गुरुवार, 29 जनवरी 2026

वन, पर्यावरण और भविष्य की रक्षा का संदेश: पूर्व कालीभीत में अनुभूति कार्यक्रम आयोजित

खंडवा- वन परिक्षेत्र पूर्व कालीभीत (सामान्य) द्वारा मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों हेतु प्रशिक्षण सह जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्व कालीभीत वन परिक्षेत्र के एमपीसीए कक्ष क्रमांक 580 में संपन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्रकृति, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें भविष्य का जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाना रहा।

कार्यक्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, रोशनी की लगभग 120 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अनुभूति शिविर के दौरान छात्राओं को वनों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, जल संरक्षण, पौधरोपण तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्रों में संवादात्मक प्रस्तुतियों, उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया गया।

पूर्व कालीभीत (रोशनी) सामान्य के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विरेंद्र अचालिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का अनुभूति कैंप “हम हैं धरती के दूत, अब अकेला नहीं” थीम पर आधारित रहा। इस विषय के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पृथ्वी, वन एवं पर्यावरण की रक्षा किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण संभव है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अनुभूति कैंप के मास्टर ट्रेनर श्री मुकेश राठौर ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर प्रकृति के प्रति अपनत्व, जिम्मेदारी एवं संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने इको-पर्यटन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार सतत विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल एवं वन संरक्षण, पौधरोपण तथा वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु अपने-अपने स्तर पर सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प लिया। छात्राओं की सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि सही मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण से बालिकाएं भी पर्यावरण संरक्षण की सशक्त संवाहक बन सकती हैं।

इस अवसर पर वार्ड क्रमांक 10 के जनपद पंचायत सदस्य श्री मनीराम पालवी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री नरेन्द्र यादव, श्री सोहनसिंह सोलंकी, श्री गणेश काजले, श्री श्यामसिंह बघेल (वनपाल), श्री सूरजसिंह चौहान (कार्यवाहक उपवनक्षेत्राधिकारी) एवं श्री कैलाश सोलंकी (कार्यवाहक) सहित वनरक्षक श्री प्रदीप औझा, श्री मंगलसिंह किराड़े, श्री सौरभ तिवारी, श्री सुनील कुमार पटेल, श्री सोनू माण्डले, श्री ब्रिजेश कलमें, श्री राजेश बघेल, श्री आशुतोष मिश्रा, श्री उद्देश्य पटेल, श्री चेतन भलावी, श्री रमेश सोलंकी, श्री जयेश अत्रे, कु. कृष्णा टिकरिया, श्री राजकुमार दुबे, श्री अजय कुमार बैगा, श्री बसंत तोमर एवं श्री सिद्धार्थ श्रीवास्तव का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

कार्यक्रम के समापन पर वन विभाग द्वारा यह विश्वास व्यक्त किया गया कि अनुभूति कार्यक्रम जैसे प्रयासों से भविष्य की पीढ़ी को प्रकृति के प्रति जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार किया जा सकेगा, जो धरती एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। 

कार्यक्रम के दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रोशनी के छात्र छात्राओं द्वारा पारम्परिक नृत्य प्रस्तुत किया गया।



वन विभाग द्वारा आयोजित अनुभूति कैंप के दौरान वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड कंजर्वेशन सोसाइटी (WRCS), पुणे द्वारा दुर्लभ एवं लुप्तप्राय फॉरेस्ट औलेट (Forest Owlet) विषय पर एक विशेष जानकारीपरक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर WRCS के संरक्षण अधिकारी श्री संदीप शाह ने फॉरेस्ट औलेट के पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कालीभीत एवं अवलिया रेंज में इस प्रजाति के संरक्षण हेतु संचालित विभिन्न उपायों की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए सुधारित चूल्हों के वितरण एवं उल्लू मचान (Owl Perches) की स्थापना जैसे नवाचारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण संरक्षण कार्य ‘द हैबिटेट्स ट्रस्ट’ (THT) के सहयोग से तथा वन विभाग की सहकार्यता में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आवास में फॉरेस्ट औलेट की निरंतरता एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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