भोपाल- मध्यप्रदेश में बस किराया बढ़ाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। लंबे समय से किराया संशोधन की मांग कर रहे बस संचालकों का कहना है कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के निजी बस संचालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी के मद्देनजर मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने 26 जुलाई को सागर में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें भविष्य की रणनीति पर महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, बैठक में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों से कम से कम पांच-पांच प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेशभर से आने वाले बस संचालक मौजूदा परिवहन व्यवस्था, किराया संशोधन, सरकारी नीतियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बस किराया वृद्धि रहेगा। बस संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल की कीमतों, वाहनों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, टायर, बीमा, टैक्स, परमिट शुल्क और कर्मचारियों के वेतन सहित लगभग सभी परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके बावजूद बस किराए में अपेक्षित संशोधन नहीं किया गया, जिससे निजी परिवहन व्यवसाय आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
बैठक में 7 जुलाई को प्रकाशित राजपत्र में राष्ट्रीयकरण की स्कीम पर भी विस्तार से चर्चा होगी। बस संचालकों का मानना है कि इस विषय का निजी परिवहन व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर सामूहिक राय बनाई जाएगी और आवश्यक होने पर सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
इसके अलावा परमिट संबंधी समस्याएं, कर व्यवस्था, परिवहन विभाग की नीतियां, बढ़ती संचालन लागत, यात्री सुविधाएं तथा निजी बस संचालकों के समक्ष आने वाली अन्य प्रशासनिक और व्यावसायिक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में इन सभी मुद्दों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है।
बस ओनर्स एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार जल्द ही किराया संशोधन और अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आगामी दिनों में आंदोलन सहित अन्य लोकतांत्रिक विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय 26 जुलाई को सागर में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रतिनिधियों की राय के आधार पर लिया जाएगा।
परिवहन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल किराया वृद्धि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश की निजी बस परिवहन व्यवस्था के भविष्य, सरकारी नीतियों और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे व्यापक विषयों पर भी महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है। ऐसे में इस बैठक पर बस संचालकों के साथ-साथ परिवहन विभाग और आम यात्रियों की भी नजर बनी हुई है।