खंडवा- हिंदी सिनेमा के महान और सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने उनके चाहने वालों को गहरे दुख में डाल दिया है। देशभर में उनके प्रशंसकों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में खंडवा स्थित माली कुआं क्षेत्र के सद्भावना मंच कार्यालय में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजसेवी, वरिष्ठजन और मंच के सदस्यों ने भाग लिया।
गीत-संगीत के माध्यम से दी गई भावनात्मक श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत धर्मेंद्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई। इसके बाद मंच के सदस्यों ने उनके लोकप्रिय और सदाबहार गीतों को कराओके की धुन पर गाकर अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गीत-संगीत की इस प्रस्तुति ने माहौल को भावुक बना दिया और सभी ने उनकी यादों में खोकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
धर्मेंद्र—एक अभिनेता नहीं, सरल और संवेदनशील इंसान
सद्भावना मंच के सदस्य कमल नागपाल ने बताया कि धर्मेंद्र केवल बड़े परदे के सितारे नहीं थे, बल्कि एक बेहद विनम्र और संवेदनशील इंसान थे। उनकी सहजता, सरल व्यवहार और लोगों के प्रति प्रेम ने उन्हें वास्तविक अर्थों में ‘ही-मैन’ और जनता का प्रिय कलाकार बनाया।
सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन ने बताया कि धर्मेंद्र को साहित्य और शायरी से विशेष लगाव था। वे कई मशहूर शायरों के शेर बिना देखे सुना देते थे। उनका व्यक्तित्व उतना ही गहरा और मानवीय था, जितने भाव उनके अभिनय में दिखाई देते थे।
निमाड़ के साथ धर्मेंद्र का आत्मीय रिश्ता
प्रमोद जैन ने आगे बताया कि धर्मेंद्र का निमाड़ क्षेत्र से पुराना और आत्मीय संबंध रहा है। वे एक फिल्म की शूटिंग के दौरान लगभग 25 दिनों तक महेश्वर में रुके थे, जिससे यहां के लोगों, संस्कृति और जीवनशैली से उनका गहरा जुड़ाव बना। स्थानीय लोगों के साथ उनका सरल व्यवहार आज भी निमाड़वासियों की यादों में ताजा है।
सद्भावना मंच के गणमान्य सदस्य रहे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा में सद्भावना मंच के संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीश चंद्र चौरे, त्रिलोक चौधरी, राधेश्याम शाक्य, सुरेंद्र गीते, योगेश गुजराती, ओम पिल्ले, एन.के. दवे, विजया द्विवेदी, सतीश मुदीराज, सुनील सोमानी, गणेश भावसार, कमल नागपाल, अर्जुन बुंदेला, आकांक्षा सिसोदिया और कैलाश पटेल सहित विशेषजन मौजूद रहे। सभी ने मिलकर धर्मेंद्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सिनेमा जगत के अमर सितारे
धर्मेंद्र ने अपने लंबे फिल्मी करियर में भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। ‘शोले’ से लेकर ‘चुपके-चुपके’, ‘धरम वीर’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ और ‘सीता और गीता’ जैसी अनगिनत फिल्मों ने उन्हें करोड़ों दिलों में हमेशा के लिए अमर कर दिया। उनकी अभिनय क्षमता, एक्शन स्टाइल, सहज हाव-भाव और मानवीय संवेदनाओं से भरा प्रदर्शन सदैव याद रहेगा।
सद्भावना मंच द्वारा आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा न केवल अभिनेता धर्मेंद्र को स्मरण करने का अवसर बनी, बल्कि उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और मनुष्यता को समझने का भी माध्यम रही। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि धर्मेंद्र जैसे कलाकार पुनः जन्म लेते हैं — उनका योगदान, उनकी सरलता और उनके द्वारा छोड़ी गई यादें भारतीय सिनेमा को हमेशा रोशन करती रहेंगी।
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