गुरुवार, 29 जनवरी 2026

“हम हैं धरती के दूत” थीम पर सरमेश्वर वन चौकी में अनुभूति कैम्प, विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प

खंडवा- वन परिक्षेत्र सरमेश्वर (सामान्य) अंतर्गत वन चौकी सरमेश्वर में दिनांक 28 जनवरी 2026 को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति से आत्मीय जुड़ाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “हम हैं धरती के दूत” थीम पर अनुभूति कैम्प का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन मुख्य वन संरक्षक श्री बासू कनोजिया एवं वनमंडलाधिकारी खंडवा (सामान्य) श्री राकेश डामोर के निर्देशन तथा उपवनमंडलाधिकारी पश्चिम कालीभीत श्री विजेंद्र जवरिया एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सरमेश्वर (सामान्य) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

अनुभूति कैम्प में सांदीपनि स्कूल, खार के 121 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वनों के महत्व, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश इको-टूरिज्म बोर्ड के मास्टर ट्रेनर श्री राठौड़ द्वारा विद्यार्थियों को वनों की उपयोगिता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्य प्राणियों के जीवन चक्र एवं मानव-प्रकृति के सहअस्तित्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

कैम्प के दौरान विद्यार्थियों ने जन-जागरूकता हेतु नाटक एवं चित्रकला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों को प्रकृति संरक्षण के महत्व पर सोचने के लिए प्रेरित किया। उत्कृष्ट अभिनय एवं कलात्मक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई।

कार्यक्रम में डिप्टी रेंजर श्री कैलाश लोवैशी, श्री पंजाब राव पंडागरे एवं श्री निवास पटेल सहित वन रक्षक श्री जे.पी. पाण्डेय, श्री मनीष दूरवार, श्री जीतेन्द्र पगारे, श्री समीर खान, श्री अभिषेक आर्य, श्री देवेन्द्र सोलंकी, श्री अली, श्री शांतिलाल एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा विद्यार्थियों को वन संरक्षण, पौधारोपण, आग से बचाव एवं वनों के प्रति नागरिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई।

अनुभूति कैम्प के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट लाकर पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने वनों एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक रहने तथा समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया। यह आयोजन पर्यावरणीय शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।


बुधवार, 28 जनवरी 2026

वन परिक्षेत्र पूर्व कालीभीत में गरिमामय वातावरण में मनाया गया गणतंत्र दिवस

खण्डवा/रोशनी- देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र पूर्व कालीभीत में राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री वीरेन्द्र अचालिया ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

ध्वजारोहण के पश्चात कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे संपूर्ण परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम में सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, वनपाल, वनरक्षक सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री अचालिया ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें संविधान के मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा विभागीय दायित्वों का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय पर्व की खुशी में कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिठाई वितरित कर आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया। सभी ने देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रहित में कार्य करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सतत प्रयास करने का संकल्प लिया।


एमपी ट्रांसको की तकनीकी उपलब्धि: चार्ज 400 केवी टावरों की स्ट्रेंथनिंग से रबी सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित

जबलपुर- मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एमपी ट्रांसको) ने प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस (टीएलएम) दमोह टीम ने 400 केवी कटनी–दमोह एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के टावरों में चार्ज (चालू) अवस्था में ही स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस अभिनव और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य से रबी सीजन के दौरान किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी है।

प्रदेश में बढ़ती विद्युत मांग और रबी फसलों की सिंचाई को देखते हुए बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से निरंतर विद्युत निकासी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक था। इसी को ध्यान में रखते हुए दमोह सेक्शन में कुल 267 टावरों पर बिना शटडाउन मजबूतीकरण कार्य किया गया। सामान्यतः इस प्रकार के कार्यों के लिए ट्रांसमिशन लाइन को बंद करना पड़ता है, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है, लेकिन एमपी ट्रांसको की टीम ने उच्च तकनीकी दक्षता, आधुनिक उपकरणों और कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चार्ज लाइन पर ही यह कार्य संपन्न किया।

