सोमवार, 4 मई 2026
एमपी ट्रांसको मुख्यालय जबलपुर के इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता से इंदौर मेट्रो के लिए 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत
सिवनी मालवा की छात्राएं एनसीसी शिविर में दिखाएंगी दम, 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए रवाना
सिवनी मालवा- युवा शक्ति को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत करने के उद्देश्य से 10 दिवसीय वार्षिक एनसीसी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 4 मई से 13 मई तक किया जा रहा है। यह शिविर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पवारखेड़ा, जिला नर्मदापुरम में आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्राएं सक्रिय भागीदारी निभाएंगी।
इस शिविर में श्री ज्ञानरत्न अकादमी, बानापुरा की 25 चयनित छात्राएं एनसीसी प्रशिक्षक कुमकुम बाथव के मार्गदर्शन में भाग लेकर संस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी। छात्राओं का चयन उनकी प्रतिभा, अनुशासन और पूर्व प्रशिक्षण के आधार पर किया गया है, जिससे वे शिविर में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
शिविर के दौरान छात्राओं को ड्रिल, परेड, शारीरिक दक्षता, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता के गुणों से भी अवगत कराया जाएगा, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर श्री ज्ञानरत्न अकादमी की प्राचार्य एवं शाला परिवार ने सभी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
स्थानीय स्तर पर भी इस पहल को सराहना मिल रही है, क्योंकि यह न केवल छात्राओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि क्षेत्र का नाम भी ऊंचा करने का अवसर प्रदान करता है।
यह एनसीसी प्रशिक्षण शिविर छात्राओं के लिए एक ऐसा मंच साबित होगा, जहां वे अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात करते हुए अपने व्यक्तित्व को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगी।
सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारंभ, खेल के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर
सिवनी मालवा- खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारंभ सोमवार को सिवनी मालवा नगर में उत्साह और ऊर्जा के साथ किया गया। यह शिविर स्थानीय कुसुम महाविद्यालय के विशाल खेल मैदान तथा नगरपालिका के सोनिया गांधी कॉम्प्लेक्स हॉल में संचालित किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंच रहे हैं।
ब्लॉक खेल समन्वयक नारायण बावरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग का उद्देश्य हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा उनकी प्रतिभा को तराशना है। इसी उद्देश्य से यह निशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ी भी बिना किसी शुल्क के बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि शिविर का समय सुबह 6:00 से 8:00 बजे तथा शाम 6:00 से 7:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकें। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों का पंजीयन अनिवार्य रखा गया है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकें।
शिविर में विभिन्न खेल विधाओं का प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है। खिलाड़ियों को तकनीकी कौशल, फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इस प्रशिक्षण शिविर की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसमें केवल खेल प्रशिक्षण तक ही सीमित न रहकर खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत व्यक्तित्व विकास, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और साइबर अपराधों से बचाव जैसे समसामयिक विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को काफी सराहना मिल रही है। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस तरह के शिविर न केवल युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।
कुल मिलाकर, सिवनी मालवा में आयोजित यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर युवाओं के लिए एक सशक्त मंच साबित हो रहा है, जहां वे अपने कौशल को निखारते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
खंडवा के युवा मयंक आसवानी ने रचा इतिहास, मुंबई में बॉडी बिल्डिंग में जीता गोल्ड मेडल
अंडर-23 वर्ग में शानदार प्रदर्शन, समाज ने किया भव्य सम्मान — युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के प्रतिभाशाली युवा मयंक बाबू आसवानी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। मुंबई में आयोजित प्रतिष्ठित शारीरिक सौष्ठव (बॉडी बिल्डिंग) प्रतियोगिता में अंडर-23 वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर मयंक ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों के युवाओं में भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की क्षमता होती है।
यह प्रतियोगिता आईसीएन कम्युनिटी द्वारा मुंबई के मरीन लाइन स्थित यशवंतराव सेंटर में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मयंक आसवानी ने अपनी फिटनेस, मांसपेशियों की संतुलित संरचना और मंच पर आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रथम स्थान हासिल किया।
मयंक की इस सफलता के बाद खंडवा में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। उनकी इस उपलब्धि को सम्मान देने के लिए सिंधी सेवा मंडली द्वारा सिंधी धर्मशाला सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर दीवाने झूलेलाल साईं के नाम की संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह में प्रवक्ता कमल नागपाल ने अपने संबोधन में कहा कि मयंक आसवानी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और शहर के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि मयंक जैसे युवा आज के समय में अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनसे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की अपेक्षा है।
