गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

खण्डवा- सारी दुनिया का बोझ उठाने वाले कुलियों का समझा दर्द, रेल्वे अधिकारियों ने बांटा खाद्यान्न


खंडवा- कोरोना संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन होने के साथ ही टे्रनों के आवागमन को भी पूर्णत: बंद रखा गया है। जिसके चलते जहां रेल्वे जंक्शन वीरान है, वहीं सारी दुनिया का बोझ उठाने वाले जंक्शन के कुली भी ट्रेनों के बंद होने से बेरोजगार हो गए है। ऐसे में उनके सामने रोजी रोटी के संकट के साथ ही अपने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। गौरतलब हो कि देशव्यापी लॉकडाउन को एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। ऐसे में रेल्वे स्टेशन पर काम करने वाले कुली व मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। कुलियों की पीड़ा को समझते हुए गुरूवार को रेल्वे जंक्शन पर खण्डवा के टिकट चेकिंग कर्मचारियों द्वारा समस्त कुलियों, सफाई कर्मचारियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को राशन वितरण किया गया। सोशल डिस्टेसिंग अपनाकर मुख्य टिकट निरीक्षक देवानंद रजक और उनके साथियों द्वारा सुबह 11 बजे राशन के 40 पैकेट बांटे गए। सेवा के इस कार्य की भुसावल मण्डल के वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक ने खण्डवा टिकट चेकिंग के इस सामाजिक कार्य की प्रशंसा की है। समाजसेवी व रेलवे सलाहाकार समिति सदस्य सुनिल जैन ने बताया कि जो कुली सारी दुनियां का बोझ उठाते हैं उनकी पीड़ा को रेल्वे अधिकारियों ने समझा जो कि सराहनीय है। संकट के इस दौर में जहां सभी लोग परेशान हैं और महामारी का दंश झेल रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में एक दूसरे के सहयोग से कोरोना जैसी महामारी से जंग जीती जा सकती है। रेलवे अधिकारियों ने कुलियों की पीड़ा को समझा और उनकी मदद को आगे आए जिससे कुलियों के परिवार के घर के चूल्हे भी जलेंगे और परिवार के भरण पोषण का संकट भी दूर होगा। खाद्यान्न वितरण के दौरान मुख्य टिकट निरीक्षक देवानंद रजक के साथ उनके साथी एवं रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य सुनील जैन भी उपस्थित थे। 

कोरोना का कहर- खण्डवा जिले में एक औऱ कोरोना पॉजिटिव मरीज की हुई मौत,जिले में मरने वालों की संख्या बढ़कर पाँच हुई


खण्डवा- खण्डवा जिले में इन दिनों कोरोना महामारी के चलते मौत का सिलसिला जारी है। खण्डवा में कल के बाद आज फिर एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की इंदौर में उपचार के दौरान मौत हो गई हैं। आज कोरोना के संदिग्ध मरीजों के कुल 38 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए। खण्डवा जिले से कोरोना संक्रमण संबंधी जांच के लिए अब तक कुल 432 मरीजों के सेम्पल प्रयोगषालाओं को भेजे गए, जिसमें से 328 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि आज कोरोना पॉजिटिव 1 मरीज श्री शेख रहीम उम्र 65 वर्ष की मृत्यु खण्डवा में हो गई तथा इंदौर में उपचाररत 1 अन्य पॉजिटिव मरीज श्री रंजन कानूनंगो की भी कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई है। इस तरह अब तक कुल 5 लोगों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है। जिले के कुल 31 कोरोना संक्रमित मरीज अब तक संक्रमण मुक्त होकर जिला अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके है। अब तक जिले में कुल 46 मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव तथा 283 रिपोर्ट निगेटिव आईं है, कुल 102 रिपोर्ट आना अभी शेष है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि गुरूवार को कोरोना जांच की कुल 46 रिपोर्ट प्राप्त हुई, सभी रिपोर्ट निगेटिव आईं है। उन्होंने बताया कि गुरूवार को 1 व्यक्ति की होम क्वारेंटाइन की अवधि पूर्ण हो चुकी है तथा 29 व्यक्तियों को गुरूवार को होम क्वारेंटाइन किया गया। 

बुधवार, 29 अप्रैल 2020

तुम्हीं ने दर्द दिया है, तुम्ही दवा देना... कोरोना संक्रमण से ठीक होकर जमातियों ने अपना प्लाज़्मा देने की पेशकश की


खण्डवा- कोरोना संक्रमण को लेकर जहाँ देश भर में तबलिक जमातियों पर तोहमते लग रही ही वहीँ आज खण्डवा में कोरोना के संक्रमण से मुक्त होकर निकले जमातियों ने कोरोना से लड़ने का खूब ज़ज़्बा दिखाया। जरुरत पड़ने पर किसी भी संक्रमित को अपना प्लाज़्मा देने का संकल्प दिखाया। उन्होंने जहां सभी लोगो से इस बीमारी को लेकर खुलकर अस्पताल तक आने के लिए प्रेरित किया तो शहर और देश को कोरोना की बीमारी से निजात दिलाने की अल्लाह से दुआ भी की। जमातियों ने अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्स स्टाफ़ की तीमारदारी की खुलकर तारीफ़ की तो स्टॉफ के साथ ही जिला प्रशासन ने भी उनके लिए तालियां बजाकर और फूल बरसाकर स्वागत भी किया। 
खण्डवा के जिला अस्पताल में बहुत ही सुखद दृश्य था। सत्रह दिन पहले कोरोना से संक्रमित होने से यहाँ लाये गए तबलीक जमाती जहाँ संदेह की निग़ाह से देखे  जा रहे थे वही अपने सदव्यवहार से उन्होंने आज धारणा बदल दी। इधर इन जमातियों में भी जहाँ अस्पताल के स्टॉफ लेकर जो संदेह था वही आज वह अगाध श्रद्धा में तब्दील हो चुका था। माज़रा ही कुछ ऐसा था,दरअसल जिला अस्पताल के कोविड आईसोलेशन वार्ड में भर्ती 19 मरीजों की दो लगातार रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें डिसचार्ज किया गया। इनमे से 15 एक ही समुदाय के थे जिसमे भी अधिकांश तबलीक जमात से सम्बद्ध ,इसके अलावा बोरगांव पुलिस चौकी के प्रभारी सहित 2 महिलाएं भी कोरोना विजेता के बतौर घर वापसी कर रही थी। इन सभी के स्वागत के लिए कलेक्टर ,एसपी ,सिविल सर्जन सहित अस्पताल का स्टॉफ हाथो में फूल लिए खड़ा था। दरअसल इन सभी ने स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन कर स्व-अनुशासन से इस गंभीर बीमारी से जंग जीती है। वही अस्पताल के स्टॉफ ने भी अपनी सेवा -सुश्रुषा से इनका दिल जीता है। अस्पताल के कोविड वार्ड से निकलकर जब इन कोरोना विजेताओं ने खुले आसमान के नीचे साँस ली तो तपती दोपहर में भी सूरज से आँखे मिलाकर कलेजे को ठंडक देने वाली दुआ की। 
आलीम मौलाना वसीम के साथ सभी जमाती दुआ करते हुए - या अल्लाह हम सब के गुनाहो को माफ़ कर। ए मौला -ए - क़रीम ,या अल्लाह इस बीमारी से सारे आलम की ,इंसानो की हिफ़ाज़त कर। या अल्लाह ख़ासकर हमारे खण्डवा के हर मर्द - हर औरत , हर बच्चे -हर बूढ़े को बीमारी से निज़ात दे दे। यहाँ के स्टॉफ को बेहतरीन क़ामयाबी दे। हम अपनी ज़ुबान से उनका शुक्रिया अदा नहीं कर सकते। या अल्लाह आप ही उन्हें बदला दे सकते है , उन्हें बेहतरीन बदला अता फ़रमाये , अफ़सरान को खूब तरक्की दे। इस शहर  हिफाजत कर ,आमीन ... 
इस वार्ड के बाहर जहाँ पूरे शहर में लोग इस बीमारी को भी हिन्दू -मुस्लिम के खाने में बांटकर देख रहे थे वही इस वार्ड में भर्ती सभी समुदाय के लोग आपस में एकजुट होकर सिर्फ इस बीमारी से जंग लड़ रहे थे। खण्डवा में आरंभिक तौर पर जितने कोरोना संक्रमित मरीज आये थे उसमे अधिकांश मुस्लिम समुदाय से ही थे ,सबसे पहले मुस्लिम बहुल इलाको को ही चिन्हित किया गया। सांप्रदायिक रूप से अति संवेदनशील शहर खण्डवा में इस बीमारी का भी साम्प्रदायिकरण हो गया। लोग समुदाय विशेष से दूरियां बढ़ाने लगे ,एक समुदाय विशेष के सब्जी या फ्रूट वाले छोटे व्यवसाइयों ने इस त्रासदी को महसूस किया। लेकिन इस वार्ड में जहाँ खण्डवा के तमाम जातियों -समुदायों के कोरोना पॉज़िटिव पेशेंट्स भर्ती थे उनमे कहीं भी यह वैमनस्य नहीं था। यहाँ वे आपस में बैठकर बातचीत करते ,एक दूसरे की मदद करते ,साथ में केरम खेलते और टीवी भी देखते। यहाँ ऊँची और नीची जातियों का भी कोई भेद नहीं था। अपनी जान जोख़िम में डालकर यहाँ  सफाईकर्मियों ने भी जिस तरह से सभी मरीजों की सेवा की उससे उनके प्रति सभी श्रद्धावनत हो गए। 

राधेश्याम जी (थाना प्रभारी -बोरगांव चौकी) ने बताया कि मुझे भी ध्यान नहीं है कि मैं कैसे संक्रमित हुआ ? ड्यूटी के दौरान ही हम संक्रमित हुए है चूँकि हमारा इच्छापुर -इंदौर हाईवे है जहाँ हमारी चेकिंग लगती है ,महाराष्ट्र से सीधा संपर्क है।  जब पता लगा की हम संक्रमित हुए है तब अस्पताल में भर्ती हुए और इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। जो भी निर्देश हमें डॉक्टर्स या नर्स देती हम उसका पालन करते। यहाँ जो सफ़ाईकर्मी है उन्हें बहुत धन्यवाद देता हूँ ,उन्होंने बहुत सेवा की है। जमातियों का व्यवहार पॉज़िटिव था, वहां कोई हिन्दू या मुसलमान नहीं था , हम सब मिलजुलकर रहे है। हर संभव सुविधा हमें यहाँ मिली है। यहाँ टीवी भी लगवाया गया।  

भाईजान ,खांसी तो नहीं चल रही ?? चाचा बुख़ार तो नहीं आ रहा है ?? कोविड वार्ड के सन्नाटे को अक्सर नर्सिंग स्टॉफ की सिस्टर्स की ये आवाजे तोड़ती थी. जिन मरीजों से अपने परिजन ही दूरियां बनाने लगे थे उनके प्रति यह सेवाभाव सभी को द्रवित कर गया। कोरोना पॉज़िटिव आने पर यहाँ लाये गए पूर्व पार्षद शैख़ फ़रीद जहाँ कुछ दिन पहले लोगो को अपने मोबाइल से फोन लगाकर अपनी व्यथा  शंका भी व्यक्त कर रहे थे कि उन्हें कोरोना के कोई लक्षण नहीं है ,कहीं उन्हें जबरदस्ती तो यहाँ फंसाया गया तो नहीं है ? वे अक्सर अस्पताल में मरीजों को लेकर जाते रहते है ,उनका अस्पताल के डॉक्टर्स से भी गाहे -बगाहे विवाद होता रहता था अस्पताल की कमियों को लेकर। लेकिन आज उनके भी मन का भाव बदला हुआ था , अस्पताल के स्टॉफ की उन्होंने खुलकर तारीफ़ की और  व्यवस्थाओ की भी। यहाँ तक की उन्होंने लोगो से यह अपील भी की कि वे किसी भी बीमारी से घबराये नहीं ,अस्पताल में आकर ईलाज कराये। उन्होंने जरुरत पड़ने पर प्लाज़मा देने की भी पेशकश की जिससे अन्य मरीजों को ठीक किया जा सके।  

शैख़ फ़रीद (पूर्व पार्षद) ने बताया कि बहुत अच्छा व्यव्हार मिला ,बहुत सहयोग मिला। सिस्टर्स  डॉक्टर्स ,प्रशासन ने बहुत सहयोग किया। खाना भी बहुत अच्छा मिला है और अब तो रोज़े चालू हो गए है ,हमने पांचवा रोज़ा रखा है। हम पूरी कौम के लिए ,हिंदुस्तान के लिए दुआ मांग रहे थे ,रो-रोकर दुआ मांगी है सत्रह दिन। बाहर जितने भी हमारे भाई -बहन है उन्हें ज़रा सी भी तकलीफ़ आती है तो अल्लाह के वास्ते वो जाँच करवा ले अपनी... कोई तकलीफ़ की बात नहीं ,कोई बीमारी हो तो पता चल जायेगा। यदि दूसरे मरीजों के लिए प्लाज़्मा डोनेट करने की स्थिति आती है तो हम सभी तैयार है। हम सारे लोग तैयार है जितने भी लोगो को ज़रुरत है हम उनके लिए बढ़-चढ़कर तैयार है। जितना चाहिए प्लाज़्मा हम देंगे। 
हमने दुआ मांगी है कि पूरा मुल्क अच्छा रहे ,कोरोना से लड़कर जीते वो ,जैसे आज हम जीते है वैसे पूरा हिंदुस्तान जीतेगा। जिन्होंने हमारी मदद की उनके लिए हमने रो -रोकर दुआएं मांगी है। जिन्हे कोई हाथ नहीं लगाता उन्हें हमारी सिस्टर्स ने बार बार आकर पूछती "भाईजान ,खांसी तो नाह नहीं चल रही ,चाचा बुख़ार तो नहीं आ रहा है। कोई प्रायवेट में  (हॉस्पिटल )  चला जाये तो कोई हाथ नहीं लगा सकता। हमारी सिस्टर्स ने तारीफ़ेक़ाबिल मदद की है। 

हालाँकि इस सुखद ख़बर के साथ कुछ चिंता की लकीरे भी खण्डवा के माथे पर उभरी हुई है। आज जहाँ इन 19 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया वही 10 और नए केस पॉज़िटिव आ गए। इसके अलावा पिछले दिनों हुई संदिग्ध मौतों की वज़ह भी कोरोना वायरस से होने की पुष्टि भी हुई है। इस तरह अब तक खण्डवा जिले में 46 केस पॉज़िटिव आये है और 3 लोगो की इससे मौत हुई है। चिंताजनक बात यह भी है कि अभी 112 सेम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। इधर कोरोना  संक्रमण थमने के कोई संकेत दिख नहीं रहे है। यह भी सच्चाई है कि अभी तक जो 31 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हुए है वे  कोरोना की बहुत प्रारंभिक अवस्था में थे जिनमे कोई लक्षण तक नहीं दिखे थे। लेकिन जो गंभीर मरीज़ यहाँ आये वे बचाये नहीं जा सके। इसी डर के कारण 4 मरीजों ने अपना ईलाज इंदौर में ही कराना बेहतर समझा। खण्डवा अस्पताल प्रशासन को यह विश्वास जगाना होगा कि विषम परिस्थितियों में भी वह बेहतर ईलाज करने ,लोगो की जान बचाने में सक्षम है। 

डॉ योगेश शर्मा (एपिडिमियोलॉजिस्ट - जिला चिकित्सालय ,खण्डवा) ने बताया कि हमने अभी तक 394 सेम्पल भेजे है जिसमे 45 पॉज़िटिव आये है और 237 सेम्पल्स की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है। 112 सेम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। जो रिपीट सेम्पल गए थे उसमे 20 में से 19 लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें आज डिस्चार्ज कर दिया। खणडवा जिले में अब तक 46 पॉज़िटिव केस आये है जिसमे से 31 को ठीक कर डिस्चार्ज़ कर दिया है ,आईसोलेशन वार्ड में 8 पेशेंट एडमिट है। 4 पेशेन्ट का इंदौर में ईलाज जारी है , कुल 3 डेथ हुई है यहाँ।

ऋषि कपूर का 67 वर्ष की उम्र में निधन, अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर कहा- वह चला गया है .. ! ऋषि कपूर .. गए .. बस गुज़र गए ।। मैं बर्बाद हो गया हूँ!




दिग्गज बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर का निधन हो गया है. खराब तबीयत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महानायक अमिताभ बच्चन ने ऋषि कपूर के निधन की जानकारी दी है.


अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर लिखा- वो गया. ऋषि कपूर गए. अभी उनका निधन हुआ. मैं नष्ट गया हूं. कपूर फैमिली से रणधीर कपूर ने ऋषि के निधन की खबर को कंफर्म किया है. बता दें, ऋषि कपूर को बुधवार उनके परिवार ने एच एन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया था. रणधीर ने बताया था कि उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी.

मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

खण्डवा में 10 और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, मरीजो की संख्या बढ़कर 46 हुए, जिले में मरने वालो की संख्या बढ़कर 2 हुई


खण्डवा- खण्डवा जिले में कोरोना महामारी का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक कुल 26 रिपोर्ट में से 16 रिपोर्ट निगेटिव आई हैं जबकि 10 रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। खण्डवा जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़कर 46 हो गई हैं। 

कल प्राप्त इन 10 पॉजिटिव मरीजों में से 3 पहले से सारी वार्ड में भर्ती थे जिन्हें 3 को कल रात में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। पॉजिटिव आये मरीजो में से दो इंदौर में उपचार चल रहा हैं। 

खण्डवा जिले में कोरोना महामारी से अब तक दो मौत हो चुकी हैं।
(दो में से एक ऐसा पॉजिटिव मरीज जिसकी मौत पहले ही हो चुकी हैं, उसकी कल रिपोर्ट आने के बाद कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई)

खण्डवा जिले को एक राहत देने वाली भी खबर है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज खण्डवा जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 21 मरीजो में से 19 मरीज कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ्य होकर आज घर लौटेंगे।

रविवार, 26 अप्रैल 2020

कोरोना का कहर- मप्र का एक और जिला कोरोना पॉजीटिव, प्रशासनिक अमला पहुँचा गाँव


हरदा- कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर लागू लॉकडाउन के 33 दिन बाद जिले के एक युवक का सैंपल पॉजीटिव आया है। वह डायबिटीज का इलाज कराने आया था। डॉक्टर ने एहतियात के तौर पर उसके सैंपल लेकर एम्स भोपाल भेजे थे। रविवार शाम आई चार मरीजों की रिपोर्ट में से उक्त युवक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। वहीं तीन रिपोर्ट नेगेटिव रही हैं। सिविल सर्जन डॉ. शिरीष रघुवंशी व आईसोलेशन वार्ड प्रभारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि इंदौर में रहकर ट्रांसपोर्ट कंपनी में मुनीम का काम करने वाला युवक 21 मार्च को सिराली तहसील स्थित अपने गृहग्राम भटपुरा लौटा था। कुछ दिन से उसकी तबीयत खराब रहने लगी। करीब 39 वर्षीय युवक को 23 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसका एक्स-रे लेने के बाद कोरोना सैंपल लेकर एम्स भोपाल भेजा गया था। आईसोलेशन वार्ड में भर्ती युवक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इधर, सीएमएचओ डॉ. केके नागवंशी ने बताया कि युवक के गांव को कंटेनमेंट एरिया बनाने के लिए टीम रवाना हो रही है। उसके घर वालों को अलग किया जाएगा। यह भी पता किया जाएगा कि युवक किसके संपर्क में आया है।

युवक में नहीं थे प्रारंभिक लक्षण

कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बताया कि संबंधित मरीज डायबिटीज का इलाज कराने जिला अस्पताल आया था। उसमें कोरोना के शुरुआती लक्षण नहीं थे। डॉक्टर ने एहतियात के तौर पर युवक का एक्स-रे लिया था। बाद में सैंपल लेकर एम्स भेजे गए थे। रविवार शाम को आई रिपोर्ट में उसे नेगेटिव बताया गया था। कुछ घंटे बाद रिपोर्ट पॉजीटिव आई। सोमवार सुबह एक बार फिर से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। फिलहाल युवक के गांव में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। एसडीएम वीपी यादव अमले के साथ गांव रवाना हुए हैं।

महेश्वर की तर्ज पर 6 निजी बिजली परियोजनाओं को बंद करने से बचेंगे 50,000 करोड़ रूपये- आलोक अग्रवाल


मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परियोजनाओं को रद्द करने की मांग,

गैर क़ानूनी हैं इन परियोजनाओं के समझौते


हाल ही में राज्य सरकार द्वारा महेश्वर विद्युत परियोजना को सार्वजनिक हित में न मानते हुए रद्द करने के निर्णय के सन्दर्भ में नर्मदा बचाओ आन्दोलन के श्री आलोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदेश में वर्तमान जारी गैर जरुरी 6 निजी परियोजनाओं को  तत्काल रद्द किया जाये ताकि इससे प्रदेश की जनता को 50,000 करोड़ रूपये के बोझ से बचाया जा सके.

कौन सी हैं परियोजनाएं ? 

श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जे.पी. बीना पावर सागर, जे.पी. निगरी जिला सिंगरौली, झाबुआ पावर सिवनी, एम.बी. पावर अनूपपुर, बी.एल.ए. पावर गाडरवारा एवं लैंको अमरकंटक को गत वर्ष नियत प्रभार के रूप में 2034 रु का गैर जरुरी भुगतान किया गया. राज्य विध्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश 2019 -20 अनुसार गत वर्ष सरकार ने नियत प्रभार(फिक्स्ड चार्ज) के रूप में इन परियोजनाओं को 2034 करोड़ रु देने का प्रावधान किया गया-


निजी विद्युत गृह

नियत प्रभार (रुपये करोड़)


1- जे.पी. बीना पावर सागर~504.75


2. जे.पी. निगरी जिला सिंगरौली~709.17


3. सिवनी~ 166.50


4. एम.बी. पावर अनूपपुर~409.06


5. बी.एल.ए. पावर गाडरवारा~ 21.00


6. पी.टी.सी. के माध्यम से लेन्को अमरकंटक~223.81

                     कुल योग 2034.30

 

परियोजनाओं के समझौते गैरकानूनी:

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया है कि भारतसरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत घोषित टेरिफ पॉलिसी दिनांक 06 जनवरी 2006 एवं अन्य नियमों के अनुसार जे.पी. बीना पावर, जे.पी. निगरी, झाबुआ पावर, एम.बी. पावर एवं बी.एल.ए. पावर के साथ समझौते प्रतिस्पर्धात्मक बोली के आधार पर होने थे.  परन्तु  इसका खुला उल्लंघन करते हुए ये समझौते एक ही दिन में 5 जनवरी 2011 को बिना किसी प्रतिस्पर्धात्मक बोली के सीधे किये गए. यह भी आश्चर्यजनक है कि समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले दो अधिकारी गजराज मेहता और संजय मोहसे उस दिन सम्बंधित पद पर पदस्थ ही नहीं थे, और तीन अधिकारीयों ए बी बाजपेयी, पी के सिंह और एन के भोगल ने एक ही दिन भोपाल में और जबलपुर में समझौतों पर हस्ताक्षर किये. यह साफ बताता है कि समझौतें फर्जी हैं और गैरकानूनी  हैं.

