शनिवार, 6 दिसंबर 2025

स्व. भैयालाल शुक्ल की 10वीं पुण्यतिथि: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, सेवा एवं मानवीय मूल्यों की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

रीवा/भोपाल– विंध्य क्षेत्र के प्रख्यात समाजसेवी और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के पूज्य पिताश्री स्व. भैयालाल शुक्ल की 10वीं पुण्यतिथि पर हरिहरपुर धाम, रीवा में शनिवार को एक भावपूर्ण और गरिमामय प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने अपने पिताजी के स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर गहन श्रद्धा के साथ नमन किया।

समाजसेवा और मानवीय मूल्यों से भरे जीवन का स्मरण

स्व. भैयालाल शुक्ल विंध्य अंचल की एक ऐसी प्रेरक विभूति रहे, जिन्होंने जीवनभर समाजसेवा, सादगी, त्याग और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा। प्रार्थना सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भैयालाल शुक्ल जी ने सदैव गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा को अपना जीवन–धर्म माना।
उनकी सरलता, सहनशीलता, सौम्यता और मानव कल्याण की भावना ने उन्हें समाज में एक सम्मानित स्थान प्रदान किया।

उप मुख्यमंत्री की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने भावुक शब्दों में अपने पिताजी को याद किया। उन्होंने कहा—

“यह अवसर मेरे पूज्य पिता जी की स्मृति को नमन करने का है, जिन्होंने सेवा, त्याग और मानवता को जीवन का आधार बनाया। उनका जीवन मूल्य, समर्पण और समाज के प्रति चिंता मुझे निरंतर प्रेरित करती रहेगी। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही मेरे लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।”

उप मुख्यमंत्री ने अपने पिताश्री द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और समाजहित में किए गए सेवा–कार्य को जीवनभर आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

जनप्रतिनिधियों और समाज का स्नेहपूर्ण सम्मिलन

प्रार्थना सभा में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, स्व. शुक्ल जी के परिवारजन, ग्रामवासी, संत समाज और बड़ी संख्या में समाजसेवी शामिल हुए।
सभी ने भैयालाल शुक्ल जी के स्मृतिचिह्न पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। उनकी स्मृति में सामूहिक मौन, प्रार्थना और सत्संग का आयोजन भी हुआ।

संत समाज का सम्मान और पौधारोपण

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रार्थना सभा में उपस्थित संत समाज को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पिताजी की स्मृति में पौधारोपण कर उन्होंने प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह कदम स्व. भैयालाल शुक्ल के प्रकृति–प्रेम और जीवन मूल्यों का प्रत्यक्ष प्रतीक रहा।

मानवीय विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश

कार्यक्रम का पूर्ण वातावरण श्रद्धा, आत्मीयता और सेवा भावना से भरा हुआ रहा।
प्रार्थना सभा ने स्व. भैयालाल शुक्ल की महान विरासत, उनके समाजसेवी जीवन और आध्यात्मिक विचारधारा को पुनः स्मरण कर समाज को प्रेरणा प्रदान की।
उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम परिवार, समाज और जनप्रतिनिधियों के बीच एकता, मानवीय मूल्यों और समाजहित की भावना को और मजबूत करता हुआ दिखाई दिया।

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