मंगलवार, 30 जून 2026

बैतूल के गाजरिया आम को मिला जीआई टैग, देशभर में मिली नई पहचान; मध्यप्रदेश की 12 उद्यानिकी फसलों ने रचा इतिहास

देश में पहली बार एक साथ 12 उद्यानिकी उत्पादों को मिला जीआई टैग, किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि।

बैतूल। मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए देश में पहली बार एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) दिलाने में सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ बैतूल जिले के प्रसिद्ध गाजरिया आम को भी जीआई टैग प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल बैतूल, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गर्व का विषय है। जीआई टैग मिलने से गाजरिया आम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और नए बाजारों तक पहुंच का लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में यह उपलब्धि राज्य के उद्यानिकी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की खेती की जा रही है, जिसे वर्ष 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।

गाजरिया आम की विशेष पहचान

बैतूल का गाजरिया आम अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के कारण वर्षों से लोगों की पहली पसंद रहा है। इस आम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनानास जैसी सुगंध और गाजर के समान नारंगी रंग का गूदा है। इसी कारण इसे 'गाजरिया आम' कहा जाता है। इसकी मिठास, रेशारहित गूदा और आकर्षक रंग इसे अन्य आमों से अलग पहचान दिलाते हैं।

इतिहासकारों के अनुसार बैतूल जिले के खेड़ला किला, भवरगढ़, सांवलीगढ़, शेरगढ़ और असीरगढ़ जैसे 500 वर्ष से अधिक पुराने किले इस क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और गोंड राजाओं के शासन की गवाही देते हैं। माना जाता है कि गाजरिया आम की खेती भी इसी क्षेत्र की प्राचीन कृषि परंपरा का हिस्सा रही है।

इन क्षेत्रों में होता है सर्वाधिक उत्पादन

बैतूल जिले के बैतूल, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर और चिचोली विकासखंडों में गाजरिया आम का सर्वाधिक उत्पादन होता है। अब जीआई टैग मिलने के बाद इन क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने और उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन व्यवस्था और निर्यात के अवसर उपलब्ध होंगे।

इन 12 उद्यानिकी उत्पादों को मिला जीआई टैग

मध्यप्रदेश के जिन उद्यानिकी उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, उनमें बैतूल का गाजरिया आम, गुना का धनिया, नरसिंहपुर बरमान घाट का बैंगन, खरगौन की लाल मिर्च, मांडू की खुरसानी इमली, जबलपुर का मटर, सिवनी का सीताफल, मालवी आलू एवं गराड़ू, नरसिंहपुर का गुड़, जबलपुर का सिंघाड़ा, अलीराजपुर का नूरजहां आम, बुरहानपुर का केला, इंदौरी जीरावन, रतलाम-सैलाना की बालम ककड़ी और छतरपुर का पान शामिल हैं। (शासकीय सूची में कुल 12 जीआई टैग स्वीकृत उत्पादों का उल्लेख किया गया है।)

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग मिलने से उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी, नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैतूल के गाजरिया आम को मिला जीआई टैग केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि जिले की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

सोमवार, 29 जून 2026

भाजपा हरसूद विधानसभा की मंडल टोली घोषित: आशापुर मंडल के संयोजक बने दीपक खोरे, संगठन विस्तार को मिलेगी नई गति

खंडवा/हरसूद- भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरसूद विधानसभा (क्रमांक-176) की मंडल टोली की घोषणा कर दी है। पार्टी द्वारा जारी सूची में विभिन्न मंडलों के संयोजकों एवं सदस्यों की नियुक्ति की गई है। संगठनात्मक जिम्मेदारियां अनुभवी, सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को सौंपते हुए भाजपा ने आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का संदेश दिया है।

जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के नेतृत्व में घोषित इस मंडल टोली को संगठन के विस्तार और मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई टीम संगठन की विचारधारा, योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को गांव-गांव और बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आशापुर मंडल की कमान दीपक खोरे को

जारी सूची के अनुसार आशापुर मंडल का संयोजक श्री दीपक खोरे को नियुक्त किया गया है। लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे दीपक खोखरे को पार्टी ने उनकी कार्यशैली, जनसंपर्क और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ मंडल टोली में श्री किशोर भांगु एवं श्री रघुवीर यादव को सदस्य बनाया गया है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि दीपक खोखरे के नेतृत्व में आशापुर मंडल में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा पार्टी की योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से कार्यकर्ताओं एवं आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