इसी प्रकार लैंको अमरकंटक को ब्लैक लिस्ट करने के बावजूद राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिये समझौता कर लिया गया, और समझौते के बाद बिना नियामक आयोग की अनुमति के और समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिजली खरीदी कर व्यर्थ में 223.81 करोड़ रु का नियत प्रभार इस कंपनी को दिया गया है.

जनता पर आयेगा 50,000 करोड़ का भार:

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 3000 करोड़ यूनिट बिजली हमारी सम्पूर्ण खपत के बाद भी अतिरिक्त उपलब्ध है. इन 6 निजी परियोजनाओं से गत वर्ष सरकार ने मात्र 789 करोड़ यूनिट बिजली खरीदी, जिसमे बिजली के दाम के अतिरिक्त सरकार ने नियत प्रभार के नाम पर 2034 करोड़ रु का भुगतान इन निजी कंपनियों को किया है. इन समझौतों के अनुसार सरकार को यह भुगतान 25 वर्षों तक करना पड़ेगा. अतः प्रदेश की जनता से 50,000 करोड़ रूपये बिजली के दाम बढ़ाकर वसूले जायेंगे.

प्रदेश की सस्ती बिजली के बिजली घर बंद :

श्री आलोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस बात पर ध्यान दिलाया है कि मध्य प्रदेश में उपरोक्त निजी बिजली परियोजनाओं से बिजली खरीदने के कारण प्रदेश की बरगी, बाणसागर व् पेंच जैसी अत्यंत सस्ती बिजली पैदा करने वाली जल विद्युत् परियोजनाओं से बिजली नहीं बनाई जा रही है और इस कारण इन बांधो के जलाशय अभी भी लगभग पूरे भरे हुए हैं. निम्न तालिका से स्पष्ट है कि इन जलाशयों का जल स्तर न्यूनतम स्तर से कहीं अधिक है जबकि डेढ़ माह बाद बरसात आने वाली है-


परियोजना_ वर्तमान स्तर (मी) ~न्यूनतम स्तर (मी)

1. बरगी418~403.5

2. बाणसागर 338~ 323.0

3. पेंच 488~ 464.0


 

समझौते रद्द कर जनता के 50,000 करोड़ बचायें: बिजली के दाम कम किये जाएँ

पत्र में मांग की गयी है कि जिस प्रकार महेश्वर परियोजना को सार्वजानिक हित में न समझते हुए रद्द किया गया है उसी प्रकार इन 6 परियोजनाओं, जिनके समझौते गैर क़ानूनी हैं, को रद्द किया जाये. इस प्रकार मध्य प्रदेश की आम जनता पर पढ़ने वाले 50,000 करोड़ रु के व्यर्थ के भार को रोका जाये. साथ ही मध्य प्रदेश की स्वयम की सस्ती बिजली वाली परियोजनाओं से बिजली उत्पादन किया जाये और इस प्रकार बची हुई धनराशि के द्वारा घरेलू, व्यावसायिक व् औद्योगिक बिजली के दामों में पर्याप्त कमी की जाये.

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

अपराध- अनाज माफिया असलम पर रासुका, भतीजा ब्लैक लिस्टेड, खण्डवा जिले में पहली बार अनाज माफिया के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई


नागरिक आपूर्ति निगम, सेंट्रल वेयर हाउस के अफसर-कर्मचारियाें की भी हाेगी जांच


खंडवा- सरकारी अनाज की अफरातफरी करने वाले आरोपी अनाज माफिया असलम पिता हाजी कासम चौहान (42) निवासी गुलमाेहर कॉलोनी के खिलाफ कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3(3) के तहत रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाई है।
आरोपी और उसके भतीजे शहबाज व अरबाज चौहान द्वारा लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं, चावल सहित अन्य राशन परिवहन के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों पहुंचाने की बजाय हेराफेरी करते हुए कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। असलम और उसके परिजन पूर्व में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 2017 में आरोपी को पंधाना के बोरगांव क्षेत्र में गिरफ्तार किया। शनिवार को कलेक्टर के आदेशानुसार आरोपी को लॉकडाउन के चलते खंडवा जेल में वर्ग सी में रखा जाएगा। क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। असलम व उसके भतीजों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक अतुल कुमार गीते की शिकायत पर धारा 406, 420 के अलावा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, धारा 53 आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।


ब्लैक लिस्टेड हुआ तो ठेका चाचा को देने की तैयारी


असलम का भतीजा अरबाज अब तक फरार है। आरोपी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। पीडीएस का ठेका आरोपी अरबाज के चाचा आजम चौहान को देने की तैयारी चल रही है। क्योंकि टेंडर में दूसरा नाम आजम चौहान का है। आजम ने राजहंस ट्रांसपोर्ट फर्जी तरीके से बनाया है। जिसमें टेंडर डालने से पहले नियम होता है कि आपके ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज है या नहीं है। आजम पर एक दर्जन प्रकरण दर्ज है, जबकि उसने टेंडर की शर्त पर 100 के स्टाम्प पर लिखकर दिया कि मेरे ऊपर एक भी प्रकरण दर्ज नहीं है। टेंडर की कॉपी के दस्तावेज इंदौर मुख्यालय में जमा है। आरोपी के टेंडर दस्तावेज के अनुसार एक और प्रकरण दर्ज होना चाहिए।


आटा व मैदा मिलाें में गरीबाें का राशन खपाता था असलम, खरीदने वाले व्यापारियाें पर भी दर्ज हाेगा केस


एसपी ने कहा- पुलिस को मिले हैं इस संबंध में सबूत, जांच कर रहे हैं

गरीबाें के राशन की हेराफेरी कर कालाबाजारी करने वाला असलम चाेरी का राशन खंडवा, बुरहानपुर, खरगाेन व बड़वानी की मिलाें में खपाता था। विभाग के अफसराें से साठगांठ व मिल मालिकाें द्वारा चाेरी का राशन खरीदने की जानकारी पुलिस काे मिली है। पुलिस ने अब चाेरी का राशन खरीदने वाले मिल मालिकाें के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है। जांच में खाद्य अापूर्ति, नागरिक आपूर्ति निगम व सेंट्रल वेयर हाउस के कर्मचारी-अफसर भी दाेषी पाए गए ताे पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
एसपी डाॅ. शिवदयाल सिंह ने बताया गरीबाें के राशन की कालाबाजारी करने वाले असलम के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब असलम के साथ साठगांठ कर कालाबाजारी करने वाले, चाेरी का गेहूं खरीदने वाले व्यापारियाें की भी तलाश कर रही है। एसपी सिंह ने बताया असलम द्वारा इंदाैर राेड व पंधाना राेड की कुछ मैदा व आटा मिलाें में गरीबाें काे मिलने वाला गेहूं व चावल बेचे जाने की जानकारी मिली है। एक बड़ा रैकेट है जिसकी मदद से असलम चाेरी का गेहूं, चावल अन्य जिलाें तक भी पहुंचाता है। डीबी के मुताबिक पुलिस काे कुछ सबूत भी मिले हैं जिनके संपर्क में असलम काफी समय से यह काम कर रहा है। पुलिस सबूताें के आधार पर जांच कर रही है। जांच में जाे भी व्यापारी, अधिकारी व कर्मचारी दाेषी पाया जाएगा उसके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करेगी।

कोरोना का कहर- गणेश तलाई क्षेत्र का 1 मरीज पॉजिटिव पाए जाने से कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित, खण्डवा जिले में अब तक पॉजिटिव मरीजो की संख्या 23 हुई



खण्डवा - शहर के गणेश तलाई क्षेत्र में निवासरत 50 वर्षीय एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि यह महिला इंदौर में अपना इलाज करवा रही है। वहीं इनका सेम्पल लिया गया था एवं जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर कोरोना पॉजिटिव पाई गई। 
गणेश तलाई क्षेत्र की निवासी महिला कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वहां डॉ. अली के क्लिनिक के आसपास के क्षेत्र को कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने बताया कि गणेश तलाई क्षेत्र को इपिसेंटर मानते हुए इस क्षेत्र के सभी घरों का सर्वे निर्धारित प्रपत्र अनुसार कराया जायेगा। कन्टेनमेंट क्षेत्र के सर्विलांस के लिए अधिकारियों का दल गठित किया गया है, जिसमें इन्सीडेंट कमाण्डर के रूप में एसडीएम खण्डवा श्री संजीव पाण्डेय तैनात रहेंगे। इनके साथ राजस्व अधिकारी, तहसीलदार श्री प्रताप सिंह आगास्या, पुलिस अधिकारी सीएसपी श्री ललित गठरे तथा नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह को भी तैनात किया गया है। 
उल्लेखनीय है कि खंडवा जिले में अब 23 कोरोना पोजिटिव मरीज हो गए हैं जिसमें से 21 कोरोनावायरस मरीज मरीजों का जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में उपचार किया जा रहा है खंडवा जिले में अब तक 12 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं।
खंडवा नगर के गणेशतलाई वार्ड में कोरोना का पॉजिटिव मरीज बनने के बाद कन्टेनमेंट एरिया घोषित कर उस एरिया को आवागमन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस क्षेत्र के सभी निवासियों को होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। इस क्षेत्र में कर्फ्यू के आदेश का पालन सख्ती से कराया जायेगा। 


शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनना कोरोना महामारी से मिला सबसे बड़ा सबक है: प्रधानमंत्री। प्रधानमंत्री ने ‘ई-ग्राम स्वराज एप’ और ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारंभ किया 


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2020’ के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर की ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एक एकीकृत ‘ई-ग्राम स्वराज पोर्टल एवं मोबाइल एप’ और ‘स्वामित्‍व योजना’ का शुभारंभ किया।

‘ई-ग्राम स्वराज’ दरअसल ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को तैयार करने और उनके कार्यान्‍वयन में मदद करता है। यह पोर्टल वास्तविक समय पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। इतना ही नहीं, यह पोर्टल ग्राम पंचायत स्तर तक डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

