गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
जनगणना-2027 के लिए प्रशासन सख्त: खंडवा में अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी अवकाश निरस्त
सड़क सुरक्षा की ओर सख्त कदम: खंडवा में हेलमेट विशेष अभियान के तहत 294 वाहन चालकों पर कार्रवाई
खंडवा- जिले में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चलाए जा रहे “हेलमेट विशेष अभियान 2026” के तहत पुलिस प्रशासन ने यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक दिन में 294 वाहन चालकों पर प्रकरण दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान कुल 96 हजार 600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया, जो इस बात का संकेत है कि जिले में नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है।
यह अभियान पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार 26 अप्रैल से 10 मई तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश रघुवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारणेकर के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक यातायात अनिल कुमार राय के नेतृत्व में जिले के सभी थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
सख्ती के साथ सुधारात्मक दृष्टिकोण
अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। हेलमेट न पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ-साथ उनके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित कराने हेतु प्रकरण परिवहन विभाग को भेजे जा रहे हैं। इसके लिए आधुनिक POS मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्रवाई में पारदर्शिता और त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित हो रही है।
जागरूकता पर विशेष फोकस
पुलिस प्रशासन का मानना है कि केवल चालान से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है, इसलिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिले के स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सड़क सुरक्षा के नियमों और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग
वर्तमान समय में सोशल मीडिया की पहुंच को देखते हुए पुलिस द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर यातायात नियमों से संबंधित संदेश, लघु वीडियो और जागरूकता सामग्री साझा की जा रही है। इससे अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच रहा है और नागरिकों में जागरूकता बढ़ रही है।
सुरक्षा ही सर्वोपरि
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों का एक बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। ऐसे में यह अभियान लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। हेलमेट न केवल कानून का पालन है, बल्कि जीवन की सुरक्षा का एक आवश्यक साधन भी है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
उप पुलिस अधीक्षक यातायात ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
सुरक्षित भविष्य की दिशा में पहल
खंडवा जिले में चलाया जा रहा यह हेलमेट विशेष अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक पहल है, जो नागरिकों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करने का प्रयास कर रहा है। यदि नागरिक भी इसमें सक्रिय सहयोग दें, तो निश्चित ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर एक सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
अवैध गतिविधियों पर निगम का कड़ा प्रहार: इमलीपुरा में अवैध कारखाने पर बड़ी कार्रवाई, जवाबदेही तय
खंडवा-शहर में अवैध निर्माण और अनियमित गतिविधियों के विरुद्ध नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए इमलीपुरा क्षेत्र में संचालित एक अवैध कारखाने पर व्यापक तोड़फोड़ कार्रवाई प्रारंभ की है। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि नगर निगम अब अवैध गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रहा है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
महापौर अमृता अमर यादव ने इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि संबंधित संचालक अनवर कुरैशी को नगर निगम द्वारा स्वामित्व और वैधता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर निगम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक प्रकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नगर क्षेत्र में ऐसे सभी मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासनिक जवाबदेही: लापरवाही पर तत्काल निलंबन
इस प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही सामने आने पर नगर निगम ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि निगम न केवल अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई कर रहा है, बल्कि अपने तंत्र के भीतर जवाबदेही भी सुनिश्चित कर रहा है। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से सीलिंग की कार्रवाई की जाए।
शासन की मंशा के अनुरूप सख्ती
महापौर ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप नगर निगम प्रशासन शहर में विधिसम्मत व्यवस्था कायम रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अवैध निर्माण, बिना अनुमति संचालित प्रतिष्ठान और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्लॉटर हाउस व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
