शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

एईआरबी ने कैगा न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-5 और 6 के निर्माण के लिए FPC को दी मंज़ूरी

भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) ने 24 फरवरी 2026 को कैगा न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-5 और 6 के निर्माण के लिए फर्स्ट पोर ऑफ़ कंक्रीट (FPC) की अनुमति प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति 23 फरवरी 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में विस्तृत सुरक्षा समीक्षा के परिणामों पर विचार के बाद दी गई।

यह मंज़ूरी केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह संकेत है कि परियोजना का डिज़ाइन, सुरक्षा विश्लेषण और गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्थाएँ निर्धारित नियामक मानकों पर खरी उतरी हैं।

क्या है फर्स्ट पोर ऑफ़ कंक्रीट (FPC)?

परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में फर्स्ट पोर ऑफ़ कंक्रीट वह चरण है, जब साइट की खुदाई और आधारभूत तैयारियों के बाद रिएक्टर भवन की नींव में पहली बार संरचनात्मक कंक्रीट डाला जाता है। इसे निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।

FPC की अनुमति से पहले नियामक संस्था द्वारा डिज़ाइन, सुरक्षा प्रणाली, भूकंपीय आकलन, आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की बहु-स्तरीय समीक्षा की जाती है।

700 MWe PHWR: स्वदेशी तकनीक की उपलब्धि

कैगा-5 और 6 में 2×700 मेगावाट क्षमता वाले प्रेशराइज़्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (PHWR) स्थापित किए जाएंगे। यह रिएक्टर पूर्णतः स्वदेशी डिज़ाइन पर आधारित हैं, जिन्हें न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने विकसित किया है।

इन रिएक्टरों में उन्नत सुरक्षा विशेषताएँ शामिल हैं, जो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के नवीनतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।

700 MWe क्षमता वाले PHWR भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की रीढ़ माने जाते हैं, क्योंकि ये उच्च उत्पादन क्षमता के साथ स्वदेशी तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी दर्शाते हैं।

अन्य परियोजनाओं से समानता

कैगा-5 और 6 का डिज़ाइन गुजरात स्थित काकरापार एटॉमिक पावर स्टेशन (KAPS) की यूनिट-3 और 4 के समान है, जिन्हें जुलाई 2025 में नियमित संचालन की अनुमति दी गई थी।

इसके अलावा, राजस्थान के रावतभाटा स्थित राजस्थान एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (RAPP) की यूनिट-7 और 8 भी 700 MWe श्रेणी की हैं। RAPP-7 को 30 जनवरी 2026 को 100% पावर तक कमीशनिंग की स्वीकृति दी जा चुकी है।

इन सफल परियोजनाओं के अनुभव से कैगा-5 और 6 के निर्माण एवं संचालन में तकनीकी दक्षता और समयबद्ध प्रगति की अपेक्षा की जा रही है।

कैगा साइट का महत्व

कैगा परमाणु ऊर्जा केंद्र कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले में स्थित है। यहाँ पहले से 220 MWe क्षमता की चार इकाइयाँ सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।

नई इकाइयों के जुड़ने से इस साइट की कुल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और दक्षिण भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

सुरक्षा सर्वोपरि

AERB ने स्पष्ट किया है कि यह स्वीकृति अनुमोदित डिज़ाइन, व्यापक सुरक्षा विश्लेषण और गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं के संतोषजनक पालन के आधार पर दी गई है।

AERB की बहु-स्तरीय समीक्षा प्रणाली के अंतर्गत विशेषज्ञ समितियाँ, तकनीकी मूल्यांकन समूह और बोर्ड स्तर पर अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि परमाणु ऊर्जा परियोजनाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित और विश्वसनीय हों।

राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में कदम

भारत ने स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा स्रोतों के विस्तार को प्राथमिकता दी है। परमाणु ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और बेस-लोड बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कैगा-5 और 6 परियोजना की FPC स्वीकृति इस दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। यह न केवल ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी दृष्टि को भी सुदृढ़ करेगी।


कैगा-5 और 6 के लिए FPC की मंज़ूरी भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना सुरक्षा, स्वदेशी तकनीक और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के समन्वय का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में इसके पूर्ण संचालन से देश की ऊर्जा क्षमता और रणनीतिक मजबूती में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में उत्साहपूर्वक मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | कुलगुरु प्रो. मोहनलाल कोरी ने किया पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन, विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना

खंडवा- भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को आत्मसात करते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह के मार्गदर्शन में रसायन विभाग, माइक्रोबायोलॉजी एवं फार्मा रसायन विभाग द्वारा किया गया।

इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण एवं गूगल आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने बताया कि महाविद्यालय के लिए यह गौरव का विषय रहा कि क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन के कुलगुरु प्रो. मोहनलाल कोरी का महाविद्यालय में आगमन हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के रचनात्मक एवं शोधपरक प्रयासों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में भारतीय वैज्ञानिकों के जीवन एवं उनके वैज्ञानिक योगदानों पर आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए गए थे। कुलगुरु प्रो. कोरी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों एवं उनके नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की और युवाओं को अनुसंधान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

नैनो टेक्नोलॉजी एवं वैज्ञानिक आविष्कारों पर प्रभावी प्रस्तुतियाँ

भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना मोरे ने जानकारी दी कि पावरपॉइंट प्रस्तुति सत्र में माइक्रोबायोलॉजी की छात्रा प्रथा महोदय ने नैनो टेक्नोलॉजी के विविध आयामों—स्वास्थ्य संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कृषि विकास एवं पर्यावरण संरक्षण—पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नैनो कण शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में किस प्रकार उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं और भारत में इसकी संभावनाएँ कितनी व्यापक हैं।

छात्र माधव बाथम ने आचार्य नागार्जुन के जीवन परिचय एवं रसायन शास्त्र में उनके योगदान पर प्रभावी प्रस्तुति दी। वहीं वाणिज्य संकाय की छात्रा रितिका ने विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कारों एवं मानव जीवन में उनके महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेमांश दुधे ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. कमलेश कोचले द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एस. के. गोयल, डॉ. रेखा गुंजन, प्रो. पी. के. पाटिल, डॉ. पी. खनूजा, डॉ. अपर्णा अग्रवाल एवं प्रो. क्षमा पालीवाल सहित अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भौतिक शास्त्र विभाग द्वारा भी आयोजित हुआ प्रेरक कार्यक्रम

इसी क्रम में महाविद्यालय के भौतिक शास्त्र विभाग द्वारा भी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना मोरे रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान दिवस को केवल एक दिवसीय आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन में वैज्ञानिक सोच को आत्मसात करना चाहिए।

डॉ. अपर्णा अग्रवाल ने विज्ञान के महत्व तथा नवीन आविष्कारों की उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनू सेन ने किया तथा आभार डॉ. नेहा सोलंकी ने व्यक्त किया।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस बहुआयामी आयोजन ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, शोध प्रवृत्ति एवं नवाचार के प्रति उत्साह का संचार किया तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने का सशक्त संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक पहल: राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ | सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में निर्णायक कदम, मध्यप्रदेश में आठ लाख किशोरियों को निःशुल्क टीकाकरण

भोपाल - महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के से राष्ट्रीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर देशव्यापी निवारक स्वास्थ्य आंदोलन की नई शुरुआत की है। तीन माह तक चलने वाले इस व्यापक अभियान के अंतर्गत देशभर में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग एक करोड़ किशोरियों को निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।

मध्यप्रदेश में इस अभियान के माध्यम से आठ लाख से अधिक पात्र किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन प्रदान की जाएगी। यह पहल न केवल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में सहायक होगी, बल्कि महिलाओं के दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करेगी।

