रविवार, 31 अगस्त 2025

प्रधान पाठक श्रीकृष्ण केशवरे को सेवानिवृत्ति पर दी गई भावभीनी विदाई

खंडवा- शिक्षा जगत में अपनी निष्ठा, अनुशासन और सेवा भावना से विशेष स्थान बनाने वाले प्राथमिक शाला बाराकुंड के प्रधान पाठक श्रीकृष्ण केशवरे 31 अगस्त को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत रोशनी के माता चौक में रविवार को ग्राम के गणमान्य नागरिकों द्वारा एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं अतिथि उपस्थितियां

समारोह की अध्यक्षता ग्राम पंचायत के उपसरपंच श्री शिव कोगे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रमोद अत्रे, जगन्नाथ संचार, जमना प्रसाद केशवरे, सीमा जायसवाल, श्वेता केशवरे, और विष्णु प्रसाद केशवरे मंचासीन रहे। ग्राम के गणमान्य नागरिक शिवशंकर जायसवाल, मनोज डोडे, गनी खान, राकेश सावनेर, गजाधर जायसवाल, श्री भदोरिया, गौरीशंकर कवाड़े, जनक विश्वकर्मा, जोशी जी, डा तापस मलिक, सुनिल विश्वकर्मा और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन इस अवसर पर उपस्थित रहे।

सम्मान और स्मृतियां

कार्यक्रम में श्री केशवरे के शिक्षा क्षेत्र में वर्षो की निस्वार्थ सेवा को याद करते हुए उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासनप्रियता और विद्यार्थियों के प्रति उनके स्नेह की मुक्तकंठ से सराहना की।

भावुक क्षण और प्रेरक संदेश

अपने विदाई संबोधन में श्री केशवरे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा: शिक्षक होना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक तपस्या है। बच्चों के जीवन को आकार देना एक विशेष सौभाग्य है, और मुझे गर्व है कि मैंने इस क्षेत्र में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया।"

उन्होंने अपने सहयोगियों, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों और शिक्षा विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना उनके जीवन का सबसे सुखद और संतोषजनक अनुभव रहा।

स्मरणीय संचालन और आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का संचालन पंचायत सचिव श्री राधेश्याम नागोले ने कुशलता से किया। आभार प्रदर्शन श्री बेनी प्रसाद बघेल द्वारा किया गया। 

श्रीकृष्ण केशवरे की सेवानिवृत्ति केवल एक अध्याय का अंत नहीं, बल्कि प्रेरणा का एक नया अध्याय है। उनका शिक्षण कार्य, जीवन मूल्य, और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श बने रहेंगे। उनकी सादगी, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें हमेशा स्मरणीय बनाए रखेगी।

मध्यप्रदेश में भी दिये जायेंगे स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड्स : मुख्यमंत्री डॉ. यादव, भोपाल में हुई क्रिएटर्स समिट - 2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए क्रिएटर्स अवार्ड्स

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हम डिजिटल युग में जी रहे हैं। सूचनाओं और घटनाओं का प्रसार बड़ी तेजी से होता है। ऐसे दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि आप लोग जो भी कंटेंट वायरल करेंगे, वही समाज तक पहुंचेगा। इसलिए अपने प्रभाव और ताकत का समाजहित में सही दिशा में सदुपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि सभी क्रिएटर्स को अपने दायित्व को समझते हुए अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज और देश के विकास में करना चाहिए। यही सच्ची समा सेवा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच और प्रभाव का उपयोग शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसीलिए हमारे सरकार प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए पब्लिक नेटवर्किंग को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिएटर्स से कहा कि वे सरकार के कामों को भी जनता तक पहुंचाये, सरकार क्रिएटर्स को सभी जरूरी मदद और सुविधाएं प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि अब मध्यप्रदेश में स्टेट क्रिएटर्स अवार्ड दिए जायेंगे। इसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार की जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की रात भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित भोपाल क्रिएटर्स समिट - 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां क्रिएटर्स द्वारा आयोजित टाक शो में भी हिस्सा लिया। टॉक शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में सोशल मीडिया से जुड़े क्रिएटर्स को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
समिट में प्रदेश भर से आए यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल आर्टिस्ट्स ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कंटेंट मॉनेटाइजेशन, ऑडियंस इंगेजमेंट और डिजिटल दुनिया के नए ट्रेंड्स पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 प्रकार की अवार्ड कैटेगरी में बेस्ट परफॉर्मर क्रिएटर्स को ‘क्रिएटर्स अवार्ड्स’ भी प्रदान किए।
समिट में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि क्रिएटर्स ने दुनिया की सोच बदल दी है। ये एक नई तरह की आरेन्ज इकानामी है जो अब दुनिया में 6 ट्रिलियन डातर की हो गई है। उन्होंने कहा कि आप अपनी क्रियेटिव सोच के साथ आगे बढ़, सरकार आपके अच्छे काम में आपके साथ है।
कार्यक्रम में डिजिटल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्रिएटर्स को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री मयंक तिवारी, श्री नमन देशमुख सहित बड़ी संख्या में युवा इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल आर्टिस्ट्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद थे।

