उन्होंने हिनौती गौधाम में दो गौशाला शेड एवं भूसा हाउस के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। यह निर्माण कार्य सीएमपीवी इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। भूमि पूजन के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन तीनों गौशालाओं को शीघ्र पूर्ण कर लोकार्पण करने के निर्देश दिए, ताकि निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिनौती गौधाम को प्राकृतिक खेती का एक आदर्श केंद्र बनाया जाएगा। यहां गोबर गैस संयंत्र स्थापित कर ऊर्जा की आवश्यकता पूरी की जाएगी और उससे प्राप्त जैविक खाद का उपयोग खेती में किया जाएगा। अतिरिक्त खाद को आसपास के किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।गौ सेवा को बताया पुण्य कार्य
उप मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को एक बड़ा सामाजिक और धार्मिक दायित्व बताते हुए कहा कि निराश्रित गौवंश को आश्रय देना अत्यंत पुण्य का कार्य है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए प्रशासन को हर संभव सहयोग सुनिश्चित करने को कहा।
जल जीवन मिशन की भी समीक्षा
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने पंपिंग स्टेशन निर्माण के लिए वन विभाग से शीघ्र अनुमति लेकर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस परियोजना के पूरा होने से 128 गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा, साथ ही हिनौती गौधाम को भी पानी की सुविधा मिल सकेगी।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विधायक इंजी. नरेंद्र प्रजापति, जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, राजेश पाण्डेय, वन मंडलाधिकारी लोकेश निरापुरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हिनौती गौधाम को प्राकृतिक खेती के केंद्र के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल गौसंवर्धन बल्कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे क्षेत्र में टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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