बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

पुलिस के हत्थे चढ़ी लुटेरी दुल्हन, शादी के बाद ज्वैलरी-नगदी लेकर हो जाती थी फरार



खण्डवा- पुलिस ने शादी कर गहने और नकदी लेकर फरार होने लुटेरी दुल्हन सहित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दुल्हन सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शादी होने के लड़की ससुराल पहुंचती और मौका पाकर ज्वैलरी, नकदी लेकर रात में वहां से भाग निकलती थी।
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि युवतियों द्वारा पैसा लेकर शादी करने व ससुराल से जेवरात उड़ाने के मामले की शिकायतें अक्सर आती हैं। कई बार स्वजन मान-सम्मान के लिए थाने तक नहीं पहुंचते हैं। इस प्रकार की वारदातें सुनियोजित ढंग से की जाती हैं। हमारी टीम ने मामले का खुलासा करते हुए इस ड्रामे में शामिल दुल्हन अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम तोरनिया निवासी केदार पिता राधेश्याम विश्वकर्मा अपनी स्वंय की शादी करना चाहता था , जिसके व्दारा कई जगह शादी की चर्चाए की गई थी किन्तु कही बात नहीं बन रही थीं . इसी चर्चा के क्रम में ग्राम पाटाखाली के जगदीश पिता हरिप्रसाद से भी बातचीत हुई जगदीश ने पूनम पिता चम्पालाल निवासी सोडलपुर जिला हरदा एवं शकील पिता शरीफ निवासी डगावा भटपुरा जिला हरदा से केदार की शादी के लिए लड़की की बात फोन पर की।
पूनम ने लड़की रागनी (परिवर्तित नाम) का पिता बनकर केदार से फोन पर बात की कि  लड़की की मां बीमार है और हम गरीन है , इलाज के लिए 40,000 रूपये की जरूरत है , तभी लडकी की शादी करेंगे तब केदार ने पूनम को कहा कि लड़की पसद आने पर से इलाज के लिए पैसे दे दूंगा। जगदीश दिनांक 23.12.2020 को केदार विश्वकर्मा को सिराली , हरदा साई मंदिर के पास ले गया। जहा पर राजु उर्फ सईद और उसके पिता शरीफ निवासी हरदा ने लड़की रागनी (परिवर्तित नाम) के बडे पिता व भाई बनकर पूनम (पिता) और शकील (चाचा) के माध्यम से जगदीश के साथ आये हुए लड़के केदार को दिखाई गई।
केदार को लडकी रागनी पसंद आने पर केदार में 40,000 रूपये पूनम (पिता) को शकील के सामने देकर लड़की को अपने गांव तोरनिया ले आया , दूसरे दिन दिनांक 24.12.2020 को न्यायालय हरसूद के पास नोटरी शपथ पत्र एक दूसरे के साथ स्वतंत्र रूप से विवाह करने का तैयार किया गया ।दिनांक 25.12.2020 को पूनम ने केदार को लड़की रागनी की मां का स्वास्थ्य खराब होना बताते हुए सोडलपुर बुलवाया जहाँ केदार अपनी पत्लि रागनी को छोडकर वापस आ गया।