नगर निगम क्षेत्र में संचालित एकमात्र स्लॉटर हाउस, जिसमें 28 चबूतरे कार्यरत थे, को फिलहाल बंद करवा दिया गया है। इस निर्णय के पीछे स्वच्छता, स्वास्थ्य और शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। महापौर ने जानकारी दी कि आगामी बैठक में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसके अंतर्गत स्लॉटर हाउस को शहर की सीमा से बाहर सुव्यवस्थित और नियोजित ढंग से संचालित करने पर विचार किया जाएगा।
जनभागीदारी पर जोर
नगर निगम ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया है। महापौर ने पत्रकारों के माध्यम से शहरवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत निगम प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन और जनता के बीच सहयोग आवश्यक है।
व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम
इमलीपुरा में की गई यह कार्रवाई केवल एक अवैध कारखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर में सुव्यवस्थित शहरी विकास और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नगर निगम द्वारा अपनाई जा रही सख्ती आने वाले समय में शहर के समग्र विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो सकती है।
प्रेस वार्ता के दौरान MIC सदस्य विक्की भांनवरे, निगम प्रवक्ता सुनील जैन, उपायुक्त एस.आर. सिटोले एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी गौरव खरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सद्भावना मंच पर आध्यात्मिक संगम: कथा व्यास सुरेश शरण शास्त्री की अमृतवाणी से गूंजा खंडवा
खंडवा- शहर के माली कुआं स्थित सद्भावना मंच उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर हो उठा, जब चित्रकूट धाम हिगनघाट के प्रसिद्ध श्रीराम कथा मर्मज्ञ कथा व्यास सुरेश शरण शास्त्री का आगमन हुआ। मंच के सदस्यों ने पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप शाल, श्रीफल और पुष्पमालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह अवसर केवल स्वागत का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और जीवन के गूढ़ सत्य को समझने का भी रहा। अपने सारगर्भित प्रवचन में शास्त्री जी ने मानव जीवन के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि “सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है और मनुष्य का जीवन उसी परम तत्व की प्राप्ति के लिए मिला है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं और नश्वर वस्तुओं के पीछे अपनी ऊर्जा, समय और संसाधन व्यर्थ कर रहा है, जबकि वास्तविक शांति और संतोष आत्मा के भीतर स्थित परमात्मा से जुड़ने में है।
शास्त्री जी ने अपने सरल और प्रभावशाली शब्दों में समझाया कि जीवन में संतुलन, संयम और सेवा भाव अपनाकर ही मनुष्य अपने अस्तित्व को सार्थक बना सकता है। उन्होंने सद्भावना मंच द्वारा समाज में भाईचारे, एकता और निस्वार्थ सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने भी इस आध्यात्मिक संगम का भरपूर लाभ उठाया। सभी ने कथा व्यास के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और समाज में सद्भाव व नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीशचन्द्र चौरे, देवेंद्र जैन, राधेश्याम शाक्य, गणेश भावसार, सुरेंद्र गीते, जीडी सराफ, निर्मल मंगवानी, महेश मूलचंदानी, अनुप शर्मा, कमल नागपाल, डॉ. एम.एम. कुरैशी, अर्जुन बुंदेल, सोनी वकील, सुभाष मीणा, केलाश पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं मंच सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन आध्यात्मिक वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ, जिसने सभी उपस्थितजनों के मन में नई प्रेरणा और उत्साह का संचार किया।
किसानों के हित में प्रशासन सख्त: कलेक्टर ऋषव गुप्ता का उपार्जन केंद्रों पर आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
खंडवा- रबी विपणन सीजन के दौरान किसानों को सुचारू और पारदर्शी उपार्जन व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने गुरुवार को खंडवा एवं पंधाना विकासखंड के विभिन्न ग्रामों—गुड़ी, सिंगोट, पिपलोद और हीरापुर—का दौरा कर गेहूं एवं चना उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर सुश्री शिल्पा चौहान, एसडीएम पंधाना, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री दिनेश सांवले, एसडीएम खंडवा श्री ऋषि सिंघई सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्थाओं का स्थल पर मूल्यांकन किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा।
व्यवस्थाओं की पड़ताल, सुधार के स्पष्ट निर्देश
कलेक्टर श्री गुप्ता ने उपार्जन केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, तौल कांटे और बारदानों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने विशेष रूप से हम्मालों की संख्या बढ़ाने और तुलाई के लिए अतिरिक्त तौल कांटे लगाने पर जोर दिया, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और उपार्जन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके।
तुलाई में देरी पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि कई केंद्रों पर गेहूं तुलाई का कार्य देर से शुरू होता है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से तुलाई कार्य अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए।
ग्राम गुड़ी के उपार्जन केंद्र में अतिरिक्त तौल कांटे लगाने के निर्देश देते हुए उन्होंने तुलाई प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया।
किसानों से संवाद, समस्याओं का समाधान
कलेक्टर श्री गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही किसानों को उर्वरकों के अग्रिम भंडारण के लिए जागरूक करते हुए बताया कि ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से वे अपनी आवश्यकता अनुसार खाद का उठाव पहले ही कर सकते हैं।
