हरदा/नर्मदापुरम्- गंजाल-मोरन संयुक्त परियोजना को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय सिंह सावनेर ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए मोरन (मोरंड) डैम की शीघ्र स्वीकृति और छूटे हुए गांवों को परियोजना में शामिल करने की मांग को मजबूती से सामने रखा है।
रविवार को जमलपूरा में आयोजित गंजाल परियोजना पाइपलाइन के शुभारंभ अवसर पर सावनेर ने केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री डीडी उईके एवं पूर्व मंत्री कमल पटेल के समक्ष क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल गंजाल डेम से पूरे क्षेत्र की सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति संभव नहीं है, इसलिए मोरंड डैम को स्वीकृति दिलाना अत्यंत आवश्यक है।
विजय सावनेर की सक्रिय पहल:
सावनेर ने बताया कि प्रस्तावित मोरंड डैम नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील के वन क्षेत्र में बनाया जाना है, जो हरदा, खंडवा और नर्मदापुरम जिलों के लिए जल संचयन और सिंचाई का बड़ा स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल जल संकट कम होगा, बल्कि किसानों की फसल उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में गंजाल डेम को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन मोरन डैम की स्वीकृति लंबित होने के कारण कई गांव अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। सावनेर ने इन गांवों—अंधेरीखेड़ा, बरुरघाट, उसकल्ली, कपासी, जिनवानी, जोगीखेड़ा, जामदड़, झाड़बीड़ा, पाडर, माटी, उमरदा, रहटगांव, नजरपुरा, धनपाड़ा, आमसागर, सिंघनपुर, कासरनी, खमगांव, टेमागांव, डोलरिया, झीरीखेड़ा, नादवा, सिरकमां, बहरागांव और खुशियालखेड़ी—को परियोजना में शामिल करने की मांग की।
सरकार का आश्वासन:
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कमल पटेल ने सावनेर की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि मोरंड डैम की स्वीकृति के लिए जल्द ही प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हरदा जिले को 100 प्रतिशत सिंचित जिला बनाने का लक्ष्य सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा।
किसानों के लिए उम्मीद की किरण:
स्थानीय किसानों का मानना है कि यदि मोरंड डैम को शीघ्र स्वीकृति मिल जाती है, तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गंजाल-मोरन परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन क्षेत्र में जल प्रबंधन को मजबूत करेगा और कृषि विकास को नई दिशा देगा।
विजय सिंह सावनेर द्वारा उठाई गई यह पहल क्षेत्र के किसानों की आवाज को मजबूती देने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इस मांग पर कितनी जल्दी निर्णय लिया जाता है, जिससे क्षेत्र के सभी गांव इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
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