"यह मेरा नहीं, निमाड़ वासियों का सम्मान है"– पद्मश्री जोशीला, सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी एवं लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ भव्य सम्मान समारोह

खंडवा- निमाड़ की मिट्टी की खुशबू और शब्दों की आत्मा से सराबोर पद्मश्री जगदीश चंद्र 'जोशीला' का भव्य सम्मान समारोह खंडवा में संपन्न हुआ। साहित्य और संस्कृति को समर्पित यह आयोजन सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी एवं मध्यप्रदेश लेखक संघ, जिला इकाई खंडवा के संयुक्त तत्वावधान में नीलम बजाज के निवास स्थान, अशोका हॉल में आयोजित किया गया। समारोह में निमाड़ी साहित्य, भाषा, कला और क्षेत्रीय गौरव को केंद्र में रखते हुए अनेक गरिमामयी क्षणों की अनुभूति हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जगदीश चंद्र चौरे ने की तथा वरिष्ठ साहित्यकार गोविंद शर्मा और साहित्यसेवी देवेंद्र जैन विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से हुआ, जिसका मधुर गायन मंगला चौरे द्वारा किया गया।
🏅 जोशीला ने कहा – “सम्मान मेरा नहीं, पूरे निमाड़ का है”
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री जगदीश चंद्र 'जोशीला' ने अपने भावविभोर वक्तव्य में कहा:
"यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं, बल्कि निमाड़ की बोली-बानी, साहित्य और जनता का है। मैं केवल माध्यम हूं, असली सम्मान इस माटी का है।"
उन्होंने निमाड़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिलाने की जरूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि हम सभी निमाड़ी भाषा के प्रचार-प्रसार में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद नहीं, पहचान होती है, और निमाड़ की पहचान को देश भर में स्थापित करना हमारी जिम्मेदारी है।
🎬 बाल कलाकार आशीष पेंड्से का भी हुआ सम्मान
इस अवसर पर हिन्दी सिनेमा की चर्चित फिल्म "तारे ज़मीं पर" में बाल कलाकार के रूप में अभिनय कर ख्याति प्राप्त करने वाले आशीष पेंड्से का भी सम्मान किया गया। सुरभि साहित्य संस्कृति अकादमी के पदाधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदित किया।
📖 साहित्य की महक: काव्यगोष्ठी रही कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति
समारोह के अगले चरण में एक सुगंधित काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें खंडवा और आसपास के रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट कविताएं, ग़ज़लें और भावनाओं की प्रस्तुतियां दीं। काव्य पाठ करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल थे:
डॉ. मनोरमा उपाध्याय, रश्मि दीक्षित, देवेंद्र जैन, मंगला चौरे, सुनील उपमन्यु, सुरेंद्र गीते, राधेश्याम शाक्य, कविता विश्वकर्मा, राजमाला आर्य, ओम चौरे, महेश मूलचंदानी, सुनील जैन, शैलेश पालीवाल, गणेश भावसार, दीपक चाकरे, दीपक सोनी, नीलम बजाज, नानक बजाज आदि।
सभी रचनाकारों ने या तो निमाड़ी भावभूमि को छुआ या फिर सामाजिक सरोकारों को स्वर देते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
👏 आयोजन की सराहना
समारोह का संचालन साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष मंगला चौरे ने कुशलता से किया, जिन्होंने समयानुसार कार्यक्रम को गति और गरिमा दोनों प्रदान की।
अंत में देवेंद्र जैन ने समस्त उपस्थित अतिथियों, रचनाकारों, आयोजकों और आमंत्रित श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया।
यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि निमाड़ की सांस्कृतिक पहचान, साहित्यिक समर्पण और भाषा की गरिमा का उत्सव था। पद्मश्री जोशीला का वक्तव्य, बाल कलाकार आशीष का सम्मान और रचनाकारों की प्रस्तुतियां – सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि निमाड़ अब केवल भूगोल नहीं, बल्कि भावों का गौरव है।

🔔 वाहन मालिक ध्यान दें! मोबाइल नंबर अपडेट नहीं तो नहीं मिलेगी परिवहन सेवाएं, परिवहन विभाग का नया डिजिटल अभियान – मोबाइल नंबर अपडेट करना जरूरी

खंडवा- मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में पंजीकृत वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े डाटाबेस को अद्यतन करने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान खासतौर पर वाहन मालिकों के मोबाइल नंबर अपडेट करने पर केंद्रित है, जिससे विभागीय सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली बन सकें।

🔎 क्यों जरूरी है मोबाइल नंबर अपडेट करना?