मुख्य अभियंता (एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइन–मेंटेनेंस) श्री दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर संबंधित टावरों की स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग आवश्यक पाई गई थी। हॉटलाइन तकनीक के माध्यम से किए गए इस कार्य के दौरान टावर फाउंडेशन को सुदृढ़ किया गया, कमजोर एवं जर्जर स्टील मेंबर्स को बदला गया तथा अतिरिक्त ब्रेसींग लगाकर टावरों की संरचनात्मक क्षमता को बढ़ाया गया।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको की टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार और तकनीकी कौशल से प्रदेश की विद्युत पारेषण प्रणाली और अधिक सशक्त बनेगी। उन्होंने कहा कि चार्ज लाइन पर कार्य कर बिना आपूर्ति बाधित किए मजबूतीकरण करना एमपी ट्रांसको की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह संपूर्ण कार्य कार्यपालन अभियंता श्री एस. के. मुढा के नेतृत्व में टीएलएम दमोह टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया। एमपी ट्रांसको द्वारा किए गए इस प्रयास से न केवल रबी सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, बल्कि भविष्य में भी पारेषण नेटवर्क की विश्वसनीयता एवं सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच अनिवार्य, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता

खण्डवा- जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने खालवा विकासखण्ड की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसवपूर्व स्वास्थ्य परीक्षण निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के नौ माह के दौरान कम से कम चार बार गर्भवती महिला की स्वास्थ्य जांच गांव की स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा की जाना सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि समय पर स्वास्थ्य परीक्षण से गर्भवती महिला एवं होने वाले शिशु में संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते उपचार संभव हो पाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जांच के दौरान यदि किसी महिला में रक्ताल्पता या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाई जाती है, तो उसे विकासखण्ड अथवा जिला स्तर के अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक से परीक्षण कराकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए, जिससे प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न हो।
संदलपुर स्थित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत, डॉ. शक्तिसिंह राठौर, खालवा विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर्स उपस्थित रहीं। बैठक में खालवा विकासखण्ड में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं की जांच से संबंधित सभी जानकारी विभागीय पोर्टल पर समय पर एवं सही ढंग से दर्ज की जाए, ताकि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एनीमिक गर्भवती महिलाओं के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान सेंधवाल ग्राम की एएनएम द्वारा गलत जानकारी प्रस्तुत किए जाने पर कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित एएनएम साधना काशिव का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि लापरवाही या भ्रामक जानकारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कुपोषित बच्चों के उपचार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कोई भी पलंग खाली न रहे।
इसके अतिरिक्त बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री गुप्ता ने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना प्रशासन का लक्ष्य है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह का खंडवा एवं मलगांव दौरा, अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ और श्री दाता साहब मेले के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल

खंडवा- प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह गुरुवार 29 जनवरी 2026 को खंडवा जिले के भ्रमण पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वे शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री डॉ. विजय शाह प्रातः 10 बजे नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, खंडवा में फॉरेंसिक मेडिसिन एवं साइंस विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर देश-विदेश से आए विशेषज्ञ, चिकित्सक, शिक्षाविद एवं शोधार्थी कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर फॉरेंसिक विज्ञान के नवीन आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे। मंत्री डॉ. शाह द्वारा चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में राज्य सरकार की प्रतिबद्धताओं पर भी प्रकाश डाले जाने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के पश्चात मंत्री डॉ. विजय शाह सायंकाल खालवा विकासखंड के ग्राम मलगांव पहुंचेंगे। यहां वे रात्रि 8 बजकर 30 मिनट से आयोजित श्री दाता साहब मेले के समापन कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। यह मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन शामिल होते हैं।

समापन कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. विजय शाह द्वारा श्रद्धालुओं को संबोधित किए जाने के साथ ही क्षेत्रीय विकास, जनजातीय कल्याण एवं सामाजिक एकता से जुड़े विषयों पर भी विचार व्यक्त किए जाएंगे। कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत मंत्री डॉ. विजय शाह रात्रि 10 बजकर 30 मिनट पर ग्राम मलगांव से खंडवा के लिए प्रस्थान करेंगे।

मंत्री के दौरे को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यक्रम स्थलों पर समन्वय, सुरक्षा एवं सुचारू आयोजन के निर्देश दिए गए हैं।

वनग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन की प्रक्रिया तेज, सभी आवश्यक तैयारियाँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

