धार के शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री ने किया प्रतिनिधित्व, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय परंपरा का शानदार प्रदर्शन
भोपाल- मध्यप्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला ‘बाग प्रिंट’ आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही है। फ्रांस की राजधानी में आयोजित प्रतिष्ठित मेले (फ़ोयर डे पेरिस) में बाग प्रिंट का परचम लहराता नजर आ रहा है। इस आयोजन में भारतीय कला और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन वैश्विक दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।
बाग प्रिंट से हुआ भव्य स्वागत
इस अवसर पर भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी ने भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया। उनका स्वागत मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र के प्रसिद्ध शिल्पकार ने पारंपरिक बाग प्रिंट अंगवस्त्र पहनाकर किया। बिलाल खत्री ने इस दौरान बाग प्रिंट की विशेषताओं, प्राकृतिक रंगों की प्रक्रिया और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की विस्तार से जानकारी दी।
शिल्प कला का सजीव अनुभव
उद्घाटन के बाद वर्धा खान ने भारतीय स्टालों का भ्रमण किया और बाग प्रिंट कला में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स की मदद से एक रुमाल तैयार कर इस कला को करीब से अनुभव किया। उन्होंने भारतीय शिल्पकारों के कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच भारतीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत का प्रतिनिधित्व, मध्यप्रदेश का गौरव
भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विभाग द्वारा बाग प्रिंट को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पी मोहम्मद बिलाल खत्री को इस जिम्मेदारी के साथ पेरिस भेजा गया है। वे 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक आयोजित इस मेले में बाग प्रिंट का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दे रहे हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय दर्शक इस पारंपरिक कला को प्रत्यक्ष देख और समझ रहे हैं।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कैसे साधारण कपड़े पर प्राकृतिक रंगों और हस्तनिर्मित ब्लॉक्स के माध्यम से उत्कृष्ट डिजाइन तैयार किए जाते हैं। पारंपरिकता और आधुनिकता का यह संगम बाग प्रिंट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहा है।
‘फ़ोयर डे पेरिस’: कला और नवाचार का वैश्विक मंच
यूरोप का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित मल्टीपर्पज़ मेला है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1904 में हुई थी। यह मेला हर साल पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित होता है। इस वर्ष के आयोजन में 47 से अधिक देशों के 1,400 से ज्यादा प्रदर्शक और लगभग 6 लाख आगंतुक भाग ले रहे हैं। यहां घरेलू उत्पादों, फैशन, सजावट और हस्तशिल्प की विविधता देखने को मिलती है।
बाग प्रिंट का फ़ोयर डे पेरिस जैसे वैश्विक मंच पर प्रदर्शन न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय पारंपरिक शिल्प कला आज भी अपनी मौलिकता और आकर्षण के दम पर दुनिया को प्रभावित कर रही है। ऐसे प्रयास न केवल शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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