6 राज्यों में प्रायोगिक (पायलट) तौर पर शुरू की गई ‘स्वामि‍त्व योजना’ ड्रोन और नवीनतम सर्वेक्षण विधियों का उपयोग करके गांवों में बसी हुई भूमि या आवासों का नक्शा बनाने में मदद करती है। यह योजना सुव्यवस्थित योजना बनाना एवं राजस्व संग्रह सुनिश्चित करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार पर स्पष्टता प्रदान करेगी। इससे संपत्ति (प्रॉपर्टी) के मालिकों द्वारा वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने के लिए आवेदन करने के रास्ते खुल जाएंगे। इस योजना के माध्यम से आवंटित मालिकाना प्रमाण पत्र (टाइटिल डीड) के जरिए संपत्ति से संबंधित विवादों को भी सुलझाया जाएगा।
देश भर के सरपंचों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने लोगों के काम करने के तरीके को बदल दिया है और इसके साथ ही एक अच्छा सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि महामारी ने हमें सिखाया है कि व्यक्ति को सदैव ही आत्मनिर्भर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस महामारी से हमें ऐसी नई चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हालांकि, इसने हमें एक मजबूत संदेश के साथ एक बहुत अच्छा सबक भी सिखाया है। इसने हमें सिखाया है कि हमें आत्मनिर्भर और स्‍वावलम्‍बी बनना होगा। इसने हमें सिखाया है कि हमें समस्‍याओं का समाधान देश के बाहर नहीं तलाशना चाहिए। यही सबसे बड़ा सबक है जिसे हमने सीखा है।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हर गांव को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त रूप से आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। इसी तरह हर जिले को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना है, हर राज्य को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना है और पूरे देश को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।’
श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि सरकार ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्राम पंचायतों को और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
उन्‍होंने कहा, ‘पिछले पांच वर्षों में लगभग 1.25 लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड के माध्यम से जोड़ा गया है, जबकि पहले यह संख्‍या मात्र 100 ही थी। इसी तरह साझा सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) की संख्या 3 लाख का आंकड़ा पार कर गई है।
उन्होंने कहा कि जब से भारत में मोबाइल फोन का निर्माण किया जा रहा है, तभी से स्मार्टफोन की कीमतें काफी घट गई हैं और किफायती स्मार्टफोन हर गांव में पहुंच गए हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचा और भी अधिक मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पंचायतों की प्रगति से राष्ट्र और लोकतंत्र की तरक्‍की सुनिश्चित होगी।’
आज का यह आयोजन दरअसल प्रधानमंत्री और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का अहम अवसर था।
सरपंचों के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने अत्‍यंत सरल शब्दों में सामाजिक दूरी बनाए रखने को परिभाषित करने के लिए दिए गए ‘दो गज दूरी’ के मंत्र के लिए गांवों की सराहना की।
उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण भारत द्वारा दिया गया ‘दो गज देह की दूरी’ का मंत्र लोगों की बुद्धिमत्ता को अभिव्‍यक्‍त करता है। उन्होंने इस मंत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता है।  
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारत ने निरंतर बड़ी सक्रि‍यता के साथ इस चुनौती का सामना किया है और नई ऊर्जा एवं अभिनव तरीकों के साथ आगे बढ़ने का संकल्प दिखाया है।
उन्होंने कहा, ‘गांवों की सामूहिक शक्ति देश को आगे बढ़ने में मदद कर रही है।’
उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि इन प्रयासों के बीच हमें यह याद रखना होगा कि किसी भी एक व्‍यक्ति की लापरवाही पूरे गांव को भारी खतरे में डाल सकती है, इसलिए इसमें छूट या ढील देने की कोई गुंजाइश नहीं है।
प्रधानमंत्री ने सरपंचों से क्‍वारंटाइन, सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क से चेहरे को कवर करना सुनिश्चित करते हुए गांवों में स्वच्छ्ता अभियान की दिशा में काम करने और गांवों में रहने वाले बुजु्र्गों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंदों का विशेष ध्‍यान रखने का अनुरोध किया।
उन्होंने सरपंचों से कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं पर हर परिवार को सही जानकारी देने का आग्रह किया।
उन्होंने गांवों में रहने वाले लोगों से ‘आरोग्य सेतु एप’ को डाउनलोड करने की भी अपील की और पंचायतों के प्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी पंचायत का प्रत्येक व्यक्ति इस एप को अवश्‍य डाउनलोड करे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास किए जा रहे हैं कि गांवों के गरीब लोगों को भी सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिले। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गांवों के गरीबों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में उभर कर सामने आई है और इस योजना के तहत लगभग 1 करोड़ गरीब मरीजों को अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला है।
उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्मों जैसे कि ई-नाम और जेम पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि गांव की उपज की बेहतर कीमतें पाने के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, बिहार, उत्‍तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और असम के सरपंचों के साथ संवाद किया।
उन्होंने ग्राम स्वराज पर आधारित महात्मा गांधी के स्वराज की अवधारणा को स्‍मरण किया। शास्त्रों को उद्धृत करते हुए उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि सभी शक्ति का स्रोत एकता ही है।
प्रधानमंत्री ने अपने सामूहिक प्रयासों, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ कोरोना को परास्‍त करने के लिए सरपंचों को पंचायती राज दिवस पर शुभकामनाएं दीं।  

संक्रमण मुक्त हुए 4 कोरोना विजेता अस्पताल से अपने घरों को गए| चिकित्सकों ने माल्यार्पण कर व ताली बजाकर कोरोना विजेताओं का किया स्वागत


खण्डवा - कोरोना वायरस से संक्रमित 4 मरीजों की लगातार 2 रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें कोविड केयर सेंटर से शुक्रवार को दोपहर में छुट्टी दे दी गई। इस अवसर पर जैसे ही ये 4 कोरोना विजेता अस्पताल के गेट अपने घर जाने के लिए बाहर निकले तो वहां उपस्थित डॉक्टर्स व मीडिया प्रतिनिधियों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया तथा माल्यार्पण कर उन्हें घर के लिए विदा किया। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज करने से पूर्व डॉक्टर्स ने सभी कोरोना विजेताओं को अगले 2 सप्ताह तक पूरी सावधानी बरतनें तथा सोशल डिस्टेंसिंग व होम क्वारेंटाइन के प्रावधानों का पालन करने की समझाइश दी।
जिन लोगों को आज कोरोना संक्रमण से मुक्ति होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, उनमें मोहम्मद हातिम 53 वर्षीय, बबीता पत्नी हनुमान 21 वर्षीय, शेख इखलाक 52 वर्षीय, और इरशाद उम्र 50 वर्ष शामिल है। जिला अस्पताल के एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि इन सभी 4 कोरोना मरीजों की दो निगेटिव रिपोर्ट आई थी, जिसके बाद शुक्रवार को इन्हें कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन 4 कोरोना विजेताओं के डिस्चार्ज होने के बाद कोविड केयर सेंटर के आईसोलेशन वार्ड में अभी 21 कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती है।

6 वाहनों से प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा जायेगा, सतना,डिंडोरी,बेतूल,ग्वालियर, रीवा के लिए खण्डवा व हरसूद से रवाना होंगे वाहन


खण्डवा - कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन के कारण अन्य जिलों के जो मजदूर खण्डवा के रेन बसेरा व अन्य आश्रय स्थलों में इन दिनों रह रहे है, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा कुल 6 वाहनों से सतना, रीवा, डिंडोरी, ग्वालियर, बैतूल के लिए रवाना किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने बताया कि ये मजदूर दादाजी बस स्टेण्ड के पास स्थित रेन बसेरा के साथ साथ सर्किट हाउस के पास स्थित छात्रावास के विभिन्न कक्षों में विगत कई दिनों से रह रहे है। उन्होंने बताया कि 3 बस व 1 तूफान गाड़ी खण्डवा से तथा 2 बस हरसूद से रवाना होंगी। ये बसें बैतूल, सतना व डिंडोरी जायेंगी, जबकि तूफान वाहन ग्वालियर के लिए प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना होंगे। हरसूद से 2 बसों में प्रवासी मजदूरों को रीवा के लिए रवाना किया जायेगा।
प्रवासी मजदूरों के परिवहन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर श्री एस.एल. सिंघाड़े ने बताया कि सतना जिले के 8 मजदूर, शहडोल जिले के 8 मजदूर, सिंगरौली का एक मजदूर, जिला दतिया के मजदूर, शिवपुरी के तीन मजदूर, जिला ग्वालियर के मजदूर, जिला रीवा के 10 मजदूर, जिला डिंडोरी के तीन मजदूर, जिला सीधी का एक मजदूर सहित कुल 44 मजदूर एवं बिहार राज्य के 14 मजदूरों को मध्यप्रदेश की सीमा तक विशेष वाहनों से पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

कोरोना का कहर- महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अव्हाड कोरोना पॉजिटिव, पहले स्टॉफ हुआ था संक्रमित


मुंबई- महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण अब राज्य सरकार के मंत्रियों तक पहुंच गया है। हाउसिंग मिनिस्टर जितेंद्र अव्हाड कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हाल ही में जितेंद्र अव्हाड का निजी स्टॉफ भी कोरोना संक्रमित पाया गया था। स्टॉफ के 14 कर्मचारियों में कोरोना पाया गया था। इसमें मंत्री अव्हाड की सुरक्षा में तैनात 5 पुलिस कॉन्स्टेबल भी शामिल थे। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद मंत्री अव्हाड़ खुद ही प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो गए थे, जहां जांच के बाद उनमें कोरोना संक्रमण पाया गया। इसके पूर्व सिक्युरिटी स्टॉफ के कोरोना संक्रमित निकलने पर अपने परिवार के 15 सदस्यों के साथ मंत्री जितेंद्र 1 हफ्ते तक अपने घऱ में ही Quarantine रहे थे।

कोरोना पॉजिटिव पुलिस अधिकारी से हुआ था संपर्क

मंत्री जितेंद्र अव्हाड राज्य के ही एक पुलिस अधिकारी के संपर्क में आए थे, बाद में उस अधिकारी में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ही मंत्री अव्हाड़ ने सेल्फ क्वारंटाइन पर जाने का फैसला लिया था। बता दें कि मंत्री अव्हाड महाराष्ट्र के पहले मंत्री हैं जिनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके पूर्व जितेंद्र अव्हाड के संपर्क में आए पूर्व सांसद को भी कोरोना पाया गया था। ठाणे के ये पूर्व सांसद आनंद परांजपे का कोविड 19 टेस्ट पॉजिटिव मिला था।

महाराष्ट्र में कोरोना मरीज 6 हजार पार

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 778 नए मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य में कोरोना के कुल 6427 मामले मिल चुके हैं। जबकि 283 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले मुंबई में ही बीते 24 घंटे में 522 के सामने आ चुके हैं और 6 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ मुंबई में कोरोना के 4205 मामले हो चुके हैं।

कोरोना का कहर- कोरोना वायरस से खण्डवा में पहली मौत, 2 मरीजों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़कर 35 हुई




खण्डवा  - कोरोना संक्रमण के संदिग्ध जांच के लिए उनके सेम्पल लेकर प्रयोगशालाओं को भेजे जा रहे है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि कुल 49 संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट गुरूवार को प्राप्त हुई, जिसमें से 2 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव एवं 47 अन्य की रिपोर्ट निगेटिव आईं है। 
उन्होंने बताया कि अभी तक कोरोना जांच की जो रिपोर्ट प्राप्त हुई है उसमें कुल 207 रिपोर्ट निगेटिव आईं है। डॉ. चौहान ने बताया कि एक महिला की कोरोना से मृत्यु होना पाया गया है। 
अभी कुल 82 मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार को 16 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन किया गया है, इस तरह अबतक कुल 416 व्यक्ति होम क्वारेंटाइन किए गए। गुरूवार को कोरोना के संदिग्ध लोगों में से 28 की होम क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण हो गई। आज कुल 15 सेम्पल जांच हेतु प्रयोगशाला को भेजे गए है, अब तक कुल 324 सेम्पल कोरोना जांच के लिए प्रयोगशालाओं को भेजे जा चुके है। 

आज होगी 4 मरीजो की छुट्टी

हालाँकि आज  4 कोरोना पीड़ित मरीजों की जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर से छुट्टी होगी। डॉ योगेश शर्मा ने  बताया कि आज 10 रिपीट रिपोर्ट आईं सभी निगेटिव हैं। चूंकि इनमें से 4 मरीजों की लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव हैं इसलिये उनकी आज अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी।

उल्लेखनीय हैं कि खण्डवा जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या में वृद्धि होकर अब तक कुल संख्या 35 हो गई हैं। जिसमें से 8 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट गए हैं। इसके साथ ही आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 मरीजों को छुट्टी होगी।

