बुधवार, 23 अप्रैल 2025

सैनिक कल्याण के लिए "झंडा निधि" में लक्ष्य से दो गुनी राशि जमा करने पर हरदा कलेक्टर श्री जैन हुए सम्मानित



हरदा- सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि की राशि लक्ष्य से अधिक जमा करने पर प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर जनसहयोग से लक्ष्य से अधिक राशि का संग्रहण एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने लक्ष्य से अधिक सहयोग राशि का संग्रहण करने वाले संभागायुक्तों और कलेक्टर्स के प्रयासों की सराहना की तथा सहयोगकर्ताओं का अभिनंदन किया। 

          उल्लेखनीय है कि हरदा जिले को सशस्त्र सैनिकों के कल्याण के लिए "सशस्त्र सेना झंडा निधि" के लिए वर्ष 2023-24 में कुल 2,50,800 रूपये जमा कराने का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के विरूद्ध 226 प्रतिशत राशि अर्थात लगभग 5,67,048 रूपये जमा कराने पर हरदा जिला प्रदेश में जिला तृतीय स्थान पर रहा है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने इस अवसर पर बताया कि हरदा जिला ‘‘झंडा दिवस निधि’’ के लिये लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण के मामले में पिछले 10 वर्षों से लगातार प्रदेश में ‘‘प्रथम तीन’’ जिलों में शामिल रहकर यह सम्मान प्राप्त करता रहा है।

मंगलवार, 22 अप्रैल 2025

केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार एम.पी. ट्रांसको की स्काडा प्रणाली का हुआ उन्नयन: ऊर्जा मंत्री श्री तोमर


अब निगरानी के साथ सबस्टेशनों का नियंत्रण भी संभव-

जबलपुर- मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रदेश में क्रियाशील एकस्ट्रा हाइटेंशन सबस्टेशनों की निगरानी (मॉनिटरिंग) के साथ अब इनका रिमोट से नियंत्रण (कंट्रोल) और संचालन का ऑपरेशन संभव हो सकेगा। इसके लिये एम.पी. ट्रांसको ने अपनी पुरानी स्काडा प्रणाली का केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार उन्नयन करते हुये अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई स्काडा प्रणाली (स्काडा सिस्टम) स्थापित कर क्रियाशील कर लिया है। विगत दिवस इसका संचालन नयागांव जबलपुर स्थित नये नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से प्रारंभ हुआ।

          ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने जानकारी दी कि लगभग 51.88 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस नये स्काडा सिस्टम में पुराने स्काडा सिस्टम के मुकाबले अनेक नये फीचर्स उपलब्ध है। भारत सरकार के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन्स के अनुसार नये स्काडा सिस्टम को नवीनतम तकनीकों और साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत किया गया है, अब प्रदेश के एकस्ट्रा हाइटेंशन सबस्टेशनों के प्रत्येक मिनिट का रियल टाईम डेटा प्राप्त कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे आधुनिक स्काडा सिस्टम की दक्षता और विश्वसनीयता में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही इससे सुरक्षा और डेटा विश्लेषण क्षमताओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्नयन (अपग्रेडेशन) से यह है फायदा:-

         एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि नए स्काडा सिस्टम में उन्नत फ़ायरवॉल और मल्टी-लेयर सुरक्षा तंत्र शामिल हैं, जो संभावित साइबर खतरों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके डैशबोर्ड में उन्नत डेटा विश्लेषण की सुविधा हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है। रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स से डेटा की सटीकता और प्रासंगिकता में सुधार होगा, जिससे बेहतर निर्णय लेने और त्वरित प्रतिक्रियाओं में मदद मिलेगी। यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस होने के कारण नया सिस्टम आधुनिक और सहज ग्राफिकल यूजर इंटरफेस से सुसज्जित है, जिससे ऑपरेटरों को अधिक कुशलता और सुविधा मिलती है। स्काडा सिस्टम का यह उन्नयन (अपग्रेडेशन) बदलते अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मानकों और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

सुरक्षित डेटा के लिये उपयोग होगा

ट्रांसको का लोकल एरिया नेटवर्क:- श्री सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में सायबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये स्काडा सिस्टम के डेटा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की आप्टिकल फायबर ग्राउंड वायर के माध्यम से लोकल एरिया नेटवर्क से प्राप्त होंगे, स्काडा को अपग्रेड करने में अधीक्षण अभियंता श्री मनीष खरे द्वारा संशोधित ड्राइंग-डिजाईन एवं सटीक टेडरिंग प्रक्रिया के साथ स्काडा के सहायक अभियंता श्री अतुल अग्रवाल के स्किल नॉलेज का योगदान रहा।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत "विश्व पृथ्वी दिवस" मनाया गया, ग्राम मांगरुल में बावड़ी की सफाई और चारूवा में नाला गहरीकरण कार्य के लिए ग्रामीणों ने किया श्रमदान

 