संस्था के प्रतिनिधि विक्रम सहजवानी और जैकी रेवतानी ने बताया कि मयंक पहले भी कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं और लगातार अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज की ओर से एक प्रोत्साहन है, जिससे मयंक जैसे युवा आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करें।
इस कार्यक्रम में सिंधी पंचायत के उपाध्यक्ष राजेश परचानी, सिंधी सेवा मंडली के अध्यक्ष संजय सभनानी, झूलेलाल नवयुवक मंडल के सचिव हरीश आसवानी सहित समाज के कई गणमान्य नागरिकों और सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में मयंक की सफलता को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मयंक आसवानी की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासित जीवनशैली, संतुलित आहार और मजबूत मानसिकता की आवश्यकता होती है। आज जब युवा वर्ग विभिन्न चुनौतियों और भटकावों का सामना कर रहा है, ऐसे में मयंक जैसे उदाहरण उन्हें सही दिशा दिखाने का काम करते हैं।
मयंक आसवानी की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे खंडवा जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि आने वाले समय में जिले के अन्य युवाओं को भी खेल और फिटनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
रविवार, 3 मई 2026
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एम वी ए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में आशापुर बी-पैक्स अग्रणी, किसानों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
18,956 क्विंटल खरीदी, 3.22 करोड़ का भुगतान—पेयजल और छाया जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को राहत
मध्यप्रदेश के आशापुर स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (बी-पैक्स) मर्यादित द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। इस खरीदी केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।
खरीदी की पूरी प्रक्रिया वेयरहाउस के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे भंडारण, तौल और परिवहन की व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनी हुई है। इससे अनाज के संरक्षण में भी गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है।
समिति प्रबंधक श्री कैलाश पटेल ने बताया कि अब तक कुल 419 किसानों से 18,956 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। साथ ही 382 किसानों को 15,840 क्विंटल गेहूं के बदले लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है, जिससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।
खरीदी केंद्र पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। समिति प्रबंधन द्वारा किसानों के लिए शुद्ध पेयजल एवं छायादार स्थान की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे भीषण गर्मी में भी किसानों को राहत मिल रही है। इसके अलावा तौल, परिवहन और भंडारण की व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया और त्वरित भुगतान के चलते किसानों में संतोष का माहौल है। खरीदी केंद्र पर प्रशासनिक निगरानी के कारण कार्यप्रणाली व्यवस्थित बनी हुई है और किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिल रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं किसानों के लिए न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सहज अनुभव भी प्रदान करती हैं। आशापुर बी-पैक्स का यह प्रयास अन्य केंद्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के साथ-साथ किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाती है। आशापुर बी-पैक्स की यह पहल निश्चित रूप से किसानों के हित में एक सराहनीय कदम है।
मंत्रालय वल्लभ भवन में ‘अल्पविराम’ कार्यक्रम: पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को सिखाया आंतरिक आनंद का महत्व
भोपाल- मध्यप्रदेश शासन के आनंद विभाग द्वारा मंत्रालय वल्लभ भवन में दो दिवसीय ‘अल्पविराम’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यस्त दिनचर्या के बीच मानसिक संतुलन, आत्मसंवाद और आंतरिक आनंद के महत्व से अवगत कराना रहा।
यह प्रशिक्षण वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन एवं विंध्याचल भवन में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को “स्वयं की स्वयं से बात” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में व्यक्ति अक्सर स्वयं से जुड़ाव खो देता है, जिससे तनाव और असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होती है।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने समझाया कि आंतरिक आनंद केवल बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि यह व्यक्ति के दृष्टिकोण और आत्मचिंतन से विकसित होता है। प्रतिभागियों को विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों और संवाद सत्रों के माध्यम से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के तरीके सिखाए गए।
कार्यक्रम में मंत्रालय के रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा सहित आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव, मुकेश, अजीत एवं समन्वयक मनु दीक्षित उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को तनावमुक्त और संतुलित जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कार्यस्थल के वातावरण को सकारात्मक बनाने के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में भी संतुलन स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
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मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की तहसील खालवा के ग्राम झिंझरी का एक साधारण युवक आज बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बन चुका है...