निवारक स्वास्थ्य देखभाल को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम

मुख्यमंत्री डॉ. ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन की बाजार कीमत लगभग चार हजार रुपये प्रति डोज है, किंतु सरकार इसे पात्र किशोरियों को पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि अधिकतम संख्या में बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

सर्वाइकल कैंसर: एक गंभीर चुनौती

महिलाओं में स्तन कैंसर के पश्चात सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी व्यापकता दर लगभग प्रति एक लाख जनसंख्या पर 156 है। एचपीवी संक्रमण इस रोग का प्रमुख कारण है, जिसे समय रहते टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री श्री ने भोपाल स्थित डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय से प्रदेश स्तरीय अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि “रोग होने के बाद उपचार से बेहतर है कि हम उसकी रोकथाम सुनिश्चित करें।” उन्होंने सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ, आत्मनिर्भर नई पीढ़ी के निर्माण को सरकार का संकल्प बताया।स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण

राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक पहलें की जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 85 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं को प्रोत्साहित कर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श सुलभ बनाया जा रहा है।

प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है, जिससे नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय उपचार सुविधा प्राप्त हो सके।

“मिशन मधुहारी” : टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष पहल

इस अवसर पर “मिशन मधुहारी” का भी शुभारंभ किया गया। यह मिशन टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित बच्चों एवं किशोरों के समग्र उपचार एवं देखभाल के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। टाइप-1 मधुमेह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन का निर्माण नहीं होता और रोगी को आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है।

मिशन के अंतर्गत सभी जिला चिकित्सालयों में साप्ताहिक विशेष क्लिनिक प्रारंभ किए जा रहे हैं, जहां इंसुलिन की निरंतर उपलब्धता, रक्त शर्करा परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श तथा नियमित अनुवर्ती जांच की सुविधा एक ही स्थान पर प्रदान की जाएगी। चयनित जिलों में सैकड़ों बच्चों को निःशुल्क ग्लूकोमीटर किट वितरित की जा रही हैं, जिससे वे नियमित रूप से अपनी शर्करा की जांच कर सकें।

टीकाकरण की व्यवस्था एवं प्रक्रिया

प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण सत्र प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे। लगभग 471 स्वास्थ्य केन्द्रों—जिनमें चिकित्सा महाविद्यालय, जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं—पर यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है तथा अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी। पात्रता के अंतर्गत वे किशोरियां सम्मिलित हैं जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूर्ण कर लिया है और 15वां जन्मदिन अभी नहीं मनाया है। अभियान प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष पूर्ण करने वाली बालिकाएं भी पात्र होंगी।

सभी पात्र बालिकाओं का पंजीयन यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा। पंजीयन अभिभावक अपने पहचान पत्र एवं मोबाइल नंबर के माध्यम से स्वयं भी कर सकते हैं। प्रदेश में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया गया है।

टीकाकरण के उपरांत प्रत्येक बालिका को 30 मिनट तक स्वास्थ्य केन्द्र में अवलोकन हेतु रखा जाएगा। संभावित हल्के दुष्प्रभाव जैसे इंजेक्शन स्थल पर दर्द, सिरदर्द अथवा थकान सामान्य हैं और शीघ्र ही ठीक हो जाते हैं।

स्वस्थ भविष्य की ओर निर्णायक कदम

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को गंभीर रोगों से सुरक्षित करने का व्यापक संकल्प है। निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देकर सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार को सुदृढ़ कर रही है।

सर्वाइकल कैंसर मुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर सिद्ध होगा। जागरूकता, सहभागिता और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से यह पहल देश और प्रदेश की लाखों बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगी।

सागर में तीन दिवसीय रहस मेला सम्पन्न, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेटियों के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया

सागर- सागर जिले में आयोजित तीन दिवसीय रहस मेला का रंगारंग समापन उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल की उपस्थिति में हुआ।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त राज्य बनाने के लिए 14 और 15 वर्ष की बेटियों को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद शीघ्र भरे जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पुरानी गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रखना और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सागर के रहस मेले की परंपरा को बनाए रखने का यह प्रयास विधायक एवं वरिष्ठ पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव द्वारा किया जा रहा है।

रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा का समन्वित मेला

रहस मेला केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि अंत्योदय मेला का विस्तृत रूप है। इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण एवं शहरी हितग्राहियों तक पहुँचाया गया। मेला के दौरान चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड तथा अन्य योजनाओं के लाभ भी उपलब्ध कराए गए।

विधायक श्री भार्गव ने कहा कि मेला लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सेवाओं का लाभ देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अत्याधुनिक संसाधन एवं उपकरणों के साथ जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि सभी नागरिक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ, स्वस्थ रहें और विकास में योगदान दें।

एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सागर जिले के गढ़ाकोटा विधानसभा क्षेत्र में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की। अभियान की शुरुआत 14 वर्षीय छात्रा सुश्री गुनगुन दुबे के टीकाकरण से हुई। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि अपने परिवार, पड़ोस और मोहल्ले की 14-15 वर्ष की बेटियों को यह वैक्सीन लगवाएँ और मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने में सहयोग करें।

जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम जनता उपस्थित रही। उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ती है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है।

रहस मेला और एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान न केवल धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल एवं विधायक श्री भार्गव ने इस अवसर पर जनता से अपील की कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी सेवाओं का लाभ उठाएँ और प्रदेश को सशक्त और सर्वसुविधायुक्त बनाने में सहयोग करें।

जय भोलेनाथ ग्रुप की मातृशक्ति ने श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया भव्य फाग उत्सव

खंडवा: पदम नगर स्थित ओम श्री पद्मेश्वर महादेव मंदिर के जय भोलेनाथ ग्रुप की मातृशक्ति ने होली के पावन पर्व पर हर्षोल्लास और गहन भक्ति भाव के साथ फाग उत्सव का भव्य आयोजन किया। यह उत्सव मंदिर में श्रद्धा, प्रेम और आपसी सौहार्द के अनोखे संगम का प्रतीक बना।

मंदिर के सेवादार मनोहर शामनानी ने बताया कि यह उत्सव पिछले तीन वर्षों से निरंतर मनाया जा रहा है और हर वर्ष भक्तों के बीच उत्साह और भक्ति की लहर पैदा करता है। इस वर्ष का फाग उत्सव काजल मुकेश बंसल के निवास पर संपन्न हुआ, जहां महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर हिस्सा लिया और आंगन को फूलों, गुलाल और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया।

आयोजन की शुरुआत भगवान शिव के मंगलपाठ और आरती से हुई, जिसके बाद भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजने लगीं। ‘हर हर महादेव’, ‘भोलेनाथ की जय’ और ‘फागुन के रंग बरसे’ जैसे भक्ति भरे भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मातृशक्ति के सदस्यों ने अपनी मधुर स्वरलहरियों से उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छोटे कृष्ण स्वरूप के साथ खेली गई फूलों की होली रही। नन्हे बाल कलाकारों ने भगवान कृष्ण का रूप धारण कर फूलों की वर्षा की, जो देखने वालों को भाव-विभोर कर गया। यह दृश्य भगवान कृष्ण की लीला की याद दिला रहा था, जहां फाग के रंग प्रेम और भक्ति के प्रतीक बन गए।

मातृशक्ति की महिलाओं ने गुलाल उड़ाते हुए एक-दूसरे को गले लगाया और हंसी-ठिठोली के साथ उत्सव को जीवंत बनाया। यह फाग उत्सव भगवान शिव और शक्ति की महिमा को समर्पित पुरातन परंपरा का अद्भुत उदाहरण है। जय भोलेनाथ ग्रुप की मातृशक्ति ने इसे न केवल जीवंत रखा, बल्कि नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