हरदा- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मंगलवार को "विश्व पृथ्वी दिवस" मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चारूवा में स्थानीय ग्रामीणजनों ने जन अभियान परिषद की चयनित संस्था युवा उपभोक्ता कल्याण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नाला गहरीकरण के लिए श्रमदान किया और पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच माखन सोलकी, युवा उपभोक्ता कल्याण समिति जिला अध्यक्ष संजय गंगराड़े भी उपस्थित रहे। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री संदीप गौहर ने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 80 ग्रामीणजनों ने श्रमदान किया। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हरदा विकासखंड के ग्राम मांगरूल में स्थानीय ग्रामीणजनों ने लगभग 300 वर्ष पुरानी बावड़ी की सफाई एवं गहरीकरण कार्य के लिए भी श्रमदान किया।

सोमवार, 21 अप्रैल 2025

नवजात व शिशु मृत्युदर में कमी हेतु गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की पहल, आईसीएमआर एवं एचआईएमएस के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन



भोपाल: शिशु रोग विभाग, गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के तत्वावधान में एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एचआईएमएस), देहरादून के सहयोग से “प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स)” कार्यशाला का आयोजन दिनांक 21 एवं 22 अप्रैल 2025 को किया जा रहा है। इस दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ कविता एन. सिंह ने किया। डॉ कविता एन. सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बाल स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। 

उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्तर के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट के वाइस चांसलर डॉ अशोक देवरारी तथा पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रवीण कुमार द्वारा वर्चुअली संबोधन दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को आईसीएमआर द्वारा विकसित  मानक उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस परियोजना के तहत एमडी (बाल रोग) के विद्यार्थियों को उनके डीआरपी पोस्टिंग के दौरान नवजात एवं बच्चों के उपचार हेतु इन नवीनतम राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यशाला देश भर में बाल रोग चिकित्सा पद्धतियों को एकरूपता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रदेश भर में बाल रोग चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को नवीनतम राष्ट्रीय मार्गदर्शिकाओं से अवगत कराया जाएगा, जिससे शिशु एवं नवजात मृत्युदर को प्रभावी रूप से कम करने में सहायता मिलेगी। इस दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यशाला एक सशक्त कदम सिद्ध होगी। प्रशिक्षण में मुख्य अन्वेषक (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) डॉ जूही कालरा एवं डॉ अल्या गुप्ता प्रतिभागियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट की सह-प्रमुख अन्वेषक (को -प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) डॉ ज्योत्स्ना श्रीवास्तव हैं, साथ में डॉ राजेश टिक्कास एवं डॉ अमित अग्रवाल भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े हैं। इस अवसर पर अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ भोपाल एवं ग्वालियर से आई हुई नर्सिंग फैकल्टी ने भी सहभागिता की।

Fire Safety Week की शुरुआत: पहले दिन सी एम एच ओ कार्यालय के अधिकारियों -कर्मचारियों ने समझे फायर सेफ्टी के उपाय, फायर सेफ्टी सप्ताह में अस्पतालों में आग से बचने के इंतजामों की होगी परख



भोपाल-अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिये फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जा रहा है। सप्ताह के पहले दिन 21अप्रैल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल के अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी पर हैंड्सऑन ट्रेनिंग दी गई। जिसमें आग से बचाव के तरीकों, इलेक्ट्रिकल फायर सेफ्टी, आकस्मिक स्थितियों में निकासी के तरीकों पर जानकारी दी गई। 21 से 26 अप्रैल तक संचालित ये सप्ताह "Unite to Ignite, a Fire Safe India" की थीम पर मनाया जा रहा है।

ग्रीष्मकाल में तापमान के बढ़ने तथा एयर कंडीशनर , कूलर इत्यादि उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण विद्युत प्रणाली पर अत्यधिक भार पड़ता है। इस कारण से अग्नि दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है । स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रावधानों की निगरानी के संबंध में तैयारियों को लेकर फायर सेफ्टी सप्ताह के दौरान उच्च विद्युत भार वाले चिकित्सकीय एवं अन्य उपकरणों के रखरखाव, गहन चिकित्सा इकाई , नवजात शिशु देखभाल इकाई , ऑपरेशन थिएटर आदि ऑक्सीजन समृद्ध वातावरण में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन, फायर रिस्पांस प्लान्स की उपलब्धता, ज्वलनशील सामग्रियों का उचित संधारण एवं निपटान की परख की जा रही है।

 बिस्तरीय क्षमता के अनुरूप फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, अग्नि सूचक तथा अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता के साथ-साथ उन्हें संचालित करने हेतु यूजर मैन्युअल की उपलब्धता , फायर रिस्पांस प्लान, अस्पताल कर्मचारियों व चिकित्सकों को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थिति में उपकरणों के उपयोग तथा कोड रेड ऑल क्लियर के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के पालन हेतु उन्मुखीकरण किया जा रहा है। 

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को फायर सेफ्टी से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं । स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकाल स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण,मॉक ड्रिल , फायर सेफ्टी सम्बन्धी दस्तावेजों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अग्नि से सुरक्षा के प्रावधानों को सुनिश्चित करने के लिए सभी अस्पतालों के कर्मचारी एवं चिकित्सकों को इसकी मानक प्रक्रियाओं के संबंध में उन्मुखीकरण करवाया जा रहा है। सभी अस्पतालों को नगर निगम एवं जिले के विद्युत सुरक्षा अधिकारी से समन्वय कर फायर सेफ्टी को सुनिश्चित करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री यादव ने खण्डवा कलेक्टर श्री गुप्ता को किया पुरस्कृत, स्मार्ट टीवी. के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में किया था नवाचार