वर्तमान में परिवहन विभाग की लगभग सभी सेवाएं — जैसे वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, टैक्स भुगतान, चालान इत्यादि — डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इन सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता को वन टाइम पासवर्ड (OTP) के माध्यम से सत्यापन करना होता है, जो वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।

हालांकि, कई मामलों में देखा गया है कि वाहन की खरीद के समय डीलर द्वारा अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया गया, या फिर वर्षों पहले दर्ज किया गया नंबर अब बदल चुका है। ऐसी स्थिति में न तो मालिक को चालान की सूचना मिलती है और न ही वह अन्य ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पाता है।

🌐 कैसे करें मोबाइल नंबर अपडेट?

परिवहन विभाग द्वारा यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सुरक्षित बनाई गई है। वाहन स्वामी स्वयं घर बैठे ही मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं:

1. सारथी पोर्टल पर लॉग इन करें:

वेबसाइट: https://transport.mp.gov.in

2. आधार आधारित प्रमाणीकरण करें:

वाहन मालिक का नाम, अभिभावक का नाम और अन्य विवरण आधार से मेल खाने चाहिए।

3. नाम मेल खाने पर:

यदि नाम और विवरण मेल खाते हैं, तो मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट हो जाता है।

4. नाम में अंतर होने पर:

आवेदक को कोई वैकल्पिक पहचान पत्र (जैसे आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट) अपलोड करना होगा।

संबंधित आरटीओ कार्यालय दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।

स्वीकृति मिलने पर मोबाइल नंबर अपडेट कर दिया जाएगा।

📢 विभाग ने क्या कहा?

परिवहन विभाग ने बताया कि यह अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

गलत नंबर दर्ज होने के कारण वाहन स्वामी को चालान की जानकारी नहीं मिल पाती।

सेवाओं से वंचित रह जाने का खतरा बढ़ जाता है।

न्यायालयीन कार्रवाई होने पर समन की सूचना भी छूट सकती है।

विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे तुरंत मोबाइल नंबर अपडेट करें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

📷 स्क्रीनशॉट व गाइड उपलब्ध

इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विभाग ने अपने पोर्टल पर स्क्रीनशॉट्स सहित विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध करवाई है, जिससे आम नागरिक सरलता से प्रक्रिया को समझ और पूरा कर सके।

❗अगर मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किया तो?

OTP आधारित सेवाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।

चालान की सूचना समय पर नहीं मिलेगी।

लंबित चालान होने पर सेवाएं रोक दी जाएंगी।

न्यायालय द्वारा समन भेजा जा सकता है।

यह अभियान परिवहन व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हर वाहन मालिक को चाहिए कि वह बिना देर किए अपना मोबाइल नंबर अपडेट करे। यह न सिर्फ कानूनी रूप से आवश्यक है, बल्कि आपकी सुरक्षा और सुविधा के लिए भी जरूरी है।

👉 मोबाइल अपडेट करने के लिए आज ही विजिट करें:

https://transport.mp.gov.in

प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य: परिवहन विभाग का विशेष अभियान शुरू

