कैसे भड़की आग और बढ़ी तबाही
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6 बजे पूरे क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान का दौर चल रहा था। इसी दौरान बर्राढाना में एक घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया और आसपास के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थिति तब और भयावह हो गई जब आग की चपेट में आए घरों में रखे लगभग 5 गैस सिलेंडर एक-एक कर ब्लास्ट हो गए। इन विस्फोटों ने आग को और अधिक भड़काया, जिससे लपटें दूर-दूर तक फैल गईं और बचाव कार्य कठिन हो गया।
भारी नुकसान, गृहस्थी हुई राख
इस भीषण आगजनी में करीब 10 परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घरों में रखा अनाज, नकदी, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा 5 मोटरसाइकिलें भी आग की भेंट चढ़ गईं।
सिर्फ संपत्ति ही नहीं, बल्कि इस हादसे में पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ। करीब एक दर्जन मवेशी आग में झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता
आग की भयावहता के बावजूद गांव के लगभग 200 ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कुओं और हैंडपंपों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की इस एकजुटता ने बड़ी तबाही को और बढ़ने से रोक दिया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते ग्रामीणों ने आग को फैलने से रोक लिया, अन्यथा पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता था।
देर से पहुंची फायर ब्रिगेड, प्रशासन हरकत में
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड का घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
मोहदा थाना के एसआई रामस्वरूप रघुवंशी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग किया।
प्रशासन ने शुरू की राहत व्यवस्था
भैंसदेही एसडीएम अजीत मरावी ने बताया कि कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर तत्काल राहत एवं पुनर्वास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को राशन, अस्थायी आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
साथ ही, राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का सर्वे कर आरबीसी 6(4) के तहत प्रकरण तैयार कर शीघ्र राहत राशि प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आपदा प्रबंधन पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और अग्निशमन व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। समय पर फायर ब्रिगेड की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई से इस तरह की घटनाओं में नुकसान को कम किया जा सकता है।
बर्राढाना की यह घटना केवल एक आगजनी नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदा और संसाधनों की कमी का संयुक्त परिणाम है। हालांकि, ग्रामीणों की एकजुटता और साहस ने बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब आवश्यकता है कि प्रशासन त्वरित राहत के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए।
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