ई-टोकन प्रणाली पर प्रशिक्षण के निर्देश
कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि ई-टोकन प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए समिति स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे किसानों को तकनीकी प्रक्रिया की बेहतर समझ होगी और वे इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।
पारदर्शिता और दक्षता पर जोर
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हों और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता का यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने का प्रयास था, बल्कि यह किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। प्रशासन की सक्रियता और सतत निगरानी से उम्मीद है कि उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी, जिससे किसानों को समय पर और सुगमता से अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी।
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध क्रियान्वयन करें सुनिश्चित: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल
हरदा में युवक की संदिग्ध मौत: परिजनों का आरोप—हत्या कर कुएं में फेंका, जांच में लापरवाही पर उठे सवाल
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
अंत:करण : आत्मा की आवाज़ और जीवन का सच्चा मार्गदर्शक
Rural Tourism and Nari Vandan Transforming Madhya PradeshRising employment opportunities in villages; women becoming self-reliant and empowered
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ समय पर करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल
रूरल टूरिज्म और नारी वंदन से बदल रहा मध्यप्रदेश, गाँवों में बढ़े रोजगार के अवसर, महिलाएँ बन रहीं आत्मनिर्भर और सशक्त
रीवा एयरपोर्ट उन्नयन: विंध्य के विकास को मिलेगी नई उड़ान
भोपाल/रीवा- मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख हवाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के निर्देश पर रीवा एयरपोर्ट के व्यापक उन्नयन की योजना तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में यहां से ए-320 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। यह पहल न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त करेगी, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
बैठक के दौरान विमानन विभाग के अधिकारियों ने एयरपोर्ट विस्तार की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। इसमें रनवे का विस्तार, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम की स्थापना, टर्मिनल सुविधाओं का उन्नयन और सुरक्षा मानकों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन सुधारों के बाद रीवा एयरपोर्ट बड़े वाणिज्यिक विमानों के संचालन के लिए सक्षम बन सकेगा, जिससे देश के प्रमुख शहरों से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होने की संभावना बढ़ेगी।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि विंध्य क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक संभावनाओं से समृद्ध है। ऐसे में यहां की अधोसंरचना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से निवेश के नए अवसर खुलेंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
रीवा एयरपोर्ट का उन्नयन विंध्य क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी पहल साबित हो सकता है। वर्तमान में सीमित क्षमता के कारण बड़े विमानों का संचालन संभव नहीं है, लेकिन प्रस्तावित विस्तार के बाद यह बाधा दूर हो जाएगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन श्री संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त विमानन श्री चंद्रमौली शुक्ला और अपर सचिव श्री धरणेन्द्र कुमार जैन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
समग्र रूप से, रीवा एयरपोर्ट का उन्नयन विंध्य क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
रेलवे ट्रैक पर डेटोनेटर विस्फोट कांड: खंडवा में आरोपी को 6 वर्ष सश्रम कारावास, रेलवे सुरक्षा में सख्ती का बड़ा संदेश
घटना: सेना की विशेष ट्रेन को रोकने की साजिश
यह घटना 18 सितंबर 2024 की है, जब जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक की ओर जा रही सेना की विशेष ट्रेन को खंडवा जिले के डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच अप ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर के विस्फोट के कारण अचानक रोकना पड़ा। यह घटना रेलवे सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत गंभीर मानी गई, क्योंकि इसमें सेना की विशेष ट्रेन को निशाना बनाया गया था।
घटना के बाद तत्कालीन वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) श्री आशुतोष कुमार की शिकायत पर RPF थाना खंडवा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 06/2024 दर्ज किया गया। इसमें रेल संपत्ति (विधिविरुद्ध कब्जा) अधिनियम, 1966 एवं रेल अधिनियम, 1989 की प्रासंगिक धाराएं शामिल की गईं।
जांच: तकनीकी साक्ष्य और श्वान दस्ते की अहम भूमिका
मामले की जांच उप निरीक्षक श्री अरविंद कुमार सिंह को सौंपी गई। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर डेटोनेटर के फटे हुए टुकड़े एवं खोखे जब्त किए गए, जो जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हुए।
