शनिवार, 31 जनवरी 2026

सद्भावना मंच ने माखनलाल चतुर्वेदी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

खंडवा- भारतीय आत्मा, राष्ट्रीय लेखक, कवि, पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्म भूषण स्व. माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर सद्भावना मंच के सदस्यों ने माली कुआं स्थित मंच कार्यालय में एक भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि माखन दादा के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और शताब्दी की ओर बढ़ती स्वतंत्रता की बुनियाद को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने खंडवा जिले को गौरवान्वित बताते हुए कहा कि यह भूमि माखन दादा जैसी कर्मवीर और साहित्यिक शख्सियत की कर्मभूमि रही है।

कार्यक्रम की विशेष झलक

कार्यक्रम में मंच के सदस्यों ने माखन दादा की जीवनी और उनके योगदान को याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। मंच प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने माखन दादा के विचारों और उनके संदेशों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

उपस्थित प्रमुख सदस्य:

  • मंच संस्थापक प्रमोद जैन
  • डॉ. जगदीशचंद्र चौरे
  • पूर्व डीएसपी आनंद पाल तोमर
  • देवेंद्र जैन, सुरेन्द्र गीते, गणेश भावसार, राधेश्याम शाक्य, ललित चौरे, मुरली कोडवानी, निर्मल मंगवानी, एनके दवे, तिलोक चौधरी, अनूप शर्मा, कैलाश पटेल, सुभाष मीणा

सभी उपस्थित सदस्यों ने माखन दादा के व्यक्तित्व और योगदान पर अपने विचार साझा किए।

मंच का संदेश और उद्देश्य

सद्भावना मंच ने इस अवसर पर दो प्रमुख संदेश दिए:

  1. साहित्य और राष्ट्रीय चेतना का संवर्धन: माखन दादा की रचनाओं और उनके आदर्शों से युवा पीढ़ी को प्रेरित करना।
  2. लोकतंत्र और एकता की दिशा में कदम: उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में एकता, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना।

मंच के सदस्य संकल्पित हैं कि वे माखन दादा के आदर्शों और साहित्यिक योगदान को याद रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देंगे।

यह कार्यक्रम न केवल माखन दादा को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि समाज के लिए साहित्यिक चेतना और नैतिक मूल्यों की स्मृति को जागृत करने वाला आयोजन भी साबित हुआ। सद्भावना मंच ने इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया कि माखन दादा का जीवन और विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें