गुरुवार, 30 अप्रैल 2020
खण्डवा- सारी दुनिया का बोझ उठाने वाले कुलियों का समझा दर्द, रेल्वे अधिकारियों ने बांटा खाद्यान्न
कोरोना का कहर- खण्डवा जिले में एक औऱ कोरोना पॉजिटिव मरीज की हुई मौत,जिले में मरने वालों की संख्या बढ़कर पाँच हुई
बुधवार, 29 अप्रैल 2020
तुम्हीं ने दर्द दिया है, तुम्ही दवा देना... कोरोना संक्रमण से ठीक होकर जमातियों ने अपना प्लाज़्मा देने की पेशकश की
ऋषि कपूर का 67 वर्ष की उम्र में निधन, अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर कहा- वह चला गया है .. ! ऋषि कपूर .. गए .. बस गुज़र गए ।। मैं बर्बाद हो गया हूँ!
मंगलवार, 28 अप्रैल 2020
खण्डवा में 10 और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, मरीजो की संख्या बढ़कर 46 हुए, जिले में मरने वालो की संख्या बढ़कर 2 हुई
खण्डवा- खण्डवा जिले में कोरोना महामारी का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक कुल 26 रिपोर्ट में से 16 रिपोर्ट निगेटिव आई हैं जबकि 10 रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। खण्डवा जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़कर 46 हो गई हैं।
कल प्राप्त इन 10 पॉजिटिव मरीजों में से 3 पहले से सारी वार्ड में भर्ती थे जिन्हें 3 को कल रात में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। पॉजिटिव आये मरीजो में से दो इंदौर में उपचार चल रहा हैं।
खण्डवा जिले में कोरोना महामारी से अब तक दो मौत हो चुकी हैं।
(दो में से एक ऐसा पॉजिटिव मरीज जिसकी मौत पहले ही हो चुकी हैं, उसकी कल रिपोर्ट आने के बाद कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई)
खण्डवा जिले को एक राहत देने वाली भी खबर है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज खण्डवा जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 21 मरीजो में से 19 मरीज कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ्य होकर आज घर लौटेंगे।
रविवार, 26 अप्रैल 2020
कोरोना का कहर- मप्र का एक और जिला कोरोना पॉजीटिव, प्रशासनिक अमला पहुँचा गाँव
महेश्वर की तर्ज पर 6 निजी बिजली परियोजनाओं को बंद करने से बचेंगे 50,000 करोड़ रूपये- आलोक अग्रवाल
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परियोजनाओं को रद्द करने की मांग,
गैर क़ानूनी हैं इन परियोजनाओं के समझौते
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा महेश्वर विद्युत परियोजना को सार्वजनिक हित में न मानते हुए रद्द करने के निर्णय के सन्दर्भ में नर्मदा बचाओ आन्दोलन के श्री आलोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदेश में वर्तमान जारी गैर जरुरी 6 निजी परियोजनाओं को तत्काल रद्द किया जाये ताकि इससे प्रदेश की जनता को 50,000 करोड़ रूपये के बोझ से बचाया जा सके.
कौन सी हैं परियोजनाएं ?
श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जे.पी. बीना पावर सागर, जे.पी. निगरी जिला सिंगरौली, झाबुआ पावर सिवनी, एम.बी. पावर अनूपपुर, बी.एल.ए. पावर गाडरवारा एवं लैंको अमरकंटक को गत वर्ष नियत प्रभार के रूप में 2034 रु का गैर जरुरी भुगतान किया गया. राज्य विध्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश 2019 -20 अनुसार गत वर्ष सरकार ने नियत प्रभार(फिक्स्ड चार्ज) के रूप में इन परियोजनाओं को 2034 करोड़ रु देने का प्रावधान किया गया-
निजी विद्युत गृह
नियत प्रभार (रुपये करोड़)
1- जे.पी. बीना पावर सागर~504.75
2. जे.पी. निगरी जिला सिंगरौली~709.17
3. सिवनी~ 166.50
4. एम.बी. पावर अनूपपुर~409.06
5. बी.एल.ए. पावर गाडरवारा~ 21.00
6. पी.टी.सी. के माध्यम से लेन्को अमरकंटक~223.81
कुल योग 2034.30
परियोजनाओं के समझौते गैरकानूनी:
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया है कि भारतसरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत घोषित टेरिफ पॉलिसी दिनांक 06 जनवरी 2006 एवं अन्य नियमों के अनुसार जे.पी. बीना पावर, जे.पी. निगरी, झाबुआ पावर, एम.बी. पावर एवं बी.एल.ए. पावर के साथ समझौते प्रतिस्पर्धात्मक बोली के आधार पर होने थे. परन्तु इसका खुला उल्लंघन करते हुए ये समझौते एक ही दिन में 5 जनवरी 2011 को बिना किसी प्रतिस्पर्धात्मक बोली के सीधे किये गए. यह भी आश्चर्यजनक है कि समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले दो अधिकारी गजराज मेहता और संजय मोहसे उस दिन सम्बंधित पद पर पदस्थ ही नहीं थे, और तीन अधिकारीयों ए बी बाजपेयी, पी के सिंह और एन के भोगल ने एक ही दिन भोपाल में और जबलपुर में समझौतों पर हस्ताक्षर किये. यह साफ बताता है कि समझौतें फर्जी हैं और गैरकानूनी हैं.