खंडवा- प्रदेशभर में वाहनों की सुरक्षा और सुव्यवस्थित पंजीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में यह निर्णय लिया गया है, जिसके तहत आगामी 3 माह में सभी वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या है HSRP (High Security Registration Plate)?
HSRP एक विशेष प्रकार की नंबर प्लेट होती है, जो एल्यूमिनियम की बनी होती है और उसमें एक यूनिक लेजर कोड व क्रोमियम आधारित हॉलोग्राम होता है। यह नंबर प्लेट फर्जी नंबर प्लेट और वाहन चोरी जैसे अपराधों को रोकने में सहायक होती है। साथ ही, यह ट्रैफिक कैमरा आधारित मॉनिटरिंग को सटीक बनाती है।
अभियान की पृष्ठभूमि और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के परिवहन विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सभी पंजीकृत वाहनों में HSRP अनिवार्य रूप से लगाई जाए। विशेष रूप से 1 अप्रैल 2019 के पहले पंजीकृत पुराने वाहनों में अब तक HSRP नहीं लगी है, जिसे लेकर कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता जताई गई है।
राज्य सरकार ने इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए जिलेवार निगरानी के निर्देश दिए हैं और सभी जिला परिवहन अधिकारियों को अपने क्षेत्र के वाहन डीलर्स से नियमित समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
HSRP नहीं लगवाने पर क्या होगा?
परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि HSRP न होने की स्थिति में वाहन स्वामियों को कई सेवाएं नहीं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं:
1. पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा।
2. डुप्लीकेट RC, पता परिवर्तन, स्वामित्व परिवर्तन, हाइपोथिकेशन जोड़ना/हटाना संभव नहीं होगा।
3. परमिट जारी करना, नवीनीकरण या ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।
4. कराधान प्राधिकरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं होंगे।
5. फिटनेस प्रमाण पत्र और उसका नवीनीकरण संभव नहीं होगा।
6. वाहन पोर्टल के माध्यम से दी जाने वाली सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
इस प्रकार, यदि HSRP नहीं लगाई गई है, तो वाहन मालिक को प्रशासनिक, कानूनी और तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
कैसे लगवाएं HSRP?
वाहन मालिक अपने वाहन डीलर या परिवहन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से HSRP के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वाहन के विवरण, पंजीयन नंबर और चेसिस नंबर की जानकारी के साथ आवेदन करने के बाद, नजदीकी डीलर से प्लेट लगवाना संभव होगा।
NIC वाहन पोर्टल पर वाहन की अद्यतन स्थिति दर्ज की जाएगी और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की ट्रैफिक जांच, टैक्सेशन या बीमा से संबंधित प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए।
सड़क सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम
HSRP नंबर प्लेट में लगे यूनिक कोड के माध्यम से किसी भी वाहन की पहचान करना आसान हो जाता है। इससे चोरी रोकने, अपराधियों की पहचान करने और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी कार्रवाई संभव होती है। कैमरा आधारित ट्रैफिक सिस्टम और ई-चालान जैसी व्यवस्थाएं तभी सफल हो सकती हैं जब वाहनों में मानकीकृत नंबर प्लेट्स हों।
देर न करें, जल्द लगवाएं HSRP
यदि आपके वाहन में अब तक HSRP नहीं लगी है, तो इसे जल्द से जल्द लगवाना जरूरी है। यह न केवल एक कानूनी बाध्यता है, बल्कि आपकी वाहन सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए जरूरी है। परिवहन विभाग की आगामी कार्रवाई में आपका वाहन सेवाओं से वंचित न हो, इसके लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने शतरंज प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया

खंडवा- जिला शतरंज संघ, खंडवा द्वारा 15 हजार रुपए की ईनामी राशि की शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन कोठारी ट्यूटोरियल, जयनगर, खंडवा में किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 68 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया । सीनियर वर्ग में 5 राउंड के पश्चात 5 अंक लेकर वैभव तोमर प्रथम, डॉ. वेद प्रकाश मलानी द्वितीय एवं सुनील जैन तृतीय रहे।
        अंडर 9, अंडर 11 और अंडर 14 में प्रथम रहे खिलाड़ियों को भी ट्राफी प्रदान की गई। इस पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने बच्चों को सभी प्रतियोगिताओ में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस अवसर पर शतरंज की जीवन में उपयोगिता को विस्तार से समझाते हुए टिप्स देते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह का संचालन अजीत जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर संघ के श्री राजेश बछानिया, रविंद्र थत्ते, मनीष अग्रवाल, वेद प्रकाश मलानी के साथ ही श्री सुनील जैन,अजय दवे, अनुराग वाजपेई, राजकुमार गुप्ता, पंकज मूंदड़ा, सत्यनारायण राठौड़ , डॉ. सिद्धार्थ श्रीमाली, डॉ. अत्रिवाल, जितेंद्र पटेल, पार्थ, मानस, शिखर , मनीष के साथ बड़ी संख्या में बच्चों के पालकगण भी मौजूद थे।