हरसूद ग्रामीण और नगर मंडल की भी हुई घोषणा

भाजपा द्वारा जारी सूची में हरसूद ग्रामीण मंडल के संयोजक के रूप में श्री ओमप्रकाश गौर को जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ श्री सतीश राजपूत एवं श्री देवदास पवार को मंडल टोली का सदस्य बनाया गया है।

वहीं हरसूद नगर मंडल की जिम्मेदारी श्री श्रीधर मुकाती को सौंपी गई है। नगर मंडल टोली में श्री सुनील पटेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी ने अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन की मुख्यधारा में स्थान देते हुए भविष्य की रणनीति को मजबूत करने का प्रयास किया है।

बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर

भाजपा का उद्देश्य मंडल स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय बनाना, बूथ समितियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा पार्टी की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाना है। नई मंडल टोली सदस्यता अभियान, जनसंपर्क, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल

मंडल टोली की घोषणा के बाद हरसूद विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। नव-नियुक्त पदाधिकारियों को पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए पार्टी को और अधिक मजबूत बनाएगी।

नवनियुक्त संयोजकों और सदस्यों ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन की रीति-नीति के अनुरूप पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाते हुए हर बूथ और प्रत्येक कार्यकर्ता तक पार्टी की विचारधारा एवं योजनाओं को पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।

भाजपा नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया है कि नवगठित मंडल टोली संगठन और जनता के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी तथा हरसूद विधानसभा क्षेत्र में संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी।

किसान की बेटी ने संघर्ष से लिखी सफलता की नई इबारत: 11 विभागों की लिखित परीक्षाएं पास कर चुनी रेलवे सुरक्षा बल की राह, दूसरी बेटी का भी पुलिस और आरपीएफ में चयन

खंडवा- मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। इस बात को निमाड़ की दो होनहार बेटियों ने अपनी शानदार सफलता से साबित कर दिखाया है। किसान परिवार से आने वाली दीक्षा सुरागे ने न केवल विभिन्न विभागों की 11 लिखित प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, बल्कि इस बार मध्यप्रदेश पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) दोनों में चयनित होकर युवाओं के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। दीक्षा ने देश सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रेलवे सुरक्षा बल में शामिल होने का निर्णय लिया है। वहीं दीक्षा गुर्जर ने भी पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल दोनों में चयन हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

दोनों बेटियों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर खंडवा के गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में जय हिंद डिफेंस ट्रेनिंग ग्रुप द्वारा उनका भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम देशभक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। प्रशिक्षु युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के बीच दोनों सफल अभ्यर्थियों को कंधों पर उठाकर स्टेडियम से बाहर तक सम्मानपूर्वक विदा किया। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया।

असफलता से नहीं टूटी हिम्मत, संघर्ष को बनाया सफलता की सीढ़ी

जय हिंद डिफेंस ट्रेनिंग ग्रुप के संचालक अनिल पाटील ने बताया कि देशगांव निवासी किसान मोहन सुरागे की पुत्री दीक्षा सुरागे ने लगातार कठिन परिश्रम करते हुए विभिन्न विभागों की 11 लिखित परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। पिछली पुलिस भर्ती में उनका चयन होने के बावजूद निर्धारित ऊंचाई (हाइट) पूरी नहीं होने के कारण अंतिम चयन सूची से बाहर होना पड़ा। यह किसी भी अभ्यर्थी के लिए निराशाजनक स्थिति हो सकती थी, लेकिन दीक्षा ने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी और अधिक मजबूत की। परिणामस्वरूप इस बार उन्होंने पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल दोनों में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे असफलता भी टिक नहीं सकती।

दूसरी दीक्षा ने भी बढ़ाया निमाड़ का मान

हरदा निवासी तथा वर्तमान में खंडवा में रह रही दीक्षा गुर्जर ने भी अपने अथक प्रयासों से पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा बल दोनों में चयन प्राप्त किया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासित तैयारी और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

