गुरुवार, 2 जुलाई 2020

मध्य प्रदेश में "टाइगर अभी जिंदा है", लेकिन गुजराती शेर के सामने सभी सरेंडर




भोपाल/अनिरुद्ध तिवारी - मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में, भाजपा को कांग्रेस के साथ बराबरी पर ला खड़ा किया, जिसे भाजपा हमेशा अभिशाप देती है। बीजेपी, जो उस पर परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाती है, पूरी तरह से मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ दिखाई दी। लंबे संघर्ष के बाद, पार्टी ने अंतर के साथ पार्टी का दावा करते हुए सिंधिया और उनके खेमे को जो मांग की थी उसे देना था। टाइगर ज़िंदा है में बाजी मारने वाले सिंधिया ने शिवराज सिंह चौहान कैलाश विजयवर्गीय नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा जैसे बीजेपी नेताओं को दरकिनार किया है। उम्मीद के मुताबिक, शिवराज मध्य प्रदेश की 24 सीटों के आगामी उप-चुनाव के मद्देनजर सिंधिया के निर्देशन में अपना मंत्रिमंडल बनाएंगे। भाजपा आलाकमान ने शिवराज के खेमे के 9 और पूर्व मंत्रियों को बाहर कर दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया के 11 विधायक हैं, जिनमें पहले दो मंत्री शामिल हैं, सिंधिया खेमे के कुल 13 मंत्री शिवराज मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं। हालांकि भाजपा ने सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को स्वीकार नहीं किया, लेकिन सिंधिया द्वारा मांगे गए सभी विभागों को मंजूरी दे दी। मध्य प्रदेश की राजनीति में, सिंधिया फैक्टर ने उन मजबूत नेताओं की जड़ों को हिला दी है जिन्हें अपने क्षेत्र में बाघ कहा जाता था। विशेष रूप से, मालवा में कैलाश विजयवर्गीय, महाकौशल में नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा, महाकौशल में प्रहलाद सिंह पटेल, बुंदेलखंड में उमा भारती और भिंड में राजेंद्र शुक्ला जैसे बाघों ने पूरे राज्य की राजनीति पर प्रभुत्व स्थापित किया। बाघ का है। शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार में 20 कैबिनेट और 8 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। जाति संतुलन के आधार पर, दो ब्राह्मण तीन एससी और एसटी के मंत्री हैं। इसके अलावा 11 मंत्री राजपूत समाज से हैं, एक कायस्थ और 9 मंत्री पिछड़े वर्ग से बनाए गए हैं। इस जंबो कैबिनेट विस्तार के बाद, अब शिवराज मंत्रिमंडल में केवल एक ही पद खाली है। कुल मिलाकर, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में प्रवेश ने राज्य की भाजपा की राजनीति में सारे समीकरण बदल दिए हैं। शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के रूप में मजबूत दिख सकते हैं, लेकिन उनके बाघ कब तक रहेंगे यह एक बड़ा सवाल है। भाजपा बदलती राजनीति के मामले में सबसे आगे है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि यह चाल कब वापस आएगी। हालांकि, समय बताएगा कि आने वाले समय में सिंधिया की ताकत से बीजेपी को कितना फायदा होगा। कांग्रेस के लिए मैदान खाली है और शिकार करना आसान है लेकिन इसमें बाघ नहीं है जो शिकार कर सके।

खण्डवा में फिर 2 मरीजों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, 198 रिपोर्ट आई निगेटिव



खण्डवा- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि कुल मेडिकल कॉलेज खण्डवा की प्रयोगशाला से कोरोना जांच कुल 200 रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें से 2 पॉजिटिव व 198 निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई। इस तरह अब तक जिले में 322 पॉजिटिव व 5547 निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं। आज 2 कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे। इस तरह खण्डवा में कुल 265 मरीज अब तक संक्रमण मुक्त होकर अपने घर को जा चुके है। सभी कोरोना पॉजिटिव मरीज खण्डवा के निवासी बताये जा रहे हैं। 


बुधवार, 1 जुलाई 2020

हरसूद विधायक कुँवर विजय शाह ने ली मंत्री पद की शपथ, कार्यकर्ताओ ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न






खण्डवा- खण्डवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुँवर विजय शाह ने आज भोपाल के राजभवन में मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। भाजपा ने एक बार फिर हरसूद विधायक व आदिवासी नेता कुँवर विजय शाह पर भरोसा जताते हुए मंत्री पद के लिए चुना है। साथ ही हरसूद क्षेत्र में कुँवर विजय शाह के मंत्री बनाये जाने की खबर सुनते ही कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। हरसूद, खालवा, रोशनी सहित उनके कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटी।



1990 में हुए नौवीं विधानसभा के चुनाव में विजय शाह को भाजपा के विधायक के रूप में खंडवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र से चुना गया था. उसके बाद 1993, 1998, 2003, 2008, 2013 और 2018 विजय शाह हरसूद से विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए.