रेल सुरक्षा बल के श्वान दस्ते के प्रशिक्षित डॉग ‘जेम्स’ ने इस केस में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। जेम्स ने घटनास्थल से लगभग 8 किलोमीटर तक सर्चिंग कर आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की मदद की। इसके आधार पर रेलवे कर्मचारी (ट्रैकमैन) साबिर उर्फ शब्बीर की पहचान हुई।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में खुफिया ब्यूरो (IB), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), राज्य एटीएस एवं स्थानीय पुलिस भी शामिल रही, जिससे जांच और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक हुई।
न्यायिक प्रक्रिया और सजा
जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर प्रकरण रेलवे न्यायालय खंडवा में प्रस्तुत किया गया। 28 अप्रैल 2026 को माननीय न्यायालय ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने विशेष रूप से इस तथ्य को गंभीरता से लिया कि आरोपी स्वयं रेलवे कर्मचारी था, इसके बावजूद उसने रेलवे सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य किया।
सुनाई गई सजा:
धारा 3(अ), रेल संपत्ति अधिनियम 1966: 3 वर्ष सश्रम कारावास + ₹3000 अर्थदंड।
धारा 174(सी), रेल अधिनियम 1989: 1 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 अर्थदंड।
धारा 151, रेल अधिनियम 1989: 2 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 अर्थदंड।
कुल सजा: 6 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹5000 अर्थदंड।
जांच और अभियोजन टीम की सराहनीय भूमिका- इस मामले के सफल अनावरण और दोषसिद्धि में निरीक्षक RPF खंडवा श्री संजीव कुमार, जांच अधिकारी श्री अरविंद कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक श्री जगदीश नेहेते, वरिष्ठ लोक अभियोजक श्री अजय सिंह एवं RPF श्वान दस्ते के डॉग ‘जेम्स’ की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
संदेश: रेलवे सुरक्षा से समझौता नहीं
यह फैसला रेलवे सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट करता है। खासकर जब मामला सेना की ट्रेन से जुड़ा हो, तो इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनती हैं।
खंडवा में आया यह निर्णय न केवल अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और सजग हैं।
कर्मवीर विद्यापीठ बचाने खंडवा में जनजागरण, पंधाना विधायक छाया मोरे की पहल बनी मिसाल, विरासत बचाने उठी आवाज, शहर में एकजुट हुआ समाज
खंडवा में किसान कल्याण वर्ष 2026 अभियान: 0% ब्याज ऋण, 3 लाख तक लोन से किसानों को नई संजीवनी
छनेरा सहकारी समिति का विशेष सदस्यता अभियान जारी, 15 मई तक मिलेगा लाभ; खेती के साथ पशुपालन व अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा
खंडवा- जिले में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से “किसान कल्याण वर्ष 2026” अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है। के मार्गदर्शन में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सस्ती और सुलभ वित्तीय सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस अभियान की शुरुआत के अवसर पर की गई, जो 14 अप्रैल से 15 मई तक जारी रहेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सहकारी तंत्र से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
किसानों को मिल रही प्रमुख सुविधाएं
अभियान के तहत किसानों को कई लाभकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं—
- 0% ब्याज पर ऋण सुविधा।
- 3 लाख रुपये तक का आसान लोन।
- समय पर खाद (उर्वरक) की उपलब्धता।
- पशुपालन, मत्स्य पालन, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरणों के लिए ऋण।
इन योजनाओं से किसानों को खेती के साथ-साथ आय के अन्य स्रोत विकसित करने में मदद मिल रही है।
प्रबंधक ने दी जानकारी
बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित छनेरा के प्रभारी प्रबंधक श्री दीपक जोशी ने बताया कि “किसान कल्याण वर्ष 2026 अभियान के तहत अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से किसानों को 0% ब्याज पर ऋण, 3 लाख रुपये तक लोन और समय पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन एवं कृषि उपकरणों के लिए भी आसान ऋण सुविधा दी जा रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।”
सहकारिता से बढ़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सस्ती दरों पर ऋण और संसाधन उपलब्ध होने से उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। कम ब्याज दर और आसान प्रक्रिया के कारण किसान बिना आर्थिक दबाव के खेती और अन्य व्यवसायों में निवेश कर सकते हैं।
खंडवा जिले में चल रहा “किसान कल्याण वर्ष 2026” अभियान किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। सहकारिता, सस्ती वित्तीय सहायता और आधुनिक कृषि दृष्टिकोण के माध्यम से यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर को विकास का बड़ा पैकेज: सड़कों से आजीविका तक, 8000 करोड़ से अधिक की योजनाओं से बदलेगी तस्वीर
श्रीनगर में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बोले—तेजी से होगा काम, दिखेगा बदलाव
श्रीनगर- जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे, ग्रामीण आजीविका और कृषि क्षेत्र में एक साथ कई बड़ी घोषणाएं की हैं। श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत 3566 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति का पत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपा। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए 4568.23 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की गई, जिससे कुल मिलाकर 8000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को हरी झंडी मिली है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी: विकास की पहली सीढ़ी
