मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

जम्मू-कश्मीर को विकास का बड़ा पैकेज: सड़कों से आजीविका तक, 8000 करोड़ से अधिक की योजनाओं से बदलेगी तस्वीर

श्रीनगर में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बोले—तेजी से होगा काम, दिखेगा बदलाव

श्रीनगर- जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे, ग्रामीण आजीविका और कृषि क्षेत्र में एक साथ कई बड़ी घोषणाएं की हैं। श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत 3566 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति का पत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपा। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए 4568.23 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की गई, जिससे कुल मिलाकर 8000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को हरी झंडी मिली है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी: विकास की पहली सीढ़ी

PMGSY-IV के तहत स्वीकृत सड़क परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि “हर गांव को सड़क से जोड़ना ही वास्तविक विकास का आधार है।”

महिला सशक्तिकरण को मिली मजबूती

दीनदयाल अंत्योदय योजना—राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत जारी 4568.23 करोड़ रुपये की राशि देशभर के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाएगी।

इस पहल से लाखों महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे उद्योग और वित्तीय स्वतंत्रता के नए अवसर मिलेंगे। जम्मू-कश्मीर में भी महिला समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र में नई रणनीति

कृषि विकास को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल, क्लीन प्लांट प्रोग्राम और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

विशेषज्ञों की टीम गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाएगी, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

“दिल और दिल्ली दोनों खुले हैं”

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि कश्मीर के विकास के लिए “दिल के दरवाजे भी खुले हैं और दिल्ली के दरवाजे भी।” यह बयान केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता और सहयोग की भावना को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भरोसा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि एक ही चरण में 8000 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिलना ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे जम्मू-कश्मीर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

बदलेगी जम्मू-कश्मीर की विकास तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क, आजीविका और कृषि क्षेत्र में एक साथ किए जा रहे निवेश से जम्मू-कश्मीर में समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि रोजगार, आय और सामाजिक स्थिरता को भी नई दिशा देगी।

केंद्र सरकार की यह बहुआयामी पहल जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी विकास के नए मानक स्थापित कर सकता है।

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