मासूमियत पर हमला, इंसाफ की तेज़ दस्तक- खंडवा पुलिस की बड़ी सफलता

खंडवा, मध्यप्रदेश- खंडवा जिले की नर्मदा नगर थाना पुलिस ने एक संवेदनशील मामले में तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका को अपहरण और यौन शोषण के आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे "नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और बरामदगी अभियान" के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य है— गुमशुदा या अपहृत बालिकाओं को जल्द से जल्द खोज निकालना और उनके साथ हुए किसी भी प्रकार के अपराध पर तत्काल प्रभाव से कठोर कानूनी कार्रवाई करना।
घटना का संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण विवरण
दिनांक 1 अगस्त 2025 को एक नाबालिग बालिका घर से बिना बताए लापता हो गई। परिजनों द्वारा खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला, तो 4 अगस्त को थाना नर्मदा नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजन ने आशंका जताई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एफआईआर क्रमांक 194/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में मामला दर्ज कर लिया और विवेचना प्रारंभ की। प्रारंभिक जांच के दौरान मिले सुरागों और तकनीकी सहायता से यह स्पष्ट हुआ कि बालिका को एक युवक अपने साथ इंदौर जिले की ओर ले गया है।
जांच में तकनीकी सहायता और टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
जांच की कमान एसडीओपी मूंदी श्री मनोहर सिंह गवली और थाना प्रभारी विकास खिंची ने संभाली। उनके नेतृत्व में पुनासा चौकी प्रभारी उनि. राजेन्द्र सयदे, प्र. आर. 413 अरविंद बालके सहित एक विशेष टीम गठित की गई। सायबर सेल की सहायता से मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों को ट्रैक कर टीम ने आरोपी और बालिका की लोकेशन का पता लगाया।
30 अगस्त 2025 को टीम ने थाना सिमरोल (जिला इंदौर) से नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाब कर लिया। आरोपी की पहचान विजय पिता मुन्नालाल पुरी (उम्र 23 वर्ष, जाति गोस्वामी, निवासी चौरल, जिला इंदौर) के रूप में हुई।
पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस द्वारा बालिका के बयान लिए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया। बालिका के अनुसार आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया, जिसके बाद प्रकरण में पॉक्सो एक्ट की धाराएं 87, 64(2)m, और 5L/6 जोड़ी गईं। आरोपी विजय पुरी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर 31 अगस्त 2025 को विशेष न्यायालय खंडवा में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जिला जेल खंडवा भेजने के आदेश दिए।
पुलिस की सक्रियता और जिम्मेदारी की मिसाल
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जो सक्रियता देखने को मिली, वह काबिल-ए-तारीफ है। न सिर्फ़ जांच में तेजी दिखाई गई, बल्कि तकनीकी संसाधनों का कुशल उपयोग कर आरोपी तक पहुँचना और बालिका को सकुशल लाना अपने-आप में प्रशंसनीय है।
इस सराहनीय कार्रवाई में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अहम रही, वे हैं:
निरीक्षक विकास खिंची (थाना प्रभारी, नर्मदा नगर)
उप निरीक्षक राजेन्द्र सयदे (चौकी प्रभारी, पुनासा)।
उप निरीक्षक सरोज मुवेल।
प्रधान आरक्षक: अरविंद बालके, जितेंद्र।
आरक्षक: नन्हीलाल यादव, अन्य।
सायबर सेल टीम: प्र. आर. जितेंद्र राठौर, विक्रम वर्मा, सुनील लांडके।
कानून व्यवस्था की मजबूती के साथ समाज को संदेश
इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी होती हैं, लेकिन जब पुलिस इतनी तत्परता से कार्रवाई करती है, तो यह न सिर्फ़ पीड़ित परिवार के लिए न्याय का मार्ग खोलता है, बल्कि समाज को यह भरोसा भी दिलाता है कि कानून और व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और जागरूक है।
यह भी ज़रूरी है कि अभिभावक, स्कूल, और समाज सभी मिलकर बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए प्रयास करें। टेक्नोलॉजी जहां सुविधा का माध्यम है, वहीं उसके दुरुपयोग से बच्चों को खतरे में डालने वाले लोग भी सक्रिय हैं।
खंडवा पुलिस की यह त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई एक आदर्श उदाहरण है कि यदि पुलिस, तकनीकी संसाधन और सामाजिक सहयोग मिलकर काम करें, तो सबसे कठिन मामलों में भी न्याय और सुरक्षा संभव है।

झूलेलाल के दीवानों ने मनाया 17 सजातीय बंधुओं का एक साथ जन्मदिन, समाज की एकता के लिए संयुक्त रूप से मना रहे जन्मदिन....कमल नागपाल

खंडवा- दीवाने झूलेलाल साईं के....संस्था के सदस्यों ने एक बार फिर 17 सजातीय बंधुओं का जन्मदिन एक साथ मनाया।अब तक समाज के 600 से अधिक बंधुओं के जन्मदिन मनाए जा चुके हैं।
कार्यक्रम संयोजक विक्रम सहजवानी और जैकी रेवतानी ने बताया कि समाज के सभी वर्गों के बंधुओं का जन्मदिवस एक साथ सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में मनाया जा रहा है।इस आयोजन में सिंधी कॉलोनी, टैगोर कॉलोनी के साथ ही पदम नगर के सजातीय बंधु भी शामिल हो रहे हैं।
शुक्रवार रात्रि 10 बजे मंदिर परिसर में हुए इस आयोजन का संचालन करते हुए समाज के प्रवक्ता कमल नागपाल ने कहा कि जब भी कोई अच्छा कार्य प्रारंभ किया जाता है, लोग निरंतर जुड़ते जाते हैं और सफलता अर्जित होती जाती है।यह कार्यक्रम पूर्ण गैर राजनीतिक है और इसका एकमात्र उद्देश्य समाज को आपस में जोड़ना है।
भीड़ नहीं समाज का एकत्रीकरण
कार्यक्रम में पूज्य सिंधी पंचायत के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए।अतिथि सिंधी समाज के प्रभारी अध्यक्ष मोहन दीवान ने कहा कि यह भीड़ नहीं है,यह समाज का एकत्रीकरण है।निस्वार्थ भाव से सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लाना अनुकरणीय है।इससे सामाजिक एकता बढ़ती है।
उल्लेखनीय है कि श्री झूलेलाल मंदिर परिसर में हो रहे इस बधाई के कार्यक्रम में नीरज फतवानी,कमल नागपाल,विक्रम सहजवानी,किशोर चंदवानी,लेखराज हेमवानी, जैकी रेवतानी,दयाराम नेभनानी,हरु आसवानी,अमित वेढ़ानी,कैलाश चंचलानी,हरीश रिझवानी,प्रदीप कोटवानी,अजय विधानी,अनिल सहजवानी,मुरली डोडानी,मनोज चंचलानी,सुनील चचलानी शम्मू,अनिल सभनानी,जयराम रेवतानी,साहिल मंगवानी,विजय पारवानी और नरेश लालवानी जन्मदिन के कार्यक्रम में नियमित रूप से शामिल होकर टीम वर्क से कार्य कर रहे हैं।वहीं विगत रात्रि का कार्यक्रम में पूज्य सिंधी पंचायत के प्रभारी अध्यक्ष मोहन दीवान,सलाहकार अनिल आर तानी,सहयोगी सदस्य राम वासवानी,मनोहरलाल संतवानी और पार्षद पवन गोस्वामी भी उपस्थित रहे।
अन्य स्थानों पर भी हो ऐसे अनुकरणीय कार्य
जन्मदिन मनाने वाले युवाओं की ओर से समाजसेवी अनिल आरतानी ने कहा कि आपकी टीम को साधुवाद।अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के सामाजिक सद्कार्य किए जाने चाहिए।कार्यक्रम में केक काटकर सभी का जन्मदिन मनाया गया बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।संचालन कमल नागपाल ने किया और आभार नीरज फ़तवानी ने व्यक्त किया।

