गुरुवार, 29 जनवरी 2026

“हम हैं धरती के दूत” थीम पर सरमेश्वर वन चौकी में अनुभूति कैम्प, विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प

खंडवा- वन परिक्षेत्र सरमेश्वर (सामान्य) अंतर्गत वन चौकी सरमेश्वर में दिनांक 28 जनवरी 2026 को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति से आत्मीय जुड़ाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “हम हैं धरती के दूत” थीम पर अनुभूति कैम्प का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन मुख्य वन संरक्षक श्री बासू कनोजिया एवं वनमंडलाधिकारी खंडवा (सामान्य) श्री राकेश डामोर के निर्देशन तथा उपवनमंडलाधिकारी पश्चिम कालीभीत श्री विजेंद्र जवरिया एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सरमेश्वर (सामान्य) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

अनुभूति कैम्प में सांदीपनि स्कूल, खार के 121 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वनों के महत्व, जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश इको-टूरिज्म बोर्ड के मास्टर ट्रेनर श्री राठौड़ द्वारा विद्यार्थियों को वनों की उपयोगिता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्य प्राणियों के जीवन चक्र एवं मानव-प्रकृति के सहअस्तित्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

कैम्प के दौरान विद्यार्थियों ने जन-जागरूकता हेतु नाटक एवं चित्रकला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों को प्रकृति संरक्षण के महत्व पर सोचने के लिए प्रेरित किया। उत्कृष्ट अभिनय एवं कलात्मक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई।

कार्यक्रम में डिप्टी रेंजर श्री कैलाश लोवैशी, श्री पंजाब राव पंडागरे एवं श्री निवास पटेल सहित वन रक्षक श्री जे.पी. पाण्डेय, श्री मनीष दूरवार, श्री जीतेन्द्र पगारे, श्री समीर खान, श्री अभिषेक आर्य, श्री देवेन्द्र सोलंकी, श्री अली, श्री शांतिलाल एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा विद्यार्थियों को वन संरक्षण, पौधारोपण, आग से बचाव एवं वनों के प्रति नागरिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई।

अनुभूति कैम्प के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट लाकर पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने वनों एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक रहने तथा समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया। यह आयोजन पर्यावरणीय शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।


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