रविवार, 31 मई 2020

म्यूजिक कंपोजर वजीद खान का निधन, कोरोना संक्रमण और किडनी की बीमारी से जंग हारे




साजिद वाजिद ने 1998 में सलमान खान स्टार 'प्यार किया तो डरना क्या' के साथ बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की और बाद में सुपर स्टार की फिल्मों के लिए कई एल्बम चलाएं जिनमें 'चोरी-चोरी' 'हेलो ब्रदर' 'मुझसे शादी करोगी' 'पार्टनर' 'वांटेड और दबंग जैसी हिट फिल्मों में जबरदस्त गाने कंपोज करने वाले बॉलीवुड म्यूजिक कंपोजर जोड़ी साजिद वाजिद के वाजिद खान अब इस दुनिया में नहीं रहे वाजिद खान का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया 42 साल की उम्र में वाजिद ने दुनिया को अलविदा कह दिया प्लेबैक सिंगर सोनू निगम ने इस खबर की पुष्टि की सोनू निगम ने उनके साथ कई एल्बम में काम किया था मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वाजिद खान को कोरोना संक्रमण और किडनी की बीमारी थी इसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था 42 साल के वाजिद खान को मुंबई के चेंबूर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था कुछ महीने पहले ही उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी फिर भी उनकी हालत में सुधार नहीं आ पा रहा था इसके बाद उनकी कोरोना जांच भी हुई थी जिसमें उन्हें कोरोना पॉजिटिव  पाया गया था वाजिद ना सिर्फ जबरदस्त म्यूजिक कंपोडर थे दुनिया उनकी गायकी की भी दीवानी थी उन्होंने सलमान खान की फिल्म में मेरा है जलवा गाना गाया था वहीं उन्होंने सलमान और करीना कपूर खान पर फिल्माया गाना फेविकोल से भी गाया था इसके अलावा अक्षय कुमार की फिल्म राउडी राठौर का गाना चिंता ता चिता चिता भी वाजिद खान ने ही गया था प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट किया भयानक खबर एक बात जो मुझे हमेशा याद रहेगी वह वाजिद भाई की हंसी हमेशा मुस्कुराते बहुत जल्दी चले गए उनके परिवार और शोकाकुल लोगों के प्रति मेरी संवेदना आपकी आत्मा को शांति मिले मेरे दोस्त आप मेरी सोच एवं प्रार्थना में हो हर्षदीप कौर ने ट्विटर पर लिखा वाजिद खान जी के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ बहुत जल्दी चले गए भगवान उनकी आत्मा को शांति दे ......

पाँचवें चरण का लॉकडाउन, अनलॉक 1.0 का चरण होगा, भारत सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जाएगा, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की जनता को दिया संदेश




भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश में कहा है कि देश के हमारे वैश्विक नेता दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संघर्ष में हमें नई राह बतायी, देश का कुशल नेतृत्व किया, जिसके चलते हमने कोरोना पर काफी हद तक विजय पा ली है। हमारे कोरोना योद्धाओं के निरंतर परिश्रम एवं जनता के सहयोग से आज हम प्रदेश में भी कोरोना को ठीक ढंग से नियंत्रित कर पाए हैं। परंतु अभी निरंतर सतर्क एवं सावधान रहने की आवश्यकता है। हमें कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र दो गज की दूरी (फिजिकल डिस्टेंसिंग), फेस कवर (मास्क लगाना), बार-बार हाथ धोना, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकना का सख्ती से पालन करना होगा। तभी हम देश एवं प्रदेश से कोरोना को पूरी तरह भगा पाएंगे।

लॉकडाउन के चौथे चरण के समाप्त होने के बाद पाँचवा चरण अनलॉक 1.0 चरण होगा। हम इसमें भारत सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन करेंगे। साथ ही प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आर्थिक गतिविधियाँ संचालित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दूरदर्शन के माध्यम से प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे।

कंटेनमेंट एरिया

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि जिलों में अधिक प्रभावित मोहल्ला/कॉलोनी इत्यादि क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया होंगे। इनमें 30 जून, 2020 तक लॉकडाउन यथावत् लागू रहेगा। कंटेनमेंट क्षेत्रों में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश का शेष क्षेत्र सामान्य क्षेत्र होगा। 

रात्रिकालीन  कर्फ्यू

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि रात्रिकालीन कर्फ्यू का समय अब रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक होगा। इस दौरान अत्यावश्यक गतिविधियों को छोड़कर लोगों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। 

कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर 8 जून, 2020 से प्रारंभ गतिविधियां

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर 8 जून 2020 से धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां, अन्य आतिथ्य सेवाएं तथा शॉपिंग मॉल प्रारंभ होंगे।

शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद रहेंगीं। परंतु 12वीं की परीक्षाओं हेतु विद्यालय खोले जाएंगे। बाद में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थान आदि को खोलने का निर्णय सभी लोगों के साथ परामर्श कर जुलाई में लिया जाएगा । 

सभी क्षेत्रों में पूर्णत: प्रतिबंधित गतिविधियाँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में सिनेमा हॉल, व्यायामशाला (gymnasium), स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, सभा कक्ष मैरिज गार्डन आदि। सामाजिक / राजनीतिक / खेल / मनोरंजन / शैक्षणिक / सांस्कृतिक / धार्मिक कार्य और अन्य बड़ी सभाएं आदि गतिविधियां पूर्णत: बंद रहेंगी। इन्हें पुन: प्रारंभ करने का निर्णय बाद में लिया जाएगा।  

व्यक्तियों और वस्तुओं का आवागमन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि राज्य में और राज्य के बाहर आने-जाने वाले वाहनों के लिए किसी प्रकार के पास की आवश्कता नहीं होगी। अत: पास चेकिंग की व्यवस्था समाप्त की जा रही है। पूरे प्रदेश में अंतर्राज्यीय बसों का संचालन 7 जून तक बंद रहेगा। तत्पश्चात इस पर निर्णय लिया जाएगा। इंदौर, उज्जैन तथा भोपाल संभाग सहित पूरे प्रदेश में फैक्टरी के संचालन में और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के परिवहन हेतु बसें संचालित करने की अनुमति होगी। राज्य के अंदर सार्वजनिक परिवहन की बसें इंदौर, उज्जैन व भोपाल को छोड़कर अन्य सभी संभागों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगीं। 

बाजारों का खुलना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि इंदौर, उज्जैन, नीमच और बुरहानपुर के नगरीय  क्षेत्रों के बाजारों की एक चौथाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं। भोपाल के बाजारों की एक तिहाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं। देवास,  खंडवा नगर निगम तथा धार एवं नीमच नगर पालिका क्षेत्र की आधी-आधी दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं परंतु स्टैंड अलोन दुकानें व मोहल्ले की दुकानें इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगीं। इनके अलावा शेष प्रदेश में दुकानों के खुलने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। 

कार्यस्थलों  के लिए दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सभी शासकीय और प्रायवेट कार्यालय इंदौर, उज्जैन और भोपाल नगर निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ और शेष प्रदेश में पूरी क्षमता से खोले जाएंगे। उन्हें स्क्रीनिंग और स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। थर्मल स्केनिंग, हैंड वाश और सैनिटाइजर का प्रावधान सभी प्रवेश और निकास द्वारों और सामान्य क्षेत्रों में किया जाएगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। कार्यस्थलों के प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रमिकों के बीच पर्याप्त दूरी हो, पारियों (shifts) के बीच पर्याप्त अंतराल हो,  कर्मचारियों के भोजन के अवकाश का समय अलग-अलग हो, आदि।

ये सावधानियाँ अनिवार्य होंगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कोविड से सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर, कार्यस्थलों में और परिवहन के दौरान, फेस कवर (मास्क)  पहनना अनिवार्य होगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग- व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम 6 फीट (2 गज़) की दूरी बनाएं रखनी चाहिए। सभी दुकानें, ग्राहकों के बीच शारीरिक दूरी सुनिश्चित करेंगी और एक समय में 5 से अधिक व्यक्तियों को दुकान मे प्रवेश की अनुमति नहीं देंगी। सार्वजनिक सभाएँ - बड़ी सार्वजनिक सभाएँ प्रतिबंधित रहेंगी। विवाह संबंधी समारोह में मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं। अंतिम संस्कार संबंधित कार्यक्रम में व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय होगा। सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटका, तंबाकू आदि का सेवन वर्जित है।

अति जोखिम वाले व्यक्तियों का संरक्षण

श्री चौहान ने कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आवश्यक एवँ स्वास्थ्य कारण को छोड़कर, घर पर रहना होगा।




बिजली के बिलों में दी जाने वाली रियायतें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लॉकडाउन के कारण पिछले 2 माह से हमारे व्यापारी भाइयों के व्यवसाय और उद्योगों में कार्य बंद थे। एक तरफ आय के स्त्रोत कम हो गए,किन्तु दूसरी ओर फिक्स खर्चे तो यथावत रहे। इनमें जनमानस में सबसे अधिक चिंता बिजली के फिक्स चार्जेस को लेकर थी। इस बड़ी कठिनाई को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी गैर-घरेलू,गैर-औद्योगिकी , निम्न दाव एवं उच्च दाव औद्योगिक उपभोक्ताओं  जैसे – दुकानें, शोरूम, अस्पताल , रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, पार्लर, एमएसएमई और बड़े उद्योग आदि के माह अप्रैल से जून, 2020 तक के बिजली बिलों के फ़िक्स  चार्जेस की वसूली स्थगित कर दी गई है। यह राशि अक्टूबर 2020 मार्च 2021 के मध्य  06 समान किश्तों में बिना ब्याज के जमा की जा सकेगी। इससे लगभग 12 लाख छोटे उद्यमियों दुकानदारों छोटे व्यवसायियों की लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि आगामी महीनों में ली जाएगी।