PMGSY-IV के तहत स्वीकृत सड़क परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि “हर गांव को सड़क से जोड़ना ही वास्तविक विकास का आधार है।”
महिला सशक्तिकरण को मिली मजबूती
दीनदयाल अंत्योदय योजना—राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत जारी 4568.23 करोड़ रुपये की राशि देशभर के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाएगी।
इस पहल से लाखों महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे उद्योग और वित्तीय स्वतंत्रता के नए अवसर मिलेंगे। जम्मू-कश्मीर में भी महिला समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में नई रणनीति
कृषि विकास को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल, क्लीन प्लांट प्रोग्राम और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की टीम गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाएगी, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
“दिल और दिल्ली दोनों खुले हैं”
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि कश्मीर के विकास के लिए “दिल के दरवाजे भी खुले हैं और दिल्ली के दरवाजे भी।” यह बयान केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भरोसा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि एक ही चरण में 8000 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिलना ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे जम्मू-कश्मीर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
बदलेगी जम्मू-कश्मीर की विकास तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क, आजीविका और कृषि क्षेत्र में एक साथ किए जा रहे निवेश से जम्मू-कश्मीर में समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि रोजगार, आय और सामाजिक स्थिरता को भी नई दिशा देगी।
केंद्र सरकार की यह बहुआयामी पहल जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी विकास के नए मानक स्थापित कर सकता है।
फोकटपुरा सड़क हादसा: एक मौत, कई सवाल — सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर प्रश्न
खंडवा (खालवा क्षेत्र)- खंडवा जिले के खालवा थाना अंतर्गत फोकटपुरा क्षेत्र में सोमवार रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में ग्राम संदलपुर निवासी 42 वर्षीय मेवालाल पिता अभय परते की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की भयावह तस्वीर
यह दुर्घटना 27 अप्रैल 2026 को रात लगभग 8:45 बजे मैन रोड फोकटपुरा स्थित पेट्रोल पंप के सामने हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि मेवालाल को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक आशंका है कि यह किसी तेज रफ्तार वाहन की टक्कर का परिणाम हो सकता है। पुलिस इस पहलू सहित अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लेकिन जवाब अभी बाकी
घटना की सूचना मिलते ही चौकी रोशनी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मर्ग क्रमांक 29/2026 के तहत धारा 194 BNSS में प्रकरण दर्ज किया गया है।
कायमीकर्ता के रूप में राजेश ठाकरे और महेश परमार के नाम दर्ज हैं, जबकि आरक्षक उमेश चौहान द्वारा सूचना को आधिकारिक रूप दिया गया।
शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
एक और जिंदगी खतरे में, मानवता की मिसाल भी सामने आई
इस हादसे में एक मोटरसाइकिल सवार महिला भी घायल हुई। गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय निवासी वीरेन्द्र सिंह भाटी ने बिना देर किए अपनी निजी वाहन से महिला को रोशनी स्थित शासकीय अस्पताल पहुंचाया।
यह घटना जहां एक ओर सड़क सुरक्षा की लापरवाही को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर समाज में जीवित मानवता की मिसाल भी पेश करती है।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं: सिस्टम और समाज दोनों जिम्मेदार
फोकटपुरा जैसे व्यस्त मार्गों पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं यह संकेत देती हैं कि समस्या केवल एक हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक संकट का रूप ले चुकी है।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना
- सड़क संकेतों और स्ट्रीट लाइट की कमी
- यातायात नियमों के प्रति उदासीनता
- संवेदनशील स्थानों पर पुलिस निगरानी का अभाव
यदि समय रहते इन पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
परिवार और गांव में शोक, प्रशासन से मांग तेज
मेवालाल की असमय मृत्यु ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्राम संदलपुर में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फोकटपुरा जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आम होते जाएंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सतर्क रहें, गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों को गंभीरता से लें।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
एक हादसा, कई सबक
फोकटपुरा की यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—प्रशासन, समाज और हर वाहन चालक के लिए।
सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही भी किसी की जिंदगी छीन सकती है।
अब जरूरत है कि इस घटना को एक सबक के रूप में लिया जाए और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
सोमवार, 27 अप्रैल 2026
