खंडवा- मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत खंडवा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम की अवैध तस्करी और सप्लाई में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1600 अल्प्राजोलम टैबलेट, दो इलेक्ट्रिक स्कूटर, चार मोबाइल फोन तथा नगदी जब्त की है। इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
30 मई की देर रात थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो युवक रेलवे ब्रिज के नीचे कब्रिस्तान के पास नशीली गोलियां बेचने की नीयत से आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रणनीतिक रूप से घेराबंदी की और संदिग्धों पर नजर रखी।
कुछ समय बाद बताए गए हुलिए के दो युवक वहां पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपियों की पहचान मो. रईस (32 वर्ष) निवासी हातमपुरा, खंडवा तथा शेख साहिल (25 वर्ष) निवासी छीपा कॉलोनी, खंडवा के रूप में हुई। दोनों के कब्जे से कुल 100 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गईं। इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक स्कूटर, दो मोबाइल फोन तथा नगदी भी जब्त की गई।
पूछताछ में खुला बड़े नेटवर्क का राज
प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब आरोपियों से गहन पूछताछ की तो नशे के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने बुरहानपुर जिले में दबिश देकर लालबाग निवासी फारिस (40 वर्ष) तथा सिकारपुरा निवासी सुभाष महाजन (60 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
इन दोनों आरोपियों के कब्जे से 1500 अतिरिक्त अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गईं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 48 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इनके पास से एक अन्य इलेक्ट्रिक स्कूटर और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस प्रकार कार्रवाई में कुल 1600 नशीली गोलियां तथा लगभग 1.24 लाख रुपये मूल्य का मसरूका बरामद किया गया।
डिलीवरी सिस्टम के जरिए हो रही थी सप्लाई
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी शहर में डिलीवरी बॉय के माध्यम से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। इससे युवाओं तक आसानी से नशे की पहुंच बनाई जा रही थी। समय रहते पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से न केवल नशे की बड़ी खेप पकड़ी गई बल्कि इसके वितरण तंत्र को भी ध्वस्त करने में सफलता मिली।
युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी कार्रवाई
विशेषज्ञों के अनुसार अल्प्राजोलम एक नियंत्रित दवा है, जिसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। इसके लगातार सेवन से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में प्रधान आरक्षक इरशाद अली सहित आरक्षक राहुल, आलेश, अरविंद तोमर, पंकज साहू, रुपेश बावने, अभिषेक सन्यास, हेमंत सपकाले, रविंद्र सोलंकी तथा बलवंत राठौर की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।
खंडवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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