  • संबल के हितग्राही तथा ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनके बिजली के बिल अप्रैल में 100 रूपये या उससे कम आये थे तथा मई, जून, जुलाई में भी 100 रूपये से कम आयेंगे उन्हें मई, जून, जुलाई की राशि के स्थान पर सिर्फ 50 रूपये महीने का भुगतान करना होगा। इससे लगभग 63 लाख हितग्राहियों को 100 करोड़ रूपये का लाभ होगा।
  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल माह अप्रैल में 100 रूपये से कम आए थे किन्तु मई, जून और जुलाई माह में 100 रुपये से अधिक परंतु 400 रुपये से कम आए हैं या आएंगे, तो उन्हें मई,  जून और जुलाई माह के बिल की राशि के स्थान पर सिर्फ 100 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होगा। इससे लगभग 28 लाख हितग्राहियों को 150 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल माह अप्रैल में 100 रूपये से अधिक परन्तु 400 रूपये से कम आए थे किन्तु मई,जून और जुलाई माह में रूपये 400 से ज्यादा आये हैं या आएंगे, तो उन्हें मई,  जून और जुलाई माह के बिल की राशि की आधी राशि का ही भुगतान करना होगा। शेष बिल की राशि की जांच के उपरांत निर्णय लिया जा सकेगा। इससे लगभग 8 लाख हितग्राहियों को बिल की राशि का आधा भुगतान ही करना होगा। हितग्राहियों को लगभग 200 करोड का लाभ होगा।
  •  घरेलू उपभोक्ताओं को एप के माध्यम  से स्वयं की रीडिंग भेजने की सुविधा प्रदान की गई है।
  • उपभोक्ताओं द्वारा अप्रैल और मई माह के बिलों का भुगतान नियत तिथि तक करने पर उन्हें 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन  राशि दी जाएगी। यह राशि घरेलू तथा निम्न दाब उपभोक्ताओं के लिए रूपये 10,000/- अधिकतम एवं उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 1 लाख रूपये होगी।
  •  सभी 3 फेस उपभोक्ताओं को लॉकडाउन की अवधि में आवेदन देने के 7 दिन बाद से संविदा मॉंग (कांट्रेक्ट डिमांड) में कमी की सुविधा दी गयी थी। यह सुविधा लॉकडाउन समाप्त होने के 15 दिन बाद तक की अवधि के लिए लागू रहेगी।




आस्था- टेलीपैथी का रहस्य



मानव  मस्तिष्क में छिपी हुई रहस्यमयी शक्तियों पर विश्वास करने वाले मानते हैं कि मनुष्य के अवचेतन  मन मे अलौकिक, अविश्वसनीय और अकल्पनीय शक्तियां विद्यमान हैं। यदि अवचेतन मन की उन शक्तियों को जागृत कर  लिया जाए तो अनेकानेक कौतुकमयी चमत्कार खुद-ब-खुद होने लगते हैं। जैसे-किसी व्यक्ति के जीवन के गुप्त रहस्यों का पता लगना, मन की बात जान लेना, किसी भी व्यक्ति से मिलते ही उस व्यक्ति के भूत, भविष्य तथा वर्तमान की जानकारी प्राप्त कर लेना या उसके साथ घटने वाली घटनाओं को स्पष्ट देख लेना इत्यादि क्रियाएं साधक के जीवन में आकस्मिक होने लगती हैं। ऐसी चमत्कारिक घटनाओं को अतींद्रिय शक्ति का चमत्कार कहा जाता है। अमरीकी मनोवैज्ञानिकों ने मस्तिष्क में उठ रही तरंगों पर काफी शोध किया। फलस्वरूप वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मन के अन्दर की अवचेतन मन को यदि क्रियाशील बनाया जाए तो बिना किसी आधुनिक उपकरणों तथा बिना किसी संचार माध्यमों के भी मन के तरंगों को पढ़ कर किसी भी व्यक्ति के मन के रहस्यों को जाना जा सकता है, तथा एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के मन पर अपना प्रभाव डाल सकता है और उसे अपने मनोनुकूल कार्य करने को बाध्य कर सकता है। इसी आधार पर मनोवैज्ञानिकों ने अतींद्रिय शक्तियों से संपन्न व्यक्तियों पर परीक्षण कर पता लगाया कि मनुष्य के मस्तिष्क में विचार उत्पन्न होते ही सारे आकाश मंडल में अल्फा तरंगों के रूप मे फैल जाती है, जिसे कोई भी व्यक्ति अपने अंर्तमन को जाग्रत कर उन अल्फा तरंगो को पकड़ कर किस्ी भी व्यक्ति के मन मे उठ रहे विचारों को पढ़ सकता है अथवा हजारों किलोमीटर दूर घट रही घटनाओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है। भूतकाल की जानकारी तथा भविष्य में घटने वाली घटनाओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है। प्राचीन योग शास्त्रों के अनुसार ध्यान साधना के द्वारा अतींद्रिय शक्तियों को जगाकर मानसिक  शक्तियों के माध्यम से दूर दृष्टि, दूरबोध, विचार संप्रेषण एवं इत्यादि कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। ध्यान का सीधा-सीधा संबंध मन से है। मनुष्य के अंदर दो प्रकार का मन होता है एक बाह्य मन तथा दूसरा अंतर्मन। अंर्तमन की अपेक्षा बाह्य मन का स्वभाव अत्यंत चंचल तथा कुटिल है। इसमें काम क्रोध, लोभ, अहंकार, ईर्ष्या, राग, द्वेष, छल, कपट इत्यादि विकार उत्पन्न होते रहते हैं। अंतर्मन का स्वभाव शांत, निर्मल और पवित्र है। यह मनुष्य को हमेशा अच्छे कार्यो के लिए प्रेरित करता है। इसी में  अलौकिक, दिव्य और चामत्कारिक शक्तियां निहित होती हैं। बाह्य मन जब सुप्तावस्था में होता है तब अंतर्मन सक्रिय होने लगता है और इसी अवस्था को ध्यान  कहा जाता है। मन को बेलगाम घोड़े की  संज्ञा दी गई है क्योंकि मन कभी एक जगह स्थिर नही रहता तथा शरीर की समस्त इद्रियों को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश करता है। मन हर समय नई-नई इच्छाओं को उत्पन्न करता है। एक इच्छा पूरी नही हुई कि दूसरी इच्छा जागृत हो जाती है। और मनुष्य उन्हीं इच्छाओं की पूर्ति की चेष्टा करता रहता है। जिसके  लिए मनुष्य को काम, क्रोध, लोभ, मोह, भय, पीड़ा इत्यादि से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद जब मनुष्य की इच्छाओं की पूर्ति नही हो पाती तब मन में क्लेश तथा दुख होने लगता है। यदि मन को किसी तरह अपने वश में कर एकाग्रचित्त कर लिया जाए तब मनुष्य की आत्मोन्नति होने लगती है। समस्त प्रकार के विषय विकारों से ऊपर उठने लगता है और अंतर्मन में छिपे हुए ऊर्जा के भंडार को जाग्रत कर अलौकिक सिद्धियों का स्वामी बन सकता है। मन को नियंत्रित करना थोड़ा कठिन है परंतु कुछ प्रयासों के बाद मन पर पूर्ण रूप से नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। मन को साधने के लिए शास्त्रों में अनेकों प्रकार के उपाय हैं, जिसमें से सबसे आसान तरीका है ध्यान साधना। ध्यान के माध्यम से कुछ ही दिनों या महीनों के प्रयास से साधक अपने मन पर  पूरी तरह नियंत्रण रखने में समर्थ हो सकता है।  ध्यान साधना से मन के सारे विकार धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं तथा अंतर्मन जागृत तथा चैतन्य होने लगता है। मन की एकाग्रता धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। मनुष्य के शरीर की सुप्त शक्तियां जागृत होने से शरीर पूर्णतः पवित्र निर्मल तथा निरोग हो जाता है। सर्व प्रथम साधक ब्रह्ममुहूर्त मे उठकर स्नान आदि क्त्रियाओं से निवृत होकर अपने पूजा स्थान अथवा किसी निर्जन स्थान में पऽासन, सिध्दासन या सुखासन में बैठ कर ध्यान लगाने  का प्रयास करे, ध्यान लगाते समय अपने सबसे पहले अपने आज्ञा चक्त्र पर ध्यान केद्रित करे तथा शरीर को अपने वश मे रखने का प्रयास करें बिल्कुल शांत निश्चल और स्थीर रहें, श्रीर को हिलाना डूलना खुजलाना इत्यादि न करें। तथा नियम पुर्वक ध्यान लगाने का प्रयास करें।

ध्यान साधना के तीन आयाम 

सर्वप्रथम साधक जब ध्यान लगाने की चेष्टा करता है तब मन अत्यधिक चंचल हो जाता है तथा मन में अनेकों प्रकार के ख्याल उभरने लगते हैं। साधक विचार को जितना ही एकाग्र करना चाहता है उतनी ही तिव्रता से मन विचलित होने लगता है तथा मन में दबे हुए अनेकों विचार उभर कर सामने आने लगते हैं इस लिए ध्यान साधना को तीन आयामों में विभक्त किया गया है।

 1 विचार दर्शन

 2 विचार सर्जन

 3 विचार विसर्जन।

विचार दर्शन- साधक को चाहिए कि जब ध्यान लगाने बैठे तब मन में जो विचार उत्पन्न हो उसे होने दें विचारो को आने से न रोकें न ही विचारो को दबाने की चेष्टा करे। मन में विचार लाना नही है और न ही विचारों को आने से रोकना है, केवल दृष्टा बन कर विचारों को देखते रहना है।  मन एक विचार से दुसरा विचार दुसरे से तीसरा इस तरह से अनेको प्रकार के विचार घटना, दुर्घटना, वास्तविक तथा काल्पनीक अनेकों विचार मन में उत्पन्न होते रहेंगे परंतु आपको उन विचारों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने की जरूरत नही केवल दृष्टा बनकर आप देखते जाइये कि मन किस प्रकार कल्पना लोक में उड़ान भर रहा है। ऐसा करने से धीरे-धीरे आपके विचारों में कमी आने लगेगी और विचार स्थीर होने लगेंगे।