कुछ दिन बाद जब पत्लि रागनी को वापस घर लाने के लिए केदार ने पूनम और शकील से सम्पर्क किया तब पूनम और शकील लगातार आनाकानी रहे , तब केदार को समझ आई की मेरे साथ शादी के नाम पर धोखाधडी कर 40,000 रूपये ले लिए गये है । जिसकी रिपोर्ट केदार ने दिनांक 01.02.2021 को कराये जाने पर शकील.पूनम , जगदीश एवं उक्त लड़की पर अपराध धारा 420,120 बी भादवि के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपी जगदीश पिता हरिप्रसाद निवासी पाटाखाली , शकील पिता शरीफ , वकील पिता शकील निवासी डगावा भटपुरा एवं शरीफ पिता अहमद निवासी हरदा , पूनम पिता चम्पालाल माली निवासी सोलडपुर तथा रागनी (परिवर्तित नाम) को गिरफ्तार किया गया । जिनके व्दारा पूछताछ पर पैसे हडपने के नाम से षडयंत्र पूर्वक केदार से 40,000 रूपये हडपना , लड़की रागनी को सोडलपुर बुलाकर शकील और उसके लड़की वकील के साथ शरीफ पिता अहमद निवासी हरदा के यहा भेजना कबूल किया गया एवं केदार पिता राधेश्याम निवासी तोरनिया के बाद पुनः दिनांक 106.01.2021 को कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत 60,000 रूपये लेकर लडकी रागनी की शादी करा दी गई।
आरोपीगण पूनम माली निवासी सोडलपुर , शकील , उसका लडका वकील निवासी डगावा भटपुरा , राजु उर्फ सईद एवं उसका पिता शरीफ निवासी हरदा के लडकी रागनी (परिवर्तित नाम) निवासी विसोनी जिला होशंगाबाद के नकली पिता एवं परिजन बनकरषडयंत्र पूर्वक ऐसे युवक जिनकी शादी किन्ही कारणो से न ही होती है। शादी कराने के नाम पर धोखाघडी कर रूपये लेकर चम्पत हो जाते थे , इनके व्दारा रागनी ( परिवर्तित नाम ) की। 01 नम्बर 2020 मे पहली शादी आमला जिला देवास में 60,000 रूपये लेकर करायी गयी जहां दो सप्ताह रहने के बाद दुल्हन बनी रागनी को चम्पत कर दिया गया।
02 दिसम्बर 2020 मे दूसरी शादी ग्राम तोरनिया हरसूद खण्डवा निवासी केदार पिता राधेश्याम विश्वकर्मा के साथ 40,000 रूपये लेकर की गई थी , जहाँ दो दिन रहने के बाद दुल्हन बनी रागनी को चम्पत कर दिया गया ।03 दिसम्बर 2020 मे ही तीसरी शादी जिला चित्तोड राजस्थान निवासी युवक के साथ 80,000 रूपये लेकर महु मे की गई थी , जहाँ करीब एक सप्ताह रहने के बाद दुल्हन बनी रागनी को चम्पत कर दिया गया । 04 इसी प्रकार जनवरी 2021 मे चौथी शादी थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत 60,000 रूपये लेकर करायी गई थी।श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस हरसूद के नेतृत्व में हरसूद थाना प्रभारी अमित कोरी के व्दारा पुलिस हरसूद टीम उनि रूपसिंह सोलंकी , सउनि प्रकाश बडोले , आर 540 ब्रम्हानन्द आर 616 दिलीप आर 672 जितेन्द्र रावत प्रआर . 120 पाकिजा की उपरोक्त लूटेरी दुल्हन के गिरोह का पर्दाफास कर आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पीआर कन्सलटेंसी को विज्ञापन से न जोडें यह दुष्प्रचार है : खाड़े