सफलता का श्रेय पिता और गुरु को

दीक्षा सुरागे ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और प्रशिक्षक अनिल पाटील को देते हुए कहा कि कठिन समय में पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया। उन्होंने हमेशा विश्वास दिलाया कि लगातार प्रयास करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है। वहीं पाटील सर ने स्वयं पर विश्वास रखने और दोगुनी मेहनत के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा दी।

दीक्षा गुर्जर ने भी भावुक होकर बताया कि जब वह असफल हुई थीं, तब अनिल पाटील ने उनसे कहा था—"एक असफलता तुम्हारी काबिलियत तय नहीं करती। हिम्मत रखो, सफलता इतनी बड़ी होगी कि तुम्हें स्वयं तय करना पड़ेगा कि कौन-सी नौकरी चुननी है।" आज यह बात पूरी तरह सच साबित हुई और उनके सामने वास्तव में दो महत्वपूर्ण सेवाओं का विकल्प था।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षुओं और युवाओं ने दोनों सफल अभ्यर्थियों का जोरदार स्वागत किया। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुनकर अनेक युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अधिक समर्पण के साथ करने का संकल्प लिया। समारोह में विनय जायसवाल, मायाराम, हीरमल सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

दोनों बेटियों की उपलब्धि यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह नहीं रोकती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और आत्मविश्वास अटूट हो। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय सुरक्षा सेवाओं तक पहुंचने का यह सफर न केवल निमाड़, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

सद्भावना मंच के ‘आमने-सामने’ कार्यक्रम में अभिनेता अमित महोदय ने साझा किए जीवन के प्रेरक अनुभव

खंडवा- शहर के माली कुआं स्थित सद्भावना मंच कार्यालय में आयोजित ‘आमने-सामने’ कार्यक्रम में मुंबई से आए फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक अमित महोदय ने मंच के सदस्यों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने अभिनय जीवन के अनुभव साझा करते हुए जीवन में निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने उनसे अभिनय, संघर्ष और जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सहज और प्रेरणादायक अंदाज में उत्तर दिया।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि अतिथि अभिनेता अमित महोदय का स्वागत एवं सम्मान मंच के संस्थापक प्रमोद जैन द्वारा शाल, श्रीफल और मोतियों की माला पहनाकर किया गया। सम्मान के बाद आयोजित संवाद सत्र में अभिनेता ने अपने फिल्मी सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें जीवन को अनेक दृष्टिकोणों से समझने की प्रेरणा दी।

अपने संबोधन में अमित महोदय ने कहा कि "दुनिया की पढ़ाई से तो हम कभी भी दूरी बना सकते हैं, लेकिन जीवन रूपी विद्यालय की पढ़ाई अंतिम सांस तक चलती रहती है। हर दिन, हर पल और हर परिस्थिति हमें कुछ न कुछ नया सिखाती है।" उन्होंने कहा कि जीवन में दूसरों से तुलना करने या अनावश्यक प्रतिस्पर्धा में उलझने के बजाय व्यक्ति को स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। यदि मन में सभी के प्रति शुभभावना और सकारात्मक दृष्टिकोण हो तो सफलता और संतोष दोनों प्राप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें, निरंतर सीखते रहें और विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करें। उनके प्रेरक विचारों को उपस्थित सदस्यों ने गंभीरता से सुना और सराहा।

कार्यक्रम में मंच संस्थापक प्रमोद जैन, सुरेंद्र गीते, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, जीडी सराफ, सुनील सोमानी, केबी मनसारे, देवेंद्र जैन, विजया द्विवेदी, गणेश भावसार, निर्मल मंगवानी, अजय मंडलोई, अशोक जैन, धीरज नेगी, अशोक पारवानी, सुभाष मीणा, योगेश गुजराती, डॉ. एम.एम. कुरैशी, पं. कृष्ण कुमार व्यास, रामनाथ सराफ सहित अनेक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन आत्मविकास, सकारात्मक चिंतन और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ हुआ।

खंडवा में वन भूमि पर बड़ी कार्रवाई: 105 हेक्टेयर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया, 9 हजार कंटूर ट्रेंच बनाकर दोबारा कब्जे पर लगेगी रोक