विजय शाह का जन्म 1 नवंबर 1962 को हुआ था. उन्होंने एमए तक की शिक्षा हासिल की है. अपने छात्र जीवन से ही विजय शाह राजनीति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे. इन्दौर के क्रिश्चियन कॉलेज के छात्रसंघ में उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया. दस से भी अधिक वर्षों तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे.

सन 1990 में हुए नौवीं विधानसभा के चुनाव में शाह को भाजपा के विधायक के रूप में खंडवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र से चुना गया था. विजय शाह पहली बार मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के मंत्रिमंडल में 28 जून 2004 को शामिल हुए थे. वे 27 अगस्त 2004 में भी मंत्री बने.


4 दिसंबर 2005 को शिवराजसिंह चौहान के मंत्रिमंडल में भी उन्हें मंत्री के रूप में शामिल किया गया था, फिर 28 अक्टूबर 2009 को उन्हें एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में केबिनेट मंत्री के रूप शामिल किया गया, तबसे वे शिवराज सरकार में मंत्री रहे। उसके बाद आज फिर भाजपा ने हरसूद विधायक कुँवर विजय शाह पर भरोसा जता कर शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कुँवर विजय शाह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई हैं।

किसान भाई मक्का फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट से सुरक्षा के उपाय करें



खण्डवा - फॉल आर्मी वर्म एक बहुभक्षी कीट है जो कि 80 से अधिक प्रकार की फसलों को क्षति पहुंचाता है। परन्तु मक्का सबसे पसंदीदा फसल है। इस कीट के पतंगे हवा के बहाव के साथ एक रात में 100 किलो मीटर तक प्रवास कर सकते है। जिले में किसानों द्वारा मक्का फसल बुआई की जावेगी एवं मक्का फसल में फॉल आर्मीवर्म कीट आने की संभावना है। उप संचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने किसानों को सलाह दी है कि वह समय पर बोनी करें। मानसून वर्षा के साथ ही बुआई करें, अधिक विलम्ब न करें। निर्धारित पौध अंतरण कतार से कतार 80 से.मी. व पौधे से पौघा 20 से.मी. पर बोनी करें। संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। अंतरवर्तीय फसल के रूप में दलहनी फसल अरहर, मूंग या उड़द लगाए। प्रकाश प्रपंच का उपयोग कर वयस्क कीट को आकर्षित कर नष्ट किया जा सकता है। खेतों में फसल उगने से 40 दिन की अवस्था तक टी आकार की खुटियां लगाकर पक्षियों को बैठने की व्यवस्था करें। 
उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने बताया कि बीज बोने के पूर्व बीज का उपचार अवश्य करें। उन्होंने बताया कि मक्के की फसल को किसी भी दलहनी फसल के साथ उगाना चाहिए। बीज को इमिडाक्लोप्रिड 600 एफ.एस. 48 प्रतिशत 1-2 मि.ली. प्रति किलो की दर से उपचारित करना चाहिए। बुआई के 15-20 दिन बाद थायोडिकार्व 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 400 ग्राम प्रति एकड़ या फ्लूबेंडामीड 480 एससी 60 मिली प्रति एकड़ या क्लोरेट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी 60 मिली प्रति एकड़ या स्पिनोसेड 45 प्रतिशत एससी 80 मिली प्रति एकड़ इनमें से किसी एक कीट नाशक का प्रति एकड़ की दर से 150 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करे सकते है। 