विचार सर्जन- इस क्त्रिया में  साधक को अपनी आँखे बंद कर मन को आज्ञाचक्त्र पर कुछ देर तक केद्रित करने का प्रयास करना चाहिए तत्पश्चात मन मे कोई विचार लाए और कुछ देर तक उस पर ध्यान को केद्रित करें और उस विचार को मन से हटा दें तथा पुनः दुसरा विचार लाएं और उस पर भी कुछ देर तक ध्यान केंद्रित कर उसे भी मन सें हटा दें। इस तरह मन में अलग-अलग विचारों को लाते रहें तथा कुछ देर तक उसपर अपना ध्यान केंद्रित कर उसें हटाते जायें। इस तरह करते रहने से धीरे-धीरे मन थकान अनुभव करने लगेगा और कुछ देर के लिए कुछ सोंचना बंद कर देगा, आपको ऐसा लगेगा कि मन आराम करना चाह रहा है।धीरे-धीरे  आप देखेगे कि मन आपके काबु मे हो ने लगेगा तथा विचार शुन्य होने लगेगा।

विचार विर्सजन- साधक अपनी आँखे बंद कर धीरे-धीरे गहरी श्वांस ले और धीरे-धीरे छोड़े कुछ देर बाद मन में कोइ विचार आने दें। जैसे ही मन में कोइ विचार आता है उसे तुरंत अपने मन से हटा दें, फिर मन में कोइ विचार आये उसे भी हटा दें, इस तरह मन मे उठने वाले सभी विचारो को मन से हटाते जाएं ऐसी क्त्रिया को हि विचार विर्सजन कहा जाता है।  इस क्त्रिया मे साधक को चाहिए कि मन मे उठने वाले विचारों को न रोकें बल्कि उन विचारों को मन से हटाने का प्रयास करते रहना चाहिए। इस प्रकार से अभ्यास करते रहने से मन निर्विकार तथा निर्विचार होने लगता है और विचार शुन्य की स्थिती बनने लगती है तथा अर्तमन के जागृत होने से अलौकिक एवं चमत्कारिक दृष्य तथा घटनाएं ध्यान की अवस्था में दिखाई देने लगते हैं।

ध्यान की अवस्था में टेलिपैथी

जब साधक का मन एकाग्रचिश्र होने लगे तब टेलीपैथी का प्रयोग प्रारंभ करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले अपने गुरू या इष्ट से प्रत्यक्ष अथवा ध्यानावस्था में मानसिक अनुमति ले कर प्रयोग करना चाहिए। सर्वप्रथम अपने इष्ट या गुरू की प्रतिमा अथवा चित्र को अपने पूजा स्थान में इस प्रकार रखें ताकि वह आँखों के ठीक सीध में तथा ढाई फीट की दुरी में रहे। फिर उसपर अलपक दृष्टि से देखने का प्रयास करें। इस प्रक्त्रिया को त्राटक कहा जाता है। त्राटक का अभ्यास किसी बिंदु, शक्ति चक्त्र, क्त्रिसटल बाल, दीपक की लौ, चंद्रमा, तारा अथवा सुर्य पर बारी-बारी से अभ्यास किया जाता है। जिसके द्वारा साधक के आँखों में अद्भुत सम्मोहन शक्ति आने लगती है, तथा साधक को सम्मोहन के क्षेत्र में पूर्णं सफलता प्राप्त हो जाती है।  परंतु टेलिपैथी के लिए अपने इष्ट अथवा गुरू के चित्र पर त्राटक का अभ्यास करना चाहिए। प्रारंभ में त्राटक का अभ्यास करने पर ज्यादा देर तक अपलक टकटकी लगाकर देख पाना संभव नही इसलिए धीर धीरे प्रयास करते हुए समय को बढ़ाते जाएं।  जब आँखों में आंसु आने लगे तब कुछ देर के लिए आंखों को विश्राम दें तथा आंखों पर ठन्डे पानी का छिटा मारें फिर अभ्यास करें इस तरह जब 10-15 मिनट का अभ्यास होने लगे तब उस तस्वीर में आपको अजीब सा नीला प्रकाश निकलता हुआ दिखाई देगा जिसकी रोशनी आखों में समाहित होती हुई नजर आएगी। जब इस तरह के दृष्य नजर आने लगें तब समझ लीजिए कि  आप सफलता के काफी करीब हैं। फिर अपनी आँखों को बंद कर लें ऐसा करने के बाद भी आपको वह चित्र दिखाई देती रहेगी।  अब आप उस चित्र के मस्तिष्क में अपना ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करें। ऐसा करते ही आपको अहसास होगा कि आप अपने गुरू के मानसिक तरंगों को भलीभांति देख पा रहे हैं, तथा उनसे वार्तालाप करने का प्रयास करने लगे हैं। जब अपने गुरू या इष्ट से किसी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर प्राप्त होने लगे तब किसी भी व्यक्ति के चित्र पर त्राटक करते हुए अपनी आँखों को बंद कर उसका प्रतिबिम्ब अपने आँखों मे उतार लें फिर ध्यान करते हुए उसके मस्तिष्क में उठने वाली तरंगों को पकड़ने का प्रयास करें इस तरह धीरे-धीरे आप  लोगों के मस्तिष्क के तंरंगों को अपने मस्तिष्क के तरंगों से जोड़ने में सक्षम हो पायेंगे। जब आप मन के तरंगों को पकड़ने में अभ्यस्त हो जाएंगे तब आपको किसी भी व्यक्ति का चित्र अथवा मूति की आवस्यकता नही पड़ेगी। दिव्य हिमाचल के मुताबिक आप स्वतंत्र रूप से किसी भी व्यक्ति के मन के तरंगों को पढ़ पाने में सक्षम हो जायेंगे चाहे वह मनुष्य आपके पास हो अथवा कितना भी दुर हो।

भोपाल-ई-पास के संबंध में यह नया आदेश हुआ जारी, आप भी जान लें ये आदेश



मध्यप्रदेश- राज्‍य शासन के नवीनतम निर्देशानुसार प्रदेश में एक जिले से अन्य जिले में यात्रा करने हेतु अब ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी।

परंतु, प्रदेश से किसी जिले से अन्‍य राज्‍य में अथवा अन्‍य राज्‍य से प्रदेश के किसी जिले में यात्रा हेतु पूर्व व्‍यवस्‍था अनुसार ई पास प्राप्‍त करना अनिवार्य होगा।
। ऐसी परिस्थिति में ई-पास ऑटो जनरेटेड होंगे एवं आवेदन करते ही संबंधित को SMS के माध्यम से स्वतः प्राप्त हो जाएंगे ।

ई पास पोर्टल पर यह व्यवस्था आज प्रातः से लागू कर दी गई है ।

भोपाल-ई-पास के संबंध में यह नया आदेश हुआ जारी, आप भी जान लें ये आदेश



मध्यप्रदेश- राज्‍य शासन के नवीनतम निर्देशानुसार प्रदेश में एक जिले से अन्य जिले में यात्रा करने हेतु अब ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी।

परंतु, प्रदेश से किसी जिले से अन्‍य राज्‍य में अथवा अन्‍य राज्‍य से प्रदेश के किसी जिले में यात्रा हेतु पूर्व व्‍यवस्‍था अनुसार ई पास प्राप्‍त करना अनिवार्य होगा।
। ऐसी परिस्थिति में ई-पास ऑटो जनरेटेड होंगे एवं आवेदन करते ही संबंधित को SMS के माध्यम से स्वतः प्राप्त हो जाएंगे ।

ई पास पोर्टल पर यह व्यवस्था आज प्रातः से लागू कर दी गई है ।

शनिवार, 30 मई 2020

कोरोना योद्धा सम्मान- डॉ अम्बेडकर एजुकेशनल फाउंडेशन ने कोरोना योद्धाओ को किया सम्मानित



खण्डवा-विश्वव्यापी महामारी कोविड 19 के संकट में ढाल बनकर मैदान में डटे रहे कोरोना योद्धाओ को डॉ अम्बेडकर एजुकेशनल फाउंडेशन ने कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया । डॉक्टर्स , प्रशासनिक अधिकारी , पुलिस अधिकारी , स्वास्थ्य कर्मी , सफाई कर्मी ओर स्वयम सेवको योद्धाओ को उनके कार्य स्थल पर जाकर सम्मानित किया गया । जिसमें डॉ रंजीत बड़ोले डॉ एम एल कलमे , डॉ कृष्णा वास्कले, जगदीश बिल्लोरे आर टी ओ खण्डवा, कोरोना वारियर्स को सम्मानित किया गया । फाउंडेशन की ओर से ऐसे 51 कोरोना योद्धाओ को सम्मानित किया जाएगा । अध्यक्ष अजय भलराय , संयोजक प्रभु मसानी , मनोज ओसवाल , विजय सनावा ने संस्था प्रतिनिधित्व करते हुए समानित किया

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 अगस्त को, पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी



