शनिवार, 4 जुलाई 2026

एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणन, सूचना सुरक्षा में मध्यप्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

जबलपुर- मध्यप्रदेश के बिजली क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के जबलपुर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) को सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रतिष्ठित आईएसओ/आईईसी 27001:2022 अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश का एसएलडीसी देश के बड़े राज्य भार प्रेषण केंद्रों में यह महत्वपूर्ण प्रमाणन हासिल करने वाले अग्रणी केंद्रों में शामिल हो गया है।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एमपी ट्रांसको ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यह प्रमाणन दिल्ली स्थित क्वालिटी एशिया सर्टिफिकेशन संस्था द्वारा विस्तृत मूल्यांकन, तकनीकी परीक्षण और स्वतंत्र ऑडिट के बाद प्रदान किया गया है। ऑडिट में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ/आईईसी 27001:2022 की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप पाया गया।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में विद्युत ग्रिड का संचालन पूरी तरह डिजिटल तकनीक, आधुनिक संचार नेटवर्क और रियल-टाइम डेटा पर आधारित है। ऐसे में साइबर सुरक्षा, सूचना सुरक्षा तथा परिचालन संबंधी आंकड़ों की गोपनीयता और उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश का स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर वैश्विक स्तर के सूचना सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए प्रदेश की विद्युत प्रणाली का सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से न केवल प्रदेश की बिजली व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एमपी ट्रांसको की पहचान भी मजबूत होगी। भविष्य में स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल पावर मैनेजमेंट और साइबर सुरक्षा से जुड़े नवाचारों को लागू करने में भी यह प्रमाणन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, जबलपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान केंद्र की सूचना सुरक्षा व्यवस्था का अत्यंत सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। इसके अंतर्गत नियमित एवं आउटसोर्स कर्मचारियों, कार्यप्रणालियों, सूचना परिसंपत्तियों, रियल-टाइम ग्रिड संचालन, विद्युत प्रणाली की शेड्यूलिंग, निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली, संचार नेटवर्क, आईएसडी एवं आईएसपी से संबंधित गतिविधियों के साथ-साथ संपूर्ण ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अवसंरचना का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक मानकों पर एसएलडीसी सफलतापूर्वक खरा उतरा, जिसके बाद यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्रदान किया गया। यह उपलब्धि भविष्य में सूचना सुरक्षा जोखिमों के बेहतर प्रबंधन, साइबर खतरों से सुरक्षा तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल तकनीक पर आधारित आधुनिक विद्युत प्रणाली में सूचना सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को मिला यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्रदेश की तकनीकी क्षमता, दक्षता और वैश्विक मानकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। इससे मध्यप्रदेश के पावर सेक्टर की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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