कक्षा दसवीं में वंशिका जैन ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर खण्डवा जिले की मेरिट सूची में द्वितीय स्थान अर्जित किया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि विद्यालय के समर्पित शिक्षण और पारिवारिक सहयोग का भी प्रतिफल है। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक संतोष जैन ने छात्रा एवं उनके माता-पिता का सम्मान करते हुए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों का मनोबल और अधिक बढ़ा।
विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कक्षा दसवीं में राज पवार (96%), रूपाली तिरोले (95%), सलोनी राठौड़ (95%), स्मिता मीणा (94.4%), भूमिका राजपूत (93.4%), अनामिका पटवारें (93.2%), दीक्षिका यदुवंशी (93%), तस्मिया खान (93%) और कविश भंडारी (92%) ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। इसके अलावा 35 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को और सुदृढ़ किया।
कक्षा बारहवीं में भी विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विज्ञान संकाय में कीर्ति जैन ने 92.4 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाणिज्य संकाय में प्रियांशी राजपूत 87 प्रतिशत के साथ अव्वल रहीं। एग्रीकल्चर संकाय में सूरज मीणा ने 90 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस कक्षा में भी 30 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता का परिचय दिया।
विद्यालय प्रबंधन में कविता जैन, प्रीति दुबे तथा अक्षत जैन सहित समस्त स्टाफ ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
🎯 सफलता का मंत्र – अनुशासन, रिवीजन और फोकस
टॉपर वंशिका जैन ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, प्रभावी समय प्रबंधन और विषयों की गहराई से समझ को दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा से पूर्व किया गया व्यवस्थित रिवीजन उनकी सफलता का प्रमुख आधार रहा। साथ ही सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करना भी उनके लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ। वंशिका ने अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का प्रमुख स्तंभ बताया।
समग्र रूप से देखा जाए तो अरिहंत पब्लिक स्कूल का यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सही दिशा और प्रेरणा मिलने पर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र के विद्यार्थी भी उच्च स्तर की उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। यह सफलता आने वाले वर्षों के लिए अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा देने का कार्य करेगी।
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