भोपाल- राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण की स्थगित प्रक्रिया को एक जून से फिर शुरू किया जा रहा है। इसके लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। मतदाता सूची 1 जनवरी 2020 की संदर्भ तारीख के आधार पर तैयार की जायेगी। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 अगस्त 2020 को किया जायेगा।
सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग श्री दुर्ग विजय सिंह ने जानकारी दी है कि शिफ्टिंग संबंधी विवादों के निराकरण के लिए आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही एक जून तक करना है। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का नगरपालिका वार्ड, ग्राम पंचायत एवं अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन एक जुलाई 2020 को होगा। प्रारूप मतदाता सूची मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजैनतिक दलों को उपलब्ध कराना और स्टैण्डिंग कमेटी की बैठक एक और दो जुलाई को कराना है। प्रारूप मतदाता सूची पर एक से 9 जुलाई तक दावे-आपत्ति ली जाएंगी। दावे-आपत्तियों का निराकरण 15 जुलाई तक किया जायेगा। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन नगरपालिका वार्डों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य विहित स्थानों पर 4 अगस्त 2020 को किया जायेगा।
श्री सिंह ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा इंदौर एवं उज्जैन सम्पूर्ण जिलों को तथा भोपाल सहित कुछ नगर निगमध्नगरपालिका क्षेत्र को रेड जोन में रखा गया है। अतः इन क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कार्यवाही स्थगित रखी जाए। साथ ही कलेक्टर द्वारा घोषित कन्टेन्मेंट क्षेत्र में भी कार्यवाही तब-तक स्थगित रखी जाये जब-तक कि सक्षम अधिकारी द्वारा उक्त क्षेत्र को कन्टेन्मेंट क्षेत्र से बाहर घोषित नहीं कर दिया जाता है। इस संबंध में बिन्दुवार जानकारी आयोग को तत्काल उपलब्ध करायी जाए। जिले से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे चिन्हित क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण हेतु पृथक से कार्यक्रम जारी किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूरी प्रक्रिया में भारत एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जारी गाइड-लाइन का पूरा पालन किया जाय। दावा-आपत्ति केन्दों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो और मास्क का उपयोग सुनिश्चित करें। प्रत्येक केन्द्र पर सेनेटाइजर उपलब्ध करवाया जाये।

गौ-भैंस वंशीय पशुओं का होगा टीकाकरण



भोपाल - गौ-भैंसवंशीय पशुओं में होने वाली फुट एंड माउथ डिसीज और बू्रसेला डिसीज को कंट्रोल करने के लिए प्रदेश में गौ भैंस वंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। एक वर्षीय इस योजना के अंतर्गत 6 माह के अंतराल में दो बार पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। प्रथम चरण में मात्र गौवंश, भैंस वंशीय, बकरी भेड एवं सूकर का शत प्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा। इस योजना में सभी पशुओं की यूआईडी टैगिंग की जा रही है। 

रेरा ने 1 प्रतिशत घटाई प्रतिकर की दर



भोपाल - रियल एस्टेट सेक्टर पर कोविड-19 कोरोना महामारी के दुष्प्रभावों को कम करने और उसे राहत देने के लिये प्रयास निरंतर जारी हैं। रेरा प्राधिकरण ने रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने के उद्देश्य से संप्रवर्तक पर नियत समय के बाद आवास अंतरण करने कि स्थिति में आरोपित किये जाने वाले प्रतिकर की दर में 1 प्रतिशत की कमी की है। पूर्व में यह दर 10 प्रतिशत थी जो अब घटाकर 9 प्रतिशत कर दी गयी है। कोरोना महामारी के कारण हुये लॉकडाउन के कारण प्रोजेक्ट्स के प्रभावित हुए कार्य की भरपाई के लिये प्रदेश में पंजीकृत सभी प्रोजेक्ट्स को रेरा प्राधिकरण द्वारा 6 माह की अवधि पहले ही प्रदान की जा चुकी है।
कोरोना की वजह से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिये हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अनेक राहतों की घोषणा की गयी है। उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण द्वारा शिकायत और प्रोजेक्ट पंजीयन का कार्य पूर्व से ही ऑनलाईन किया जा रहा है। साथ ही प्रकरणों की सुनवाई भी आगामी 1 जून से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रारंभ की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खण्डवा की छात्रा कु. राधिका से बात कर जानकारी ली



खण्डवा - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के 10 जिलों के छात्र-छात्राओं से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खण्डवा जिले की कक्षा 8 की छात्रा कु. राधिका से चर्चा कर लॉकडाउन के दौरान स्कूल के बंद हो जाने के दौरान घर पर ही मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। राधिका ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि वह बड़ी होकर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शनिवार को प्रदेश के 10 जिलों के विद्यार्थियों से चर्चा करने के बाद मध्यान्ह भोजन योजना के तहत खाद्यान्न सुरक्षा भत्ता की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से विद्यार्थियों के खाते में जमा की। उल्लेखनीय है कि खण्डवा जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं के 1.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शनिवार को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के  66.27 लाख विद्यार्थियों व पालकों के बैंक खातों में 146 करोड़ रूपये खाद्य सुरक्षा भत्ता ई-भुगतान के माध्यम से जमा करायें।

महिलाओं व बच्चों का नियमित रूप से हो रहा हैं टीकाकरण



खण्डवा - इस महामारी के दौर में स्वास्थ्य कार्यकताओं द्वारा कोरोना वायरस के बचाव व रोकथाम की जानकारी नियमित रूप से जनसमूह को दी जा रही है। साथ ही शासन की गाईड लाईन का पालन करते हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिल तंतवार ने बताया कि नियमित टीकाकरण की कार्ययोजना अनुसार टीकाकरण शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है। बाहर से आये बच्चे व गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण किया जा रहा है।

कोरोना से बचाव- 2 नए कन्टेनमेंट क्षेत्र बनाए गए



खण्डवा - कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अनय द्विवेदी ने शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के घर के आसपास के क्षेत्र को कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित करते हुए वहां प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए है। जारी आदेश अनुसार विठ्ठल प्रसाद मिश्रा गली एवं हनुमान मंदिर के सामने वाली गली ज्योति नगर के पास के क्षेत्र को कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। कन्टेनमेंट क्षेत्र के सर्विलांस के लिए अधिकारियों का दल गठित किया गया है, जिसमें इन्सीडेंट कमाण्डर के रूप में एसडीएम खण्डवा श्री संजीव पाण्डेय तैनात रहेंगे। इनके साथ राजस्व अधिकारी, तहसीलदार श्री प्रताप सिंह आगास्या, पुलिस अधिकारी सीएसपी श्री ललित गठरे तथा नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह को भी तैनात किया गया है।  
      उल्लेखनीय है कि कन्टेनमेंट एरिया में पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस क्षेत्र के सभी निवासियों को होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। कन्टेनमेंट एरिया के अंदर भी आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस क्षेत्र में जिन मरीजों को बुखार, खांसी, गले में दर्द व श्वास लेने में तकलीफ के लक्षण पाए जायेगे, उसकी सूचना रेपिड रिस्पोंस टीम को देना होगी। जारी आदेश अनुसार होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों का प्रतिदिन फोलोअप लेना होगा। नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र में सेनेटाइजेशन नियमित रूप से किया जायेगा। संदिग्ध मामलों के मरीजों को मेडिकल टीम के द्वारा परीक्षण किए जाने तक एक निर्धारित कक्ष में आईसोलेशन में रखा जायेगा एवं परिवार के सभी सदस्यों को फेसमास्क उपलब्ध कराकर उन्हें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए जायेंगे।

लॉकडाउन के दौरान अब तक 2313 वाहनों के चालान बनें



खण्डवा - कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिले में लॉकडाउन जारी है। इस दौरान पुलिस द्वारा नागरिकों से घर से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है, इस सबके बावजूद वाहन चालकों द्वारा शासकीय निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गत दिनों में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 2313 वाहन चालकों के चालान बनाए गए हैैं। वाहन चालानी कार्यवाही में 6,91,750 रूपये चालकों से वसूल भी किए गए है। लॉकडाउन के उल्लंघन पर धारा 188  के तहत 331 लोगों के विरूद्ध कुल 189 आपराधिक प्रकरण बनाए गए है। उन्होंने बताया कि जिले में धारा 151 के तहत 119 लोगों को जेल भेजा गया है। शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले कुल 22 बदमाशों के विरूद्ध 8 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर नागरिकगण पुलिस कन्ट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 0733-2226690, 7049101036 पर सूचना दे सकते है।

शनिवार को 5 कोरोना विजेता अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर गए



खण्डवा- कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त होने पर कुल 5 कोरोना विजेता कृष्णा पारसी, योगेश पारसी, सुजल गोस्वामी, सुदर्शन पीर एवं मोहसिन कुरैशी को जिला चिकित्सालय खण्डवा से शनिवार को डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान उपस्थित डॉक्टर्स व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने ताली बजाकर इन कोरोना विजेताओं का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें अस्पताल से उनके घरों के लिए विदा किया गया।
  कोरोना विजेताओं ने इस अवसर पर बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड केयर सेंटर में मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से की गई नाश्ते व भोजन की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब भोजन की गुणवत्ता पहले से बेहतर है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर्स का मरीजों के प्रति व्यवहार भी बहुत अच्छा है। कोरोना विजेताओं ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में खाना और दंवाईयां सहित सभी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो जाती है। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज करने से पूर्व डॉक्टर्स ने मरीजों को अगले 2 सप्ताह तक पूरी सावधानी बरतनें तथा सोशल डिस्टेंसिंग व होम क्वारेंटाइन के प्रावधानों का पालन करने की समझाइश दी। 

शनिवार को कोरोना संक्रमण की जांच के लिए कुल 76 कोरोना सेम्पल्स लिए गए



खण्डवा - कोरोना संक्रमण की जांच के लिए संदिग्ध मरीजों के सेम्पल जांच के लिए प्रयोगशालाओं को भेजे जाते है। एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि शनिवार को कोरोना के संदिग्ध 76 मरीजों के सेम्पल्स लिए गए। जिले में अब तक कुल 2975 सेम्पल्स लिए जा चुके है। शनिवार को कुल 5 कोरोना विजेता डिस्चार्ज किया गया, इस तरह कुल 205 लोग संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घरों को जा चुके है। जिले में अब तक कुल 27 कन्टेन्मेंट एरिया चिन्हित किए जा चुके है।  

ड्यूटी से अनुपस्थित 6 कर्मचारियों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी



