बच्चों को गले लगाकर और बेटियों को सांत्वना देकर मुख्यमंत्री ने बंधाया ढांढस, 9 की मौत, 28 की बचाई गई जान
भोपाल/जबलपुर- मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद पूरे प्रदेश में शोक और संवेदना का माहौल है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 मई को जबलपुर पहुंचे और हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और भावुक रूप देखने को मिला, जब उन्होंने बच्चों को गले लगाया और बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाया।
भावनाओं से भरा रहा माहौल
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान माहौल अत्यंत गमगीन था। परिजन अपने प्रियजनों को खोने के दर्द से टूटे हुए थे। मुख्यमंत्री जब मृतक नीतू सोनी के घर पहुंचे, तो वहां मौजूद परिवार की बेटी अपने आंसू नहीं रोक सकी। इस दृश्य को देखकर मुख्यमंत्री भी भावुक हो गए और उन्होंने बेटी के सिर पर हाथ रखकर उसे सांत्वना दी। उन्होंने छोटे बच्चों को गले लगाकर उनके दुख को बांटने का प्रयास किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे, जो इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए थे। रियाज ने बताया कि वे कई घंटों तक क्रूज में फंसे रहे और उन्हें अपनी जान बचने की उम्मीद नहीं थी।
राहत और बचाव कार्य की विस्तृत जानकारी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदा नदी के किनारे हुए इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया था। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को अंजाम दिया।
घटना स्थल के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिसके कारण वहां मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों ने भी तुरंत मदद पहुंचाई और कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि घोषित की गई है।
साथ ही, जिन स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए लोगों की जान बचाई, उन्हें 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने का भी ऐलान किया गया है।
उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जा रही है, जिसमें होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक, मध्यप्रदेश शासन के वरिष्ठ सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे।
यह समिति तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच करेगी—
1. हादसे के मूल कारणों की विस्तृत पड़ताल
2. घटना के समय की परिस्थितियों का विश्लेषण
3. सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं
भविष्य के लिए सख्त SOP की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार अब क्रूज पर्यटन, नौका विहार और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करेगी। इसका उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
बरगी डैम क्रूज हादसा न केवल एक दुखद दुर्घटना है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री का पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, वहीं दोषियों पर सख्त कार्रवाई और नई SOP बनाने की घोषणा भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
अब प्रदेशवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच रिपोर्ट कब सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो सके।
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