गुरुवार, 25 जून 2026

मकरोनिया से हरित भविष्य का संकल्प: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ, अमृत 2.0 के विकास कार्यों को मिली नई गति

भोपाल/सागर- पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सागर जिले के मकरोनिया नगर पालिका क्षेत्र में गुरुवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल के मुख्य आतिथ्य में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर नारियल का पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की गई तथा लगभग दो एकड़ क्षेत्र को विशेष वन ज़ोन के रूप में विकसित करने के लक्ष्य के साथ एक हजार पौधों के रोपण का संकल्प लिया गया।

यह कार्यक्रम नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का एक व्यापक जनआंदोलन बन सकता है।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध करें। इसलिए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

जल संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि लगातार गिरता भू-जल स्तर भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में वर्षा जल का अधिकतम संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और जल संरचनाओं का पुनर्जीवन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पुराने कुएं, बावड़ियां, तालाब और जलाशय केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं हैं, बल्कि जल सुरक्षा के मजबूत आधार भी हैं। यदि वर्षा जल को वैज्ञानिक तरीके से भूमि में पहुंचाया जाए, तो भू-जल स्तर में सुधार के साथ भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अमृत 2.0 योजना से बदल रही मकरोनिया की तस्वीर

उपमुख्यमंत्री ने मकरोनिया क्षेत्र में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता और तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित अमृत योजना का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि शहरों को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और नागरिक सुविधाओं से संपन्न बनाना है। मकरोनिया में हो रहे विकास कार्य इस दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण हैं।

शबरी जलाशय और पार्क बनेंगे नई पहचान

नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने बताया कि मकरोनिया क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से शबरी जलाशय (सरोवर) का उन्नयन एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त लगभग 72 लाख रुपये की लागत से शबरी पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक आकर्षक पिकनिक और मनोरंजन स्थल के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा विशेष वन ज़ोन

"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत दो एकड़ क्षेत्र में विशेष वन ज़ोन विकसित किया जाएगा, जहां एक हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि एक ऐसा हरित क्षेत्र विकसित करना है जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा दे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के हरित क्षेत्रों का विस्तार भविष्य में शहरी तापमान नियंत्रण, वायु गुणवत्ता सुधार और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी किए गए वितरित

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की संवेदनशील पहल के तहत पात्र हितग्राहियों आशु जाटव एवं प्रिंस दुबे को शासकीय सेवा के लिए अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पात्र परिवारों को समय पर राहत और सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनभागीदारी से सफल होंगे पर्यावरण और विकास के लक्ष्य

कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े ने मकरोनिया क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रविदास मंदिर निर्माण, शबरी जलाशय के सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना के विकास से क्षेत्र को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने इन कार्यों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में नगर परिषद के जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियर तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मकरोनिया में आयोजित यह कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि यदि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और विकास कार्यों को जनसहभागिता से जोड़ा जाए, तो सतत विकास के लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जल सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का एक व्यापक सामाजिक संकल्प बनकर उभर रहा है।

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