आयोजन में उपस्थित भक्तों ने कहा कि यह उत्सव उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भर देता है और सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है। मनोहर शामनानी ने बताया कि इस उत्सव की लगातार सफलता मातृशक्ति की सक्रिय भूमिका और उनकी मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने घर-घर तक भक्ति का संदेश पहुंचाया।

कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें फल और मीठे पदार्थ बांटे गए। सभी ने मिलकर भगवान शिव से प्रार्थना की कि यह सौहार्द और भक्ति की भावना हमेशा बनी रहे।

फाग उत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ किया, बल्कि समाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूती दी, और यह सुनिश्चित किया कि भक्ति और उल्लास का यह रंग नए पीढ़ी तक पहुंचता रहे।

मुख्यमंत्री से संवाद के बाद टली बस हड़ताल: समाधान की राह पर परिवहन क्षेत्र, यात्रियों को बड़ी राहत

भोपाल- प्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बसों की हड़ताल फिलहाल टल गई है। बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री से हुई सकारात्मक चर्चा के बाद अपना आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। इससे लाखों यात्रियों को संभावित असुविधा से राहत मिली है और प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सामान्य बनी रहेगी।

हड़ताल की पृष्ठभूमि: बढ़ती लागत और नीतिगत मुद्दे

प्रदेश के बस संचालक लंबे समय से परिवहन कर संरचना, डीजल की बढ़ती कीमत, परमिट और फिटनेस संबंधी प्रक्रियाओं में जटिलता, मार्गों पर प्रतिस्पर्धा तथा संचालन लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों को लेकर असंतोष जता रहे थे। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ऑपरेटरों ने 2 मार्च से प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था।

यदि हड़ताल लागू होती तो ग्रामीण-शहरी आवागमन, छात्रों की परीक्षा यात्राएं, श्रमिकों का दैनिक आवागमन और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होतीं। विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में निजी बसें ही मुख्य परिवहन साधन होने से स्थिति गंभीर हो सकती थी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात: आश्वासन के बाद बदला रुख

बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी प्रमुख मांगों और व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने परिवहन क्षेत्र को जनजीवन की धुरी बताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ विचार करने और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

चर्चा के बाद बस ऑपरेटरों ने विश्वास जताते हुए हड़ताल का निर्णय वापस लेने की घोषणा की। प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की सकारात्मक पहल से संवाद का मार्ग खुला है और समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।

यात्रियों और अर्थव्यवस्था को राहत

बस हड़ताल टलने से प्रदेशभर में आवागमन सुचारु रहेगा। दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारिक वर्ग को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच बाधित होने की आशंका भी समाप्त हो गई है।

आगे की राह: संवाद आधारित समाधान की अपेक्षा

परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि निजी बस संचालन राज्य के सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में कर-संरचना, परमिट नीति और संचालन लागत से जुड़े मुद्दों पर दीर्घकालिक और संतुलित नीति आवश्यक है। मुख्यमंत्री स्तर पर हुई चर्चा को सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है, जिससे सरकार और ऑपरेटरों के बीच समन्वय बढ़ेगा और भविष्य में विवाद की स्थितियां कम होंगी।

प्रदेश में बस हड़ताल टलना न केवल प्रशासनिक संवाद की सफलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समस्याओं का समाधान टकराव नहीं बल्कि बातचीत और विश्वास से संभव है।

सिंधी समाज का सामूहिक होली मिलन 4 मार्च को: गमीग्रस्त परिवारों को लगाया जाएगा गुलाल तिलक

खंडवा- श्री पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में सिंधी समाज का सामूहिक होली मिलन समारोह आगामी बुधवार, 4 मार्च को सिंधी कॉलोनी स्थित सिंधी धर्मशाला के सामने बगीचा ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 9:15 बजे से 10:00 बजे तक सम्पन्न होगा।

पंचायत के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि आयोजन की रूपरेखा तय करने हेतु पंचायत की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें अध्यक्ष मेठाराम पिंजानी की अध्यक्षता में वरिष्ठजनों और सहयोगी सदस्यों ने विचार-मंथन कर सर्वसम्मति से कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया।

समारोह की विशेषता यह रहेगी कि समाज के पदाधिकारी, गणमान्यजन एवं आमजन मिलकर उन परिवारों के सदस्यों को गुलाल का तिलक लगाएंगे, जिनके परिवार में विगत वर्ष किसी परिजन का निधन हुआ है। यह पहल होली जैसे आनंदोत्सव में संवेदना और सामाजिक एकता का संदेश देगी।

बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा निर्धारित करने के साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु कार्य-विभाजन भी किया गया। बैठक में अध्यक्ष मेठाराम पिंजानी सहित मोहन दीवान, अनिल आरतानी, श्याम हेमवानी, घनश्याम वाधवा, किशोर लालवानी, मुकेश चंचलानी, संजय सभनानी, राम वासवानी, राजेश परचानी, द्वारकादास मोहनानी, राजू वाधवा, मनोज गेलानी, शत्रुघ्न वासवानी, मनोहरलाल संतवानी, मूलचंद फतवानी, घनश्याम संगतवानी, लक्ष्मणदास नचनानी, महेश कुमार चंदवानी, राजू तीर्थानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और अपने सुझाव दिए।

आयोजन के पश्चात श्री पूज्य सिंधी पंचायत के पदाधिकारी एवं गणमान्यजन समाज के प्रमुख धार्मिक स्थलों—तीर्थ धाम, बालक धाम एवं शिव धाम—पर पहुंचकर संत-महात्माओं से आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्राप्त करेंगे।

सिंधी पंचायत ने समाज के सभी सदस्यों से निर्धारित समय पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया है।

संगठन-सरकार समन्वय का संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से की शिष्टाचार भेंट

नई दिल्ली- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज में के राष्ट्रीय अध्यक्ष से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित रहे। भेंट के दौरान संगठन और सरकार के बीच समन्वय, प्रदेश में विकास की प्राथमिकताएँ तथा आगामी राजनीतिक-संगठनात्मक कार्यक्रमों पर सारगर्भित चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार, निवेश संवर्धन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से मध्यप्रदेश में विकास को नई गति मिली है तथा राज्य सरकार आमजन के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

भेंट के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने, कृषि और ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने तथा शहरी अधोसंरचना के विस्तार जैसे विषयों पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल राज्य बनाने तथा सुशासन आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मध्यप्रदेश में सरकार और संगठन के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और जनसेवा की दिशा में किए जा रहे कार्य उल्लेखनीय हैं। उन्होंने संगठन को और सुदृढ़ करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर बल दिया।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी संगठन और राज्य सरकार के बीच सतत संवाद एवं सहयोग से मध्यप्रदेश में विकास और जनविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया।

यह शिष्टाचार भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन और सरकार के साझा लक्ष्य—समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याण—को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश आगमन का आमंत्रण भी दिया।

रोशनी में अपंजीकृत क्लिनिक पर सख्त कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग-पुलिस ने बंद कराया अवैध संचालन


खंडवा / विशेष रिपोर्ट - जिले में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खालवा विकासखण्ड के ग्राम रोशनी में अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा संचालित क्लिनिक को बंद कराने की कार्रवाई की गई। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कटारिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से शनिवार को यह कार्रवाई की।

जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम रोशनी में तापस मलिक द्वारा बिना वैध पंजीयन और अनुज्ञापन के क्लिनिक संचालित किया जा रहा था। यह संचालन म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (पंजीयन एवं अनुज्ञापन) अधिनियम 1973, नियम 1997 एवं संशोधित अधिनियम 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन है। नियमानुसार बिना पंजीयन किसी भी चिकित्सा स्थापना का संचालन दंडनीय अपराध है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक का निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर क्लिनिक को तत्काल बंद कराया। इसके साथ ही संचालक तापस मलिक को अधिनियम के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अपंजीकृत चिकित्सकों द्वारा उपचार किए जाने से आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर जोखिम उत्पन्न होता है। गलत दवा, अनुपयुक्त उपचार और संक्रमण के खतरे जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर ऐसे क्लिनिकों की जांच कर कार्रवाई कर रहा है।

डॉ. शैलेन्द्र कटारिया ने बताया कि जिले में अवैध चिकित्सा गतिविधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और बिना पंजीयन संचालित किसी भी चिकित्सा केंद्र पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे उपचार के लिए केवल पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों का ही चयन करें तथा संदिग्ध या अवैध क्लिनिक की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।

रोशनी गांव में की गई यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और मानक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अवैध चिकित्सा प्रथाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि आमजन को प्रमाणित चिकित्सकीय सेवाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

कूनो में चीता पुनर्वास अभियान को नई गति: बोत्सवाना से आए 9 चीते, देश में चीतों की संख्या बढ़कर 48 हुई


श्योपुर/विशेष रिपोर्ट- 
भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की पुनर्स्थापना के राष्ट्रीय अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अफ्रीकी देश से लाए गए 9 चीतों (6 मादा, 3 नर) को मध्यप्रदेश के में सुरक्षित रूप से स्थापित किया गया है। इन नए चीतों के आगमन के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है, जो चीता पुनर्वास परियोजना की निरंतर प्रगति को दर्शाती है।

इस अवसर पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने औपचारिक रूप से 3 चीतों को विशेष क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा। कार्यक्रम में प्रदेश के प्रभारी मंत्री , पूर्व मंत्री , कैबिनेट मंत्री दर्जा , भाजपा जिलाध्यक्ष , जनप्रतिनिधि सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन अधिकारी और संरक्षण विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

क्वारंटाइन व अनुकूलन प्रक्रिया

वन विभाग के अनुसार बोत्सवाना से लाए गए सभी चीतों को प्रारंभिक चरण में क्वारंटाइन बाड़ों में रखा जाएगा। इस अवधि में उनके स्वास्थ्य, व्यवहार, भोजन ग्रहण क्षमता और नए पर्यावरण के प्रति अनुकूलन की निरंतर निगरानी की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी आवास से आए वन्यजीवों को नए पारिस्थितिक तंत्र में ढालने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक होती है। अनुकूलन संतोषजनक पाए जाने पर चीतों को चरणबद्ध तरीके से बड़े बाड़ों और अंततः खुले वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।

चीता पुनर्स्थापन परियोजना का महत्व

भारत में एशियाई चीता 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित हो गया था। इसके बाद दशकों तक यह प्रजाति देश के वन्यजीव इतिहास का हिस्सा मात्र रह गई। वर्ष 2022 से प्रारंभ हुए चीता पुनर्स्थापन अभियान के तहत अफ्रीकी देशों से चीतों को भारत लाकर संरक्षित आवासों में बसाया जा रहा है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान को इसके लिए चुना गया क्योंकि यहाँ विस्तृत घासभूमि, पर्याप्त शिकार आधार, कम मानव दबाव और सुरक्षित आवास उपलब्ध है।

अब तक नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने कूनो में सफलतापूर्वक प्रजनन भी किया है। बोत्सवाना से आए नए चीतों से आनुवंशिक विविधता बढ़ेगी, जो किसी भी पुनर्स्थापन कार्यक्रम की दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति व संदेश

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इसे भारत की ऐतिहासिक वन्यजीव उपलब्धि बताया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि चीता पुनर्स्थापन परियोजना वैश्विक संरक्षण सहयोग का उदाहरण है और भारत जैव विविधता संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कूनो शीघ्र ही विश्व के सफलतम चीता आवासों में शामिल होगा।

संरक्षण व पर्यटन की संभावनाएँ

कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या से न केवल पारिस्थितिक संतुलन सुदृढ़ होगा, बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार, पर्यटन आधारित आय और संरक्षण के प्रति जागरूकता का लाभ मिलेगा। वन विभाग कूनो परिक्षेत्र में समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

बोत्सवाना से आए 9 चीतों का कूनो में सफल आगमन भारत के चीता पुनर्स्थापन अभियान की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश में चीतों की संख्या का 48 तक पहुँचना इस परियोजना की निरंतर सफलता का संकेत है। वैज्ञानिक प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्थानीय सहभागिता के साथ कूनो राष्ट्रीय उद्यान अब विश्व स्तर पर चीता संरक्षण के एक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

पंधाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जुआ खेलते 9 आरोपी गिरफ्तार, ₹3.79 लाख का मशरूका व वाहन जब्त

खंडवा- जिले में अवैध जुआ गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पंधाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹24,465 की नगदी, 52 ताश पत्ते, 3 मोटरसाइकिल एवं 2 कार जब्त की गई हैं। जब्त मशरूका एवं वाहनों का कुल मूल्य लगभग ₹3,79,465 आँका गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी पंधाना निरीक्षक दिलीप सिंह देवड़ा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम खापरी के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश पत्तों से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं डीएसपी मुख्यालय के निर्देशन में पुलिस दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर ईंट भट्टे की आड़ से घेराबंदी की और जुआ खेल रहे व्यक्तियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों में भूपेंद्र पिता मोहन यादव (33) निवासी घुघरिया खेड़ी थाना गोगांव, दिलावर पिता कादर शाह (48) निवासी ग्राम टेमी, कृष्णा पिता हौसीलाल सेन (40) निवासी ग्राम बगमार, योगेंद्र पिता विजय सिंह राजावत (24) निवासी ग्राम जामली, जितेंद्र पिता ओमप्रकाश पटेल (30) निवासी रेलवे स्टेशन के पास बगमार, अक्तर खान पिता ख्यात खान (38) निवासी पंधाना, सलीम पिता गुलशेर खान (40) निवासी पंधाना, वसीम पिता मशरत (36) निवासी सिविल लाइन खंडवा तथा अशफाक पिता अक्तर खान (42) निवासी पंधाना शामिल हैं। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ₹24,465 नगदी एवं ताश पत्तों की गड्डी बरामद हुई। मौके से 3 मोटरसाइकिल (MP-12-MW-9725, MP-12-MW-6281, MP-12-MW-7690) तथा 2 कार (MP-12-ZG-6502, MP-09-WD-8070) जब्त की गईं।
पुलिस ने पंचों के समक्ष समस्त मशरूका एवं वाहन जब्त कर आरोपियों को थाना लाया। आरोपियों का कृत्य जुआ एक्ट की धारा 13 के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर अपराध क्रमांक 81/26 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में जुआ एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक दिलीप सिंह देवड़ा, सहायक उपनिरीक्षक सपन बाजपेई, किरण कोचुरे, आरक्षक अनिल (154), दीपक (33), यशवंत (03), राजेंद्र (797) तथा सैनिक नरसिंह (119) की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम के कार्य की प्रशंसा की गई है।
पंधाना पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं अवैध जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सतर्क और सक्रिय है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की है।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

मानवता की ज्योति बुझी: पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन के निधन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने व्यक्त किया गहन शोक

