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सोमवार, 23 मार्च 2020

शिवराज सिंह चौहान ने शुभ मुहूर्त में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली |



भोपाल। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिवराज सिंह चौहान ने राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसकी तैयारियां पहले से ही की जा चुकी थी। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिवराज सिंह चौहान को नेता चुना गया। गोपाल भार्गव ने विधायक दल के नेता के पद से इस्तीफा दे दिया था। शिवराज सिंह ने शपथ ग्रहण के लिए शुभ मुहूर्त का शोधन करवाया था। निर्धारित समय पर शपथ ली है।
अपने पहले भाषण में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शासन करने की शैली में भी अब परिवर्तन किया जाएगा। सभी को साथ लेकर चलेंगे। कोरोना के कारण कोई उत्सव न मनाए, घर पर रहें। मैं आज रात ही वल्लभ भवन बैठ जाऊंगा, कोरोना को हराना है।

मध्यप्रदेश में विधायक दल का नेता चुने जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरे लिए आज बहुत भावुक पल है, मैं एक कार्यकर्ता के रूप में सालों से कार्य करता रहा हूं, यह इसी पार्टी में हो सकता है कि एक साधारण कार्यकर्ता को एक बड़ा कार्य करने का मौका मिले।

मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान के लिए 

 शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री बने।
शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शिवराज सिंह चौहान ने 2 कार्यकाल पूरे किए।
शिवराज सिंह चौहान का पहला और चौथा कार्यकाल 5 साल का नहीं था। 

मास्क पहनकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए 7 फेरे , पंडित से लेकर बारातियों ने भी लगाये मास्क !



कोरोनावायरस का असर अब धीरे-धीरे हमारी जिदंगी पर देखे जाने लगा है। बाजार, ट्रेनें और शादी-पार्टी अब सूनी हो गई हैं। कुछ हो रही हैं तो उनमें इसका खौफ देख जा रहा है। मुंबई एक ऐसी शादी हुई जिसमें, दूल्हा-दुल्हन से लेकर पंडित और बाराती सभी मास्क लगाकर शामिल हुए। दूल्हा-दुल्हन ने मास्क लगाकार सात फेरे लिए और एक दूसरे को वरमाला पहनाई। कोरोना को देखते हुए शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, 'हम जनता से अपील करना चाहते हैं कि वे शादी को आगे के लिए टाल दे।' इस शादी के जरिए इस कपल ने लोगों को एहतियात बरतने का संदेश भी दिया। यह शादी मुंबई के भांडुप इलाके में हुई। ऐसे में बारात में शामिल हुए दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे दूर से ही नमस्कार किया। हालांकि, पहले वर-वधु इस शादी को आगे के लिए टालना चाहते थे, लेकिन बाद में इसे करने का फैसला लिया गया। 

शादी में 800 लोगों को भेजा गया था निमंत्रण

  • दूल्हे सतीश ने हरे रंग का मास्क लगाया था। शादी समारोह में आए सभी लोगों के लिए मास्क का इंतजाम भी वर-वधु पक्ष की ओर से किया गया था। पहले इस शादी के लिए 800 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ 100 लोग ही इसमें शामिल हुए। सीएम ने भी शादी में कम लोगों के शामिल होने की अपील की थी।
  • बारात में आए सभी लोग और पंडित भी मास्क पहने हुए थे। पंडित ने मास्क पहनकर ही सभी मंत्र पढ़े। शादी में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया था।

रविवार, 22 मार्च 2020

विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को भी अब मिलेगा मां बनने का अधिकार


न्यूज डेस्क — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने सरोगेसी नियमन विधेयक 2019 में बदलाव करते हुए विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार देने का फैसला किया है।राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए सेरोगेसी (किराए की कोख) बिल को मंजूरी दे दी है। बिल की मंजूरी के बाद विधवा हो या तलाकशुदा महिलाओं को भी सरोगेसी का अधिकार होगा।
नये नियम में ये हुआ बदलाव
नए नियम में सेरोगेट मदर के मेडिकल कवर को 18 से बढ़ाकर 36 महीने का कर दिया गया है। शादी के बाद सरोगेसी की इजाजत की सीमा को भी 5 साल से घटा दिया गया है।भारतीय विवाहित जोड़े, विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के विवाहित जोड़े और अकेली भारतीय महिलाएं कुछ शर्तों के अधीन सरोगेसी का फायदा उठा सकेंगी। हालांकि अकेली महिलाओं की स्थिति में उनका विधवा या तलाकशुदा होना जरूरी होगा। साथ ही उनकी उम्र 35 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। महिला व बाल विकास मंत्रालय की मंत्री स्मृति ईरानी ने सेरोगेसी बिल पेश किया था। इसके कुछ बिंदुओं पर आपत्ति के चलते उसे राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था।
सेलेक्ट कमेटी ने कुछ सिफारिशें दी थीं। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूर कर लिया गया। मौजूदा सिफारिशों में अब महिला विधवा हो या तलाकशुदा, उसे भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का अधिकार है।
वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के प्रजनन के अधिकारों में उदारवादी विचारों को बढ़ावा दिया है। फिर चाहे वह एसिसटेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल हो या फिर सेरोगेसी बिल हो। सेरोगेसी संशोधन बिल को अगले महीने बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

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