संस्कारों के साथ जीवन उत्सव – प्रेरणा बनीं आराधना सोलंकी

खंडवा- गायत्री परिवार के दिव्य वातावरण में जब जीवन के विशेष अवसर को यज्ञ जैसे आध्यात्मिक संस्कार से जोड़ा जाता है, तो वह क्षण मात्र व्यक्तिगत नहीं रह जाता, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।
ऐसा ही प्रेरणादायक आयोजन हुआ गायत्री शक्तिपीठ, खंडवा में, जहाँ करणी सेना मुंबई की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय ब्रांड एम्बेसडर (थाई बॉक्सिंग) सुश्री आराधना सोलंकी (ग्राम टेमी, विकासखंड पंधाना) का जन्मदिवस यज्ञ के माध्यम से मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्य यज्ञ संचालन आदरणीय आनंदीलाल सोनी, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी द्वारा किया गया। गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियों के साथ उपस्थित परिजनों ने आराधना जी के दीर्घायु, यशस्वी एवं स्वास्थ्यपूर्ण जीवन की मंगलकामनाएँ कीं।
इस पावन अवसर पर भगवती महिला मंडल से श्रीमती अरुणा शर्मा, निर्मला पटेल, ऊमा सोलंकी, उर्मिला पांचाल, एवं महाकाल मंडल से आशीष पटेल, देवा जी भावसार, राजेन्द्र बिल्लोरे, अशोक यादव, संजय महाजन, अनिल यादव, राजु सैनी, ईश्वर चिरौलिया व अन्य परिजनों की उपस्थिति रही।
वरिष्ठ परिजन प्रभुलाल तिरोले एवं राम पांचाल (परिवारजक) ने भी अपनी गरिमामयी सहभागिता से आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जन्मदिवस का उत्सव मनाना था, बल्कि संस्कारों के माध्यम से जीवन को चेतना व संस्कृति से जोड़ना भी रहा।
इस पुनीत आयोजन की जानकारी मीडिया प्रभारी श्री दिलीप भावसार (देवा जी) द्वारा दी गई।
ऐसे आयोजन समाज में संस्कृति, श्रद्धा और संयम के बीज बोते हैं। गायत्री परिवार की यह पहल नई पीढ़ी के लिए एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।

शनिवार, 30 अगस्त 2025

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल को दिनचर्या में शामिल करें - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, राष्ट्रीय खेल दिवस पर सांसद खेल महोत्सव में हुए शामिल

भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल को दिनचर्या में शामिल करें तथा कोई न कोई खेल अवश्य खेलें। स्पोर्ट्स काम्पलेक्स रीवा में सांसद खेल महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मेजर ध्यानचन्द्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। शरीर को स्फूर्तिवान व स्वस्थ रखने में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। 
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में खेल सुविधाओं के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। स्पोर्ट्स काम्पलेक्स इसी का उदाहरण है जहाँ विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन होता रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि वह अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करें। खेल सुविधाओं में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।       खेल महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन के प्रथम दिवस पर फिट इंडिया की शपथ ली गई। स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में 400 मीटर रिले रेस का आयोजन हुआ। रिले रेस सहित अन्य खेलों में विजेता प्रतिभागियों को उप मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, सतीश सिंह, संभागीय खेल अधिकारी जेपी धौलपुरी, असद खान, मोहनलाल शुक्ला सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