भोपाल- प्रख्यात नेत्र-चिकित्सक, समाजसेवी और जनसेवा को जीवन का ध्येय बनाने वाले पद्मश्री के निधन पर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. जैन का निधन न केवल चिकित्सा जगत बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. बी. के. जैन ने के माध्यम से नेत्र चिकित्सा सेवा को जनसेवा का व्यापक और प्रभावी अभियान बनाया। उन्होंने हजारों निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क या अत्यंत कम लागत पर नेत्र उपचार उपलब्ध कराकर उनके जीवन में उजाला भरा। चित्रकूट क्षेत्र में संत समाज, ग्रामीण और वंचित वर्गों के लिए उनका समर्पण, सेवा-भाव और मानवीय दृष्टिकोण उन्हें समाज में विशिष्ट स्थान दिलाता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. जैन का जीवन करुणा, सेवा और मानवता के उच्च मूल्यों का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की सेवा का माध्यम बनाया। उनके प्रयासों से नेत्र चिकित्सा सेवाएं दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंचीं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन की दिशा बदल गई। उनका योगदान स्वास्थ्य सेवा को सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना से जोड़ने का प्रेरक आदर्श प्रस्तुत करता है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि डॉ. जैन का व्यक्तित्व सादगी, समर्पण और सेवा की भावना से ओतप्रोत था। समाज के वंचित और पीड़ित जनों के लिए उनका जीवनभर का कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके द्वारा स्थापित सेवा-परंपरा और संस्थागत कार्य समाज को निरंतर लाभान्वित करते रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवारजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

डॉ. बी. के. जैन का निधन समाज के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कठिन है, किंतु उनकी सेवा-धर्मिता और मानवता के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा और जनसेवा के क्षेत्र में मार्गदर्शक बना रहेगा।

(समाप्त)

रीवा को मिलेगा नए हवाई संपर्क का पंख: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विमानन सेवाओं के विस्तार की समीक्षा की

भोपाल- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में रीवा क्षेत्र में विमानन सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रीवा से प्रस्तावित नई हवाई सेवाओं से संबंधित सभी औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं, ताकि क्षेत्र को शीघ्र ही बेहतर हवाई संपर्क का लाभ मिल सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि रीवा से रायपुर एवं कोलकाता के लिए नई उड़ान सेवाएं प्रारंभ करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र का देश के प्रमुख महानगरों और औद्योगिक शहरों से सीधा हवाई संपर्क स्थापित होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग, निवेश, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी तथा रीवा संभाग का समग्र आर्थिक विकास तेज होगा।

उन्होंने वर्तमान में संचालित रीवा-इंदौर-रीवा और रीवा-दिल्ली-रीवा उड़ानों के नियमित संचालन के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन (सब्सिडी) का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को स्थायित्व देने के लिए प्रारंभिक चरण में वित्तीय सहयोग आवश्यक है, जिससे एयरलाइन ऑपरेटरों को संचालन में निरंतरता बनाए रखने में सुविधा मिलती है और यात्रियों को विश्वसनीय सेवा उपलब्ध होती है।

बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के विभिन्न नए हवाई मार्गों पर सेवाएं प्रारंभ करने के लिए विमानन विभाग द्वारा जारी निविदा के अंतर्गत विभिन्न शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स ने 20 हवाई रूट्स पर अभिरुचि व्यक्त की है। प्राप्त निविदाओं का तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण प्रगति पर है और निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र निर्णय की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विमानन सेवाओं के विस्तार से न केवल रीवा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क का दायरा बढ़ेगा और राज्य की आर्थिक एवं पर्यटन क्षमता को नई गति मिलेगी।

चिकित्सकों के पदोन्नति प्रस्ताव पर भी शीघ्र कार्रवाई के निर्देश


बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषय पर भी चर्चा हुई। चिकित्सकों के प्रमोशन से संबंधित सामान्य प्रशासन विभाग में लंबित प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस विषय में शीघ्र निर्णय लेकर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति से चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन एवं सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर सचिव सामान्य प्रशासन श्री अजय कटेसरिया तथा उप सचिव विमानन श्री कैलाश बुंदेला सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रीवा में विमानन सेवाओं के विस्तार की यह पहल विंध्य क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से और अधिक सशक्त रूप से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नई उड़ान सेवाओं के प्रारंभ होने से व्यापारिक आवागमन, निवेश आकर्षण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को दीर्घकालिक गति मिलेगी।

ग्रीष्मकाल पूर्व रीवा की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश | अमृत योजना कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने दिए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश

भोपाल/रीवा- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में रीवा शहर में अमृत योजना के अंतर्गत संचालित पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, निर्बाध और प्रभावी बनाया जाए, ताकि नागरिकों को गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की जल समस्या का सामना न करना पड़े।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अमृत योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकियों (ओएचटी) के कार्यों की प्रगति पर जानकारी ली और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टंकियों के पूर्ण होने से जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और शहर के विभिन्न वार्डों में नियमित जल वितरण सुनिश्चित हो सकेगा।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पाइपलाइन विस्तार, जल प्रदाय वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, लीकेज नियंत्रण तथा अन्य संबंधित अधोसंरचनात्मक कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अमृत योजना के सभी घटकों का क्रियान्वयन समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए।

समीक्षा के दौरान परियोजना की वर्तमान स्थिति, शेष कार्यों की प्रगति, जल स्रोतों की उपलब्धता तथा ग्रीष्मकालीन मांग को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गर्मी से पूर्व सभी तकनीकी एवं संचालन संबंधी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान न आए।

बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने रीवा शहर में अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

अमृत योजना के माध्यम से रीवा शहर में पेयजल आपूर्ति प्रणाली, जल भंडारण क्षमता, वितरण नेटवर्क और शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से शहर के नागरिकों को सुरक्षित, पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा भविष्य की बढ़ती मांग को भी पूरा किया जा सकेगा।

ग्रीष्मकाल पूर्व की यह समीक्षा राज्य सरकार की उस प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने और नागरिकों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

3 मार्च के चंद्रग्रहण को लेकर ओंकारेश्वर मंदिर में बदली समय-सारिणी, ग्रहण काल में बंद रहेंगे ज्योतिर्लिंग के पट

खंडवा/ओंकारेश्वर- चंद्रग्रहण के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध में 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को विशेष पूजा-दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार ग्रहण काल की धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर के दैनिक अनुष्ठान, दर्शन समय और पट खोलने-बंद करने की समय सारिणी में परिवर्तन किया गया है।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को पूर्व सूचना देते हुए बताया है कि चंद्रग्रहण के दिन प्रातःकालीन मंगला आरती प्रातः 4 बजे से 5 बजे तक संपन्न होगी। इसके बाद सामान्य दर्शन सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक जारी रहेंगे। इस अवधि में श्रद्धालुओं को गर्भगृह में केवल दर्शन की अनुमति होगी, जबकि जलाभिषेक, बिल्वपत्र, पुष्प या अन्य पूजन सामग्री अर्पित नहीं की जा सकेगी। यह व्यवस्था ग्रहण काल से पूर्व मंदिर मर्यादा और अनुष्ठानिक शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

मध्याह्न भोग आरती निर्धारित समयानुसार दोपहर 12:20 बजे से 1 बजे तक संपन्न होगी, किंतु ग्रहण की धार्मिक मान्यता के कारण इस दिन भोग अर्पण नहीं किया जाएगा। ट्रस्ट के अनुसार दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक ग्रहण काल रहने के कारण मंदिर के पट पूर्णतः बंद रहेंगे और इस अवधि में दर्शन नहीं होंगे।

ग्रहण समाप्ति के पश्चात सायं 7 बजे से 8 बजे तक मंदिर परिसर का शुद्धिकरण, अभिषेक और साफ-सफाई की विशेष प्रक्रिया की जाएगी। इसके बाद रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए पुनः दर्शन खोले जाएंगे। रात्रि 10 बजे से 10:30 बजे तक शयन आरती संपन्न होगी और आरती के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।