इसी प्रकार लैंको अमरकंटक को ब्लैक लिस्ट करने के बावजूद राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिये समझौता कर लिया गया, और समझौते के बाद बिना नियामक आयोग की अनुमति के और समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिजली खरीदी कर व्यर्थ में 223.81 करोड़ रु का नियत प्रभार इस कंपनी को दिया गया है.
जनता पर आयेगा 50,000 करोड़ का भार:
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 3000 करोड़ यूनिट बिजली हमारी सम्पूर्ण खपत के बाद भी अतिरिक्त उपलब्ध है. इन 6 निजी परियोजनाओं से गत वर्ष सरकार ने मात्र 789 करोड़ यूनिट बिजली खरीदी, जिसमे बिजली के दाम के अतिरिक्त सरकार ने नियत प्रभार के नाम पर 2034 करोड़ रु का भुगतान इन निजी कंपनियों को किया है. इन समझौतों के अनुसार सरकार को यह भुगतान 25 वर्षों तक करना पड़ेगा. अतः प्रदेश की जनता से 50,000 करोड़ रूपये बिजली के दाम बढ़ाकर वसूले जायेंगे.
प्रदेश की सस्ती बिजली के बिजली घर बंद :
श्री आलोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस बात पर ध्यान दिलाया है कि मध्य प्रदेश में उपरोक्त निजी बिजली परियोजनाओं से बिजली खरीदने के कारण प्रदेश की बरगी, बाणसागर व् पेंच जैसी अत्यंत सस्ती बिजली पैदा करने वाली जल विद्युत् परियोजनाओं से बिजली नहीं बनाई जा रही है और इस कारण इन बांधो के जलाशय अभी भी लगभग पूरे भरे हुए हैं. निम्न तालिका से स्पष्ट है कि इन जलाशयों का जल स्तर न्यूनतम स्तर से कहीं अधिक है जबकि डेढ़ माह बाद बरसात आने वाली है-
परियोजना_ वर्तमान स्तर (मी) ~न्यूनतम स्तर (मी)
1. बरगी418~403.5
2. बाणसागर 338~ 323.0
3. पेंच 488~ 464.0
समझौते रद्द कर जनता के 50,000 करोड़ बचायें: बिजली के दाम कम किये जाएँ
पत्र में मांग की गयी है कि जिस प्रकार महेश्वर परियोजना को सार्वजानिक हित में न समझते हुए रद्द किया गया है उसी प्रकार इन 6 परियोजनाओं, जिनके समझौते गैर क़ानूनी हैं, को रद्द किया जाये. इस प्रकार मध्य प्रदेश की आम जनता पर पढ़ने वाले 50,000 करोड़ रु के व्यर्थ के भार को रोका जाये. साथ ही मध्य प्रदेश की स्वयम की सस्ती बिजली वाली परियोजनाओं से बिजली उत्पादन किया जाये और इस प्रकार बची हुई धनराशि के द्वारा घरेलू, व्यावसायिक व् औद्योगिक बिजली के दामों में पर्याप्त कमी की जाये.
शनिवार, 25 अप्रैल 2020
अपराध- अनाज माफिया असलम पर रासुका, भतीजा ब्लैक लिस्टेड, खण्डवा जिले में पहली बार अनाज माफिया के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
नागरिक आपूर्ति निगम, सेंट्रल वेयर हाउस के अफसर-कर्मचारियाें की भी हाेगी जांच
खंडवा- सरकारी अनाज की अफरातफरी करने वाले आरोपी अनाज माफिया असलम पिता हाजी कासम चौहान (42) निवासी गुलमाेहर कॉलोनी के खिलाफ कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3(3) के तहत रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाई है।
आरोपी और उसके भतीजे शहबाज व अरबाज चौहान द्वारा लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं, चावल सहित अन्य राशन परिवहन के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों पहुंचाने की बजाय हेराफेरी करते हुए कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। असलम और उसके परिजन पूर्व में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। 2017 में आरोपी को पंधाना के बोरगांव क्षेत्र में गिरफ्तार किया। शनिवार को कलेक्टर के आदेशानुसार आरोपी को लॉकडाउन के चलते खंडवा जेल में वर्ग सी में रखा जाएगा। क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। असलम व उसके भतीजों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक अतुल कुमार गीते की शिकायत पर धारा 406, 420 के अलावा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, धारा 53 आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
ब्लैक लिस्टेड हुआ तो ठेका चाचा को देने की तैयारी
असलम का भतीजा अरबाज अब तक फरार है। आरोपी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। पीडीएस का ठेका आरोपी अरबाज के चाचा आजम चौहान को देने की तैयारी चल रही है। क्योंकि टेंडर में दूसरा नाम आजम चौहान का है। आजम ने राजहंस ट्रांसपोर्ट फर्जी तरीके से बनाया है। जिसमें टेंडर डालने से पहले नियम होता है कि आपके ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज है या नहीं है। आजम पर एक दर्जन प्रकरण दर्ज है, जबकि उसने टेंडर की शर्त पर 100 के स्टाम्प पर लिखकर दिया कि मेरे ऊपर एक भी प्रकरण दर्ज नहीं है। टेंडर की कॉपी के दस्तावेज इंदौर मुख्यालय में जमा है। आरोपी के टेंडर दस्तावेज के अनुसार एक और प्रकरण दर्ज होना चाहिए।
आटा व मैदा मिलाें में गरीबाें का राशन खपाता था असलम, खरीदने वाले व्यापारियाें पर भी दर्ज हाेगा केस
एसपी ने कहा- पुलिस को मिले हैं इस संबंध में सबूत, जांच कर रहे हैं
गरीबाें के राशन की हेराफेरी कर कालाबाजारी करने वाला असलम चाेरी का राशन खंडवा, बुरहानपुर, खरगाेन व बड़वानी की मिलाें में खपाता था। विभाग के अफसराें से साठगांठ व मिल मालिकाें द्वारा चाेरी का राशन खरीदने की जानकारी पुलिस काे मिली है। पुलिस ने अब चाेरी का राशन खरीदने वाले मिल मालिकाें के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है। जांच में खाद्य अापूर्ति, नागरिक आपूर्ति निगम व सेंट्रल वेयर हाउस के कर्मचारी-अफसर भी दाेषी पाए गए ताे पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