मदिरा की अवैध बिक्री रोकने हेतु आबकारी विभाग कर रहा है कार्यवाही


खण्डवा - खंडवा में लॉकडाउन के चलते विगत एक माह से मदिरा की सभी दुकाने बंद है, ऐसी परिस्थितियों मे अवैध मदिरा विक्रय करने वाले, मदिरा तस्कर सक्रिय हो गए हैं। खंडवा जिले में लॉक डाउन, कर्फ्यू  होने के बावजूद भी अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त तस्करों द्वारा जिले में अवैध मदिरा विक्रय करने की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है। कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने मदिरा की अवैध बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है। जिला आबकारी अधिकारी श्री व्ही. एस. सोलंकी ने बताया कि श्री मुकेश रणदा सहायक जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व मंे एक दल का गठन किया गया। यह दल जिले में अवैध मदिरा विक्रय की शिकायत पर लगातार कार्यवाही कर रहा है। इसी क्रम में गुरूवार को ग्राम सारोला निवासी अनिल पिता मोतीराम के कब्जे से 5 लीटर हाथभट्टी मदिरा, पार्वती बाई मोतीराम के कब्जे से 4 लीटर हाथ भट्टी मदिरा रुकमणी बाई पति शांतिलाल के कब्जे से 3 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, ग्राम जामली गेट निवासी मुरली पिता श्याम के कब्जे से 8 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। ग्राम जामली गेट में ही नाले किनारे लावारिस स्थिति में 25 लीटर हाथ भट्टी मदिरा तथा 230 किग्रा महुआ लाहन जप्त किया गया। इन आरोपियों के खिलाफ मप्र आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है जप्त मदिरा की अनुमानित कीमत रुपये 27,500 के लगभग है। इस कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मुकेश रणदा के साथ साथ श्री आर.पी. अहिरवार, श्री जे.एस. ठाकुर, आबकारी उप निरीक्षक, श्री शेरसिंह मोरे, श्री अंकित सोलंकी आदि का सराहनीय योगदान रहा।

महेश्वर विद्युत् परियोजना का जन विरोधी समझौता रद्द, नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत प्रभावितों के संघर्ष की एतिहासिक जीत, जनता का 42,000 करोड़ रुपया लुटने से बचा


एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मध्य प्रदेश सरकार ने महेश्वर परियोजना को सार्वजानिक हित के खिलाफ मानते हुए परियोजना का विद्युत क्रय समझौता(पी पी ए) रद्द कर दिया है. इस आदेश के साथ ही परियोजना के लिए दी गई एसक्रो गारंटी और पुनर्वास समझौते को भी रद्द कर दिया गया है. महेश्वर परियोजना के खिलाफ नर्मदा बचाओ आन्दोलन के तहत प्रभावितों के 23 वर्ष के निरंतर संघर्ष की यह एक एतिहासिक जीत है और इस प्रकार इस परियोजना के रद्द होने से प्रदेश की जनता का 42000करोड़ रुपया लुटने से बच जायेगा.


क्या है आदेश?

राज्य सरकार के उपक्रम मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा 18 अप्रैल 2020 को प्रयोजनाकर्ता श्री महेश्वर हायडल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि परियोजनाकर्ता ने विद्युत क्रय समझौते के तमाम प्रावधानों का उल्लंघन किया है, परियोजना में वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, और साथ ही परियोजना से बनने वाली बिजली की कीमत ₹18 प्रति यूनिट से अधिक होगी, अतः यह परियोजना सार्वजनिक हित में नहीं है. इसलिए इसके विद्युत क्रय समझौते सन 1994 एवं संशोधित समझौते 1996 को रद्द किया जाता है. इसके बाद दिनांक  20 अप्रैल 2020 के आदेश के द्वारा इस परियोजना के संबंध में किये गये पुनर्वास समझौते और दिनांक  21 अप्रैल 2020 के आदेश के द्वारा इस परियोजना के संबंध में दी गई एस्क्रो गारंटी को भी रद्द कर दिया गया है. 


क्या है महेश्वर परियोजना:

महेश्वर जल विद्युत परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक बड़ा बांध बनाया जा रहा है. 400 मेगवाट क्षमता वाली इस बिजली परियोजना को निजीकरण के तहत 1994 में एस कुमार समूह की कंपनी श्री महेश्वर हायडल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिया गया था. राज्य सरकार ने कंपनी के साथ सन 1994 में विद्युत क्रय समझौता और सन 1996 में संशोधित विद्युत क्रय समझौता किया था. इस जनविरोधी समझौते के अनुसार बिजली बने या न बने और बिके या न बिके फिर भी जनता का करोड़ों रुपया 35 वर्ष तक निजी परियोजनाकर्ता को दिया जाता रहना था. इस परियोजना की डूब में 61 गाँव प्रभावित हो रहे थे.


विस्थापितों का 23 वर्ष का संघर्ष:

महेश्वर परियोजना के खिलाफ नर्मदा बचाओ आन्दोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल, चित्तरूपा पालित व् महेश्वर बांध प्रभावितों के नेतृत्व में गत 23 वर्षों से अनवरत संघर्ष किया जाता रहा है. नर्मदा आन्दोलन ने आंकड़ो और दस्तावेजो के आधार पर प्रारंभ से ही यह दर्शाया था कि इस परियोजना से कम बिजली बनेगी, और वह बहुत महंगी होगी. साथ ही परियोजनाकर्ता एस कुमार्स के साथ हुए जन विरोधी विद्युत् क्रय समझौते के कारण, मध्य प्रदेश सरकार को यह बिजली 35 साल तक खरीदनी ही पड़ेगी, और यदि नहीं भी खरीद पाए, तो भी हर साल भारी भरकम भुगतान करना होगा. अतः आन्दोलन ने लगातार मांग की कि चूँकि यह परियोजना प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को बर्बाद कर देगी अतः  इसे जन हित में रद्द कर देना आवश्यक है. आन्दोलन ने परियोजनकर्ता द्वारा की गयी सैकड़ों करोड़ रूपये की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया. आन्दोलन ने ज़मीनी हकीकत के आधार पर यह भी स्थापित किया था कि इस बांध से प्रभावित होने वाले 60,000 किसान, मजदूर, केवट, कहार, आदि प्रभावितों के लिए पुनर्वास नीति के अनुसार कोई व्यवस्था नहीं है.

इन मुद्दों को उठाते हुए, 23 साल के संघर्ष के दौरान हज़ारो परियोजना प्रभावित महिला और पुरुषो ने बार-बार धरने, प्रदर्शन, अनशन किये, लाठी चार्ज, गिरफ्तारी, जेल के शिकार बने. परियोजनकर्ता और सरकार ने आन्दोलनकारियों को प्रताड़ित करने के लिये मंडलेश्वर, खरगोन, भोपाल, मुंबई आदि न्यायालयों में सैंकड़ो झूठे केस दर्ज किये. आन्दोलन ने परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास के सम्बन्ध में उच्च न्यायालय व् नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिकाएं भी दायर कीं. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में लंबित याचिका में ट्रिब्यूनल ने अपने अंतिम में निर्देशित किया था कि जब तक पूरी योजना के समस्त लोगो का सम्पूर्ण पुनर्वास पूरा नहीं हो जाता, बांध में पानी नहीं भरा जा सकता है. उल्लेखनीय है कि आज तक कि महेश्वर परियोजना प्रभावितों का 85% से अधिक पुनर्वास बाकी है.

 
घोटालों से घिरी रही है महेश्वर परियोजना : 5 सी ए जी (CAG) रिपोर्ट में जिक्र अनियमितताओं का

इस परियोजना में तमाम वित्तीय अनियमितताएं हुई और इसके कारण बार-बार परियोजना का कार्य बंद हुआ, परियोजना स्थल की कुर्की हुई और पिछले 10 वर्षों से परियोजना का काम ठप्प पड़ा था. कांग्रेस हो या भाजपा सभी सरकारों ने निजी प्रयोजनाकर्ता को जनता की कीमत पर फायदा पहुंचाने का प्रयास किया. भारत की सर्वोच्च संस्था नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, सी ए जी (CAG) ने वर्ष 1998,  2000, 2003, 2005 और 2014 की पांच रिपोर्टों में महेश्वर परियोजना के सम्बन्ध में गंभीर भ्रष्टाचार का खुलासा किया है, 2014 की रिपोर्ट में CAG ने यहाँ तक लिखा कि सरकार क्यों नहीं महेश्वर परियोजना का समझौता रद्द करती है.

इसके अलावा भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (IFCI) ने अपनी सन 2001 के रिपोर्ट में भी स्पष्ट कहा था कि परियोजनाकर्ता एस.कुमार्स ने तमाम बैंक व् सरकारी संस्थायों से महेश्वर परियोजना के लिए लिये गये 106.4 करोड़ रुपये को उसी ग्रुप की अन्य कम्पनी को डाइवर्ट कर दिया था. इस कारण नर्मदा बचाओ आन्दोलन ने बार बार यह मांग की थी कि परियोजना के लिए आये सार्वजनिक पैसे का फोरेंसिक ऑडिट (forensic audit) किया जाए.

मध्य प्रदेश की जनता के 42000 करोड़ रूपये लुटने से बचे?

400 मेगावाट क्षमता की महेश्वर जल विद्युत् परियोजना से मात्र 80 करोड़ यूनिट बिजली पैदा होना प्रस्तावित है.अभी जारी आदेश में स्वीकार किया गया है कि इसकी बिजली की कीमत 18 रूपये प्रति यूनिट से अधिक होगी. मध्य प्रदेश में वर्तमान में बिजली प्रदेश की समूची मांग पूरी करने के बाद भी 3000 करोड़ यूनिट अतिरिक्त है और वर्त्तमान में बिजली 2.5 रु/ यूनिट की दर पर उपलब्ध है.
अतः महेश्वर की बिजली बनती भी तो खरीदी नहीं जा सकती थी. परन्तु महेश्वर परियोजनाकर्ता से हुए विद्युत् क्रय समझौते के अनुसार बिजली न खरीदने पर भी सरकार को निजी परियोजनाकर्ता को लगभग 1200 करोड़ रुपया प्रतिवर्ष, 35 वर्ष तक देना पड़ता. अतः साफ है कि 35 वर्ष में बिना बिजली खरीदे 42,000 करोड़ों रुपए मध्य प्रदेश की जनता के लूट लिए जाते. अतः परियोजना रद्द होने से जनता के यह 42,000 करोड़ रु लुटने से बच गये.

 

निजीकरण के नाम पर जनता की लूट बंद हो:

महेश्वर परियोजना निजीकरण के नाम पर जनता की लूट का एक वीभत्स उदाहरण है. शुरू से ही इस परियोजना का उद्देश्य जनता के पैसे की लूट था, जिसे विस्थापितों के आन्दोलन ने लगातार भयावह दमन सहते हुए पूरी ताकत से उठाया. इस परियोजना के निजीकरण का आधार था कि परियोजनाकर्ता निजी पैसा लायेगा और खुले बाजार में पैदा होने वाली बिजली के दाम कम होंगे. परन्तु वास्तविकता यह है कि परियोजना में लगा पूरा पैसा सार्वजनिक बैंकों के आम जनता का पैसा है और जनविरोधी समझौतों के कारण व् वित्तीय अनियमितताओं के कारण बिजली के दाम भयावह रूप से बढ़कर 18 रु/यूनिट हो गये. परियोजनाकर्ता ने सार्वजानिक वित्तीय संस्थाओं से आम जनता का करोड़ों रुपया परियोजना के नाम पर लेकर अन्यत्र लगा दिया गया. राज्य सरकार को परियोजनाकर्ता के डिफ़ॉल्ट के कारण102 करोड़ रुपया एस्क्रो गारंटी में देना पड़ा. निरंतर चलती इस लूट में सभी सरकारें शामिल रही.
नर्मदा आन्दोलन मांग करता है कि जनता का सारा पैसा वापस लाया जाये और इस उदाहरण से सबक लेकर आगे निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक पैसे की लूट को बंद किया जाये.