खण्डवा - अपर जिला दण्डाधिकारी श्रीमती नंदा भलावे कुशरे ने जिले के 6 कर्मचारियों को कोविड-19 संबंधी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए है। इन सभी कर्मचारियों केे विरूद्ध धारा 144 के उल्लंघन पर नोटिस, आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 56 के तहत परिवाद प्रस्तुत करने संबंधी कारण बताओ नोटिस तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने संबंधी नोटिस तथा ‘‘कार्य नही तो वेतन नहीं‘‘ के आधार पर वेतन काटने सहित कुल 4-4 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। एडीएम श्रीमती कुशरे ने बताया कि नोटिस का जवाब समय सीमा में प्राप्त न होने तथा संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने की दशा में संबंधित के विरूद्ध इन अधिनियमों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए है, उनमें वनरक्षक श्री चम्पालाल पटेल, माध्यमिक शाला अमलपुरा के शिक्षक श्री महेश भगोरे, माध्यमिक शाला बड़गांव गुर्जर के शिक्षक श्री दिनेश कुमार वामने, पटवारी सुश्री नाजिया परवीन, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 श्री काशीराम गोयल, आई.टी.आई. कॉलेज के सहायक ग्रेड-3 श्री नितिन अवाया शामिल है।

खेल गतिविधियां प्रारंभ करने की अनुमति दी गई। कुश्ती, जूडो, कबड्डी जैसे कान्टेक्ट स्पोर्ट्स की नही होगी अनुमति



खण्डवा- कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए खण्डवा जिले में लॉकडाउन किया गया है। अपर जिला दण्डाधिकारी श्रीमती नंदा भलावे कुशरे ने बताया कि पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों में कुछ छूट देते हुए खेल गतिविधियों की अनुमति देने संबंधी आदेश जारी कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि खेल परिसरों में कुश्ती, जूडो, कबड्डी जैसे कान्टेक्ट स्पोर्ट्स को छोड़कर अन्य खेल गतिविधियों की अनुमति दी गई है। इसके अलावा पूर्व के आदेशों में लगाए गए सभी प्रतिबंध यथावत लागू रहेंगे।
अपर कलेक्टर श्रीमती कुशरे ने बताया कि यह अनुमति केवल कन्टेन्मेंट क्षेत्र के बाहर वाले खेल परिसरों के लिए ही दी गई है। कन्टेन्मेंट क्षेत्र में रहने वाले खिलाडि़यों पर यह अनुमति लागू नही होगी। अपर कलेक्टर श्रीमती कुशरे ने बताया कि जिम, स्वीमिंग पुल व व्यायामशाला पर लगाए गए प्रतिबंध यथावत लागू रहेंगे। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खिलाडि़यों को खेल के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करना होगा तथा खेल के दौरान दर्शकों के आने पर प्रतिबंध रहेगा।

होम क्वारेंटीन मरीज अपने घर पर ही रहें, यह सुनिश्चित किया जाये, कलेक्टर श्री द्विवेदी ने अधिकारियों को दिए निर्देश





खण्डवा - कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अत्यावश्यक है। जिन लोगों में कोरोना संक्रमण की आशंका हो उनके सेम्पल लेकर उन्हें होम क्वारेंटीन किया जाये तथा टेस्ट रिपोर्ट आने तक उनकी नियमित मॉनिटरिंग कर सुनिश्चित किया जाये कि वे लोग अपने घरों पर ही रहे, ताकि कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना न रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती नंदा भलावे कुशर, हरसूद एसडीएम डॉ. परीक्षित झाडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सीमा अलावा, नगर निगम आयुक्त श्री हिमांशु सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। 
बैठक में कलेक्टर श्री द्विवेदी ने कहा कि फीवर क्लीनिक नियमित रूप से खुलें यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि नागरिकों को समझाइश दी जाये कि वे जब भी घर से निकलें मास्क लगाकर ही घर से निकलेें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान को निर्देश दिए कि सेम्पलिंग का कार्य नियमित रूप से किया जाये। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सभी अधिकारी कर्मचारी संक्रमण से अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने बैठक में निर्देश दिए कि जो भी संक्रमण की जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव मरीज सामने आता है उसकी कान्टेक्ट ट्रेसिंग तत्काल प्रारंभ की जायें, ताकि उसके सम्पर्क में आने वाले लोग चिन्हित किए जा सके और उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जायें, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका न रहे। 

मास्क बनाने के लिए 10 हजार महिला उद्यमियों ने करवाया पंजीयन, महिला उद्यमियों को हुआ 95 लाख का भुगतान



भोपाल : जीवन शक्ति योजना में अभी तक 10 हजार 12 महिला उद्यमियों ने पंजीयन करवाया है। इनके द्वारा 9 लाख 36 हजार से अधिक मास्क बनाये जा चुके हैं। अभी तक 2 लाख 21 हजार 649 मास्क बेंचे जा चुके हैं। यह प्रक्रिया सतत जारी है। महिला उद्यमियों को 2 करोड़ से अधिक राशि के लगभग 20 लाख कपड़े के मास्क बनाने के आर्डर दिये गए हैं। अभी तक 8 लाख 65 हजार 609 मास्क के लिए 95 लाख 21 हजार 699 रुपये का भुगतान महिला उद्यमियों के खाते में किया जा चुका है। इन्हें प्रति मास्क 11 रुपये का भुगतान किया जाता है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए नागरिकों को कम कीमत में मास्क उपलब्ध करवाने के लिए जीवन शक्ति योजना प्रारंभ की है। इससे शहरी महिला उद्यमियों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। जीवन शक्ति पोर्टल में शहरों की उद्यमी महिला पंजीयन करवाकर मास्क का निर्माण प्रारंभ कर सकती हैं। महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क शासन द्वारा निर्धारित दर पर जिला स्तर पर खरीदे जा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर 0755-2700880 पर सम्पर्क कर सकतें हैं।

जीवन शक्ति योजना में जिला इंदौर को एक लाख 65 हजार 480, भोपाल एक लाख 25 हजार 600, गुना एक लाख 7 हजार 600, जबलपुर 99 हजार 800, सतना 83 हजार, सागर 82 हजार, ग्वालियर 80 हजार 600, छतरपुर 58 हजार 200, उज्जैन 56 हजार 400, राजगढ़ 53 हजार, नीमच 46 हजार, रायसेन 45 हजार 600, सीहोर 45 हजार, रतलाम 44 हजार 400, टीकमगढ़ 44 हजार 400, विदिशा 42 हजार 800, रीवा 41 हजार 400, होशंगाबाद 41 हजार 200, शिवपुरी 39 हजार 400, खंडवा 36 हजार 400, छिन्दवाड़ा 35 हजार, मंदसौर 34 हजार 600, खरगोन 34 हजार 400, धार 33 हजार 800, सिवनी 33 हजार 200, नरसिंहपुर 30 हजार, दमोह 29 हजार 400, देवास 28 हजार 400, मुरैना 28 हजार 200, भिण्ड 28 हजार, अशोकनगर 27 हजार 600, बड़वानी 27 हजार, दतिया 25 हजार 400, बुरहानपुर 23 हजार 800, शहडोल 22 हजार 200, बैतूल 22 हजार, मंडला 18 हजार 200, शाजापुर 18 हजार, श्योपुर 18 हजार, उमरिया 18 हजार, सिंगरौली 17 हजार 200, कटनी 17 हजार, सीधी 14 हजार 600, बालाघाट 14 हजार 400, हरदा 11 हजार 800, डिंडोरी 11 हजार 400, आगरमालवा 10 हजार 200, अनूपपुर 10 हजार, झाबुआ 8 हजार, अलीराजपुर 7 हजार 400 और पन्ना जिले को 7 हजार मास्क बनवाने का आर्डर दिया गया है।

लॉकडाउन अवधि में प्रदेश में 57 हजार से ज्यादा सुधारे गए हैंड पम्प, फिर भी नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर लोग




भोपाल : प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में गर्मी के मौसम में आम लोगों को पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गत दो माह में लॉकडाउन की अवधि में 57 हजार 799 हैण्डपम्पों का सुधार कार्य करवाया गया है। इसके अलावा 10 हजार 365 ऐसे हैंडपम्प जहाँ का जल स्तर नीचे चला गया था वहाँ 51893 मीटर राईजर पाइप बढ़ाकर हैण्डपम्पों को चालू कराया गया। इसके अलावा 370 बसाहटों में जहाँ हैण्डपम्पों में जल स्तर बहुत नीचे चला गया था किन्तु नलकूप में आवक क्षमता पर्याप्त थी वहाँ पर सिंगल फेस मोटर पंप को स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया गया है। साथ ही 532 बसाहटों में नवीन नलकूप खनन कर हैण्डपम्प स्थापित किये गये और 154 खराब हैण्डपम्प प्लेटफार्म का पुनर्निर्माण भी कराया गया। लेकिन प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में आज भी भीषण गर्मी के चलते दूषित जल पीने को मजबूर हैं। सरकारी आंकड़े कुछ भी बयाँ करें लेकिन आज भी दूरस्थ इलाकों में लोगों को पेयजल संकट से एक दो होना पड़ रहा है।

प्रमुख अभियंता श्री के.के.सोनगरिया ने बताया कि प्रदेश में 16 हजार 2633 नल-जल योजनाएँ संचालित हैं। इनमें से 14 हजार 905 योजनाएँ चालू हैं। बंद नल-जल योजनाओं में से 176 योजनाओं में स्त्रोत पर ही पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों के सहयोग से 256 बंद नल-जल योजनाओं को चालू करवाया गया है। जबकि स्त्रोत असफल होने से विभाग ने बंद 85 योजनाओं में नवीन स्त्रोत का निर्माण कर पंचायतों के माध्यम से चालू कराया है। इस प्रकार 341 नल-जल योजनाएँ चालू की गई हैं।