एसपी डाॅ. शिवदयाल सिंह ने बताया गरीबाें के राशन की कालाबाजारी करने वाले असलम के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब असलम के साथ साठगांठ कर कालाबाजारी करने वाले, चाेरी का गेहूं खरीदने वाले व्यापारियाें की भी तलाश कर रही है। एसपी सिंह ने बताया असलम द्वारा इंदाैर राेड व पंधाना राेड की कुछ मैदा व आटा मिलाें में गरीबाें काे मिलने वाला गेहूं व चावल बेचे जाने की जानकारी मिली है। एक बड़ा रैकेट है जिसकी मदद से असलम चाेरी का गेहूं, चावल अन्य जिलाें तक भी पहुंचाता है। डीबी के मुताबिक पुलिस काे कुछ सबूत भी मिले हैं जिनके संपर्क में असलम काफी समय से यह काम कर रहा है। पुलिस सबूताें के आधार पर जांच कर रही है। जांच में जाे भी व्यापारी, अधिकारी व कर्मचारी दाेषी पाया जाएगा उसके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करेगी।
कोरोना का कहर- गणेश तलाई क्षेत्र का 1 मरीज पॉजिटिव पाए जाने से कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित, खण्डवा जिले में अब तक पॉजिटिव मरीजो की संख्या 23 हुई
खण्डवा - शहर के गणेश तलाई क्षेत्र में निवासरत 50 वर्षीय एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि यह महिला इंदौर में अपना इलाज करवा रही है। वहीं इनका सेम्पल लिया गया था एवं जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर कोरोना पॉजिटिव पाई गई।
गणेश तलाई क्षेत्र की निवासी महिला कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वहां डॉ. अली के क्लिनिक के आसपास के क्षेत्र को कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल ने बताया कि गणेश तलाई क्षेत्र को इपिसेंटर मानते हुए इस क्षेत्र के सभी घरों का सर्वे निर्धारित प्रपत्र अनुसार कराया जायेगा। कन्टेनमेंट क्षेत्र के सर्विलांस के लिए अधिकारियों का दल गठित किया गया है, जिसमें इन्सीडेंट कमाण्डर के रूप में एसडीएम खण्डवा श्री संजीव पाण्डेय तैनात रहेंगे। इनके साथ राजस्व अधिकारी, तहसीलदार श्री प्रताप सिंह आगास्या, पुलिस अधिकारी सीएसपी श्री ललित गठरे तथा नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह को भी तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि खंडवा जिले में अब 23 कोरोना पोजिटिव मरीज हो गए हैं जिसमें से 21 कोरोनावायरस मरीज मरीजों का जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में उपचार किया जा रहा है खंडवा जिले में अब तक 12 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं।
खंडवा नगर के गणेशतलाई वार्ड में कोरोना का पॉजिटिव मरीज बनने के बाद कन्टेनमेंट एरिया घोषित कर उस एरिया को आवागमन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस क्षेत्र के सभी निवासियों को होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। इस क्षेत्र में कर्फ्यू के आदेश का पालन सख्ती से कराया जायेगा।
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020
आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनना कोरोना महामारी से मिला सबसे बड़ा सबक है: प्रधानमंत्री। प्रधानमंत्री ने ‘ई-ग्राम स्वराज एप’ और ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2020’ के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर की ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एक एकीकृत ‘ई-ग्राम स्वराज पोर्टल एवं मोबाइल एप’ और ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारंभ किया।
‘ई-ग्राम स्वराज’ दरअसल ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को तैयार करने और उनके कार्यान्वयन में मदद करता है। यह पोर्टल वास्तविक समय पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। इतना ही नहीं, यह पोर्टल ग्राम पंचायत स्तर तक डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
6 राज्यों में प्रायोगिक (पायलट) तौर पर शुरू की गई ‘स्वामित्व योजना’ ड्रोन और नवीनतम सर्वेक्षण विधियों का उपयोग करके गांवों में बसी हुई भूमि या आवासों का नक्शा बनाने में मदद करती है। यह योजना सुव्यवस्थित योजना बनाना एवं राजस्व संग्रह सुनिश्चित करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार पर स्पष्टता प्रदान करेगी। इससे संपत्ति (प्रॉपर्टी) के मालिकों द्वारा वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने के लिए आवेदन करने के रास्ते खुल जाएंगे। इस योजना के माध्यम से आवंटित मालिकाना प्रमाण पत्र (टाइटिल डीड) के जरिए संपत्ति से संबंधित विवादों को भी सुलझाया जाएगा।
देश भर के सरपंचों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने लोगों के काम करने के तरीके को बदल दिया है और इसके साथ ही एक अच्छा सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि महामारी ने हमें सिखाया है कि व्यक्ति को सदैव ही आत्मनिर्भर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस महामारी से हमें ऐसी नई चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हालांकि, इसने हमें एक मजबूत संदेश के साथ एक बहुत अच्छा सबक भी सिखाया है। इसने हमें सिखाया है कि हमें आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनना होगा। इसने हमें सिखाया है कि हमें समस्याओं का समाधान देश के बाहर नहीं तलाशना चाहिए। यही सबसे बड़ा सबक है जिसे हमने सीखा है।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हर गांव को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त रूप से आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। इसी तरह हर जिले को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना है, हर राज्य को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना है और पूरे देश को अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।’