हरदा- नर्मदापुरम् संभाग के आयुक्त श्री के.जी. तिवारी ने कहा है कि जिले के वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करने की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सामाजिक सुधार है, जिसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाना आवश्यक है। इस उद्देश्य से बुधवार को आयुक्त श्री तिवारी एवं मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में राजस्व, वन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के 42 वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करने से पूर्व की जाने वाली समस्त आवश्यक तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आयुक्त श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि संपरिवर्तन से पूर्व प्रत्येक वनग्राम का पूर्ण एवं सटीक मानचित्रण किया जाए। इसके अंतर्गत वनग्रामों की बाहरी सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण, स्थल सत्यापन, तथा संपूर्ण क्षेत्र का जीपीएस आधारित डिजिटल नक्शा तैयार किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि मानचित्रण कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि भविष्य में विवाद का कारण बन सकती है, इसलिए इस कार्य को अत्यंत सावधानी से किया जाए।

बैठक में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जारी पट्टों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि वन अधिकार पट्टाधारियों की अद्यतन सूची तैयार कर नक्शों में उनकी स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए। जिन पात्र हितग्राहियों को अभी तक वन अधिकार पत्र जारी नहीं हुए हैं, उनकी जानकारी एकत्र कर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इसके साथ ही, वन अधिकार पत्रधारी की मृत्यु होने की स्थिति में नामांतरण की कार्यवाही समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

आयुक्त श्री तिवारी ने यह भी कहा कि नए दावा आवेदनों को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दर्ज कर उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। इसके साथ ही सामुदायिक वन अधिकार दावों की स्थिति की समीक्षा कर लंबित मामलों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए। वन अधिकार पट्टों से संबंधित समस्त नस्तियाँ वनमण्डलाधिकारी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

बैठक के दौरान जिले के 48 वनखण्डों की वन व्यवस्थापन स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य वन संरक्षक श्री अशोक कुमार ने वन संरक्षण, प्रबंधन एवं विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए।

आयुक्त श्री तिवारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में संपरिवर्तन से संबंधित सभी प्रक्रियाएँ पूर्ण करें, ताकि वनग्रामों को राजस्व ग्रामों का दर्जा देकर वहां निवासरत ग्रामीणों को शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

भगवान राम ने शत्रु के समक्ष भी सत्य का पालन किया, शिवशक्ति महिला मंडल द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा का भावपूर्ण समापन

खंडवा- शिवशक्ति महिला मंडल द्वारा शहर के रामनगर क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच समापन हुआ। कथा के छठवें एवं अंतिम दिवस पर वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक पं. श्री बनवारी भाई उपमन्युजी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म और वचनपालन का संदेश दिया।

महाराज श्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने जीवन में हर परिस्थिति में अपने कुल की मर्यादा और सत्य का पालन किया। उन्होंने “रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाही पर वचन न जाई” चौपाई के माध्यम से बताया कि श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ के वचन को सर्वोपरि मानते हुए बिना किसी संकोच के चौदह वर्षों का वनवास स्वीकार किया। यह त्याग, आज्ञापालन और आदर्श पुत्र का श्रेष्ठ उदाहरण है।

कथा के दौरान सीता हरण के पश्चात लंका के प्रसंग का उल्लेख करते हुए महाराज श्री ने बताया कि विभीषण के शरणागत होने पर भगवान राम ने उन्हें तत्काल लंका का भावी राजा घोषित कर दिया। जब सुग्रीव ने शंका व्यक्त की कि यदि रावण भी शरण में आ जाए तो क्या होगा, तब भगवान राम ने स्पष्ट कहा कि यदि रावण सीता को लेकर शरण में भी आ जाए, तब भी लंका का राज्य विभीषण को ही मिलेगा और रावण को अयोध्या का राज्य सौंपकर चारों भाई पुनः वनवास में ही रहेंगे। इस प्रसंग से यह स्पष्ट होता है कि भगवान राम ने शत्रु के समक्ष भी सत्य, न्याय और धर्म से कभी समझौता नहीं किया।

शिव महापुराण कथा के दौरान महाराज श्री ने भगवान शिव परिवार से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंगों का भी सजीव वर्णन किया। उन्होंने भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर वध, नंदी के जन्म और शिव भक्ति की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के प्रत्येक प्रसंग में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

कथा समापन अवसर पर रामनगर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण के साथ शिव महापुराण कथा के विश्राम दिवस को भाव-विभोर होकर मनाया। शिवशक्ति महिला मंडल के पदाधिकारियों ने कथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों एवं व्यवस्थापक मंडल का आभार व्यक्त किया।

शिव महापुराण कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, मर्यादा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश मिला, जिससे समाज में नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संचार हुआ।