांव जबलपुर स्थित नये नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से प्रारंभ हुआ।

          ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने जानकारी दी कि लगभग 51.88 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस नये स्काडा सिस्टम में पुराने स्काडा सिस्टम के मुकाबले अनेक नये फीचर्स उपलब्ध है। भारत सरकार के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार नये स्काडा सिस्टम को नवीनतम तकनीकों और साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत किया गया है, अब प्रदेश के एकस्ट्रा हाइटेंशन सबस्टेशनों के प्रत्येक मिनिट का रियल टाईम डेटा प्राप्त कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे आधुनिक स्काडा सिस्टम की दक्षता और विश्वसनीयता में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही इससे सुरक्षा और डेटा विश्लेषण क्षमताओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्नयन (अपग्रेडेशन) से यह है फायदा:-

         एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि नए स्काडा सिस्टम में उन्नत फ़ायरवॉल और मल्टी-लेयर सुरक्षा तंत्र शामिल हैं, जो संभावित साइबर खतरों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके डैशबोर्ड में उन्नत डेटा विश्लेषण की सुविधा हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है। रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स से डेटा की सटीकता और प्रासंगिकता में सुधार होगा, जिससे बेहतर निर्णय लेने और त्वरित प्रतिक्रियाओं में मदद मिलेगी। यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस होने के कारण नया सिस्टम आधुनिक और सहज ग्राफिकल यूजर इंटरफेस से सुसज्जित है, जिससे ऑपरेटरों को अधिक कुशलता और सुविधा मिलती है। स्काडा सिस्टम का यह उन्नयन (अपग्रेडेशन) बदलते अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मानकों और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

सुरक्षित डेटा के लिये उपयोग होगा

ट्रांसको का लोकल एरिया नेटवर्क:- श्री सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में सायबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये स्काडा सिस्टम के डेटा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की आप्टिकल फायबर ग्राउंड वायर के माध्यम से लोकल एरिया नेटवर्क से प्राप्त होंगे, स्काडा को अपग्रेड करने में अधीक्षण अभियंता श्री मनीष खरे द्वारा संशोधित ड्राइंग-डिजाईन एवं सटीक टेडरिंग प्रक्रिया के साथ स्काडा के सहायक अभियंता श्री अतुल अग्रवाल के स्किल नॉलेज का योगदान रहा।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत "विश्व पृथ्वी दिवस" मनाया गया, ग्राम मांगरुल में बावड़ी की सफाई और चारूवा में नाला गहरीकरण कार्य के लिए ग्रामीणों ने किया श्रमदान

 



हरदा- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मंगलवार को "विश्व पृथ्वी दिवस" मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चारूवा में स्थानीय ग्रामीणजनों ने जन अभियान परिषद की चयनित संस्था युवा उपभोक्ता कल्याण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नाला गहरीकरण के लिए श्रमदान किया और पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच माखन सोलकी, युवा उपभोक्ता कल्याण समिति जिला अध्यक्ष संजय गंगराड़े भी उपस्थित रहे। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री संदीप गौहर ने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 80 ग्रामीणजनों ने श्रमदान किया। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हरदा विकासखंड के ग्राम मांगरूल में स्थानीय ग्रामीणजनों ने लगभग 300 वर्ष पुरानी बावड़ी की सफाई एवं गहरीकरण कार्य के लिए भी श्रमदान किया।

सोमवार, 21 अप्रैल 2025

नवजात व शिशु मृत्युदर में कमी हेतु गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की पहल, आईसीएमआर एवं एचआईएमएस के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन



भोपाल: शिशु रोग विभाग, गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के तत्वावधान में एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एचआईएमएस), देहरादून के सहयोग से “प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स)” कार्यशाला का आयोजन दिनांक 21 एवं 22 अप्रैल 2025 को किया जा रहा है। इस दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ कविता एन. सिंह ने किया। डॉ कविता एन. सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बाल स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। 

उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्तर के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट के वाइस चांसलर डॉ अशोक देवरारी तथा पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण कुमार द्वारा वर्चुअली संबोधन दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को आईसीएमआर द्वारा विकसित  मानक उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस परियोजना के तहत एमडी (बाल रोग) के विद्यार्थियों को उनके डीआरपी पोस्टिंग के दौरान नवजात एवं बच्चों के उपचार हेतु इन नवीनतम राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यशाला देश भर में बाल रोग चिकित्सा पद्धतियों को एकरूपता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रदेश भर में बाल रोग चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को नवीनतम राष्ट्रीय मार्गदर्शिकाओं से अवगत कराया जाएगा, जिससे शिशु एवं नवजात मृत्युदर को प्रभावी रूप से कम करने में सहायता मिलेगी। इस दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यशाला एक सशक्त कदम सिद्ध होगी। प्रशिक्षण में मुख्य अन्वेषक (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) डॉ जूही कालरा एवं डॉ अल्या गुप्ता प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट की सह-प्रमुख अन्वेषक (को -प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) डॉ ज्योत्स्ना श्रीवास्तव हैं, साथ में डॉ राजेश टिक्कास एवं डॉ अमित अग्रवाल भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े हैं। इस अवसर पर अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ भोपाल एवं ग्वालियर से आई हुई नर्सिंग फैकल्टी ने भी सहभागिता की।

Fire Safety Week की शुरुआत: पहले दिन सी एम एच ओ कार्यालय के अधिकारियों -कर्मचारियों ने समझे फायर सेफ्टी के उपाय, फायर सेफ्टी सप्ताह में अस्पतालों में आग से बचने के इंतजामों की होगी परख



भोपाल-अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिये फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जा रहा है। सप्ताह के पहले दिन 21अप्रैल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल के अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी पर हैंड्सऑन ट्रेनिंग दी गई। जिसमें आग से बचाव के तरीकों, इलेक्ट्रिकल फायर सेफ्टी, आकस्मिक स्थितियों में निकासी के तरीकों पर जानकारी दी गई। 21 से 26 अप्रैल तक संचालित ये सप्ताह "Unite to Ignite, a Fire Safe India" की थीम पर मनाया जा रहा है।

ग्रीष्मकाल में तापमान के बढ़ने तथा एयर कंडीशनर , कूलर इत्यादि उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण विद्युत प्रणाली पर अत्यधिक भार पड़ता है। इस कारण से अग्नि दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है । स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रावधानों की निगरानी के संबंध में तैयारियों को लेकर फायर सेफ्टी सप्ताह के दौरान उच्च विद्युत भार वाले चिकित्सकीय एवं अन्य उपकरणों के रखरखाव, गहन चिकित्सा इकाई , नवजात शिशु देखभाल इकाई , ऑपरेशन थिएटर आदि ऑक्सीजन समृद्ध वातावरण में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन, फायर रिस्पांस प्लान्स की उपलब्धता, ज्वलनशील सामग्रियों का उचित संधारण एवं निपटान की परख की जा रही है।

 बिस्तरीय क्षमता के अनुरूप फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, अग्नि सूचक तथा अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता के साथ-साथ उन्हें संचालित करने हेतु यूजर मैन्युअल की उपलब्धता , फायर रिस्पांस प्लान, अस्पताल कर्मचारियों व चिकित्सकों को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थिति में उपकरणों के उपयोग तथा कोड रेड ऑल क्लियर के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के पालन हेतु उन्मुखीकरण किया जा रहा है। 

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को फायर सेफ्टी से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं । स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकाल स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण,मॉक ड्रिल , फायर सेफ्टी सम्बन्धी दस्तावेजों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अग्नि से सुरक्षा के प्रावधानों को सुनिश्चित करने के लिए सभी अस्पतालों के कर्मचारी एवं चिकित्सकों को इसकी मानक प्रक्रियाओं के संबंध में उन्मुखीकरण करवाया जा रहा है। सभी अस्पतालों को नगर निगम एवं जिले के विद्युत सुरक्षा अधिकारी से समन्वय कर फायर सेफ्टी को सुनिश्चित करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री यादव ने खण्डवा कलेक्टर श्री गुप्ता को किया पुरस्कृत, स्मार्ट टीवी. के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में किया था नवाचार


खण्डवा - राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में 16 लोक सेवकों को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। इसी क्रम में खंडवा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता को पूर्व में देवास जिले में स्मार्ट टीवी से शिक्षा प्रदान करने जैसे उल्लेखनीय कार्य के लिए 1 लाख रुपये की राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र से मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया। 

पंच सरपंच सम्मेलन साकेतीकरण कार्यक्रम कार्यक्रम, ग्राम स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बने इसके लिए पंच सरपंच बेहतर कार्य करें- मंत्री श्री पटेल