अधिकतम 15 दिवस में सुधारे जाते हैं बंद हैण्डपम्प

प्रमुख अभियंता ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख 28 हजार 489 ग्रामीण बसाहटों में पेयजल की व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले में खण्ड/उप खण्ड कार्यालय स्थापित हैं। हैण्डपम्प बिगड़ने पर विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत सामान्य खराबी से बंद हैण्डपम्पों को 7 दिन में और विशेष खराबी से बंद हैण्डपम्पों को तकनीकी स्टाफ द्वारा अधिकतम 15 दिन में सुधार कर चालू कर दिया जाता है।

समस्या-ग्रस्त 13 हजार से अधिक बसाहटों को किया गया चिन्हांकित

प्रमुख अभियंता श्री सोनगरिया ने बताया कि गर्मी के मौसम को दृष्टिगत पहले से ही संभावित पेयजल समस्या ग्रसित होने वाली 13 हजार 963 बसाहटों को चिन्हांकित कर लिया गया है। जिनकी जनसंख्या 87 लाख 51 हजार 281 है। इनमें से 4276 बसाहटों में नवीन नलकूप खनन की कार्रवाई की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर 283 ग्रामीण नल-जल योजनाओं में पाईप लाईन बढ़ाकर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही 4081 हैण्डपम्पों पर सिंगल मोटर पंप स्थापित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। एक हजार 733 नल-कूपों में हाईड्रोफ्रैक्चरिंग की जाएगी। इन सबके बाद भी यदि किसी बसाहट में पेयजल की उपलब्धता नहीं होने पर समीप के जल उपलब्धता वाले स्थान से परिवहन कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा।


संग्राहकों से 1582 क्विंटल महुआ फूल खरीदा गया




भोपाल : राज्य लघु वनोपज संघ ने संग्रहण वर्ष 2020 में संग्राहकों से बढ़ी दर पर अब तक 1582 क्विंटल महुआ फूल खरीदा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 35 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदे गए फूल से संग्राहकों को 55 लाख 37 हजार रूपये की आय हुई है। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गत माह महुआ फूल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रूपये प्रति किलो से बढ़ाकर 35 रूपये करने के निर्देश दिये थे।
महुआ फूल का चिकित्सकीय और औषधीय रूप से काफी महत्व है। इसके फल-फूल, पत्ती, लकड़ी, सभी का प्रयोग होता है। ह्रदय, लिवर, कैंसर, अल्सर, ब्रोंकाईटिस, बुखार आदि अनेक रोगों में महुआ और महुए के फूल का उपयोग किया जाता है। महुआ फूल का उपयोग देशी मदिरा बनाने में भी किया जाता है। महुआ का पेड़ आदिवासियों में काफी लोकप्रिय है।

मोदी नाम नहीं, मंत्र है जो ऊर्जा भरता है : मुख्यमंत्री श्री चौहान




छह वर्ष में बिना अवकाश के अथक परिश्रम कर रहे हैं प्रधानमंत्री,
श्री नरेन्द्र मोदी के द्वितीय कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई 

भोपाल : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वितीय कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी सहित पूरे राष्ट्रवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सिर्फ एक नाम नहीं है बल्कि वे देश की करोड़ों-करोड़ जनता के हृदय के हार हैं। वे दिलों पर राज करते हैं। भारत वर्ष की मुकुट मणि हैं। लोगों का उनके प्रति अनन्य प्रेम झलकता है। महान नेता प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत छह वर्ष में एक भी अवकाश नहीं लिया। वे हमेशा भारत माता तथा अपनी जनता के लिए घनघोर और अथक परिश्रम करते रहते हैं। राष्ट्र को ऊँचाईयों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मोदी नाम में ही संदेश छिपा है। एम से मोटीवेशनल और मेहनती, ओ से ओजस्वी और भारत में छिपी अपार्च्युनिटी को पहचानकर उसे निखारने का प्रयास करने वाले नेता। कोरोना की चुनौती को उन्होंने अवसर में बदला। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मोदी के डी का अर्थ है दूरदर्शिता रखने वाले, डायनमिक लीडरशिप और डेवलपमेंट की ओर ले जाने वाले नेता। आई से आशय है, इंस्पायर करने वाले, दृढ़ इच्छा-शक्ति से इंडिया को अलग पहचान देने वाले नेता। वे सभी को ऊर्जा और विश्वास से भरने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुनिया प्रधानमंत्री श्री मोदी को विकास पुरुष के नाम से जानती है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूरा देश श्री मोदी के आव्हान पर जुटा है। मोदी नाम नहीं एक मंत्र है, जो ऊर्जा भरता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं जो हमें प्रधानमंत्री श्री मोदी के रूप में नेतृत्व करने वाला एक ऐसा नेता मिला है जिसने कश्मीर से धारा-370 की समाप्ति, नागरिकता कानून, अयोध्या मंदिर निर्माण, तीन तलाक के कानून के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लिए बीस लाख करोड़ के विशेष पैकेज से सभी के कल्याण के कदम उठाये हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री श्री मोदी इसी तरह राष्ट्रवासियों को प्रेरित करते रहेंगे, मनोबल बढ़ाते रहेंगे और दिलों पर राज करते रहेंगे।

टिकाऊ ऊर्जा के लिए भौतिक विज्ञान और इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री के मेलजोल पर काम कर रहे एनआईटी श्रीनगर के शिक्षकों को प्रेरित किया जाए

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के डा. मलिक अब्‍दुल वाहिद जिन्‍हें भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्‍थापित इंसपायर संकाय पुरस्कार से नवाजा जा चुका है, वह टिकाऊ और सस्‍ते ऊर्जा स्रोत विकसित करने के लिए भौतिक विज्ञान और इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री के मेलजोल से ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनका ध्यान मुख्य रूप से इलेक्ट्रोड और इलेक्ट्रोलाइट भौतिक इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री पर है।         

चित्र- डा. मलिक अब्‍दुल वाहिद अपनी प्रयोगशाला में


डॉ.मलिक की वर्तमान अनुसंधान दिलचस्‍पी के प्रमुख अंशों में सोडियम-आयन (एनए-आयन) बैटरी के लिए इलेक्ट्रोड विकास पर भौतिक अनुसंधान शामिल है, जो वर्तमान में लिथियम-आयन (ली-आयन) प्रौद्योगिकी की तुलना में लागत में 20%कमी करता है। वह दो पहलुओं पर ध्यान केन्‍द्रित कर रहे हैं, यानी लागत में कमी और दक्षता में वृद्धि। लागत में कमी के लिए, वह वर्तमान में कार्बन-आधारित एनोड (बिजली के धनात्‍मक छोर) और कार्बनिक कैथोड के संयोजन के स्थिरीकरण पर अपना ध्‍यान केन्द्रित कर रहे हैं, जबकि दक्षता में वृद्धि के लिए,वह नए कैथोड रसायनों की खोज कर रहे हैं। उनकी हाल की दो परियोजनाओं में उपयुक्त डोपिंग द्वारा उच्च क्षमता वाले परतदार कैथोड विकसित करना है जो उच्च क्षमता और स्थिरता तथा सल्फेट-फॉस्फेट संकर कैथोड प्रदान करता है। इसी प्रकार, सोडियम (एनए) धातु एनोड (बिजली के धनात्‍मक छोर) का परिचायक है जिसमें भारी एनएजमाव क्षमता विकसित की जाती है। उल्लिखित परियोजनाएं एनए आयन बैटरी अनुसंधान के क्षेत्र के लिए एक नई दिशा हैं।

आईआईएसईआर पुणे में अपने सहयोगियों के साथ, डॉ. मलिक ने ली-आयन बैटरी में एनोड के रूप में कुशल एसआई स्थिरीकरण के लिए एक एसआई-फॉस्फोरीन नैनो-मिश्रित सामग्री विकसित की, जिसे सस्टेनेबल एनर्जी फ्यूल्सजरनल में प्रकाशित किया गया था। प्राप्त पदार्थ कार्बन-आधारित इलेक्ट्रोड की तुलना में पांच गुना अधिक क्षमता प्रदान करता है और लगभग 15 मिनट में पूरी तरह से चार्ज हो सकता है।

     एनआईटी श्रीनगर में उनकी टीम ने कम ग्राफीन ऑक्साइड (आरजीओ) आच्‍छादित उच्च अवस्‍था के अनुपात 1-आयामी एसबीएसई नैनो-संरचना को संश्लेषित करने के लिए एक सरल हाइड्रोथर्मल रणनीति का इस्तेमाल किया। उनका यह कार्य कैम फिजिक्‍स कैमजरनल में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने 100एमएजी1के एक विशिष्ट विद्युत प्रवाह पर 550एमएएचजी-1की उलटनीय क्षमता के साथ संतोषजनक उपलब्धि हासिल की, जिसका अर्थ है कि 5 से 6जीसंश्लेषित सामग्री एक उच्च रेंज के एंड्रॉइड सेल फोन को चलाएगी।

डॉ. मलिक ने कहा, “इंसपायरसंकाय पुरस्कार एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है और इसे किसी भी संस्थान में नियमित संकाय की स्थिति से अलग किया जाना चाहिए। पद का सम्मान करने के लिए, मैंने संयुक्‍त रूप से एनआईटी श्रीनगर में उत्कृष्टता केन्‍द्र (सीओई)की स्‍थापना की, जिसे इंटरडिसीप्‍लीनरी डिवीजन ऑफ रिन्‍यूएबल एनर्जी एंड एडवांस मेटीरियल्‍स (आईड्रीम) नाम दिया गया। सीओई ने मुख्य रूप से मेरी और मेरे सहयोगी के अनुसंधान अनुदान से काम किया, लेकिन हाल ही में संस्थान ने धन सहायता का वादा किया है। इसके अतिरिक्त, एमएचआरडी (फास्‍टयोजना के अंतर्गत) के संभावित सहयोग से, यह केन्‍द्र उच्च गुणवत्ता वाले कुछ अनुसंधानों को आगे बढ़ाने और उनकी आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है।"