मंदिर ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों और नगरवासियों से अपील की है कि ग्रहण काल की इस विशेष व्यवस्था का पालन करें तथा दर्शन के लिए निर्धारित समय का ही उपयोग करें, जिससे व्यवस्था सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के कारण ग्रहण, पर्व और विशेष तिथियों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे अवसरों पर धार्मिक परंपरा, मंदिर मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए समय-सारिणी में परिवर्तन किया जाना आवश्यक होता है।

इस प्रकार चंद्रग्रहण के दिन ओंकारेश्वर में विशेष पूजा-दर्शन व्यवस्था श्रद्धालुओं की आस्था और परंपरा दोनों का सम्मान करते हुए संचालित की जाएगी।

मध्यप्रदेश की धरती पर फिर दौड़ेंगे चीते: कूनो में तीसरा अंतरराष्ट्रीय स्थानांतरण

श्योपुर/भोपाल- मध्यप्रदेश के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीतों का तीसरा बड़ा दल पहुंचने जा रहा है। बोत्सवाना से एयरलिफ्ट किए गए 8 चीते (6 मादा और 2 नर) भारत लाए जा रहे हैं, जिससे कूनो में चीतों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और बहुप्रतीक्षित चीता पुनर्स्थापन परियोजना को नई मजबूती मिलेगी।

चीतों के इस ऐतिहासिक आगमन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव कूनो पहुंचकर औपचारिक स्वागत करेंगे। विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की निगरानी में चीतों को निर्धारित क्वारंटीन बाड़ों में रखा जाएगा, जहां उनके स्वास्थ्य परीक्षण, व्यवहार अनुकूलन और पर्यावरणीय अभ्यस्तता की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

चीता पुनर्स्थापन परियोजना का अगला चरण

भारत में एशियाई चीतों के विलुप्त होने के लगभग सात दशक बाद अफ्रीकी चीतों को बसाने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कूनो को चुना गया था। इससे पहले नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने यहां सफल अनुकूलन और प्रजनन के संकेत दिए हैं। बोत्सवाना से आने वाला यह तीसरा बड़ा समूह परियोजना के विस्तार और आनुवंशिक विविधता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए चीतों के शामिल होने से प्रजनन दर और आबादी स्थिरता की संभावना बढ़ेगी, जिससे दीर्घकालिक संरक्षण लक्ष्य—भारत में चीतों की स्वावलंबी आबादी स्थापित करना—और सुदृढ़ होगा।

कूनो: वैश्विक संरक्षण मानचित्र पर उभरता केंद्र

चीतों की वापसी के बाद कूनो नेशनल पार्क अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए अध्ययन और संरक्षण का प्रमुख स्थल बन चुका है। यहां की घासभूमि पारिस्थितिकी, शिकार प्रजातियों की उपलब्धता और विस्तृत आवास क्षेत्र चीतों के लिए अनुकूल माना गया है।

नए चीतों के आगमन से कूनो में पारिस्थितिक संतुलन मजबूत होने के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान, रेडियो-ट्रैकिंग अध्ययन और प्रबंधन रणनीतियों को भी नया आधार मिलेगा। इससे भारत में बड़े मांसाहारी वन्यजीवों के पुनर्वास मॉडल को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।

संरक्षण के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

चीतों की बढ़ती संख्या से कूनो क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार, इको-टूरिज्म गतिविधियों और संरक्षण आधारित आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे। राज्य सरकार कूनो क्षेत्र को जैव-विविधता संरक्षण और सतत पर्यटन के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मध्यप्रदेश की पहचान बनती चीता परियोजना

अफ्रीकी चीतों का यह नया दल कूनो की धरती पर उतरते ही मध्यप्रदेश को एक बार फिर वैश्विक संरक्षण मंच पर सुर्खियों में लाएगा। यह पहल न केवल भारत में विलुप्त प्रजाति की वापसी का प्रयास है, बल्कि वैज्ञानिक संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पारिस्थितिक पुनर्संतुलन की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम है।

कूनो में चीतों की बढ़ती दहाड़ अब केवल वन्यजीव संरक्षण की कहानी नहीं, बल्कि प्रकृति पुनर्जीवन की एक प्रेरक गाथा बनती जा रही है।

कूनो चीता परियोजना: प्रमुख तथ्य

स्थान: कूनो नेशनल पार्क, जिला श्योपुर (मध्यप्रदेश)

परियोजना उद्देश्य: भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की पुनर्स्थापना

अब तक आयातित चीते (2022–2026):

नामीबिया से – 8

दक्षिण अफ्रीका से – 12

बोत्सवाना से – 8 (नवीनतम दल)

नए दल का विवरण:

कुल – 8 चीते

मादा – 6

नर – 2

स्वागत अवसर पर उपस्थित:

मुख्यमंत्री: मोहन यादव।

केंद्रीय मंत्री: भूपेंद्र यादव।

भारत में चीता: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में एशियाई चीता 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित

2022 में 70 वर्ष बाद चीता पुनर्स्थापन की शुरुआत

कूनो को चुना गया क्योंकि:

विस्तृत घासभूमि आवास।

पर्याप्त शिकार प्रजातियां।

कम मानव दबाव।

कूनो में चीता परियोजना के लाभ

लुप्त प्रजाति की वापसी।

घासभूमि पारिस्थितिकी का संरक्षण।

वन्यजीव पर्यटन में वृद्धि।

स्थानीय रोजगार सृजन।

वैश्विक संरक्षण सहयोग का उदाहरण।

परियोजना टाइमलाइन (संक्षेप)

सितंबर 2022: पहले 8 चीते नामीबिया से

फरवरी 2023: 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से

2026: 8 चीते बोत्सवाना से (तीसरा बड़ा दल)

वार्षिक निरीक्षण से पहले खंडवा पुलिस की सशक्त तैयारी | पुलिस लाइन में जनरल व बलवा परेड अभ्यास, संसाधनों और अनुशासन का लिया गया व्यापक परीक्षण