  • मध्यप्रदेश

भोपाल। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस बात की चिन्ता चल रही है कि जनसंपर्क विभाग में एक ऐसी एजेंसी का प्रवेश हो रहा है जो विभाग के सभी काम करेगी। इसमें विज्ञापन भी शामिल हैं। यदि प्रोफेशनल एजेंसी आ जायेगी तो समाचार पत्रों को अधिक दिक्कत आयेगी और अनेकों समाचार पत्रों के बंद होने का खतरा हो जायेगा, जिससे रोजगार छीनेगा। लेकिन आज इस बारे में जब आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े से बात हुई तो उन्होंने इसे गलत बताया और कहा कि यह दुष्प्रचार है। हम एक कन्सलटेंट नियुक्त कर रहे हैं जिसका विज्ञापन वितरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह एजेंसी विभाग को प्रचार का बेस तैयार करने में मदद करेगी। अभी यह प्रक्रियारत है।
यहां यह बताना जरूरी है कि केन्द्र व राज्य सरकार की विज्ञापन नीतियां छोटे समाचार पत्रों को अधिक महत्व नहीं देती। जिससे हजारों पत्रकारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो चुका है। ऐसे में यदि कोई पीआर एजेंसी आये और वह विज्ञापन का काम भी संभाल ले तब बचे-खुचे समाचार पत्रों के सामने भी संकट पैदा हो जायेगा? इसी भाव से इस संकट पर पत्रकारों और पत्रकार संगठनों में गुस्सा है। वे सोशल मीडिया में अपनी बात कह रहे हैं।
इस बारे में आज जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सुदाम खाड़े से मुलाकात की गई और उन्होंने इस प्रकार की किसी भी बात को सीरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग हालांकि इस प्रकार का स्पष्टिकरण  खुद नहीं दे सकता है लेकिन आप मेरे हवाले से इसका उल्लेख कर सकते हैं। नेशनल यूनियन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव सुरेश शर्मा और प्रदेश में संबद्ध इकाई जर्नलिस्ट एसोसिएशन के साथियों ने इस विषय को आयुक्त महोदय के सामने उठाया था। आयुक्त सुदाम खाड़े ने कहा कि यह एक कन्सलटेंसी ऐजेंसी है जिसका काम केवल विभाग को सलाह देना है। वह हमारे काम को संचालित नहीं करेगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि पीडब्लूडी में सड़क निर्माण करने वाले अलग होते हैं लेकिन बेसिक की जानकारी देने के लिए एक कन्सलटेंसी ऐजेंसी नियुक्त होती है। वह एजेंसी कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होती है। यदि काम गलत निकला तो उस पर कार्यवाही होती है। ठीक ऐसे ही जनसंपर्क विभाग के लिए भी एक एजेंसी को कार्य दिया जा रहा है। इसके लिए अभी प्रक्रिया जारी है। टेंडर खुलने पर शासन को अधिकार होगा कि वह उस कार्य को किस प्रकार से करवाये। इसलिए यह माना जाना चाहिए कि विभाग के रोजमर्रा के काम में कन्सलटेंसी का कोई लेना-देना नहीं होगा।
सुदाम खाड़े ने बताया कि विज्ञापन देने का कार्य पहले भी संचालनालय का था और आगे भी उसी का ही रहेगा। इसके बारे में दुष्प्रचार का कोई मतलब नहीं है। जब उनसे कहा गया कि यह एजेंसी सरकार का चेहरा चमकाने का काम करेगी तब उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है। यह एजेंसी विभाग को बेहतर कार्य के लिए सलाह देगी और उसका वह मेहनताना लेगी।
आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े ने कहा कि हम प्रदेश के विकास के लिए किये जा रहे कार्यों के लिए जन मानस को जानकारी देते हैं। सरकार जनोन्मुखी कार्य करती है उसका प्रचार किया जाता है। यह कार्य अब भी संचालनालय ही करेगा। विज्ञापन भी संचालनालय की ओर से ही जारी होंगे। इसलिए किसी भी प्रकार का भ्रम पैदा करने का कोई कारण नहीं बनता है। उन्होंने जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को कहा कि इस प्रकार का भ्रम यदि पत्रकारों में बनता है तब आप उसे दूर करने में विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हित के लिए सरकार हमेशा संवेदनशील रहती है।

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

पत्रकारिता के बदले परिवेश पर स्टेट्स रिपोर्ट तैयार करे एनयूजे-आई: रामबहादुर राय। पत्रकारों में पनपा असुरक्षा बोध कम करना हमारी जिम्मेदारी : अच्युतानंद मिश्र



नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस (इंडिया) के स्वर्ण जयंती आयोजनों का शुभारंभ बेबिनार के माध्यम से किया गया। इस ऑनलाइन में 21 राज्यों के पत्रकार शामिल हुए। आयोजन में देश भर के पत्रकारों के मार्गदर्शन के लिए जाने माने वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र, राम बहादुर राय, के. एन. गुप्ता शामिल थे। 