श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्राम पंचायतों को और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
उन्होंने कहा, ‘पिछले पांच वर्षों में लगभग 1.25 लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड के माध्यम से जोड़ा गया है, जबकि पहले यह संख्या मात्र 100 ही थी। इसी तरह साझा सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) की संख्या 3 लाख का आंकड़ा पार कर गई है।
उन्होंने कहा कि जब से भारत में मोबाइल फोन का निर्माण किया जा रहा है, तभी से स्मार्टफोन की कीमतें काफी घट गई हैं और किफायती स्मार्टफोन हर गांव में पहुंच गए हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचा और भी अधिक मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पंचायतों की प्रगति से राष्ट्र और लोकतंत्र की तरक्की सुनिश्चित होगी।’
आज का यह आयोजन दरअसल प्रधानमंत्री और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का अहम अवसर था।
सरपंचों के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने अत्यंत सरल शब्दों में सामाजिक दूरी बनाए रखने को परिभाषित करने के लिए दिए गए ‘दो गज दूरी’ के मंत्र के लिए गांवों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत द्वारा दिया गया ‘दो गज देह की दूरी’ का मंत्र लोगों की बुद्धिमत्ता को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने इस मंत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारत ने निरंतर बड़ी सक्रियता के साथ इस चुनौती का सामना किया है और नई ऊर्जा एवं अभिनव तरीकों के साथ आगे बढ़ने का संकल्प दिखाया है।
उन्होंने कहा, ‘गांवों की सामूहिक शक्ति देश को आगे बढ़ने में मदद कर रही है।’
उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि इन प्रयासों के बीच हमें यह याद रखना होगा कि किसी भी एक व्यक्ति की लापरवाही पूरे गांव को भारी खतरे में डाल सकती है, इसलिए इसमें छूट या ढील देने की कोई गुंजाइश नहीं है।
प्रधानमंत्री ने सरपंचों से क्वारंटाइन, सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क से चेहरे को कवर करना सुनिश्चित करते हुए गांवों में स्वच्छ्ता अभियान की दिशा में काम करने और गांवों में रहने वाले बुजु्र्गों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंदों का विशेष ध्यान रखने का अनुरोध किया।
उन्होंने सरपंचों से कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं पर हर परिवार को सही जानकारी देने का आग्रह किया।
उन्होंने गांवों में रहने वाले लोगों से ‘आरोग्य सेतु एप’ को डाउनलोड करने की भी अपील की और पंचायतों के प्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी पंचायत का प्रत्येक व्यक्ति इस एप को अवश्य डाउनलोड करे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास किए जा रहे हैं कि गांवों के गरीब लोगों को भी सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिले। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गांवों के गरीबों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में उभर कर सामने आई है और इस योजना के तहत लगभग 1 करोड़ गरीब मरीजों को अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला है।
उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्मों जैसे कि ई-नाम और जेम पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि गांव की उपज की बेहतर कीमतें पाने के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और असम के सरपंचों के साथ संवाद किया।
उन्होंने ग्राम स्वराज पर आधारित महात्मा गांधी के स्वराज की अवधारणा को स्मरण किया। शास्त्रों को उद्धृत करते हुए उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि सभी शक्ति का स्रोत एकता ही है।
प्रधानमंत्री ने अपने सामूहिक प्रयासों, एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ कोरोना को परास्त करने के लिए सरपंचों को पंचायती राज दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
संक्रमण मुक्त हुए 4 कोरोना विजेता अस्पताल से अपने घरों को गए| चिकित्सकों ने माल्यार्पण कर व ताली बजाकर कोरोना विजेताओं का किया स्वागत
6 वाहनों से प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा जायेगा, सतना,डिंडोरी,बेतूल,ग्वालियर, रीवा के लिए खण्डवा व हरसूद से रवाना होंगे वाहन
गुरुवार, 23 अप्रैल 2020
कोरोना का कहर- महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अव्हाड कोरोना पॉजिटिव, पहले स्टॉफ हुआ था संक्रमित
कोरोना का कहर- कोरोना वायरस से खण्डवा में पहली मौत, 2 मरीजों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़कर 35 हुई
मदिरा की अवैध बिक्री रोकने हेतु आबकारी विभाग कर रहा है कार्यवाही
महेश्वर विद्युत् परियोजना का जन विरोधी समझौता रद्द, नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत प्रभावितों के संघर्ष की एतिहासिक जीत, जनता का 42,000 करोड़ रुपया लुटने से बचा
विशेष लेख- कोरोना के विरुद्ध प्लानर, इम्पलीमेंटर और मोटीवेटर मुख्यमंत्री के 30 दिन
बुधवार, 22 अप्रैल 2020
खण्डवा जिले में आज एक और मरीज की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई, जिले में अब तक कुल हैं 25 मरीज पॉजिटिव