विशेष लेख- कोरोना के विरुद्ध प्लानर, इम्पलीमेंटर और मोटीवेटर मुख्यमंत्री के 30 दिन


भोपाल- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ लेने के पहले ही प्रदेश में कोरोना की आमद की सूचना थी परन्तु प्रदेश में उससे निपटने की तैयारी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही रात को ही कोरोना रोकथाम के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक कर जो आवश्यक काम का जो सिलसिला शुरू किया, वह आज तक जारी है। कोरोना संकट के कारण ही मंत्रीमण्डल गठन में विलम्ब हुआ। मुख्यमंत्री को ही ‘‘वन मेन आर्मी‘‘ के रूप में कोरोना से युद्ध लड़ना पड़ा। उन्होंने कोरोना से लड़ाई का पूरा सिस्टम नये सिरे से खड़ा किया और वह भी तब जब लॉकडाउन के कारण जरूरी सेवाओं वाले विभागों को छोड़कर शेष सारे सरकारी दफ्तर बंद थे, यहाँ तक कि मंत्रालय भी। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री चौहान की भूमिका बहुआयामी हो गई - प्लॉनर, इम्पलीमेंटर और मोटीवेटर। इन तीनों भूमिका में मुख्यमंत्री खरे उतरे। पिछले तीस दिन में मुख्यमंत्री ने जिस तरह तेजी से सुविचारित फैसले लेकर मध्यप्रदेश और यहाँ के लोगों को कोरोना के खिलाफ युद्ध में एकजुट किया, वह काबिले तारीफ है। मुख्यमंत्री की निगाह से संकट के इस दौर में प्रदेश का कोई वर्ग अछूता नहीं रहा, उन्होंने सबकी चिंता की। उनकी चिंताओं के मूल में रहा कोरोना से लड़ाई और इसमें प्रदेशवासियों की मदद।
कोरोना से बचाव के लिये स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत बनाया
जैसा कि स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री ने 23 मार्च को शपथ लेते ही अपने आपको कोरोना के विरूद्ध संघर्ष में एक योद्धा की तरह झोंक दिया। नतीजा भी अच्छा आया। 23 मार्च के पहले जहाँ प्रदेश में कोरोना की व्यापकता की तुलना में सुविधाएँ और उपलब्धियाँ बहुत कम थी। आज एक माह बाद प्रदेश की चिकित्सा प्रणाली इस संक्रमण के विरूद्ध पहले से अधिक मजबूत है। आज राज्य में 10 प्रयोगशालाओं में परीक्षण किये जा रहे हैं। इसी तरह दैनिक जाँच में भी वृद्धि हुई है। पूर्व में 1050 दैनिक परीक्षण हो रहे थे, अब 2000 परीक्षण प्रतिदिन हो रहे हैं। कुछ अन्य प्रयोगशालाओं को शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। परीक्षण किट भी सुलभ है और लगातार आपूर्ति की जा रही है। परीक्षण उपकरणों की बात करें तो प्रदेश के पास 22 हजार 520 आरटीपीसीआर है, 14 हजार 200 मैनुअल आर.एन.ए. हैं। पीपीई किट एक लाख से अधिक हैं, इनमें से 2500 रोजाना वितरित की जाती हैं। एन-95 मास्क की उपलब्धता एक लाख 86 हजार है, जिसमें से अभी तक 50 हजार वितरित किये गये हैं। हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन की 33 लाख से ज्यादा गोलियाँ और 2776 आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं।
संक्रमण प्रभावितों के लिये प्रदेश में 29 हजार 350 से अधिक आइसोलेशन बेड उपलब्ध है। 690 वेंटिलेटर के साथ प्रदेश में लगभग 840 आई.सी.यू. बेड भी उपलब्ध है, जिनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही हैं। आवश्यकतानुसार छात्रावासों सहित अनेक शासकीय और निजी भवनों, उद्यानों, सामुदायिक केन्द्रों और शादी हॉलों को पूर्ण सुविधायुक्त क्वारेंटाइन सेन्टर में तब्दील किया गया है। कोरोना से मध्यप्रदेश की जंग में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग भी मुस्तैद है। एक माह पहले सेम्पल की टेस्टिंग क्षमता नहीं के बराबर थीं जो अब शीघ्र ही 5000 प्रतिदिन हो जायेगी। स्वास्थ्य अमले को कोरोना से जंग में मदद के लिये 59 पृष्ठीय विस्तृत मार्गदर्शिका भी तैयार की गई है।
पीपीई किट अब प्रदेश में ही बन रही हैं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना मरीजों की सेवा में लगे अमले के उपयोग के लिये पीपीई किट की समस्या को सुलझाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। पीपीई किट की उपलब्धता बढ़ाने के लिये मध्यप्रदेश की ही प्रतिभा सिंटेक्स कंपनी को चुना गया। इनोवेटिव, एप्कोन एण्ड ट्रेंड्स अपेरल कम्पनी को भी इससे जोड़कर इनसे प्रदेश में ही पीपीई किट बनाने को कहा गया। इससे विदेशों से पीपीई किट मँगाने में होने वाली देरी खत्म हुई। आज प्रदेश में एक लाख से अधिक पीपीई किट है। पीपीई किट उत्पादन 7 से 8 हजार प्रतिदिन पहुँच गया है, जो आने वाले दिनों में 10 हजार किट प्रतिदिन हो जायेगा।
बीमा कंपनियों को फसल बीमा प्रीमियम के 2200 करोड़ रूपये जारी
कोरोना आपदा से ग्रामीण अर्थ व्यवस्था पर पड़े प्रभाव और समय पर फसल कटाई न होने, उपज बिक्री में देरी और अन्य दीगर कारणों से प्रदेश के किसान भाइयों को परेशानी हुई है। सरकार ने उनके हित में अनेक निर्णय लिये हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के भुगतान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। पिछली सरकार द्वारा खरीफ एवं रबी फसलों के लिये फसल बीमा राशि के रूप में 2200 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया गया था, जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सका। वर्तमान राज्य सरकार ने मार्च माह में ही बीमा कंपनियों को 2200 करोड़ रूपये जारी कर दिये। अब शीघ्र ही प्रदेश के 15 लाख किसानों को 2900 करोड़ रूपये की बीमा राशि प्राप्त होगी। किसानों को प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर जो फसल ऋण वर्ष 2018-19 में दिया गया था, उसके भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई कर दी गयी है। 
लॉकडाउन से प्रभावित आदिवासियों को राहत
लॉकडाउन के कारण प्रदेश के और अन्य राज्यों में फंसे प्रदेशवासियों की चिंता भी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की। राज्य के गरीब परिवारों को एक माह का राशन निःशुल्क दिया गया। सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि दो माह की एडवांस में दी गई। मकान मालिकों से फिलहाल किरायेदार से किराया न लेने और फेक्ट्री श्रमिकों वेतन और मानदेय देने के निर्देश दिये गये। प्रदेश के 8.85 लाख श्रमिकों के खाते में  एक-एक हजार रुपये जमा कराये गए। उनके खातों में कुल 88 करोड़ रुपये से अधिक की आपदा राशि ट्रांसफर की गई।

बुधवार, 22 अप्रैल 2020

खण्डवा जिले में आज एक और मरीज की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई, जिले में अब तक कुल हैं 25 मरीज पॉजिटिव


खण्डवा- खण्डवा जिले में आज कोरोना जांच की कुल 16 रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें से 1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव है। जबकि 15 अन्य की निगेटिव रिपोर्ट आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक खण्डवा शहर के खड़कपुरा क्षेत्र का ही पॉजिटिव मरीज निवासी हैं। जो पहले से ही होम क्वारेंटाइन था। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़े के मुताबिक खण्डवा जिले में अब तक 25 पॉजिटिव हैं। जिनका जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है।

खण्डवा- वॉटसअप पर विवादास्पद मेसेज पोस्ट करने वाले युनूस को जेल भेजने के आदेश


खण्डवा - कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने आशापुर निवासी युनूस पिता याकूब को वॉटसअप ग्रुप में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल भेजने के आदेश जारी किए है। जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस तरह का संदेश वॉटसअप ग्रुप में पोस्ट किए जाने से हरसूद क्षेत्र का साम्प्रदायिक माहौल खराब होने तथा साम्प्रदायिक विवाद की स्थिति निर्मित होने की संभावना रहती है, इसलिए यह प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। 

भोपाल- राज्यपाल श्री टंडन की पहल पर विश्वविद्यालयों ने भेजे सवा करोड़ से अधिक संदेश, कोरोना के विरुद्ध जंग में जन-जागृति कर रहे 23 लाख से अधिक युवा 


भोपाल : राज्यपाल श्री लाल जी टंडन द्वारा युवा शक्ति के माध्यम से कोरोना के प्रति जन-जागृति लाने की पहल का प्रदेश में व्यापक प्रसार हुआ है। सम्पूर्ण लॉक डाऊन के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा ईमेल, व्हाट्सएप और एस.एम.एस. के द्वारा प्रदेश के दूरस्थ अंचलों, समुदायों और व्यक्तियों सहित प्रदेश की आबादी के एक बड़े भाग तक कोरोना से बचाव के उपायों की जानकारी के संदेश पहुँचाने का कार्य किया गया है।
प्रदेश में शासकीय विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों और किसानों को 01 करोड़ 34 लाख 57 हजार 672 सूचनात्मक संदेश प्रेषित किये गये हैं। प्रदेश के 21 विश्वविद्यालय द्वारा लॉक डाऊन अवधि में 23 लाख 16 हजार 179 छात्र-छात्राओं को ई-मेल, एस.एम.एस, व्हॉट्सअप के द्वारा 70 लाख 52 हजार 761 संदेशों के द्वारा कोरोना से बचाव की जानकारियाँ भेजी गई। इसमें एसएमएस और व्हाट्सएप द्वारा 64 लाख 96 हजार 663 संदेश और 5 लाख 56 हजार 098 ई-मेल द्वारा कोरोना के प्रति जन-जागृति की सूचनाएँ भेजी गई। इसके साथ ही कृषि, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय सहित 5 विश्वविद्यालय द्वारा 64 लाख से अधिक संदेश कृषकों को भेजे गए। 
राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने बताया कि विद्यार्थियों के माध्यम से उनके परिवार और उनके सम्पर्क के परिवारों तक संदेश के प्रसारित होने से एक बड़ी आबादी को कोरोना के संबंध में सूचित और शिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि आलोच्य अवधि में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा द्वारा 1,96,238 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 4,32,696 एस.एम.एस, 2,44,278 व्हॉट्सअप एवं 8,106 ई-मेल से कोरोना विषयक जानकारियाँ भेजी गई। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 3,48,905 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 7,27,715 एस.एम.एस, 87,021 व्हॉट्सअप एवं 53,498 ई-मेल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा 2,65,304 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 2,65,304 एस.एम.एस, 3,36,855 व्हॉट्सअप एवं 28,671 ई-मेल, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा 2,95,797 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 3,01,995 एस.एम.एस, 84,738 व्हॉट्सअप एवं 1,14,687 ई-मेल, महाराजा छत्रसाल बुदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर द्वारा 1,56,975 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 24,500 एस.एम.एस, 2,950 व्हॉट्सअप एवं 2,190 ई-मेल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 2,29,108 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 2,30,908 एस.एम.एस, 80,717 व्हॉट्सअप एवं 350 ई-मेल, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा 1,62,017 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 6,14,986 एस.एम.एस, 2,81,616 व्हॉट्सअप एवं 13,069 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 12,050 एस.एम.एस भेजे गये हैं।
राज्यपाल के सचिव ने बताया कि महर्षि पाणिनि, संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा 2,282 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 63 एस.एम.एस एवं 6,825 व्हॉट्सअप, एम.पी. भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 1,00,537 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 2,01,074 एस.एम.एस एवं 15,000 ई-मेल, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 500 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को  800 व्हॉट्सअप एवं 600 ई-मेल, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, सतना द्वारा 58,000 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 31,875 एस.एम.एस, 67,752 व्हॉट्सअप एवं 6,660 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 2,610 एस.एम.एस, राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा 610 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 1,015 एस.एम.एस, 3,070 व्हॉट्सअप एवं 275 ई-मेल, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 22 हजार मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 22 हजार एस.एम.एस, 6,540 ई-मेल, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 3,639 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 52 एस.एम.एस, 3,946 व्हॉट्सअप एवं 294 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 31,58,521 एस.एम.एस, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा 2,053 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 2,053 एस.एम.एस एवं 11,495 व्हॉट्सअप सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 32,22,975 एस.एम.एस, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 2,119 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 44,340 एस.एम.एस, 2,92,783व्हॉट्सअप एवं 2,17,185 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 8,755 एस.एम.एस, सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय, सांची द्वारा 124 मोबाईल धारक  छात्र-छात्राओं को 526 एस.एम.एस, 1,417 व्हॉट्सअप एवं 567 ई-मेल, डॉ बी.आर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू, इंदौर द्वारा 655 मोबाईल धारक  छात्र छात्राओं को 9,844 एस.एम.एस, 2,03,667 व्हॉट्सअप एवं 6,461 ई-मेल, पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल द्वारा 7,828 मोबाईल धारक  छात्र छात्राओं को 54,681 एस.एम.एस, 20,891 व्हॉट्सअप एवं 8,791 ई-मेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा 4,06,835 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 12,56,787 एस.एम.एस और 2,800 व्हॉट्सअप, छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा 54,653 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 54,653 एस.एम.एस, 4,85,975 व्हॉट्सअप एवं 73,154 ई-मेल के माध्यम से कोरोना विषयक संदेश भेजे गये हैं। 