खंडवा- पुलिस महानिरीक्षक जोन इंदौर (ग्रामीण) के प्रस्तावित वार्षिक निरीक्षण की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन खंडवा में भव्य जनरल परेड एवं बलवा परेड अभ्यास का आयोजन किया गया। 
अनुशासन, सामूहिक समन्वय और आपदा-प्रबंधन क्षमता का यह प्रदर्शन जिला पुलिस की तत्परता और पेशेवर दक्षता का प्रतीक बना। परेड की सलामी पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक खंडवा ने ली।
परेड में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारनेकर, प्रशिक्षु आईपीएस अमित कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार बारंगे, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल सिंह चौहान, एसडीओपी (मूँदी) मनोहर सिंह गवली तथा डीएसपी (यातायात) अनिल कुमार राय सहित जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, महिला पुलिस एवं यातायात इकाई के लगभग 140 अराजपत्रित अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए। परेड कमांडर सूबेदार धरम सिंह जामोद रहे।
अनुशासन और प्रस्तुति का मूल्यांकन
पुलिस अधीक्षक श्री राय ने परेड का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए वर्दी की सुसज्जा, चाल-ढाल, समन्वय और ड्रिल की शुद्धता का आकलन किया। उत्कृष्ट टर्न-आउट वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया गया, जबकि कमियों वाले कर्मियों को सुधार हेतु दंडित किया गया। थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्लाटूनों से स्क्वाड ड्रिल कराई गई, जिससे सामूहिक संचालन और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण हुआ।
शासकीय वाहनों और बलवा सामग्री की जांच
परेड के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने जिले के शासकीय पुलिस वाहनों का निरीक्षण करते हुए सायरन, इंडिकेटर, बलवा नियंत्रण उपकरण, टियर गैस, सुरक्षा सामग्री और टूल-किट की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता का परीक्षण किया। थाना हरसूद के वाहन चालक आरक्षक जितेश सयदे को वाहन का उत्कृष्ट रख-रखाव बनाए रखने पर पुरस्कृत किया गया। वाहन शाखा प्रभारी सूबेदार ज्योति रघुवंशी को सभी वाहनों की समयबद्ध सर्विसिंग और तकनीकी स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बलवा परेड: कानून-व्यवस्था प्रबंधन का अभ्यास
बलवा परेड का अभ्यास डीएसपी (यातायात) अनिल कुमार राय के नेतृत्व में कराया गया। अभ्यास के दौरान भीड़-नियंत्रण संरचना, सुरक्षा कवच गठन, चरणबद्ध बल प्रयोग और आपात प्रतिक्रिया पद्धति का प्रदर्शन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने अभ्यास की सराहना करते हुए कहा कि खंडवा संवेदनशील जिला है और त्योहारों या विशेष परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित एवं संयमित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों से निपटने हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन भी दिया।
रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक रक्षित निरीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां सूबेदार नितिन निंगवाल ने 01-02-08 बल के साथ औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यालय परिसर की स्वच्छता, शस्त्रागार की सुरक्षा व्यवस्था तथा स्टोर प्रबंधन का निरीक्षण किया गया और आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश दिए गए।
पुलिस तत्परता का संदेश
जनरल एवं बलवा परेड का यह संयुक्त अभ्यास आगामी वार्षिक निरीक्षण की तैयारी भर नहीं, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सामूहिक क्षमता, संसाधन प्रबंधन और अनुशासनात्मक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी रहा। जिला पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया कि त्योहारों और संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वह पूर्णतः सजग और तैयार है।

अयोध्या तीर्थ यात्रा: महापौर अमृता अमर यादव के नेतृत्व में खण्डवा से श्रद्धालुओं का विशेष जत्था रवाना

खण्डवा- धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जनसेवा की भावना से ओतप्रोत वातावरण के बीच खण्डवा से पावन अयोध्या तीर्थ यात्रा हेतु श्रद्धालुओं का विशेष रेल जत्था गुरुवार को रवाना हुआ। खण्डवा रेलवे स्टेशन पर आयोजित गरिमामय विदाई कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने श्रद्धालुओं का पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और यात्रा को सुरक्षित, मंगलमय तथा आध्यात्मिक रूप से फलदायी होने की कामना की।

व्यवस्थित प्रबंधन के साथ प्रारंभ हुई तीर्थ यात्रा

तीर्थ यात्रा पर प्रस्थान से पूर्व चयनित श्रद्धालुओं के लिए पार्वतीबाई धर्मशाला (रेलवे स्टेशन के सामने, खण्डवा) में प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक यात्रा टिकट वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई। प्रशासन, नगर निगम तथा संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से पंजीयन, सत्यापन, टिकट वितरण और यात्री मार्गदर्शन की समस्त प्रक्रियाएँ सुचारु रूप से संपन्न हुईं। इससे बड़ी संख्या में उपस्थित यात्रियों को सहजता और अनुशासन के साथ यात्रा में सम्मिलित किया जा सका।

भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा स्टेशन परिसर

अयोध्या धाम—भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि—के दर्शन की आकांक्षा लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया। स्टेशन परिसर जय श्रीराम के उद्घोष, भक्ति गीतों और धार्मिक भावनाओं से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को जीवन का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक क्षण बताते हुए शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी विदाई

महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के साथ नगर निगम प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक बड़ी संख्या में स्टेशन परिसर में उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं को पुष्पवर्षा एवं शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। महापौर ने कहा कि तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने यात्रियों से यात्रा के अनुभवों को समाज के साथ साझा करने का भी आग्रह किया।

धार्मिक पर्यटन और सामाजिक समरसता को प्रोत्साहन

अयोध्या तीर्थ यात्रा जैसी पहलें समाज में आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देती हैं। विशेष रेल सुविधा और संगठित व्यवस्थाओं के माध्यम से सामान्य नागरिकों, वरिष्ठजन और श्रद्धालुओं को पवित्र धामों के दर्शन का अवसर मिलना सामाजिक सरोकार और जनसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं के जयकारों और मंगल गीतों के बीच विशेष ट्रेन अयोध्या धाम की ओर रवाना हुई, जिसके साथ ही पूरे खण्डवा में धार्मिक उल्लास और आस्था का वातावरण परिलक्षित हुआ। यह तीर्थ यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

सनावद सुपर फास्ट पैसेंजर को ओंकारेश्वर रोड तक चलाने की मांग, जनमंच ने विभिन्न मांगों को लेकर रेलमंत्री को किया मेल