रोशनी के मेगा स्वास्थ्य शिविर में 9219 मरीजों का हुआ उपचार, 230 महिलाओं की सोनोग्राफी, और स्तन कैंसर के 36 संभावित मरीजों की हुई मेमोग्राफी

हृदय रोग के 68 मरीजों की हुई ईको कार्डियोग्राफी जांच
खंडवा- जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ भारत सरकार के जनजातीय कार्य विभाग के राज्य मंत्री श्री डीडी उइके और मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर, और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री उईके ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई "आयुष्मान भारत योजना" देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े-बड़े शहरों के जाने माने प्राइवेट अस्पतालों में अपने आयुष्मान कार्ड की मदद से एक साल में 5 लाख रुपए तक का उपचार निःशुल्क करवा सकता है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रमिला सिलारे और श्रीमती जमुना बाई, खालवा की जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और हरसूद के एसडीएम श्री रमेश खतेड़िया और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। 
       केंद्रीय मंत्री श्री उईके ने इस अवसर पर कहा कि हम योग को अपना कर और स्वस्थ जीवन शैली की मदद से स्वस्थ रह सकते हैं, और बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि आज के शिविर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने परिवारजनों की बीमारियों का उपचार निःशुल्क करवाएं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों का एक वर्ष में 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क उपचार करने की सुविधा सरकार ने दी है। 
       मंत्री डॉ. विजय शाह ने इस अवसर पर कहा कि आज आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर हरसूद विधानसभा क्षेत्र में अब तक आयोजित सबसे बड़ा स्वास्थ्य शिविर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर इसी तरह का मेगा स्वास्थ्य शिविर और फॉलोअप शिविर आयोजित किया जाएगा। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि "आयुष्मान भारत योजना" लागू होने के बाद से देश के गरीब परिवारों को बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक का उपचार निःशुल्क करवाने की सुविधा मिल गई है। इस योजना के प्रारंभ हो जाने से गरीब परिवारों को अपने परिवारजनों के उपचार के लिए अब कर्ज नहीं लेना पड़ता है। कार्यक्रम में अतिथियों ने दिव्यांगजनों को मेडिकल बोर्ड के द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा कुपोषित बच्चों को पोषण आहार किट वितरित की। शिविर में हितग्राही अजय चौहान को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही मानसी नावरे, राजंती बाई और सिद्धार्थ को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
          ग्राम रोशनी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में अरविंदो हॉस्पिटल द्वारा महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए मैमोग्राफी परीक्षण हेतु चलित इकाई की सुविधा प्रदान की गई। इसी तरह महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर के परीक्षण के लिए तथा ओरल कैंसर की पहचान के लिए भी अरविंदो हॉस्पिटल द्वारा चालित इकाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा शिविर में इको कार्डियोग्राफी मशीन के माध्यम से हृदय रोग के मरीजों की भी निःशुल्क जांच की गई। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने किया। शिविर में आल इज वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर के किडनी रोग विशेषज्ञों ने भी अपनी सेवाएं दीं।
         मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि संभाग आयुक्त इंदौर संभाग श्री दीपक सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन के सहयोग से शिविर में इंदौर से अरविंदो मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, केयर सीएचएल हॉस्पिटल, मेदांता हॉस्पिटल, अष्टांग आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, शंकरा नेत्रालय, विशेष जूपिटर हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल, राजश्री हॉस्पिटल, कोकिलाबेन धीरुभाई अम्बानी हॉस्पिटल, शैल्बी हॉस्पिटल, बुरहानपुर से शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय मेडिकल कॉलेज खण्डवा और जिला चिकित्सालय खण्डवा के चिकित्सकों ने भी सेवाएं दी। डॉ. जुगतावत ने बताया कि शिविर में 9219 मरीजों का जांच परीक्षण कर उपचार किया, जिसमें 5009 पुरुष एवं 4210 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में 68 मरीजों की ईको कार्डियोग्राफी जांच की गई। जांच के बाद शिविर में 4 बच्चों का हृदय की सर्जरी के लिए चयन किया गया। कुल 36 महिलाओं की मेमोग्राफी के माध्यम से स्तन कैंसर की जांच की गई, जबकि सर्वाइकल कैंसर के संभावित 56 मरीजों की जांच की गई। स्वास्थ शिविर में कुल 113 मरीजों की ईसीजी जांच की गई तथा 225 की जनरल सोनोग्राफी की गई। स्वास्थ्य शिविर में ओरल कैंसर के 48 संभावित मरीजों की जांच की गई। स्वास्थ शिविर में कुल 225 मरीजों का एक्स-रे किया गया। इसके अलावा 1638 ग्रामीणों की सिकलसेल एनीमिया संबंधी जांच की गई और 3280 मरीजों की पैथोलॉजी जांच की गई। शिशु रोग के 568, मधुमेह के 264, उच्च रक्तचाप के 528, चर्म रोग के 361, हड्डी रोग के 397, ईएनटी के 388, नेत्र रोग के 841, क्षय रोग के 107 कुष्ठ रोग संबंधी जांच 25 मरीजों की की गई। डॉ. जुगतावत ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में 85 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड व 62 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाये गये। 
स्वास्थ्य शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, खालवा के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कटारिया व मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. रंजीत बड़ोले, सहायक अधीक्षक डॉ. सुनील बाजोलिया, आरएमओ डॉ. एम. कलमे व अन्य चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टॉफ ने भी अपनी सेवाएं दी।

जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके एवं प्रदेश मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने भी किया संबोधित

खंडवा- खंडवा जिले के खालवा विकासखंड स्थित ग्राम रोशनी में आज एक भव्य जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में इंदौर के प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा प्रदान की। शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, मेमोग्राफी, सोनोग्राफी, पैथालॉजिकल जांच और सिकल सेल जांच जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके और प्रदेश के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने भी भाग लिया और संबोधन दिया। दोनों नेताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इन निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं और अपनी सेहत का ख्याल रखें।इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 9219 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 5009 महिला मरीजों और 4210 पुरुष मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाएं लीं। शिविर में कुल 113 मरीजों की ईसीजी जांच, 68 मरीजों की ईको कार्डियोग्राफी, और 230 जनरल सोनोग्राफी सहित कुल 455 सोनोग्राफी की गईं। इसके अतिरिक्त, सर्वाइकल कैंसर की जांच 56 मरीजों की, मेमोग्राफी 36 महिलाओं की, ओरल कैंसर की जांच 48 मरीजों की, और सिकल सेल एनीमिया की जांच 1638 मरीजों की की गई।
इस शिविर में 4 बच्चों का चयन सर्जरी के लिए किया गया, जिनका आगे का नि: शुल्क उपचार किया जाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना था। शिविर में पैथालॉजिकल जांच की सुविधा भी दी गई, जिसमें 3280 मरीजों के टेस्ट किए गए। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में, सिकल सेल एनीमिया के लिए 1638 मरीजों की जांच की गई, जो विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है।
इस स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रशासनिक टीम ने अपनी समर्पित मेहनत से सुनिश्चित किया कि सभी जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिल सकें।
इस प्रकार के शिविर न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाते हैं, बल्कि यह लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्म-देखभाल की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। इस पहल से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है और भविष्य में इस प्रकार के शिविरों के आयोजन की योजना है, ताकि और अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

एमपी ट्रांसको इंदौर के अजीत कुमार नापित जबलपुर में सम्मानित

जबलपुर- मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी( एमपी ट्रांसको )के 400 केवी सबस्टेशन इंदौर में पदस्थ अजीत कुमार नापित ने 40 वर्ष पुराने डीजल चालित एरियल वर्क प्लेटफार्म को अपने तकनीकी कौशल और इच्छा शक्ति के सहारे स्क्रैप मोटर का उपयोग कर हाइड्रोलिक सिस्टम में परिवर्तित कर पुनः चालू कर दिया। इस नवाचार से सबस्टेशन में मेंटेनेंस कार्य तेज और सुलभ हो गया साथ ही कंपनी को महत्वपूर्ण आर्थिक बचत भी हुई।
उनके इस सराहनीय कार्य हेतु जबलपुर मुख्यालय में आयोजित समारोह में प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, सिल्वर मेडल एवं नगद पुरस्कार से सम्मानित किया।

आज खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का किया जा रहा आयोजन

खंडवा- इंदौर संभाग के निर्देश पर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मेगा स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर लगाया गया हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि शिविर में इंदौर के प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य जांच और परामर्श दे रहे हैं। एक्स-रे, ईसीजी, मेमोग्राफी, सोनोग्राफी, पैथालॉजी जांच और सिकल सेल जांच की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। दवाइयां भी मुफ्त में दी जा रही हैं। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाईकिल, व्हीलचेयर और हियरिंग एड जैसे उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रही हैं। आदर्श एकलव्य आवासीय विद्यालय रोशनी में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके एवं प्रदेश के मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह का स्वागत किया गया। इंदौर संभागायुक्त के निर्देश पर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मेगा स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि शिविर में इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज, शंकरा नेत्रालय, ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच और परामर्श दे रहे हैं। हृदय रोग, शिशु रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग, नाक-कान-गला, नेत्र रोग, चर्म रोग और न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ इसमें शामिल हुए।
शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, सोनोग्राफी, पैथोलॉजी और सिकल सेल जांच की सुविधाएं निःशुल्क हैं। साथ ही ज़रूरी दवाइयाँ भी मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।


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