बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक, अंतर्विभागीय समन्वय और विधिक प्रक्रियाओं में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय पक्ष को तत्काल प्रस्तुत कर सभी औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वीकृत पदों की मांग संबंधित चयन एजेंसियों को समय पर भेजना सुनिश्चित किया जाए।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी के लिए रणनीतिक निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि बदलती जरूरतों के अनुसार नियमों में सुधार करना आवश्यक है, ताकि योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पदों के लिए परीक्षाएं पहले ही संपन्न हो चुकी हैं, उनके परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएं। वहीं जिन पदों की परीक्षाएं अभी शेष हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोजित कर पूरी प्रक्रिया को गति दी जाए।
स्वास्थ्य सेवाएं: सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों का मूल अधिकार हैं। इसके लिए केवल आधुनिक अधोसंरचना और उन्नत उपकरण ही नहीं, बल्कि पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता भी अनिवार्य है। उन्होंने विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने पर भी जोर दिया, जिससे चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता बढ़ सके।
हजारों पदों पर जारी है भर्ती प्रक्रिया
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न श्रेणियों के हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। इनमें बायोमेडिकल इंजीनियर, ऑक्यूपेशनल थेरापिस्ट सहित 31 पद, मेडिकल सोशल वर्कर, क्लिनिकल साइकियाट्रिस्ट और सहायक अस्पताल प्रबंधक के 200 पद, स्टाफ नर्स, कंपाउंडर और पैरामेडिकल स्टाफ के 373 पद, नर्सिंग ऑफिसर के 2099 पद, सिस्टर ट्यूटर के 218 पद तथा अस्पताल सहायक के 1200 पद शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सभी पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगामी दो माह के भीतर पूर्ण कर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
समन्वय और जवाबदेही पर विशेष जोर
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि चयन एजेंसियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखा जाए और पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अधिकारियों को जिम्मेदारी तय कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए।
राज्य सरकार का यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय-सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूरी होती है, तो प्रदेश के अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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