• ओंकारेश्वर दर्शनार्थियों को होगा लाभ।
• खंडवा इंदौर ब्रॉड गेज कार्य को युद्ध स्तर पर किए जाने की मांग।
खंडवा- खंडवा की सामाजिक संस्था जनमंच के सदस्यों ने गुरुवार को रेलमंत्री को मेल और ट्वीट करके सनावद ट्रेन का ओंकारेश्वर रोड स्टेशन तक विस्तार करने की मांग की हे। मांग को लेकर जनमंच सदस्यों ने प्रधान मंत्री और रेलमंत्री को मेल किए हैं।जनमंच सदस्यों ने बताया कि
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक ब्रॉडगेज रेल लाइन का कार्य लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व पूर्ण हो चुका है।लेकिन रेलवे विभाग अभी तक खंडवा-सनावद मेमू ट्रेन का आवागमन ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक शुरू नहीं करवा सका है। जबकि क्षेत्रवासी बड़ी बेसब्री से मेमू ट्रेन का संचालन ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 
उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य जारी है।
निमाड़ क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि आगामी सिंहस्थ- 2028 के पूर्व ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन भोपाल और भुसावल से जुड़ जाएगा। ताकि उत्तर और दक्षिण भारत से आने वाले तीर्थ यात्री सुगमतापूर्वक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर और जैन तीर्थ सिद्धवरकूट आवागमन कर सकें। जनमंच सदस्यों ने बताया कि  गत 15 जुलाई 2024 को सनावद रेलवे स्टेशन से  ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन के बीच
नव स्थापित ब्रॉडगेज रेलवे लाइन पर ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से  दौड़ाकर रेलवे ट्रेक का सफलतापूर्वक परीक्षण (सीआरएस) किया जा चुका है।सफल परीक्षण के बाद रेलवे विभाग ने ब्रॉडगेज रेल लाइन को ओंकारेश्वर रोड  रेलवे स्टेशन तक ट्रेन संचालन का सुरक्षा क्लियरेंस दे दिया है।लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी मेमू ट्रेन का ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन तक आवागमन शुरू नहीं किया जा सका है। खंडवा जनमंच और निमाड़ मालवा रेल विकास समिति  के चंद्र कुमार सांड, अनुराग बंसल कमल नागपाल, सुनील जैन,गणेश कानडे, धीरेन्द्र सिंह डॉ.राजेंद्र पलोड़,ओमप्रकाश बंसल,राकेश गेहलोत,, ने बताया कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वर्तमान  महाप्रबंधक ने समिति सदस्यों को बताया था कि ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक निर्माण कार्य किया जा रहा है और कार्य पूर्ण होने में लगभग तीन माह का समय लगेगा।इसके पश्चात ही मेमू ट्रेन ओंकारेश्वर रेलवे स्टेशन पर आ सकेंगी। लेकिन पश्चिम रेलवे ने हमेशा की तरह अपने लापरवाही के रिकार्ड को कायम रखते हुए डेढ़ वर्ष से अधिक का समय निकाल दिया।लेकिन अभी तक यात्रियों को ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन की सुविधा प्राप्त नहीं हो पा रही हैं। रेलवे स्टेशन पर लगभग सभी आवश्यक निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं।  लेकिन रेल विभाग जनप्रतिनिधियों द्वारा मांग उठाए जाने का रास्ता देख रहा है कि जनप्रतिनिधि मांग करें तो 6 ट्रेन चलाने पर विचार किया जा सकता है।सदस्यों ने बताया कि चूंकि इंदौर से खंडवा तक ब्रॉडगेज कन्वर्जन का कार्य वर्ष 2014 में पूर्ण हो जाना था।लेकिन निर्धारित समय से 10 वर्ष बीत जाने के बाद वर्ष 2024 भी निकल गया है। लेकिन रेल विभाग अभी तक महू से  चोरल के बीच ब्रॉडगेज कार्य से जुड़े कार्यों के टेंडर भी जारी नहीं कर पाया  है। जनमंच के चंद्र कुमार सांड, सुनील जैन, अनुराग बंसल कमल नागपाल,ने कहा कि यदि इंदौर तक ब्रॉडगेज निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर हो तो आगामी उज्जैन सिंहस्थ-2028 तक खंडवा-इंदौर ब्रॉडगेज रेल लाइन की सुविधा क्षेत्रवासियों को मिल सकती है। लेकिन अभी तक ओंकारेश्वर रोड स्टेशन पर 
मात्र एक ट्रैक डाला गया है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील द्वारा सुझाव देने के पश्चात भी पिटलाइन और यार्ड अथवा वॉशिंग सुविधा आदि का  प्रावधान नहीं किया गया है। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे स्टेशन पर चार अतिरिक्त प्लेटफार्म की आवश्यकता है। ताकि यहां से नियमित ट्रेन चलाई जा सके। लेकिन रेलवे विभाग ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन को टर्मिनस या जंक्शन बनाने में रुचि नहीं दिखा रहा है। सदस्यों ने बताया कि इसी तरह सनावद में पूर्व में मीटरगेज रेल लाइन के समय सनावद रेलवे स्टेशन पर पांच सौ मुसाफिरों की क्षमता वाला यात्री प्रतीक्षालय तथा एक वेटिंग रूम हुआ करता था। लेकिन रतलाम रेल डिवीजन ने ब्रॉडगेज के नए सनावद रेलवे स्टेशन  को यात्री प्रतीक्षालय और वेटिंग रूम की  सुविधाओं से वंचित कर दिया है। सदस्यों ने रेल विभाग से सनावद में भी यात्री प्रतीक्षालय की मांग की हे। जनमंच सदस्यों और निमाड़ मालवा रेल विकास समिति सदस्यों चंद्र कुमार सांड,अनुराग बंसल, कमल नागपाल, धीरेंद्र सिंह गणेश कानडे,राजेंद्र पलोड, ओम प्रकाश बंसल ,राकेश गहलोत आदि की उपस्थिति मैं विगत दिवस एक बैठक सनावद में हुई जिसमें खंडवा इंदौर गेज कन्वर्जन कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर सिंहस्थ 28 के पूर्व पूरा करने की माँग रेल मंत्री से की।इस आशय के मेल प्रधान मंत्री और रेलमंत्री को भेजे।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026

पोडार प्रेप, खंडवा में एनुअल स्पोर्ट्स मीट “जम्बो इन स्प्रिंट एंड स्ट्रिंग्स” का भव्य आयोजन

खंडवा- पोद्दार प्रेप इंटरनेशनल स्कूल, खंडवा में एनुअल स्पोर्ट्स मीट “जम्बो इन स्प्रिंट एंड स्ट्रिंग्स” का आयोजन गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे बच्चों में खेल भावना, आत्मविश्वास एवं शारीरिक विकास को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जीएम श्री राजेश्वर शर्मा सर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रिंसिपल मैम समीरा बख़्त ने की तथा हेडमिस्ट्रेस श्रीमती प्रमिला वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण के साथ किया गया।
स्पोर्ट्स मीट के दौरान प्री-प्राइमरी वर्ग के बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों में पूरे जोश और ऊर्जा के साथ भाग लिया। बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम और भी जीवंत एवं सफल बना।
अपने संबोधन में अतिथियों ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यालय परिवार, शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग से संपन्न हुआ।

मध्यप्रदेश को आदर्श स्वास्थ्य मानकों तक पहुँचाने का संकल्प: उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, विधानसभा से 22,362 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य अनुदान मांगें पारित

भोपाल- मध्यप्रदेश विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वर्ष 2026–27 की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा के बाद 22 हज़ार 362 करोड़ 57 लाख रुपये का बजट पारित किया गया। इस अवसर पर विभाग के प्रभारी उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र संबंधी प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को आदर्श स्वास्थ्य मानकों तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इसके लिए प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक तीनों स्तरों पर अधोसंरचना, सेवाओं और मानव संसाधन का समग्र विकास किया जा रहा है। प्रदेश में चिकित्सकों और विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मेडिकल शिक्षा का विस्तार किया गया है। पिछले दो वर्षों में लगभग एक हजार एमबीबीएस तथा एक हजार स्नातकोत्तर सीटों की वृद्धि की गई है। साथ ही चार हजार से अधिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की भर्ती कर स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में निजी क्षेत्र की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। धार, कटनी, बैतूल और पन्ना सहित 13 जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापना की प्रक्रिया प्रगतिरत है। सरकार का लक्ष्य है कि निकट भविष्य में प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज संचालित हो, जिससे प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उच्च स्तरीय उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सीएम केयर योजना के अंतर्गत सभी मेडिकल कॉलेजों में हृदय, किडनी, लिवर सहित महत्वपूर्ण अंग प्रत्यारोपण सेवाओं और ट्रॉमा केयर को सुदृढ़ किया जा रहा है। अंगदान और देहदान के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता को सकारात्मक संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 1700 नागरिक अंगदान के लिए सहमति प्रदान कर चुके हैं, जो राज्य में विकसित होती संवेदनशील स्वास्थ्य संस्कृति का प्रमाण है।

सरकार की स्वास्थ्य नीति को “रोकथाम, उपचार और वृद्ध देखभाल” पर आधारित बताते हुए श्री शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया अभियान, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, स्वस्थ यकृत मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल उन्मूलन मिशन जैसे कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इन अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि अधिकतम नागरिक इनसे लाभान्वित हो सकें।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की सतत सक्रियता से प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीयन और नियमित एएनसी जाँच सुनिश्चित हो रही है। इससे शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान और उपचार के लिए परिवार एवं समाज स्तर पर जागरूकता बढ़ाना अभी भी आवश्यक है।

वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सभी जिला चिकित्सालयों में 10-बिस्तरीय जेरियाट्रिक वार्ड चिन्हित किए गए हैं। जनवरी 2026 से HOPE कार्यक्रम के अंतर्गत अशक्त एवं चलने-फिरने में असमर्थ वृद्धजनों को घर पर नर्सिंग देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन में अब तक 2923 वृद्धजन पंजीकृत किए जा चुके हैं। साथ ही आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत 14.85 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नया आधार मिला है।

उप मुख्यमंत्री के वक्तव्य के उपरांत विधानसभा द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों का पारित होना राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक निवेश और दीर्घकालिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार, विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा सुनिश्चित करने के प्रयासों को नई गति मिलने की अपेक्षा है।

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