खंडवा- जिले में वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए गुड़ी रेंज के ग्राम आमाखुजरी में 105 हेक्टेयर वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस कार्रवाई का स्वयं कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वन भूमि पर अतिक्रमण की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की। अभियान के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

निरीक्षण के दौरान वनमंडल अधिकारी श्री राकेश डामोर भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दर्जन जेसीबी मशीनों की सहायता से पूरे अतिक्रमित क्षेत्र को मुक्त कराया गया। इसके साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की संभावना को रोकने के लिए क्षेत्र में 9 हजार बड़े आकार के कंटूर ट्रेंच (गड्ढे) तैयार किए गए हैं।

वन अधिकारियों के अनुसार कंटूर ट्रेंच न केवल अतिक्रमण रोकने में प्रभावी होंगे, बल्कि वर्षा जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा वन क्षेत्र के प्राकृतिक पुनर्जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा के संवर्धन को भी मजबूती मिलेगी।

कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने कार्रवाई में शामिल वन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वन भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि एवं वन संपदा की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण न करें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन अथवा वन विभाग को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारत डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति की ओर अग्रसर: केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने लॉन्च की नई डिजिटल हेल्थ पहलें, मध्यप्रदेश को मिलेंगी अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें

भोपाल/नई दिल्ली- देश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में आयोजित ‘डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स लॉन्च कार्यक्रम’ में कई नई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 90 करोड़ से अधिक आभा (ABHA) खाते और 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार होने के साथ भारत आज विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम वाले देशों में शामिल हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नागरिकों के और अधिक निकट लाया जा रहा है। नई पहलों से मरीजों को अस्पतालों, चिकित्सकों, जांच सेवाओं और स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक आसान एवं एकीकृत पहुंच मिलेगी, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनेगी।

इन डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम में आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX), यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI), ई-सुश्रुत क्लिनिक, ड्रग रजिस्ट्री, कॉमन LOINC कोड्स फॉर इंडिया (CLCI) तथा भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS) जैसी महत्वपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की गई।

श्री नड्डा ने बताया कि आरोग्य सेतु 2.0 को एक समग्र डिजिटल स्वास्थ्य मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों सहित सभी आयु वर्ग के नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।

मध्यप्रदेश को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात

कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत पीएम-केयर्स फंड के माध्यम से आगामी तीन वर्षों में प्रदेश को 13 एमआरआई मशीनें, 11 मैमोग्राफी मशीनें तथा 308 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रदेश के जिला अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाओं का विस्तार होगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को समय पर बेहतर निदान (डायग्नोस्टिक) सेवाएं उपलब्ध कराने में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जताया आभार

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम-केयर्स के माध्यम से मिलने वाले अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देंगे। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ जांच सुविधाएं मिलेंगी और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, आयुष) प्रतापराव जाधव, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।

वट पूर्णिमा पर श्री लवकुशेश्वर महादेव–महावीर हनुमान मंदिर में उमड़ी श्रद्धा, महिलाओं ने की अखंड सौभाग्य की कामना

खंडवा- वट पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के महावीर बाग, हनुमान नगर स्थित श्री लवकुशेश्वर महादेव–महावीर हनुमान मंदिर में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का मनोहारी संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने मंदिर परिसर में पहुंचकर विधि-विधान से वट वृक्ष का पूजन किया तथा अपने परिवार के सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना की।

मंदिर परिसर में हाल ही में निर्मित वट वृक्ष के चबूतरे के आसपास महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन-अर्चना की। वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए रक्षा सूत्र बांधे और भगवान से अखंड सौभाग्य एवं सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला।

मंदिर से जुड़े मुदित जेटली ने बताया कि वट पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्वान पंडित कपिल चन्द्रे ने वट पूर्णिमा की महिमा, धार्मिक महत्व तथा सनातन परंपरा में वट वृक्ष के आध्यात्मिक स्वरूप पर आधारित विशेष कथा का वाचन किया। उपस्थित महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

कथा के समापन के पश्चात भगवान श्री लवकुशेश्वर महादेव का विशेष पूजन-अभिषेक कर प्रसादी अर्पित की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव एवं श्री हनुमान जी के दर्शन कर परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मंदिर समिति के अनुसार ऐसे धार्मिक आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।