मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

एक करोड़ की लागत से बनेगा टंट्या भील अध्ययन केंद्र 5 दिसंबर को होगा भूमि पूजन



खण्डवा- निमाड़ का एकमात्र कोचिंग संस्थान टंट्या भील अध्ययन केंद्र जो देश सेवा और जज्बे के लिए जाना जाता है। पिछले 6 वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे। टंट्या भील अध्ययन केंद्र का भूमि पूजन का कार्यक्रम 5 दिसंबर 2020 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय के पीछे इंदिरा चौक पर रखा गया है। इस संस्थान की स्थापना  4 दिसंबर 2014 को  पंधाना विधायक राम दांगोरे ने की थी। अभी लगभग लगभग  125 से ज्यादा विद्यार्थियों का शासकीय सेवा में चयन हो चुका है।  टंट्या भील अध्ययन केंद्र के द्वारा  विद्यार्थियों को  सेना और पुलिस की भर्ती के लिए शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन मंत्री कुंवर विजय शाह सांसद नंदकुमार सिंह चौहान खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा मांधाता विधायक नारायण पटेल खंडवा पुलिस अधीक्षक और खंडवा कलेक्टर होंगे। 

यह सुविधा होगी टंट्या भील अध्ययन केंद्र में

1 एक बॉयज हॉस्टल होगी जिसमें लगभग 100 विद्यार्थियों के रुकने की व्यवस्था होगी।
2 एक मेस संचालित होगी जिसमें सभी विद्यार्थियों को भोजन की व्यवस्था रहेगी।
3 पुराने बिल्डिंग (जिसमें अध्ययन केंद्र में कक्षाएं संचालित होती है) में छात्राओ के लिए हॉस्टल की व्यवस्था रहेगी। यह नए भवन से 500 मीटर की दूरी पर है। 
4 पूरा भवन वातानुकूलित होगा प्रत्येक कमरे में ऐरकूल्ड सिस्टम लगा होगा।
5 हाईटेक पुस्तकालय होगा जो लगभग 30 लाख रुपए की लागत से बनेगा। इसमें पुस्तको के अलावा ऑनलाइन स्टडी सिस्टम लगा होगा। 6 डिजिटल वाइट बोर्ड होगा जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं का भी संचालन होगा।
7 भवन के फ्रंट में टंट्या मामा की 5 फीट की मूर्ति लगाई जाएगी जिससे विद्यार्थियों को उनसे देशभक्ति की प्रेरणा मिल सकेगी।
8 सीढ़ियों के अलावा एक लिफ्ट भी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी किसी भी फ्लोर पर आसानी से आ जा सकेंगे।
9 थंब सिस्टम होगा  जिससे कि विद्यार्थियों की  संस्थान में आने और जाने के समय की जानकारी माता-पिता को मिल सकेगी  मैसेज के माध्यम से।
10 जिन विद्यार्थियों का शासकीय सेवा में चयन नहीं होगा उन्हें प्राइवेट सेक्टर में जॉब लग जाएगी।
संस्थान के संस्थापक और पंधाना विधायक राम दांगोरे ने बताया की समस्त विद्यार्थियों और समिति की इच्छा थी कि हमारा अपना भवन बने पिछले 6 वर्षों से हम किराये के भवन ने संस्था को संचालित कर रहे थे। यह भवन हमारे यहां से शासकीय सेवा में कार्यरत विद्यार्थियों,जनप्रतिनिधियों और जन सहयोग से निर्मित किया जाएगा। 6 वर्षों तक अध्ययन केंद्र ने किसी भी शासकीय या अन्य कोई आर्थिक सहायता का लाभ नहीं लिया है। 4 दिसंबर को सुबह 8:00 बजे टंट्या मामा के बलिदान दिवस के अवसर पर पूजन हवन किया जाएगा और 5 दिसंबर को जनप्रतिनिधियों अधिकारियों के साथ इसका भूमि पूजन किया जाएगा। यह भवन लगभग डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार होगा इसकी अनुमानित लागत एक करोड़ रुपए होगी।

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