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

कोविड-19 महामारी से निपटनेके लिए देश में रसायनों, उर्वरकों और दवाओं की आपूर्ति बेहतर बनाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं: गौड़ा


केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा है कि कोविड महामारी के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए, उनका मंत्रालय दवाओं,उर्वरकों और कीटाणुनाशक रसायनों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।

श्री गौड़ा ने एक ट्वीट में कहा, कि उन्होंने अपने  मंत्रालय केतीनों विभागों,उर्वरक, फार्मा और रसायन तथा पेट्रोकेमिकल्स के सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किसानों के लिए उर्वरकों,आम जनता के लिए दवाइयों और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किटाणुनाशकों की उपलब्धता बेहतर करने के बारे में चर्चा की ताकि इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। 

बैठक में श्री गौड़ा ने अधिकारियों को आपस में तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का आदेशदिया ताकि रसायनों,उर्वरकों और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रखी जा सके।


रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने भी पिछले दिनो एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रसायन और उर्वरक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 महामारी के प्रकोप के मद्देनजर रसायन और पेट्रोरसायन उद्योग से संबंधित मुद्दों पर गहन विचार विमर्श किया।
श्री मांडविया ने एक ट्वीट में कहा ,  "भारत समूचे विश्व को एक परिवार मानता है यह विचार बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है।"

मंत्रालय ने कहा है कि खाद कंपनियां आगामी खरीफ सीजन के लिए कृषक समुदाय को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति करने के लिए पहले से ही पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। फार्मा क्षेत्र भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन सहित पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं का उत्पादन करने के लिए अपने सभी प्रयास कर रहा है। भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले देशों में से एक है। घरेलू मांग को पूरा करने के अलावा यह विदेशों में भी इस दवा का निर्यात कर रहा है। कीटाणुनाशक के रूप में उपयोग किए जाने वाले आवश्यक रसायनों का उत्पादन और आपूर्ति भी संतोषजनक तरीक से हो रही है।

भोपाल- समयावधि पूर्ण कर चुके नगरीय निकायों में प्रशासकीय समिति गठित करने का निर्णय


मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी गई निर्णयों की जानकारी 
मंत्रि-परिषद की पहली बैठक के निर्णय 

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद की पहली बैठक हुई। बैठक में कोरोना महामारी को देखते हुये निर्णय लिया गया कि प्रदेश के ऐसे नगरीय निकाय,जिनकी समयावधि समाप्त हो चुकी थी, में प्रशासकीय समिति का गठन किया जायेगा। समिति में वह सभी निर्वाचित सदस्य रहेगें, जो पूर्ववती निकाय में सदस्य थे और अन्यथा निर्हरित नहीं हुए हैं। 

यह समिति एक वर्ष तक या उक्त निर्णय का निर्वाचन होने तक, इन दोनों में से जो भी पहले हो, तक कार्य करेगी। प्रशासकीय समिति की अध्यक्षता संबंधित नगरीय निकाय का मेयर/ अध्यक्ष करेगा । प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष तथा सदस्यों के अधिकारों के बारे में राज्य शासन द्वारा अलग से निर्णय लिया जायेगा।  बैठक में  23 मार्च 2020 से अभी तक लिये गये निर्णयों से मंत्रि-परिषद को अवगत करवाया गया। 

निर्धन, कमजोर वर्गों और श्रमिकों के लिये प्रमुख निर्णय

बैठक में प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित पेंशन आदि का भुगतान दो माह के अग्रिम के रूप में किया जाने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 46 लाख हितग्राहियों के खातों में दो माह की पेंशन राशि लगभग 562 करोड़ रूपये अग्रिम जमा करायी गयी है। संनिर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खातों में प्रारंभ में एक हजार रूपये की सहायता राशि और बाद में एक हजार रूपये की राशि अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया। 

ग्राम पंचायतों में पंच परमेश्वर योजना की प्रशासकीय मद में उपलब्ध राशि का उपयोग लोगों के भोजन/आश्रम की व्यवस्था के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया। इसमें प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य निराश्रितों एवं असहायों के भोजन आदि की व्यवस्था करने के लिये 70 करोड़ रूपये से अधिक की राशि जारी की गई है। 

मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को, जो अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उनके बैंक खाते में एक हजार रूपये भेजने का निर्णय लिया गया । प्रत्येक जिले के लिये राहत शिविरों की व्यवस्था के लिये दो करोड़ रूपये तथा अन्य आकस्मिक व्यवस्थाओं के लिये एक करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के कारण फंसे अन्य 22 राज्यों के 7000 प्रवासी श्रमिकों को भी उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये प्रति मजदूर एक हजार रूपये सहायता देने का निर्णय लिया गया ।

मेडिकल संबंधी प्रमुख निर्णय

राज्य शासन द्वारा कोविड योद्धा कल्याण योजना 2020 लागू करने का निर्णय लिया गया है। कोरोना के विरूद्ध अभियान के अंतर्गत कर्तव्य के दौरान उसमें तैनात अधिकारी/कर्मचारी की संक्रामकता के कारण मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को 50 लाख रूपये की सहायता राशि दी  जायेगी। इससे वे सभी अधिकारी/ कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिन्हें भारत शासन की बीमा नीति के लाभ की पात्रता नहीं बनती। 

कोविड-19 की असामान्य परिस्थितियों से निपटने के लिए यह भी निर्णय लिया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जिला कलेक्टर्स, विधायक निधि की राशि का उपयोग कोरोना टेस्टिंग किट्स/पीपीई किट्स / वेंटीलेटर्स/ फेस मास्क/ग्लव्स/ इन्फ्रारेड थर्मामीटर आदि चिकित्सा उपकरणों को क्रय करने में कर सकेंगे।

प्रदेश के 22 जिलों में जिला खनिज निधि में प्रतिवर्ष एकत्रित होने वाली 500 करोड़ रूपये की राशि एकत्र होती  है। राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि का एक तिहाई अर्थात 30 प्रतिशत राशि को इन्ही जिलों में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण एवं बचाव के लिये – दवाएं, बेड्स, वेंटीलेटर्स, मास्क, सेनिटाईजर आदि आवश्यक कार्यों में के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

ग्राम पंचायतों को प्राप्त़ 14वें वित्त आयोग की राशि का 2.5 प्रतिशत सेनेटाइजर एवं मास्क की खरीदी पर व्यय किये जाने सम्बन्धी निर्देश प्रसारित किये गए हैं। प्रदेश के 26 कोरोना प्रभावित जिलों की नियमित निगरानी एवं पर्यवेक्षण तथा समन्वय के लिये भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारीयों को जिलों का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। 

प्रदेश में सरकार द्वारा कोरोना टेस्टिंग क्षमता बढाने का निर्णय लेकर इस दिशा में सघन प्रयास किये गये। जिसकी बदौलत प्रदेश में मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब्स की संख्या 4 से बढ़कर 11 तक पहुंची और टेस्टिंग क्षमता प्रतिदिन लगभग 200 टेस्ट से बढ़कर 1800 टेस्ट प्रतिदिन हुई I टेस्टिंग शीघ्र कराने के उद्देश्य से निरन्तर सैम्पल स्टेट प्लेन से दिल्ली भी भेजे जा रहे हैं।

 प्रदेश में त्वरित निर्णय लेकर किये गए युद्ध स्तर के प्रयासों से अब लॉजिस्टिक्स के मामले में प्रदेश की स्थिति संतोषजनक है I वर्तमान में प्रदेश में पीपीई किट्स, एन 95 मास्क, 3 लेयर मास्क, हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टेबलेट और ऑक्सीजन सिलेंडर आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में निर्णय

प्रदेश की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत 60 लाख 81 हजार और प्रदेश की शासकीय माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 26 लाख 68 हजार  विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन योजना की राशि जमा करने का निर्णय लिया गया। इन छात्रों तथा दो लाख रसोईयों के खातों में लगभग 165 करोड़ की राशि जमा कराई गई है।

प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में फीस जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2020 कर दी गयी है। छात्रवृत्ति योजना के तहत 430 करोड़ की राशि मिशन वन क्लिक के माध्यम से विद्यार्थियों के खातों में जमा कराई गयी है। कक्षा 1 से 8 तक सभी विद्यार्थियों को इस वर्ष जनरल प्रमोशन दे दिया गया है। प्रदेश के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में लॉक डाउन अवधि तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है।

प्रदेश में लॉकडाउन के चलते स्कूल एवं कॉलेज बंद होने के फलस्वरूप सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऑनलाइन माध्यमों से अध्ययन एवं अध्यापन कार्य किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हों।

सार्वजनिक वितरण संबंधी निर्णय

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को एक माह का राशन निःशुल्क दिए जाने का निर्णय लिया गया। चार बड़े संभागीय मुख्यालयों के लिये 10,000 क्विंटल, शेष 6 संभागीय मुख्यालयों के लिये 7,500 क्विंटल तथा शेष सभी जिलों के लिये खाद्यान्न उठाव की अधिकतम सीमा 2,000 क्विंटल स्वीकृत की गई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी हितग्राहियों को मई, 2020 तक के राशन का अग्रिम प्रदाय मार्च, 2020 में ही करवाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 1 करोड़16 लाख परिवारों को 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न प्रदाय किया गया है।