खण्डवा- खण्डवा जिले में आज कोरोना जांच की कुल 16 रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें से 1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव है। जबकि 15 अन्य की निगेटिव रिपोर्ट आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक खण्डवा शहर के खड़कपुरा क्षेत्र का ही पॉजिटिव मरीज निवासी हैं। जो पहले से ही होम क्वारेंटाइन था। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़े के मुताबिक खण्डवा जिले में अब तक 25 पॉजिटिव हैं। जिनका जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है।
खण्डवा- वॉटसअप पर विवादास्पद मेसेज पोस्ट करने वाले युनूस को जेल भेजने के आदेश
भोपाल- राज्यपाल श्री टंडन की पहल पर विश्वविद्यालयों ने भेजे सवा करोड़ से अधिक संदेश, कोरोना के विरुद्ध जंग में जन-जागृति कर रहे 23 लाख से अधिक युवा
भोपाल : राज्यपाल श्री लाल जी टंडन द्वारा युवा शक्ति के माध्यम से कोरोना के प्रति जन-जागृति लाने की पहल का प्रदेश में व्यापक प्रसार हुआ है। सम्पूर्ण लॉक डाऊन के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा ईमेल, व्हाट्सएप और एस.एम.एस. के द्वारा प्रदेश के दूरस्थ अंचलों, समुदायों और व्यक्तियों सहित प्रदेश की आबादी के एक बड़े भाग तक कोरोना से बचाव के उपायों की जानकारी के संदेश पहुँचाने का कार्य किया गया है।
प्रदेश में शासकीय विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों और किसानों को 01 करोड़ 34 लाख 57 हजार 672 सूचनात्मक संदेश प्रेषित किये गये हैं। प्रदेश के 21 विश्वविद्यालय द्वारा लॉक डाऊन अवधि में 23 लाख 16 हजार 179 छात्र-छात्राओं को ई-मेल, एस.एम.एस, व्हॉट्सअप के द्वारा 70 लाख 52 हजार 761 संदेशों के द्वारा कोरोना से बचाव की जानकारियाँ भेजी गई। इसमें एसएमएस और व्हाट्सएप द्वारा 64 लाख 96 हजार 663 संदेश और 5 लाख 56 हजार 098 ई-मेल द्वारा कोरोना के प्रति जन-जागृति की सूचनाएँ भेजी गई। इसके साथ ही कृषि, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय सहित 5 विश्वविद्यालय द्वारा 64 लाख से अधिक संदेश कृषकों को भेजे गए।
राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने बताया कि विद्यार्थियों के माध्यम से उनके परिवार और उनके सम्पर्क के परिवारों तक संदेश के प्रसारित होने से एक बड़ी आबादी को कोरोना के संबंध में सूचित और शिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि आलोच्य अवधि में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा द्वारा 1,96,238 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 4,32,696 एस.एम.एस, 2,44,278 व्हॉट्सअप एवं 8,106 ई-मेल से कोरोना विषयक जानकारियाँ भेजी गई। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 3,48,905 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 7,27,715 एस.एम.एस, 87,021 व्हॉट्सअप एवं 53,498 ई-मेल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा 2,65,304 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 2,65,304 एस.एम.एस, 3,36,855 व्हॉट्सअप एवं 28,671 ई-मेल, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा 2,95,797 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 3,01,995 एस.एम.एस, 84,738 व्हॉट्सअप एवं 1,14,687 ई-मेल, महाराजा छत्रसाल बुदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर द्वारा 1,56,975 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 24,500 एस.एम.एस, 2,950 व्हॉट्सअप एवं 2,190 ई-मेल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 2,29,108 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 2,30,908 एस.एम.एस, 80,717 व्हॉट्सअप एवं 350 ई-मेल, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा 1,62,017 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 6,14,986 एस.एम.एस, 2,81,616 व्हॉट्सअप एवं 13,069 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 12,050 एस.एम.एस भेजे गये हैं।
राज्यपाल के सचिव ने बताया कि महर्षि पाणिनि, संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा 2,282 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 63 एस.एम.एस एवं 6,825 व्हॉट्सअप, एम.पी. भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 1,00,537 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 2,01,074 एस.एम.एस एवं 15,000 ई-मेल, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 500 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 800 व्हॉट्सअप एवं 600 ई-मेल, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, सतना द्वारा 58,000 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 31,875 एस.एम.एस, 67,752 व्हॉट्सअप एवं 6,660 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 2,610 एस.एम.एस, राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा 610 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 1,015 एस.एम.एस, 3,070 व्हॉट्सअप एवं 275 ई-मेल, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 22 हजार मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 22 हजार एस.एम.एस, 6,540 ई-मेल, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 3,639 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 52 एस.एम.एस, 3,946 व्हॉट्सअप एवं 294 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 31,58,521 एस.