खंडवा- आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा इस वर्ष 27 और 28 अक्टूबर को खंडवा के ऐतिहासिक गणगौर घाट पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने पर्व की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। घाटों की सफाई, रास्तों की मरम्मत और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि “अनेकता में एकता” हमारे देश की पहचान है। खंडवा जैसे शहर में सभी धर्मों और संस्कृतियों के लोग मिलकर हर पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। पिछले कई वर्षों से छठ पूजा भी यहां बड़े श्रद्धा भाव और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक के रूप में मनाई जा रही है।
25 अक्टूबर से शुरू होगा छठ महापर्व
छठ महापर्व समिति के अध्यक्ष एस.जे. श्रीवास्तव ने बताया कि 25 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ पर्व का शुभारंभ होगा। 26 अक्टूबर को खरना का आयोजन घरों में किया जाएगा।
इसके बाद 27 अक्टूबर की शाम को श्रद्धालु गणगौर घाट पर पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे और 28 अक्टूबर की सुबह उगते सूर्य को गाय के दूध का अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगे।
बिहार से मंगाई जाएगी पूजन सामग्री
पर्व में प्रयोग होने वाली पारंपरिक पूजन सामग्री बिहार के हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और सोनपुर से मंगाई जा रही है। घाट पर मिट्टी से पारंपरिक चौरा गंगाजी तैयार किया जाएगा। श्रद्धालु मां गंगा के जल से सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
नगर निगम ने शुरू की व्यवस्थाएँ
नगर निगम द्वारा गणगौर घाट और आसपास के क्षेत्रों की सफाई कार्य प्रारंभ कर दी गई है। सियाराम चौक से घाट तक जाने वाले मार्ग के शोल्डरों की मरम्मत और समतलीकरण का काम तेजी से जारी है। निगम प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए अतिरिक्त रोशनी, पेयजल, अस्थायी शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
खंडवा में छठ पूजा का यह आयोजन न केवल पूर्वांचल की संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि शहर में सांस्कृतिक एकता और सामूहिक श्रद्धा का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।