आयोजन के शुरू में स्वर्ण जयंती आयोजन समिति के संयोजक अच्युतानंद मिश्र ने एनयूजे (आई) की संस्थापकों तथा बाद में इसका नेतृत्व संभालने वाले उन 15 उन वरिष्ठ पत्रकारों को याद किया जिनके प्रयासों का प्रतिफल आज नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के रूप में है। देश भर से जुड़े पत्रकारों ने मौन रहकर उन सभी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

एनयूजे (आई) स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा कि इन दिनों जो पत्रकारिता हो रही है वह पूरी तरह से बदल चुकी है। पत्रकारिता ने अपने मूल चरित्र को खो दिया है। आज सार्थक पत्रकारिता कैसे हो यह सबसे बड़ा प्रश्न है। खबर बेच कर मुनाफा कमाने की प्रवृति हो जाये तो पत्रकारों पर कई तरह के संकट हो जाते हैं। एनयूजे (आई) को मीडिया पर एक स्टेटस रिपोर्ट बना कर स्वर्ण जयंती समारोह के समापन में जारी करनी चाहिए। पत्रकारिता से संबंधित जितने भी कानून बने वह आज अप्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक नयी जानकारी देते हुए कहा कि 1951 में ही संविधान में पहला संशोधन पंडित नेहरू की सरकार ने तब कर दिया था जबकि राज्यसभा अस्तित्व में ही नहीं थी, यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 19 में किया गया था जिसके बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार मैं कटौती कर दी गई। अबतक देश का मीडिया इस पर चुप है एनयूजे (आई) को यह संविधान संशोधन रद्द करने की मांग करनी चाहिये।



रजत जयंती आयोजन समिति के संयोजक अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि हम सभी एनयूजे (आई) के वैसे सभी पुराने नेताओं को याद करते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित करें जिन्होंने संगठन गठन किया और उसे बहुत अच्छा स्वरुप दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी मीडिया बदल गई है, श्रमिक संगठन बदल गया, समाचार पत्र स्वयं पेड न्यूज़ कर रहे हैं, ऐसे में पत्रकार कहाँ जाएं। बदली हुई परिस्थितियों में संगठन के ढांचे पर फिर से सोचना पड़ेगा। आज पत्रकारों में असुरक्षा बोध को किस तरह से कम किया जाए इस पर विचार मंथन होना चाहिए।

एनयूजेआई के पूर्व महासचिव के. एन. गुप्ता ने वर्तमान पदाधिकारियों को पूर्ण सहयोग व समर्थन का विश्वास दिलाया। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केजी सुरेश ने कहा कि आज देश भर के सभी ट्रेड यूनियन समाप्ति की ओर हैं, इसके बावजूद एनयूजे (आई) सक्रिय है, इसकी अपनी विशेष पहचान भी है। उन्होंने पत्रकार प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि राज्य व जिला स्तर पर कार्यरत पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं की जरूरत है। पूर्व अध्यक्ष उपला लक्ष्मण ने कहा कि एक सुविचारित रूपरेखा बनाकर स्वर्ण जयंती के कार्यक्रम सभी राज्यों में आयोजित किए जाएंगे। सीनियर लीडर्स को आगे बढ़कर मीडियाकर्मियों का एक सशक्त मोर्चा बनाने की दिशा में सोचना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष अशोक मलिक ने कहा कि 23 जनवरी को एनयूजेआई का 50वां वर्ष शुरू हुआ है, संगठन का गठन पत्रकारिता को राजनीति से दूर रखने के उद्देश्य से किया गया था। आज भी पत्रकारिता को राजनीति से अलग रखने की जरूरत है। हमें सतर्क होकर कार्य करते हुए स्वस्थ पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को संगठन जोड़ते रहना होगा। 

स्वागत भाषण में एनयूजे (आई) अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि कुछ ही दिनों बाद हम सभी आपस मे मिलकर इस स्वर्ण जयंती कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि 1972 में गठित यह संगठन आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक बढ़ा हुआ है। 