एम.एस, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा 2,053 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 2,053 एस.एम.एस एवं 11,495 व्हॉट्सअप सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 32,22,975 एस.एम.एस, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा 2,119 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 44,340 एस.एम.एस, 2,92,783व्हॉट्सअप एवं 2,17,185 ई-मेल सहित कृषकों को कृषि से संबंधित 8,755 एस.एम.एस, सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय, सांची द्वारा 124 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 526 एस.एम.एस, 1,417 व्हॉट्सअप एवं 567 ई-मेल, डॉ बी.आर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू, इंदौर द्वारा 655 मोबाईल धारक छात्र छात्राओं को 9,844 एस.एम.एस, 2,03,667 व्हॉट्सअप एवं 6,461 ई-मेल, पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल द्वारा 7,828 मोबाईल धारक छात्र छात्राओं को 54,681 एस.एम.एस, 20,891 व्हॉट्सअप एवं 8,791 ई-मेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा 4,06,835 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 12,56,787 एस.एम.एस और 2,800 व्हॉट्सअप, छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा 54,653 मोबाईल धारक छात्र-छात्राओं को 54,653 एस.एम.एस, 4,85,975 व्हॉट्सअप एवं 73,154 ई-मेल के माध्यम से कोरोना विषयक संदेश भेजे गये हैं।
मंगलवार, 21 अप्रैल 2020
कोविड-19 महामारी से निपटनेके लिए देश में रसायनों, उर्वरकों और दवाओं की आपूर्ति बेहतर बनाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं: गौड़ा
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा है कि कोविड महामारी के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए, उनका मंत्रालय दवाओं,उर्वरकों और कीटाणुनाशक रसायनों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
श्री गौड़ा ने एक ट्वीट में कहा, कि उन्होंने अपने मंत्रालय केतीनों विभागों,उर्वरक, फार्मा और रसायन तथा पेट्रोकेमिकल्स के सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किसानों के लिए उर्वरकों,आम जनता के लिए दवाइयों और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किटाणुनाशकों की उपलब्धता बेहतर करने के बारे में चर्चा की ताकि इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
बैठक में श्री गौड़ा ने अधिकारियों को आपस में तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का आदेशदिया ताकि रसायनों,उर्वरकों और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रखी जा सके।
मंत्रालय ने कहा है कि खाद कंपनियां आगामी खरीफ सीजन के लिए कृषक समुदाय को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति करने के लिए पहले से ही पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। फार्मा क्षेत्र भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन सहित पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं का उत्पादन करने के लिए अपने सभी प्रयास कर रहा है। भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले देशों में से एक है। घरेलू मांग को पूरा करने के अलावा यह विदेशों में भी इस दवा का निर्यात कर रहा है। कीटाणुनाशक के रूप में उपयोग किए जाने वाले आवश्यक रसायनों का उत्पादन और आपूर्ति भी संतोषजनक तरीक से हो रही है।
भोपाल- समयावधि पूर्ण कर चुके नगरीय निकायों में प्रशासकीय समिति गठित करने का निर्णय
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि-परिषद की पहली बैठक हुई। बैठक में कोरोना महामारी को देखते हुये निर्णय लिया गया कि प्रदेश के ऐसे नगरीय निकाय,जिनकी समयावधि समाप्त हो चुकी थी, में प्रशासकीय समिति का गठन किया जायेगा। समिति में वह सभी निर्वाचित सदस्य रहेगें, जो पूर्ववती निकाय में सदस्य थे और अन्यथा निर्हरित नहीं हुए हैं।
यह समिति एक वर्ष तक या उक्त निर्णय का निर्वाचन होने तक, इन दोनों में से जो भी पहले हो, तक कार्य करेगी। प्रशासकीय समिति की अध्यक्षता संबंधित नगरीय निकाय का मेयर/ अध्यक्ष करेगा । प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष तथा सदस्यों के अधिकारों के बारे में राज्य शासन द्वारा अलग से निर्णय लिया जायेगा। बैठक में 23 मार्च 2020 से अभी तक लिये गये निर्णयों से मंत्रि-परिषद को अवगत करवाया गया।
निर्धन, कमजोर वर्गों और श्रमिकों के लिये प्रमुख निर्णय
बैठक में प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित पेंशन आदि का भुगतान दो माह के अग्रिम के रूप में किया जाने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 46 लाख हितग्राहियों के खातों में दो माह की पेंशन राशि लगभग 562 करोड़ रूपये अग्रिम जमा करायी गयी है। संनिर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत 8 लाख 85 हजार मजदूरों के खातों में प्रारंभ में एक हजार रूपये की सहायता राशि और बाद में एक हजार रूपये की राशि अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया।
ग्राम पंचायतों में पंच परमेश्वर योजना की प्रशासकीय मद में उपलब्ध राशि का उपयोग लोगों के भोजन/आश्रम की व्यवस्था के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया। इसमें प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य निराश्रितों एवं असहायों के भोजन आदि की व्यवस्था करने के लिये 70 करोड़ रूपये से अधिक की राशि जारी की गई है।
मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को, जो अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उनके बैंक खाते में एक हजार रूपये भेजने का निर्णय लिया गया । प्रत्येक जिले के लिये राहत शिविरों की व्यवस्था के लिये दो करोड़ रूपये तथा अन्य आकस्मिक व्यवस्थाओं के लिये एक करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के कारण फंसे अन्य 22 राज्यों के 7000 प्रवासी श्रमिकों को भी उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये प्रति मजदूर एक हजार रूपये सहायता देने का निर्णय लिया गया ।
मेडिकल संबंधी प्रमुख निर्णय
राज्य शासन द्वारा कोविड योद्धा कल्याण योजना 2020 लागू करने का निर्णय लिया गया है। कोरोना के विरूद्ध अभियान के अंतर्गत कर्तव्य के दौरान उसमें तैनात अधिकारी/कर्मचारी की संक्रामकता के कारण मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को 50 लाख रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। इससे वे सभी अधिकारी/ कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिन्हें भारत शासन की बीमा नीति के लाभ की पात्रता नहीं बनती।
कोविड-19 की असामान्य परिस्थितियों से निपटने के लिए यह भी निर्णय लिया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जिला कलेक्टर्स, विधायक निधि की राशि का उपयोग कोरोना टेस्टिंग किट्स/पीपीई किट्स / वेंटीलेटर्स/ फेस मास्क/ग्लव्स/ इन्फ्रारेड थर्मामीटर आदि चिकित्सा उपकरणों को क्रय करने में कर सकेंगे।
प्रदेश के 22 जिलों में जिला खनिज निधि में प्रतिवर्ष एकत्रित होने वाली 500 करोड़ रूपये की राशि एकत्र होती है। राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि का एक तिहाई अर्थात 30 प्रतिशत राशि को इन्ही जिलों में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण एवं बचाव के लिये – दवाएं, बेड्स, वेंटीलेटर्स, मास्क, सेनिटाईजर आदि आवश्यक कार्यों में के लिए उपयोग किया जा सकेगा।
ग्राम पंचायतों को प्राप्त़ 14वें वित्त आयोग की राशि का 2.5 प्रतिशत सेनेटाइजर एवं मास्क की खरीदी पर व्यय किये जाने सम्बन्धी निर्देश प्रसारित किये गए हैं। प्रदेश के 26 कोरोना प्रभावित जिलों की नियमित निगरानी एवं पर्यवेक्षण तथा समन्वय के लिये भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारीयों को जिलों का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
प्रदेश में सरकार द्वारा कोरोना टेस्टिंग क्षमता बढाने का निर्णय लेकर इस दिशा में सघन प्रयास किये गये। जिसकी बदौलत प्रदेश में मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब्स की संख्या 4 से बढ़कर 11 तक पहुंची और टेस्टिंग क्षमता प्रतिदिन लगभग 200 टेस्ट से बढ़कर 1800 टेस्ट प्रतिदिन हुई I टेस्टिंग शीघ्र कराने के उद्देश्य से निरन्तर सैम्पल स्टेट प्लेन से दिल्ली भी भेजे जा रहे हैं।
प्रदेश में त्वरित निर्णय लेकर किये गए युद्ध स्तर के प्रयासों से अब लॉजिस्टिक्स के मामले में प्रदेश की स्थिति संतोषजनक है I वर्तमान में प्रदेश में पीपीई किट्स, एन 95 मास्क, 3 लेयर मास्क, हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टेबलेट और ऑक्सीजन सिलेंडर आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में निर्णय
प्रदेश की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत 60 लाख 81 हजार और प्रदेश की शासकीय माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 26 लाख 68 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन योजना की राशि जमा करने का निर्णय लिया गया। इन छात्रों तथा दो लाख रसोईयों के खातों में लगभग 165 करोड़ की राशि जमा कराई गई है।
प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में फीस जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2020 कर दी गयी है। छात्रवृत्ति योजना के तहत 430 करोड़ की राशि मिशन वन क्लिक के माध्यम से विद्यार्थियों के खातों में जमा कराई गयी है। कक्षा 1 से 8 तक सभी विद्यार्थियों को इस वर्ष जनरल प्रमोशन दे दिया गया है। प्रदेश के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में लॉक डाउन अवधि तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है।
प्रदेश में लॉकडाउन के चलते स्कूल एवं कॉलेज बंद होने के फलस्वरूप सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऑनलाइन माध्यमों से अध्ययन एवं अध्यापन कार्य किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हों।
सार्वजनिक वितरण संबंधी निर्णय
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को एक माह का राशन निःशुल्क दिए जाने का निर्णय लिया गया। चार बड़े संभागीय मुख्यालयों के लिये 10,000 क्विंटल, शेष 6 संभागीय मुख्यालयों के लिये 7,500 क्विंटल तथा शेष सभी जिलों के लिये खाद्यान्न उठाव की अधिकतम सीमा 2,000 क्विंटल स्वीकृत की गई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी हितग्राहियों को मई, 2020 तक के राशन का अग्रिम प्रदाय मार्च, 2020 में ही करवाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 1 करोड़16 लाख परिवारों को 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न प्रदाय किया गया है।
किसानों के हित में लिए गए निर्णय