किसानों के हित में लिए गए निर्णय

किसान क्रेडिट कार्ड के भुगतान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2020 तक बढाए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा का लाभ देने मार्च माह में ही बीमा कंपनियों को 2200 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए। अब शीघ्र ही प्रदेश के 15 लाख किसानों को 2900 करोड़ रूपये की बीमा राशि प्राप्त होगी।

किसानो को इस वर्ष भी शून्य ब्याज दर पर ऋण दिये जाने का निर्णय लिया गया। किसानों को प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर, जो फसल ऋण वर्ष 2018-19 में दिया गया था, उसके भुगतान की अंतिम तिथि  28 मार्च से बढ़ाकर 31 मई  2020 कर दी गई है।

उपार्जन संबंधी निर्णय

प्रदेश में गत 15 अप्रैल 2020 से रबी उपार्जन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। किसानों को तीन प्रकार से अपनी फसल बेचने की सुविधा दी गयी है। पहले उपार्जन केंद्र से दूसरी मंडी द्वारा अधिकृत प्राइवेट खरीद केन्द्रों से और तीसरी मंडी में पंजीकृत व्यापारी को सौदा पत्रक के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रदेश में विगत वर्ष कुल 3511 उपार्जन केंद्र संचालित थे। इस वर्ष 4000 से भी अधिक उपार्जन केन्द्र बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों पर स्वास्थ्य परीक्षण की भी व्यवस्था की गयी है।

प्रदेश में तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य 25 अप्रैल से प्रारंभ किया जा रहा है और तेंदूपत्ता की क्रय दर इस बार 2500 रूपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गयी है। इसी प्रकार, हर्रा, बेहड़ा, महुआ आदि लघु वनोपजों को क्रय करने के लिए भी दरें जारी गयी हैं।

बिजली आपूर्ति एवं वितरण के सम्बन्ध में निर्णय

प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे एवं शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति किया जाना सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली का बिल भरने की अंतिम तिथि बढाकर 15 मई की गयी है।  इस तिथि तक भुगतान पर किसी प्रकार का विलम्ब शुल्क /अधिभार देय नहीं होगा। इसी प्रकार, कृषि उपभोक्ताओं, जिनके बिलों का भुगतान अप्रैल में होना था, वे अब बिना विलम्ब शुल्क /अधिभार के अपने बिलों का भुगतान माह मई 2020 तक कर सकेंगे ।

कोरोना संक्रमण में बचाव कार्य कर रहे अमले के सम्बन्ध में निर्णय

मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा कल्याण योजना के माध्यम से प्रदेश के कोरोना नियंत्रण कार्य में लगे शेष सभी कर्मियों के लिए भी अनहोनी हो जाने पर राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का बीमा कवच प्रदान करने का निर्णय लिया है। 

कोरोना के पॉजिटिव मरीज के साथ काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की विशेष प्रोत्साहन राशि दने का निर्णय राज्य सरकार ने किया है। इसी प्रकार, यदि किसी भी विभाग का कर्मी कोरोना नियंत्रण सम्बन्धी कार्य करते हुए कोविड पॉजीटिव हो जाता है, तो उसे 10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी। 

राज्य सरकार द्वारा शासकीय अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध अस्पतालों में कार्यरत उन सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को, जिनके द्वारा कोविड अस्पताल में कोविड पॉजिटिव मरीज की चिकित्सा /देखभाल की जा रही है, उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने का भी निर्णय लिया गया है I

इंदौर में जूनी इंदौर के थाना प्रभारी श्री देवेन्द्र चंद्रवंशी का कोरोना के संक्रमण से लड़ते हुए निधन होने के फलस्वरूप राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया कि श्री चंद्रवंशी के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख की राशि, श्री चंद्रवंशी की पत्नी श्रीमती सुषमा चंद्रवंशी को पुलिस उपनिरीक्षक के रूप में सरकारी नौकरी तथा परिवार को श्री चंद्रवंशी के मरणोपरांत असाधारण पेंशन दी जायेगी। 

कोरोना संक्रमण से बचाव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को कर्मवीर पदक और उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकीय अमले एवं अन्य अधिकारी /कर्मचारियों को कर्मवीर सम्मान दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

अन्य निर्णय

कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि कर दी गयी है। कोरोना महामारी से  उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य-स्तरीय सलाहकार समिति का गठन किया गया है।

राज्य में गरीबों और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कल्याण की जनकल्याण (संबल) योजना का प्रभावी क्रियान्वन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। योजना के प्रवधानों पर पुनर्विचार कर शीघ्र इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। संबल योजना में राज्य के करीब डेढ करोड़ निर्धन श्रमिक शामिल हैं। 

मध्यप्रदेश- राज्यपाल श्री टंडन ने पाँच मंत्रियों को दिलाई शपथ


भोपाल : राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में राज्य मंत्री-मण्डल के पाँच मंत्रियों डॉ. नरोत्तम मिश्रा, श्री तुलसी सिलावट, श्री कमल पटेल, श्री गोविंद सिंह राजपूत और सुश्री मीना सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री बी.डी.शर्मा, विधायकगण, अन्य जन-प्रतिनिधि और पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी उपस्थित थे।
शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के सांदीपनि सभागार में गरिमापूर्वक आयोजित किया गया। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही का संचालन किया।

खण्डवा- खण्डवा की अनाज मण्डी में फसलों की खरीदी का कार्य प्रारंभ


खण्डवा - कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए देशभर में किए लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए कृषि उपज मण्डियों में किसानों की फसल खरीदी का काम रूका हुआ था। प्रदेश सरकार के निर्देशों के पालन में अब धीरे धीरे लॉकडाउन में छूट दी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को खण्डवा की नई कृषि उपज मण्डी परिसर में गेहूं, व मक्का की फसल की नीलामी व खरीदी का कार्य प्रारंभ हो गया। 




मण्डी सचिव श्री दिलीप नागर ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से सोशल डिस्टेंसिंग का कृषि उपज नीलामी के दौरान पूरा ध्यान रखा गया। मण्डी में आने वाले सभी वाहनों को सोडियम हाइपो क्लोराइड के घोल से सेनेटाइज किया गया। मण्डी प्रशासन के द्वारा इन्फ्रारेड नॉन कान्टेक्ट थर्मामीटर से किसानों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही फसल नीलामी खरीदी प्रक्रिया में लाउड स्पीकर के माध्यम से फसल मूल्य का ऐलान किया गया, ताकि दूर दूर खड़े सभी किसान व व्यापारी आसानी से सुन सकें। 


श्री नागर ने बताया कि आज पहले दिन कुल 45 वाहनों में बेचने के लिए किसान गेहूं लेकर मण्डी आए थे, लगभग 1400 क्विंटल गेहूं की खरीदी व्यापारियों ने की। उन्होंने बताया कि गेहूं का अधिकतम भाव 1926 रूपये प्रति क्विंटल तथा न्यूनतम भाव 1676 रू. प्रति क्विंटलरूपये रहा। जबकि मॉडल भाव 1753 रू. प्रति क्विंटल रहा। इस दौरान 4 वाहनों में लगभग 200 क्विंटल मक्का भी मण्डी में बिकने आया। मक्के का उच्चतम भाव 1300 रूपये प्रति क्विंटल तथा न्यूनतम भाव 1211 रूपये प्रति क्विंटल रहा। मण्डी सचिव श्री नागर ने कुछ मॉस्क भी वितरित किए।

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

कोरोना का कहर- एक और थाना प्रभारी कोरोना की जंग में जिंदगी की जंग हारे, अस्पताल में उपचाररत नीलगंगा थाना प्रभारी श्री यशवंत पाल जी का निधन


उज्जैन : कोरोना महामारी के जोखिम के बीच ड्यूटी करते हुए पुलिस भी अब कोरोना के संक्रमण का शिकार हो रही हैं। उज्जैन शहर के नीलगंगा थाना प्रभारी श्री यशवंत पाल (59) की कोरोना वायरस के इलाज के दौरान इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल में जिंगदी की जंग हार गए । आमजन की हिफाज़त करने में अपनी जान गवाने का ये सिलसिला अत्यंत दुखद हैं।
 टीआई श्री पॉल के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनकी पत्नी मीना और दोनों बेटियां फाल्गुनी और ईशा को विक्रमादित्य होटल में क्वॉरेंटाइन किया गया था 15 दिनों में तीनों की दो दो बार जांच के लिए सैंपल लिए गए थे, मगर दोनों सैंपल की रिपोर्ट आज तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है। 
एसपी श्री रूपेश द्विवेदी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ भोपाल में भी इस संबंध में बात कर ली गई थी, मगर उनके परिवार की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई।

गौरतलब है कि रविवार को इंदौर में जूनी इंदौर थाना प्रभारी श्री देवेंद्र चंद्रवंशी की भी कोरोना से लड़ते हुए मौत हो गई थी।। उल्लेखनीय हैं कि 6 अप्रैल को अंबर कॉलोनी के काेरेंटाइन एरिया के प्रभारी श्री यशवंत पाल के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से पुलिस महकमा सकते में आ गया था। टीआई के संपर्क में रहने वाले 12 पुलिसकर्मियों को शाम को ही स्वास्थ्य परीक्षण के लिए माधवनगर अस्पताल भिजवाया। श्री पाल की बेगमबाग धरना स्थल पर काफी दिन तक ड्यूटी भी रही थी।

संक्रमण मुक्त हुए 8 कोरोना विजेता अस्पताल से अपने घरों को गए, चिकित्सकों ने माल्यार्पण कर व ताली बजाकर कोरोना विजेताओं का किया स्वागत


खण्डवा - कोरोना वायरस से संक्रमित 8 मरीजों की लगातार 2 रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें कोविड केयर सेंटर से सोमवार को शाम 5 बजे छुट्टी दे दी गई। इस अवसर पर जैसे ही ये 8 कोरोना विजेता अस्पताल के गेट अपने घर जाने के लिए से बाहर निकले तो वहां उपस्थित डॉक्टर्स व मीडिया प्रतिनिधियों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया तथा माल्यार्पण कर उन्हें घर के लिए विदा किया। सभी कोरोना विजेताओं ने इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए जिला प्रशासन द्वारा कोविड केयर सेंटर में की गई व्यवस्थाओं तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। सभी कोरोना विजेताओं ने अस्पताल के डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ का आभार प्रदर्शन किया। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज करने से पूर्व डॉक्टर्स ने सभी कोरोना विजेताओं को अगले 2 सप्ताह तक पूरी सावधानी बरतनें तथा सोशल डिस्टेंसिंग व होम क्वारेंटाइन के प्रावधानों का पालन करने की समझाइश दी।
जिन लोगों को आज कोरोना संक्रमण से मुक्ति होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, उनमें डॉक्टर संतोष श्रीवास्तव, डॉ. रणजीत बडोले, मंगला बाई निवासी कुमठी, असलम खान ये चारों खण्डवा जिले के निवासी है। जबकि श्री शेख शकील, मो. शरीफ करोली, सुलेमान गौरी नायक, राजेशसाहब बाबानवर कर्नाटक राज्य के निवासी है एवं मक्का मस्जिद खण्डवा में प्रवास के दौरान कोरोना संक्रमित पाए गए थे।एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि इन सभी 8 कोरोना मरीजों की निगेटिव रिपोर्ट दिनांक 18 अप्रैल एवं 19 अप्रैल को निगेटिव आई थी, जिसके बाद सोमवार को इन्हें कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन 8 कोरोना विजेताओं के डिस्चार्ज होने के बाद कोविड केयर सेंटर के आईसोलेशन वार्ड में अभी 24 कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती है।