कार्यक्रम का संचालन करते हुए एनयूजे (आई) महासचिव सुरेश शर्मा ने कहा कि एनयूजे-आई के स्वर्ण जयंती वर्ष के शुभारंभ में हम सभी गौरवान्वित हैं। सभी महान पत्रकारों को याद करने का वक्त है जिहोने राष्ट्रवादी पत्रकारिता आंदोलन की शुरुआत की थी। मनोज मिश्रा के नेतृत्व में एनयूजे (आई) चल रहे संगठन की पहचान मजबूत है और दिशा भी सही है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 21 राज्यों का प्रतिनिधित्व है। वर्ष 2021 में हर महीने अलग-अलग राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी महत्वपूर्ण सुझावों को प्रमुखता के साथ लेकर कार्य करेंगे। 

धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एनयूजे (आई) के कोषाध्यक्ष उमेश चतुर्वेदी ने सभी नेताओं के संदेश के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया। आयोजन में एनयूजे (आई) के उपाध्यक्ष सर्वश्री जीतेन्द्र अवस्थी, त्रियुगी नारायण तिवारी, नागेश्वर राव, सचिव श्रीमती आभा निगम, संजय पांडेय, सोमनाथ शर्मा, उदय जोशी तथा बीवीएस भास्कर, वरिष्ठ नेता विजय क्रान्ति, रामभुवन सिंह कुशवाह, ललित शर्मा, मनोहर सिंह, रवींद्र बाजपेयी, बलदेव प्रसाद शर्मा, जीसी श्रीवास्तव, अमलेश राजू, नवीन मल्होत्रा, बिश्वदेव भट्टाचार्य, मनु भारत, अमरनाथ वशिष्ठ, बीरबल शर्मा, अशोक शर्मा, हीरालाल लोंगरे, रामनायण उपाध्याय सहित राष्ट्रीय व राज्य इकाइयों के पदाधिकारी व नेताओं सहित 200 से अधिक पत्रकार शामिल हुए।

सोमवार, 8 फ़रवरी 2021

स्कूल बस बंद हुई तो ये बच्चा अपने घोड़े पर बैठ जाने लगा स्कूल




कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों के हुए लॉकडाउन के चलते सर्वाधिक प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में ही हुए हैं. स्कूल में क्लास में नियमित पढ़ाई का विकल्प ऑनलाइन शिक्षा निकला तो स्कूल बस बन्द होने का अनूठा विकल्प मध्य प्रदेश के खण्डवा ज‍िले के गांव मेंं एक छात्र ने निकाल लिया. वह अब अपने घोड़े पर सवार होकर स्कूल जाता है. वह किसी राज परिवार का राजकुमार नहीं, एक किसान का नन्हा बेटा है जिसे पढ़ाई का जुनून इस कदर है कि स्कूल बस बंद हुई तो अपने घोड़े को ही साधन बना लिया. 
प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्कूल जाने के लिए कहीं नदी पार कर जद्दोज़हद करते स्कूली बच्चे आपने देखे होंगे तो कहीं रस्सी के पुल पर जोख़िम उठाकर बच्चे भी लेकिन खण्डवा जिले के ग्राम गुराड़ीमाल के 12 वर्षीय शिवराज का मामला थोड़ा अलग है. वह पीठ पर स्कूल बैग बांधे जब अपने दोस्त राजा (घोड़ा ) की पीठ पर बैठकर घर से निकलता है तो सबकी निगाहें उस पर टिक जाती हैं.
दरअसल, यह उसका कोई शौक नहीं बल्कि मज़बूरी है. लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के बाद जब बमुश्किल खुले तो बस चालू नहीं हुई. घर से स्कूल पांच किलोमीटर दूर था और रास्ता पथरीला. एकाध बार साइकिल से सवारी की तो पथरीले रास्ते पर गिरकर इतने ज़ख्म खाये कि दोबारा साइकिल की सवारी की हिम्मत नहीं हुई. मुसीबत में उसे अपना दोस्त घोड़ा ही नज़र आया जो उसे सुरक्षित पहुंचाने की गारंटी भी थी.