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर सख्ती—इंदौर जोन में आईजी अनुराग की समीक्षा बैठक में दिए गए व्यापक निर्देश
बैठक में वर्ष 2025 के दौरान घटित अपराधों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आईजी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल आंकड़ों का विश्लेषण ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यवाही और सतत मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शरीर संबंधी अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, महिला अपराध, चिन्हित अपराधों तथा साइबर फ्रॉड जैसे मामलों के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए।
महिला संबंधी अपराधों पर विशेष गंभीरता व्यक्त करते हुए आईजी ने कहा कि ऐसे मामलों में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप त्वरित जांच पूर्ण कर समय पर चालान प्रस्तुत किया जाए, ताकि आरोपियों को शीघ्र सजा मिल सके। उन्होंने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर भी जोर दिया।
संपत्ति संबंधी अपराध—जैसे चोरी, वाहन चोरी और लूट—पर नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि इन अपराधों में संलिप्त आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और अधिक से अधिक मशरूका बरामद किया जाए। साथ ही, भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर जनसहयोग से सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निगरानी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, रात्रि एवं प्रभात गश्त तथा पूर्व में चोरी के मामलों में संलिप्त आरोपियों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर चोरी की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए आईजी अनुराग ने के प्रभावी संचालन पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि थानों में तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए और डिजिटल फ्रॉड से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत प्रदान की जाए। साथ ही आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया के माध्यम से निरंतर अभियान चलाने पर जोर दिया।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट, एससी/एसटी एक्ट तथा अन्य गंभीर अपराधों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि अनुसंधान कार्य में गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय-सीमा का पालन किया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
इसके अलावा, लंबित शिकायतों, सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों और जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
आईजी ने माइक्रो बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से गुंडा, निगरानी बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए, जिससे अपराधों की रोकथाम में मदद मिल सके। साथ ही लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामिली के लिए विशेष टीमें गठित कर कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में आईजी अनुराग ने आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को सतर्कता, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर स्तर पर समन्वय, अनुशासन और सक्रियता जरूरी है।
यह समीक्षा बैठक इंदौर जोन में अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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स्वागत बोर्ड हटाने से भड़का किसान असंतोष, पुनः स्थापना को लेकर प्रशासन को चेतावनी
खंडवा- भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत, जिला खंडवा की तहसील इकाई पुनासा द्वारा क्षेत्र में लगाए गए स्वागत बोर्ड को हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। संगठन ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही, समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान संघ द्वारा प्रांत स्तर पर एक व्यापक योजना के अंतर्गत मालवा क्षेत्र की 115 तहसीलों में गांव एवं शहर स्तर पर स्वागत बोर्ड स्थापित किए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत पुनासा तहसील में ओंकारेश्वर मार्ग पर सड़क किनारे, बिजली के पोल के सहारे एक स्वागत बोर्ड लगाया गया था। इस बोर्ड का उद्घाटन 5 अप्रैल 2026 को प्रांत मंत्री के कर-कमलों द्वारा किया गया था, जो संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक पहल मानी जा रही थी।
हालांकि, कुछ समय बाद उक्त स्वागत बोर्ड को अज्ञात कारणों से हटा दिया गया। इस कार्रवाई से संगठन के पदाधिकारियों एवं स्थानीय किसानों में असंतोष की स्थिति निर्मित हो गई है। किसान संघ का कहना है कि बिना पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के इस प्रकार बोर्ड हटाना न केवल संगठन की भावना को आहत करता है, बल्कि प्रशासनिक समन्वय की कमी को भी दर्शाता है।
संगठन ने अपने पत्र में जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार ओंकारेश्वर से आग्रह किया है कि हटाए गए स्वागत बोर्ड को उसी स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भारतीय किसान संघ तहसील इकाई पुनासा आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
किसान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संगठन के इस कड़े रुख को देखते हुए क्षेत्र में यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है।
पत्र की प्रतिलिपि क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक को भी प्रेषित की गई है, जिससे मामले में जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके और शीघ्र समाधान निकल सके।
अब सभी की नजर प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह मुद्दा किसान आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे क्षेत्रीय प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
रविवार, 26 अप्रैल 2026
15 दिन में पूरा होगा बायपास पुल सुधार, रीवा की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा नया रोडमैप — उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बायपास पुल की खराब स्थिति के कारण भारी वाहनों का दबाव शहर के भीतर के मार्गों पर बढ़ गया है, जिससे रोजाना जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैवाहिक सीजन के चलते रात के समय भी यातायात का दबाव बढ़ गया है, ऐसे में बायपास मार्ग का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुल सुधार के साथ-साथ बायपास रोड के चौड़ीकरण कार्य को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शहर को जाम मुक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नियमित रूप से चालानी कार्यवाही जारी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि सड़कों पर अनावश्यक अतिक्रमण और अव्यवस्था को रोका जा सके। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन कर उन्हें व्यवस्थित किया जाए, जिससे यातायात सुगम बन सके।
महानगरों की तर्ज पर विकसित होगी यातायात प्रणाली
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा तेजी से विकसित हो रहा शहर है और आने वाले समय में इसकी जनसंख्या और वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। ऐसे में आवश्यक है कि वर्तमान से ही शहर की यातायात व्यवस्था को महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक ‘रोडमैप’ तैयार किया जाए, जिसमें रिंग रोड, बायपास, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और ट्रैफिक प्रबंधन के सभी पहलुओं को शामिल किया जाए।
उन्होंने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को ‘फील्ड’ में सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं का निरीक्षण करें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। जनता को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रीवा संभाग में तेज रफ्तार से होंगे बुनियादी ढांचे के कार्य
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रीवा संभाग मध्यप्रदेश का पहला ऐसा संभाग बनने जा रहा है, जहां रिंग रोड सहित अन्य प्रमुख आधारभूत संरचना के कार्य रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि जनता को लंबे समय तक बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत, पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान, नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन, एडीएम सपना त्रिपाठी, उप मुख्यमंत्री के सहयोगी राजीव पांडेय सहित लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समयसीमा और गुणवत्ता पर सख्ती: पेयजल–सीवरेज कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं — उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
भोपाल- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने रीवा नगर निगम द्वारा संचालित पेयजल एवं सीवरेज निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि पेयजल और सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन और सीवरेज लाइन निर्माण के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखते हुए तकनीकी चुनौतियों का समाधान किया जाए, ताकि पहले से स्थापित संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल पाइपलाइन को क्षति नहीं होनी चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने जयंती कुंज, बाबा घाट, बिछिया और विवेकानंद वार्ड में निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों को शीघ्र पूर्ण कर उनके लोकार्पण के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि सीवरेज लाइन के लिए खुदाई कार्य जहां संभव हो, मैन्युअल तरीके से कराया जाए, क्योंकि मशीनों से खुदाई करने पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना अधिक रहती है।
सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए श्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसियों को मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुदाई के कारण प्रभावित सड़कों की तत्काल मरम्मत और डामरीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो।
अमृत योजना के तहत हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने पर जोर
बैठक में के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन विस्तार और जल शोधन संयंत्रों की कार्यक्षमता की समीक्षा भी की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान आमजन को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जहां-जहां सड़कें खोदी गई हैं, वहां शीघ्र मरम्मत कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। साथ ही, तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए कार्यों की नियमित समीक्षा और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
बैठक में नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, आयुक्त अक्षत जैन, श्री शैलेन्द्र शुक्ला सहित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने सुना मन की बात कार्यक्रम का 133वां एपिसोड
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