होम क्वारेंटीन परिवारों की मॉनिटरिंग हेतु गठित दलों को दिया प्रशिक्षण



खण्डवा- कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से होम क्वारेंटीन किए गए व्यक्तियों की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी कर्मचारियों के दल गठित कर उन्हें मॉनिटरिंग का दायित्व सौंपा गया है। इन दलों को स्थानीय गौरीकुंज सभागृह में बुधवार को प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति अन्य लोगों में संक्रमण न फैला सके इसके लिए उसे होम क्वारेंटीन किया जाता है। सभी होम क्वारेंटीन परिवारों के घरों के बाहर पोस्टर लगाए जायें, जिससे कि उनके आस पड़ोस के परिवारों, दुध वाले, सब्जी वाले तथा वहां आने वाले अन्य लोगों को भी मालूम रहे कि यह परिवार संक्रमण फैला सकता है। प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन कुमार सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती नंदा भलावे कुशरे, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अनुभा जैन व डॉ. आरती सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। 
कलेक्टर श्री द्विवेदी ने इस अवसर पर दलों को समझाया कि होम क्वारेंटीन परिवारों के घरों के बाहर यदि पोस्टर हटा दिया जाता है या फाड दिया जाता है तो तुरंत दूसरा पोस्टर लगवाया जायें तथा परिवारजनों को उस पोस्टर को न हटाने की समझाइश दी जाये। उन्होंने होम क्वारेंटीन निरीक्षण दल के कर्मचारियों से कहा कि वे निर्धारित प्रपत्र में होम क्वारेंटीन परिवारों के बारे में प्रतिदिन सही सही जानकारी भरें। उन्होंने कहा कि होम क्वारेंटीन किए गए परिवारों के सभी सदस्यों की प्रतिदिन 3 बार सुबह, दोपहर व रात्रि में नियमित रूप से अलग अलग समय उपस्थिति ली जायें, यदि कोई व्यक्ति बाहर पाया जाता है तो उसे सख्ती से समझा दिया जाये। इसके बाद भी यदि परिवार के लोग घर से बाहर निकलते है तो उस परिवार के सभी सदस्यों को एमएलबी स्कूल के होस्टल में बनाए गए संस्थागत क्वारेंटीन केन्द्र में रहने की व्यवस्था की जाये। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने कहा कि होम क्वारेंटीन परिवार के आस पड़ोस के परिवारों से भी सम्पर्क कर होम क्वारेंटीन परिवार के सदस्यों के बाहर न निकलने के संबंध में प्रतिदिन जानकारी लेते रहे। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि होम क्वारेंटीन परिवार के सदस्यों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग भी की जाये कि पिछले दिनों में वह किस किस से मिला है, ताकि सम्पर्क में आए उन लोगों को भी सतर्क किया जा सके। 

गत सत्र के अतिथि विद्वान ही नए सत्र के लिए आमंत्रित होगें



खण्डवा - उच्च शिक्षा विभाग ने नवीन शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया है। विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में स्वीकृत प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीडा अधिकारी, ग्रंथपाल के स्वीकृत पद के विरूद्ध उन्ही अतिथि विद्वानों को आमंत्रित किया गया है जो पिछले सत्र में आमंत्रित किए गए थे। भर्ती प्रक्रिया में फालेन आउट अतिथि विद्वानों को शामिल नहीं किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि विद्वानों को 8 जुलाई 2020 तक अपनी उपस्थिति दर्ज करवाना होगा।

अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस के समय में किया बदलाव



खंडवा- एक जून से रेलवे द्वारा शुरू की गई नई ट्रेन 09089/09090 अहमदाबाद गोरखपुर प्रतिदिन स्पेशल एक्सप्रेस के समय में 1 जुलाई से बदलाव किया गया है। खंडवा स्टेशन पर अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस का ठहराव मिला है। गाड़ी संख्या 09090 गोरखपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस का खंडवा पहुंचने का समय पूर्व में सुबह 4.35 बजे था जिसे अब बदलकर 1 जुलाई से सुबह 6.30 किया गया है। पूर्व रेल समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया कि गोरखपुर से चलकर अहमदाबाद की ओर जाने वाली प्रतिदिन चलने वाली स्पेशल एक्सप्रेस का आगमन 1 जुलाई से खंडवा स्टेशन पर सुबह 6.30 बजे हो गया है। 5 मिनट रुककर 6.35 बजे यहाँ से रवाना होगी जो 8.40 बजे भुसावल, 14.35 बजे सूरत, 16.30 बजे वड़ोदरा तथा शाम 18.35 बजे अहमदाबाद यह ट्रेन पहुंचेगी। वापसी की ट्रेन अहमदाबाद गोरखपुर 09089 का खंडवा पहुँचने का समय पूर्वव्रत प्रतिदिन सुबह 9.35 बजे ही रहेगा।