बच्चे ने बताया क‍ि मैं पहले साइकिल से आता था लेकिन चोट लगने के कारण अब साइकिल से नहीं आता हूं और अब मेरे प्रिय मित्र घोड़े के साथ आता हूं, उसका नाम राजा है. वह भी मेरे साथ स्कूल आता जाता है. मेरे घर से स्कूल पांच किलोमीटर दूर है और रास्ता कच्चा है जिसके कारण साइकिल से गिरने से मुझे चोट लग गयी थी. घोड़े से मैं इसलिए भी आता हूं कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम ज्यादा हो गए. 
दरअसल, स्कूल वाहन बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी तो छोटे बच्चों के पालकों की हो गयी जिन्हें उन्हें रोज स्कूल छोड़ने जाना और लाना परेशानी का सबब बन गया. शिवराज के पिता देवराम की भी यही परेशानी थी कि वे अपने बच्चे को नियमित पढ़ाना तो चाहते थे लेकिन उसे रोज स्कूल लाना ले जाना उनकी खेती की व्यस्तता में संभव नहीं हो पा रहा था. तब शिवराज ने साइकिल से गिरने के बाद जब अपने घोड़े से रोजाना जाने का रास्ता सुझाया तो देवराम को भी यह ठीक लगा और सुरक्षित भी.
आज तक के मुताबिक सिर्फ घोड़े की सवारी ही शिवराज को कुछ खास नहीं बनाती, वह पढ़ने में बहुत तेज़ है. स्कूल में अपनी क्लास एक दिन भी नहीं छोड़ना पसंद करता है. घोड़े से शिवराज की दोस्ती इतनी गहरी है कि दोनों एक-दूसरे को थोड़ी देर के लिए भी छोड़ना पसंद नहीं करते. जब यह घोड़ा सिर्फ तीन माह का था तभी शिवराज अपने पिता से ज़िद कर इसे ले आया. उसका पूरा पालन पोषण भी उसने किया. अब शिवराज और राजा की दोस्ती भी मशहूर हो रही है.  

रविवार, 7 फ़रवरी 2021

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, कई के बहने की आशंका, पहाड़ी इलाको में अलर्ट, मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट



ऋषिकेश - उत्तराखंड के जोशीमठ में बड़ा हादसा हुआ है. जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई है. ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचने की खबर
उत्तराखंड के जोशीमठ में बड़ा हादसा हुआ है. चमोली जिले के तपोवन इलाके में रविवार को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है. इसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी में हिमस्खलन और बाढ़ के चलते आसपास बसे लोगों को हटाया जा रहा है. कई घरों के बहने की आशंका भी जताई जा रही है. साथ ही जोशीमठ के करीब बांध टूटने की भी खबर है. आईटीबीपी के जवान बचाव कार्य के लिए पहुंच गए हैं. एनडीआरएफ की टीमें गाजियाबाद से चमोली के लिए भेजी जा रही हैं. 

चमोली जिले के तपोवन इलाके में रैणी गांव में बिजली परियोजना पर हिमस्खलन के बाद धौलीगंगा नंदी में जलस्तर अचानक बढ़ गया है. निजले इलाके में रहने वाले लोगों को ऊपरी इलाकों में भेजा जा रहा है. ग्लेशियर फटने से हुई तबाही को देखते हुए श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार समेत अन्य जगहों पर अलर्ट जारी किया गया है.


राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, "चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है. नदी में अचानक पाने आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है. तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है. नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं. मेरी सभी से विनती है कि कृपया कोई भी पुराने वीडियो शेयर कर पैनिक ना फैलाएँ. स्थिति से निपटने के सभी ज़रूरी कदम उठा लिए गए हैं .आप सभी धैर्य बनाए रखें."
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क से निकलने वाली ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में टूटे हिमखंड से आई बाढ़ के कारण धौलगंगा घाटी और अलकनन्दा घाटी में नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है जिससे श्रृषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर स्थित रैणी गांव के समीप स्थित एक निजी कम्पनी की श्रृषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भूकटाव हो रहा है.

शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

आधे अधूरे प्रधानमंत्री आवास से लोगों की जिंदगी हुई बेहाल




खंडवा हर व्यक्ति का सपना होता है अपना घर। लोगों का यह सपना सच भी हुआ प्रधानमंत्री आवास से। किन्तु आज दूसरी किस्त के इन्तजार में कुछ लोगों को आधें अधुरे छत विहीन मकानों में रहने पर मजबूर होना पड रहा हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति से अवगत करवाते हुए जिला शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि खंडवा में प्रधानमंत्री आवास मिलना एक सुखद एहसास था लोगों के लिए। मगर अब लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास जी का जंजाल बन गया है कारण जिन लोगों ने सपना देखा था कि हमारा अपना सुंदर घर होगा, आवास होगा परिवार के साथ नए आवास में खुशियों के पल बिताएंगे मगर लोगों के सपने उस वक्त मुसीबत में बदल गए जब करीबन डेढ़ वर्षो से प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किस्त लोगों के पास नहीं पहुंची ऐसी स्थिति में जिन लोगों ने प्रधानमंत्री आवास का काम इस उम्मीद पर करवा लिया कि उनका आवास दो चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगा और उसी आस में लोगों ने अपने बने बनाए कच्चे मकानों को तोड़ दिया और किराए के मकानों में रहने लगें अब समस्या यह उत्पन्न हो गई कि आधे अधूरे आवास में लोग किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर है। कारण साफ नजर आ रहा है आवास की दूसरी किस्त लोगों के खातों में ना डाले जाना। लोग इतने परेशान हैं कि जो कच्चे मकान उन्होंने इस उम्मीद पर तोड़े थे कि कुछ समय बाद अपना खुद का पक्का मकान होगा और वह किराए के मकान में रहने लगे मगर आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि लोग किराया नहीं दे पा रहे हैं और ना प्रशासन द्वारा दूसरी किस्त लोगों के खातों में डाली जा रही है। जब लोग शासन प्रशासन के जुम्मेंदारों से इस बारे में बात करते हैं तो सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा हैं।

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021

उच्च इलाज के लिए खण्डवा सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान को भोपाल से दिल्ली किया शिफ्ट



खंडवा- खण्डवा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान डॉक्टरों की सलाह पर उच्च इलाज के लिए भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए जहां मेदांता हॉस्पिटल दिल्ली में सांसद श्री चौहान का इलाज होगा। सुनील जैन ने बताया कि विगत 20 दिनों से सांसद नंदकुमारसिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने के कारण भोपाल के चिरायु हास्पिटल में उपचारार्थ भर्ती थे। बुधवार को सांसद श्री चौहान की रिपोर्ट तो निगेटिव आई लेकिन स्वास्थ में सुधार न होने के कारण डाक्टरों व परिजनों की सलाह पर उन्हें उच्च उपचार के लिए दिल्ली रवाना किया गया। तीन दिन पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के अनुरोध पर दिल्ली एम्स के तीन डाक्टरों ने भी सांसद श्री चौहान का चेकअप किया था। शूगर और बीपी होने के कारण स्वास्थ में जल्द सुधार न होने का उन्होंने कारण बताया। शुक्रवार को मेदांता हास्पिटल दिल्ली गुडग़ांव के डाक्टर भोपाल पहुंचे और चेकअप के पश्चात दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया।


प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भोपाल में डाक्टरों से चर्चा करने के पश्चात सांसद श्री चौहान को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की गई। भोपाल हवाई पट्टी पर सांसद श्री चौहान को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाते समय हवाई पट्टी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही डॉक्टरों की टीम एवं ज्ञानेश्वर पाटिल, अनिल भोसले, राजू जोशी, सुभाष कोठारी, चंद्रेश पचौरी, विधायक नारायण पटेल, विजय गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी के साथ परिजन भी उपस्थित थे। पुत्र हर्षवर्धन सिंह भी श्री चौहान के जाने से पूर्व फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे गए थे।