     वर्तमान में, यह केन्‍द्र डॉ. मलिक ने संयुक्‍त रूप से स्थापित किया है, जो जम्मू और कश्मीर के स्थानीय संसाधनों पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा जल संचयन के लिए ऊर्जा के भंडारण और सुपर-हाइड्रोफोबिक सतहों के उन्नत क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए काम करता है। डॉ. वाहिद एनए आयन बैटरी एनोड के अनुप्रयोगों (एसीएस ओमेगा, 2017, 2 (7), पीपी 3601-3609) के रूप में पहले ही अखरोट के खोल से प्राप्त कार्बन के उपयोग पर एक पेपर प्रकाशित कर चुके हैं। पदार्थ में उन्नत इलेक्ट्रोड अनुप्रयोगों के लिए नियोजित होने की बहुत गुंजाइश है। इसी तरह बेकार डेयरी उत्‍पादों और डल झील की जलीय वनस्पति इलेक्ट्रोड ग्रेड कार्बन के पूर्व लक्षण के रूप में नियोजित करने के लिए उपयुक्त आकृति विज्ञान प्रतीत होता है। आईड्रीम के तहत ऊर्जा भंडारण गतिविधियाँ आंशिक रूप से स्थानीय अग्रदूतों से उच्च गुणवत्ता वाली कार्बन सामग्री के संश्लेषण पर ध्यान केंद्रित करती हैं। कमल के फूल की डंडी इलेक्ट्रोड ग्रेड कार्बन सामग्री के पूर्व लक्षण के रूप में नियोजित होने के लिए झरझरा होने में बहुत आशाजनक है। यह डल झील के स्थानीय पौधों की हाइड्रोफोबिक पत्ती संरचना की प्रतिकृति बनाकर उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोफोबिक सतहों को विकसित करने की चुनौतियां भी देता है।


नर्मदा बचाओ आन्दोलन द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध, विद्युत नियामक आयोग में विस्तृत आपत्ति दर्ज की, 7414 करोड़ की बचत से बिजली दर में 4.75 रु/यूनिट कम करने की मांग




मध्य प्रदेश सरकार की पॉवर मैनेजमेंट कंपनी एवं अन्य कंपनियों द्वारा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष वर्ष 2020-21 के लिये विद्युत दर निर्धारण याचिका लगाकर बिजली के दामों को लगभग 10% बढ़ाने की मांग की है. इस याचिका पर आज नर्मदा बचाओ आन्दोलन के आलोक अग्रवाल ने विस्तृत आपत्ति दायर कर इस वृद्धि के स्थान पर आयोग को बताया है कि यदि ये विद्युत कम्पनियां रु 7414 करोड़ तक की बचत कर सकती हैं और इससे घरेलु बिजली के दामों में 4.75 रु प्रति यूनिट तक की बचत की जा सकती है.

कैसे होगी रु 7414 करोड़ तक की बचत

नियामक आयोग भेजी गयी आपत्ति में विस्तृत विवरण देते हुए बचत का निम्न विवरण दिया है-

1.     याचिका में स्पष्ट है कि एन टी पी सी मोदा यूनिट I, एन टी पी सी गांधार, एन टी पी सी सोलापुर, एन टी पी सी गाडरवाडा यूनिट I एवं II, एन टी पी सी खरगोन यूनिट I एवं II, टोरेंट पॉवर, जे पी बीना पॉवर, बी एल ए पॉवर इन कंपनियों से एक भी यूनिट बिजली न खरीदने के बावजूद इन्हें 3845 करोड़ रूपये का भुगतान किया जायेगा. उपभोक्ताओं के इस अनावश्यक एवं भयावह बोझ को अस्वीकार करने पर 3845 करोड़ रु की बचत होगी.

 

2.      एन टी पी सी, मोदा II, एन टी पी सी कवास, सिंगाजी I एवं II से अत्यंत महंगी व् मात्र 191 करोड़ यूनिट बिजली खरीदी जा रही है जबकि म प्र के पास 3076 करोड़ यूनिट बिजली सरप्लस है. अतः इन तीन कंपनियों से बिजली न खरीदकर 2055 करोड़ रु की बचत की जा सकती है.

 

3.      जे.पीबीना पावर सागर, जे.पीनिगरी जिला सिंगरौली, झाबुआ पावर सिवनी, एम.बीपावर अनूपपुर, बी.एल.पावर गाडरवारा, पी.टी.सीके माध्यम से लेन्को अमरकंटक, इन 6 निजी परियोजनाओं के साथ किये गये समझौते भारतसरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत घोषित टेरिफ पॉलिसी दिनांक 06 जनवरी 2006एवं अन्य कानूनों के अनुसार गैर क़ानूनी हैं. इन परियोजनाओं से हमें मात्र 789 करोड़ यूनिट बिजली मिलती है जबकि म प्र के पास 3076 करोड़ यूनिट बिजली सरप्लस है, अतः इन 6 परियोजनाओं के गैर क़ानूनी समझौते रद्द करने से इन्हें दिये जाने वाले नियत प्रभार के 2034 करोड़ रु के भुगतान की बचत होगी.

 

इस प्रकार उपरोक्त से कुल 3845 + 2055 + 2034 = 7934 करोड़ रु की बचत होगी. इसमें जे पी बीना व् बी एल ए पॉवर के दो बार आने के कारण, उसके भुगतान कुल 520 करोड़ की राशी घटाने के बाद कुल बचत 7414 करोड़ रु होगी.

 

घरेलु बिजली दर में 4.75 रु/यूनिट या सभी बिजली की दरों में पर्याप्त कमी करने की मांग :

 

विधुत कंपनियों द्वारा दायर याचिका (49/2019) की तालिका -1 में कहा गया है कि घरेलू उपभोक्ता इस वर्ष के दौरान 15609 मिलियन यूनिट या 1560.9 करोड़ यूनिट की खपत करेगा. अतः आयोग से मांग की गयी है कि उपरोक्त 7414 करोड़ रु की बचत से घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर में 4.75 रु प्रति यूनिट तक की कमी की जा सकती है. आयोग चाहे तो घरेलू, व्यावसायिक एवं औद्योगिक सभी प्रकार के उपभोक्ताओं की बिजली की दरों में पर्याप्त कमी कर सकता है.

शुक्रवार, 29 मई 2020

"जिंदगी कैसी हैं पहेली" जैसे गीत लिखने वाले प्रख्यात गीतकार योगेश का हुआ निधन, ट्वीटर पर लता मंगेश्कर ने दी श्रद्दांजलि



मुंबई- बॉलीवुड को एक से बढ़कर गी‌त देने वाले गीतकार योगेश गौर का निधन हो गया है. उनकी उम्र 77 साल थी. उनके बारे में कहा जाता है कि 16 साल की उम्र में लखनऊ से मुंबई आए योगेश ने एक फिल्म में गाने लिखे. इन्हें ऋषिकेश मुखर्जी ने सुना और 'आनंद' फिल्म में मौका दिया. आनंद में गुलजार ने 'मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने चुने लिखा' और योगेश ने 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए' और 'जिंदगी कैसी है पहेली हाय' लिखे.

फिल्म मिली का 'आए तुम याद मुझे' छोटी सी बात का 'न जाने क्यों होता है ये जिंदगी के साथ', रजनीगंधा का 'कई बार यूं भी देखा है' के अलावा 'रिमझिम गिरे सावन सुलग-सुलग जाए मन', 'न बोले तुम न मैंने कुछ कहा', 'बड़ी सूनी-सूनी है', 'जिंदगी ये जिंदगी' जैसे कई 70 के दशक की फिल्मों सुपरडुपर हिट गाने योगेश ने लिखे.

लता मंगेशकर ने उनके निधन एक ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जताईं. योगेश के लिखे गीत गा चुकीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने लिखा, "मुझे अभी पता चला कि दिल को छूने वाले गीत लिखने वाले कवि योगेश जी का आज स्वर्गवास हुआ. ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ. योगेश जी के लिखे कई गीत मैंने गाए. योगेश बहुत शांत और मधुर स्वभाव के इंसान थे. मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पण करती हूं."

योगेश गौर ने "एक रात, मिली, छोटी सी बात, आनंद, आजा मेरी जान, मंजिलें और भी हैं, बातों-बातों में, रजनीगंधा, मंजिल, आनंद महल, प्रियतमा, मजाक, दिललगी, अपने पराए, किराएदार, हनीमून, चोर और चांद, बेवफा सनम, जीना यहां, लाखों की बात" जैसी फिल्मों के गीत लिखे.

भोपाल में सभी दुकाने सुबह 7 से शाम 7 तक खुलेंगी, कलेक्टर और जिला दण्डधिकारी श्री पिथोड़े ने धारा 144 में आदेश जारी किए



भोपाल- कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी श्री तरुण कुमार पिथोड़े ने धारा 144 के अंतर्गत संशोधित आदेश जारी कर भोपाल शहर में खुलने वाली सभी दुकानों का समय संशोधित कर दिया है अब भोपाल शहर में सभी दुकानें सुबह 7:00 से शाम 7:00 बजे तक खोली जा सकेगी। लगातार तेज गर्मी और व्यापारियों की मांग को देखते हुए यह आदेश तात्कालिक रूप से जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही धारा 144 में पूर्व में जारी किए गए आदेश के अनुसार प्रतिबंधित दुकानों और क्षेत्रो को छोड़कर अन्य सभी दुकाने जो सम्बन्धित वर्ग में है आदेश से संबंधित दुकानें है भी खोली जा सकेंगी।
इसके साथ ही रेत, गिट्टी, ईट, सीमेंट, और लोहा आदि निर्माण कार्य में काम आने वाले समान की दूकाने रविवार को छोड़कर शेष दिन खोलने के आदेश जारी किये गए हैः