किसान क्रेडिट कार्ड के भुगतान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2020 तक बढाए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा का लाभ देने मार्च माह में ही बीमा कंपनियों को 2200 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए। अब शीघ्र ही प्रदेश के 15 लाख किसानों को 2900 करोड़ रूपये की बीमा राशि प्राप्त होगी।
किसानो को इस वर्ष भी शून्य ब्याज दर पर ऋण दिये जाने का निर्णय लिया गया। किसानों को प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर, जो फसल ऋण वर्ष 2018-19 में दिया गया था, उसके भुगतान की अंतिम तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 31 मई 2020 कर दी गई है।
उपार्जन संबंधी निर्णय
प्रदेश में गत 15 अप्रैल 2020 से रबी उपार्जन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। किसानों को तीन प्रकार से अपनी फसल बेचने की सुविधा दी गयी है। पहले उपार्जन केंद्र से दूसरी मंडी द्वारा अधिकृत प्राइवेट खरीद केन्द्रों से और तीसरी मंडी में पंजीकृत व्यापारी को सौदा पत्रक के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रदेश में विगत वर्ष कुल 3511 उपार्जन केंद्र संचालित थे। इस वर्ष 4000 से भी अधिक उपार्जन केन्द्र बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों पर स्वास्थ्य परीक्षण की भी व्यवस्था की गयी है।
प्रदेश में तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य 25 अप्रैल से प्रारंभ किया जा रहा है और तेंदूपत्ता की क्रय दर इस बार 2500 रूपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गयी है। इसी प्रकार, हर्रा, बेहड़ा, महुआ आदि लघु वनोपजों को क्रय करने के लिए भी दरें जारी गयी हैं।
बिजली आपूर्ति एवं वितरण के सम्बन्ध में निर्णय
प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे एवं शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति किया जाना सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली का बिल भरने की अंतिम तिथि बढाकर 15 मई की गयी है। इस तिथि तक भुगतान पर किसी प्रकार का विलम्ब शुल्क /अधिभार देय नहीं होगा। इसी प्रकार, कृषि उपभोक्ताओं, जिनके बिलों का भुगतान अप्रैल में होना था, वे अब बिना विलम्ब शुल्क /अधिभार के अपने बिलों का भुगतान माह मई 2020 तक कर सकेंगे ।
कोरोना संक्रमण में बचाव कार्य कर रहे अमले के सम्बन्ध में निर्णय
मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा कल्याण योजना के माध्यम से प्रदेश के कोरोना नियंत्रण कार्य में लगे शेष सभी कर्मियों के लिए भी अनहोनी हो जाने पर राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का बीमा कवच प्रदान करने का निर्णय लिया है।
कोरोना के पॉजिटिव मरीज के साथ काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की विशेष प्रोत्साहन राशि दने का निर्णय राज्य सरकार ने किया है। इसी प्रकार, यदि किसी भी विभाग का कर्मी कोरोना नियंत्रण सम्बन्धी कार्य करते हुए कोविड पॉजीटिव हो जाता है, तो उसे 10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा शासकीय अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध अस्पतालों में कार्यरत उन सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को, जिनके द्वारा कोविड अस्पताल में कोविड पॉजिटिव मरीज की चिकित्सा /देखभाल की जा रही है, उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने का भी निर्णय लिया गया है I
इंदौर में जूनी इंदौर के थाना प्रभारी श्री देवेन्द्र चंद्रवंशी का कोरोना के संक्रमण से लड़ते हुए निधन होने के फलस्वरूप राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया कि श्री चंद्रवंशी के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख की राशि, श्री चंद्रवंशी की पत्नी श्रीमती सुषमा चंद्रवंशी को पुलिस उपनिरीक्षक के रूप में सरकारी नौकरी तथा परिवार को श्री चंद्रवंशी के मरणोपरांत असाधारण पेंशन दी जायेगी।
कोरोना संक्रमण से बचाव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को कर्मवीर पदक और उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकीय अमले एवं अन्य अधिकारी /कर्मचारियों को कर्मवीर सम्मान दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
अन्य निर्णय
कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि कर दी गयी है। कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य-स्तरीय सलाहकार समिति का गठन किया गया है।
राज्य में गरीबों और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कल्याण की जनकल्याण (संबल) योजना का प्रभावी क्रियान्वन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। योजना के प्रवधानों पर पुनर्विचार कर शीघ्र इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। संबल योजना में राज्य के करीब डेढ करोड़ निर्धन श्रमिक शामिल हैं।
मध्यप्रदेश- राज्यपाल श्री टंडन ने पाँच मंत्रियों को दिलाई शपथ
खण्डवा- खण्डवा की अनाज मण्डी में फसलों की खरीदी का कार्य प्रारंभ
सोमवार, 20 अप्रैल 2020
कोरोना का कहर- एक और थाना प्रभारी कोरोना की जंग में जिंदगी की जंग हारे, अस्पताल में उपचाररत नीलगंगा थाना प्रभारी श्री यशवंत पाल जी का निधन
संक्रमण मुक्त हुए 8 कोरोना विजेता अस्पताल से अपने घरों को गए, चिकित्सकों ने माल्यार्पण कर व ताली बजाकर कोरोना विजेताओं का किया स्वागत
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मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की तहसील खालवा के ग्राम झिंझरी का एक साधारण युवक आज बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बन चुका है...




