खंडवा- म.प्र. शासन के सचिवालय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं श्रम विभाग श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सोमवार को मठ सरस्वती माता के चित्र महोत्सव में पंच सरपंच दर्शन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जन जातीय कार्य, लोक एनेकेट प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी एवं राहत राहत विभाग मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह उपस्थित थे। कार्यक्रम का अनावरण करते हुए मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि भारत के मनुष्य की कल्पना राज में ही की गई थी, जिसे महात्मा गाँधी, पृ. इन तीन भारतीय विचारकों ने भारतीय राजनीति में दिशा देने का काम किया। ईसाईराज की जो साइकोलॉजिकल पौराणिक कथा है जो हमारी माता-पिता और हमारे पंच भगवान में है। हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर और स्वावलंबन हो। महात्मा गांधी जी ने कहा था कि समाज व्यवहारिक रूप में होना चाहिए। प्रयोगशाला जी ने कहा जाति जैसी चेन भी तोड़ देनी चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को समानता का दर्जा देना चाहिए, हम उसे परिवार की तरह देखते हैं और अपने गांव को स्वावलंबन और आत्मनिर्भर बनाने का काम करते हैं। उन्होंने पंच सरपंचों से कहा कि आप अपने ग्रामों के सर्वे-सर्वा हो, यह गांव आपका है। आपको अपने तरीके से लॉग इन करना होगा, आपके पास पैसे की कमी नहीं है। लेकिन पैसे का उपयोग कैसे करेंगे यह आपको आपके और आपके ग्राम बजट का भविष्य बेहतर बनाएगा। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आपको अपनी पात्रता से आत्मनिर्भर स्वाबलंबन बनाना चाहिए। सभी टीचर्स में साइकोटा का भाव होना चाहिए और पांचवें साल के लिए कौन-से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब, सड़क, बांध बनाने के लिए तकनीक पर ध्यान दिया जाए। रसोई में बेहतर रिकार्ड रखने का कार्य कोई दूसरी संस्था नहीं कर सकती। आपने कहा कि नवीनल पंचायत भवन 3 पट्टियाँ बनाई जा रही हैं, जो ग्राम पंचायत द्वारा ही बनाई जाएंगी। 

 मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जलगंगा अभियान के तहत छोटी-छोटी नदियों को जोड़ा जाएगा, जिससे नालों में पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मेरी आठवीं नदी का उद्गम स्थल है, इस बार मैंने संकल्प लिया था कि तीन महीने में मध्य प्रदेश से आगरा वाली नदी का उद्गम स्थल पर एक बार खुद जा कर देखूंगा और कुछ कर सकूंगा तो जरूर बताएं। अजाविन्द राज के तहत जलगंगा में सफलता मिलेगी, नदियों का संगम होगा। जैसे हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं, वैसे ही वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाले हैं, इसलिए उनके लिए भी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि संगम मर्कर नदियों का हो, तने के पेड़ों का हो, यहीं जीवन है। 

 कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि मंत्री श्री पटेल के मार्गदर्शन में विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कालवा ब्लॉक की दो नदियों में स्टॉप डैम बांध 23 किमी. तक नदियों में पानी भर गया है और नदियों के दोनों प्रेमियों पर मूंग वज्र की खेती जवां भाईयों द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेकेट में काम करने का भाव अच्छा रहेगा, तभी अच्छा काम होगा। 

 जिले के 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उंडेल माल, ग्राम पंचायत कालमुखी, ग्राम पंचायत सेमल्या, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत नागालैंड, ग्राम पंचायत गोगाईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उंडेल माल, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत गोगाईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए भेजा गया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री विजय शाह बांस के द्वारा, संस्था मंत्री श्री पटेल को उद्योगपति की। कार्यक्रम में खंडवा विधानमंडल श्री ज्ञानेश्वर पटेल, विधायक श्रीमति कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमति छाया मोरे, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल, महापौर श्रीमती अमृता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिव्यदित्य शाह, मुख्य कार्यपालन पदाधिकारी जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गॉडा, यूनाइटेड डॉक्टरेट श्रीमति निकिता मंडलोई और श्री राजपाल सिंह तोमर सहित एसोसिएटेड अधिकारी मौजूद थे।