खण्डवा - राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में 16 लोक सेवकों को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। इसी क्रम में खंडवा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता को पूर्व में देवास जिले में स्मार्ट टीवी से शिक्षा प्रदान करने जैसे उल्लेखनीय कार्य के लिए 1 लाख रुपये की राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र से मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया। 

पंच सरपंच सम्मेलन साकेतीकरण कार्यक्रम कार्यक्रम, ग्राम स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बने इसके लिए पंच सरपंच बेहतर कार्य करें- मंत्री श्री पटेल





खंडवा- म.प्र. शासन के सचिवालय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं श्रम विभाग श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सोमवार को मठ सरस्वती माता के चित्र महोत्सव में पंच सरपंच दर्शन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जन जातीय कार्य, लोक एनेकेट प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी एवं राहत राहत विभाग मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह उपस्थित थे। कार्यक्रम का अनावरण करते हुए मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि भारत के मनुष्य की कल्पना राज में ही की गई थी, जिसे महात्मा गाँधी, पृ. इन तीन भारतीय विचारकों ने भारतीय राजनीति में दिशा देने का काम किया। ईसाईराज की जो साइकोलॉजिकल पौराणिक कथा है जो हमारी माता-पिता और हमारे पंच भगवान में है। हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर और स्वावलंबन हो। महात्मा गांधी जी ने कहा था कि समाज व्यवहारिक रूप में होना चाहिए। प्रयोगशाला जी ने कहा जाति जैसी चेन भी तोड़ देनी चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को समानता का दर्जा देना चाहिए, हम उसे परिवार की तरह देखते हैं और अपने गांव को स्वावलंबन और आत्मनिर्भर बनाने का काम करते हैं। उन्होंने पंच सरपंचों से कहा कि आप अपने ग्रामों के सर्वे-सर्वा हो, यह गांव आपका है। आपको अपने तरीके से लॉग इन करना होगा, आपके पास पैसे की कमी नहीं है। लेकिन पैसे का उपयोग कैसे करेंगे यह आपको आपके और आपके ग्राम बजट का भविष्य बेहतर बनाएगा। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आपको अपनी पात्रता से आत्मनिर्भर स्वाबलंबन बनाना चाहिए। सभी टीचर्स में साइकोटा का भाव होना चाहिए और पांचवें साल के लिए कौन-से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब, सड़क, बांध बनाने के लिए तकनीक पर ध्यान दिया जाए। रसोई में बेहतर रिकार्ड रखने का कार्य कोई दूसरी संस्था नहीं कर सकती। आपने कहा कि नवीनल पंचायत भवन 3 पट्टियाँ बनाई जा रही हैं, जो ग्राम पंचायत द्वारा ही बनाई जाएंगी। 

 मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जलगंगा अभियान के तहत छोटी-छोटी नदियों को जोड़ा जाएगा, जिससे नालों में पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मेरी आठवीं नदी का उद्गम स्थल है, इस बार मैंने संकल्प लिया था कि तीन महीने में मध्य प्रदेश से आगरा वाली नदी का उद्गम स्थल पर एक बार खुद जा कर देखूंगा और कुछ कर सकूंगा तो जरूर बताएं। अजाविन्द राज के तहत जलगंगा में सफलता मिलेगी, नदियों का संगम होगा। जैसे हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं, वैसे ही वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाले हैं, इसलिए उनके लिए भी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि संगम मर्कर नदियों का हो, तने के पेड़ों का हो, यहीं जीवन है। 

 कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि मंत्री श्री पटेल के मार्गदर्शन में विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कालवा ब्लॉक की दो नदियों में स्टॉप डैम बांध 23 किमी. तक नदियों में पानी भर गया है और नदियों के दोनों प्रेमियों पर मूंग वज्र की खेती जवां भाईयों द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेकेट में काम करने का भाव अच्छा रहेगा, तभी अच्छा काम होगा। 

 जिले के 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उंडेल माल, ग्राम पंचायत कालमुखी, ग्राम पंचायत सेमल्या, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत नागालैंड, ग्राम पंचायत गोगाईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उंडेल माल, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत गोगाईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए भेजा गया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री विजय शाह बांस के द्वारा, संस्था मंत्री श्री पटेल को उद्योगपति की। कार्यक्रम में खंडवा विधानमंडल श्री ज्ञानेश्वर पटेल, विधायक श्रीमति कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमति छाया मोरे, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल, महापौर श्रीमती अमृता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिव्यदित्य शाह, मुख्य कार्यपालन पदाधिकारी जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गॉडा, यूनाइटेड डॉक्टरेट श्रीमति निकिता मंडलोई और श्री राजपाल सिंह तोमर सहित एसोसिएटेड अधिकारी मौजूद थे।