"स्वामित्व योजना" के तहत ग्रामीणों को मिलेगा आबादी भूमि का मालिकाना हक



अभी तक भारत में ग्रामीण क्षेत्र में आबादी की भूमियों का सर्वेक्षण और अभिलेख का कार्य नहीं किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी आवासीय सम्पत्ति होने पर भी वे ग्रामीणों की आड़े वक्त पर काम नहीं आ पाती थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण भारत की इस समस्या को समझा तथा इतिहास में पहली बार ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का मालिकाना हक देने के लिये ‘‘स्वामित्व योजना‘‘ प्रारंभ की है। इस योजना के प्रथम वर्ष में प्रदेश के 10 जिलों का चयन किया गया है। शेष जिले अगले वर्ष लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र का सर्वे किया जाकर अधिकार अभिलेख तैयार किये जायेंगे। ग्रामीण जनता को उनके भूखण्ड पर मालिकाना हक प्रदान किये जाने के प्रमाण स्वरूप उन्हें स्वामित्व अभिलेख प्रदाय किये जायेंगे। उन्होंने कहा है कि ग्रामीणों के लिये यह योजना वरदान बनेगी। ग्रामवासियों को आबादी भूमि का मालिकाना हक मिलने से उन्हें सम्पत्तियों पर बैंक से ऋण लेना भी संभव होगा। पंचायतों को भी इस योजना से आय साधन बढ़ेंगे।

चना, मसूर, सरसों उपार्जन की अंतिम तिथि बढ़ाई जायेगी



भोपाल- प्रदेश में चना, मसूर, सरसों के उपार्जन की अंतिम तिथि 30 मई को बढ़ाए जाने के लिये निर्देश दिये गए हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने बताया कि चना, मसूर, सरसों का उपार्जन विलंब से प्रारंभ होने से इसकी अंतिम तिथि का बढ़ाये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग से प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है। शीघ्र ही किसानों के हित में निर्णय लिया जाकर अंतिम तिथि को बढ़ाया जायेगा।

आँगनवाड़ी केन्द्रों में फीवर क्लीनिक नहीं खोली जायेंगी



भोपाल- आँगनवाड़ी केन्द्रों का उपयोग सिर्फ महिला बाल विकास विभाग के अन्तर्गत चिन्हित टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाएँ पोषण आहार वितरण आदि के लिए ही किया जाएगा। प्रदेश के किसी भी आँगनवाड़ी केन्द्र में फीवर क्लीनिक अथवा कोविड-19 की गतिविधियों का संचालन नहीं होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री फैज अहमद किदवई ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए है कि कोविड-19 से संक्रमित मरीज के थूक के कणों से दो मीटर के भीतर सम्पर्क में आए किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकती है। प्रदेश में संचालित किसी भी आँगनवाड़ी में कोविड-19 संबंधी गतिविधियां, फीवर क्लीनिक का संचालन या सेम्पलिंग कार्य के लिये आँगनवाड़ी सह-आरोग्य केन्द्र का उपयोग न किया जाये। श्री किदवई ने कहा है कि भारत सरकार की गाईडलाइन के अनुसार गर्भवती महिलाएँ और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हाईरिस्क की श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। 

1 जून से रेल सेवा शुरू होगी, मध्यप्रदेश में 15 ट्रेनों का स्टॉपेज रहेगा, खण्डवा के साथ साथ हरदा, विदिशा, भोपाल गुना, राजगढ़ शाजापुर में भी होगा स्टॉपेज



खण्डवा- आगामी 1 जून 2020 से मध्यप्रदेश में भी रेल सेवा आरंभ होगी। प्रदेश में 15 ट्रेनों का स्टॉपेज रहेगा। ये ट्रेनें श्रमिक स्पेशल ट्रेन के अतिरिक्त रहेंगी। डीआरएम भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार ट्रेनों का स्टॉपेज खंडवा के साथ साथ सागर, विदिशा, भोपाल, होशंगाबाद, हरदा, अशोकनगर, गुना, राजगढ़ और शाजापुर जिले में होगा। रेल आवागमन संबंधी भारत सरकार के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी स्टेंडर्ड ऑपरेटिव प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गए हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग एवं अन्य प्रबंधों के लिये भी कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं। जाँच में संभावित संक्रमित पाये गये यात्रियों को 14 दिवस के लिये क्वारेंटाईन सेंटर में रखा जाएगा। क्वारेंटाईन सेंटर में रहने से असहमत रहने वाले यात्रियों को उनके स्वयं के व्यय पर शासन द्वारा निर्धारित निजी होटलों में भी क्वारेंटाईन किया जाएगा। क्वारेंटाईन अवधि समाप्त होने के उपरांत पुनः जाँच की जायेगी एवं रिपोर्ट नेगेटिव पाये जाने पर ही घर जाने की अनुमति दी जायेगी। 

स्नातक एवं स्नातकोत्तर के फायनल सेमेस्टर की परीक्षा 29 जून से 31 जुलाई तक



भोपाल- प्रदेश के सभी शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों की स्नातक अंतिम वर्ष तथा स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाओं की परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित होंगी। आगामी 29 जून से 31 जुलाई के बीच विद्यार्थियों को पेन पेपर मोड पर परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा देना होगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव तथा सभी शासकीय, अशासकीय स्वशासी, अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों को परीक्षाओं एवं अकादमी कैलेंडर के संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय परीक्षाओं के संचालन में परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाना अनिवार्य होगा। स्नातक प्रथम, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर और अन्य पाठ्यक्रमों की नियमित परीक्षाएं स्थानीय स्तर पर परिस्थितियां सामान्य होने पर आयोजित की जा सकेगी। स्नातक कक्षाओं के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष सेमेस्टर एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रवेश देकर 1 सितंबर 2020 से नया सत्र प्रारंभ किया जाएगा। इस वर्ष के लिए स्नातक कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का नया सत्र आगामी 1 अक्टूबर  से शुरू होगा।

‘रोजगार सेतु‘ योजनातंर्गत सर्वे शुरू,मजदूरों को उनकी योग्यतानुसार मिलेगा काम



खण्डवा - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कुशल प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के अनुरूप उद्योगों, नियोजनों, निर्माण कार्यों आदि में कार्य देने के लिये ‘‘रोजगार सेतु‘‘ योजना प्रारंभ की गयी है। इस प्रकार की योजना बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में कुशल प्रवासी मजदूरों के सर्वेक्षण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत में आये प्रवासी मजदूरों के संबंध में उनके कौशल सहित अन्य जानकारी एकत्रित की जा रही है। वहीं दूसरी ओर उद्योगों, कारखानों, नियोजनों आदि से जानकारी एकत्रित की जा रही है कि उन्हें किस कौशल के मजदूरों की आवश्यकता है। इस प्रकार एक रोजगार सेतु का निर्माण किया जा रहा है जिसके माध्यम से कुशल मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार कार्य मिल सकेगा, वहीं उद्योगों, नियोजनों, निर्माण कार्यों के लिये कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

राज्य बालश्री कला प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित होगी



भोपाल - जवाहर बाल भवन द्वारा लॉकडाउन के इस दौर में भी बच्चों की सृजनात्मक कला के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जा रही है। बच्चों को विभिन्न कलाओं में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसमें अभिनय सृजनात्मक लेखन, नाटक आदि शामिल है। बाल भवन द्वारा बच्चों के सृजनात्मक कला के विकास के लिए ऑनलाइन राज्य बालश्री प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। आगामी 20 जुलाई तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में 5 से 10 वर्ष तथा सीनियर वर्ग में 11 से 16 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकते है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए  http://www.jawaharbalbhawanbhopl.com/ पर पंजीयन कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त फोन नम्बर 8959503202, 9425011719 तथा 9669333020 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
सभी प्रतियोगिता के लिए जवाहर बाल भवन में ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता में सम्मिलित लेखन के अन्तर्गत हस्तलिखित रचना तथा चित्रकला, हस्तकला एवं मूर्तिकला प्रतियोगिता के अन्तर्गत निर्मित कलाकृतियों को लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात भोपाल संभाग के बच्चे जवाहर बाल भवन, भोपाल में तथा अन्य जिलों के बच्चे निकटतम संभागीय बाल भवन ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, उज्जैन एवं इंदौर में अपनी सुविधानुसार जमा करा सकते हैं। नृत्य, गायन, वादन एवं अभिनय के कुछ चयनित प्रतिभागियों की प्रस्तुतियाँ लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात आवश्यकतानुसार जवाहर बाल भवन, भोपाल में कराई जायेगी। नृत्य, गायन, वादन, अभिनय की वीडियो तथा हस्तकला, चित्रकला, मूर्तिकला की कलाकृति की फोटो एवं लेखन के अन्तर्गत लिखी रचनाओं की स्केन कॉपी 20 जून 2020 को सायं 6 बजे तक jawaharbhavanbpl@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं। सभी प्रतियोगिताओं में जूनियर एवं सीनियर वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिये चयनित प्रतियोगिताओं को पृथक-पृथक पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता विवरण और नियम की विस्तृत जानकारी बालभवन की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

टेली मेडिसीन के माध्यम से डॉक्टर्स मरीजों को दे रहे हैं सलाह



खण्डवा- टेली मेडिसीन के माध्यम से जिन संदिग्ध मरीजों के सैम्पल लिये उनसे और कोरोना संक्रमित मरीजों के मोबाईल पर चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से बात की जा रही है। टेली मेडिसीन का मोबाईल नं. 8827954755 से बात कर मरीजों का मनोबल व आत्म विष्वास बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ्य होने के लिए प्रेरित कर रहे है। टेली मेडिसीन के तहत ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. संजय इंगला, डॉ. द्वारकाप्रसाद, डॉ. निलेष राठौर मेडिकल कॉलेज के द्वारा नियमित रूप से 24 घण्टे चिकित्सक तैनात रहकर संबंधित से चर्चा करते है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज खंडवा की मनोरोग विषेषज्ञ डॉ. निषा कैथवास भी वार्ड में भर्ती मरीजों से नियमित बात कर उन्हें प्रेरित करती है।

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