कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयेश वैष्णव ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में जनभागीदारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा एवं एसडीएम हरसूद आर.सी. खेतड़िया मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ. विजय शाह ने मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान अतिथियों ने शिक्षा के महत्व और युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
वार्षिक सम्मेलन में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें एकल गायन, समूह नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रों की ऊर्जा और रचनात्मकता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में एकल गायन प्रतियोगिता की विजेता नेहा साध को 11 हजार रुपये की राशि से सम्मानित किया गया। वहीं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति देने वाली 9 छात्राओं को 5-5 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इसके अलावा कार्यक्रम की प्रशिक्षक प्रो. पार्वती अहिरवार को भी 5 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया।
प्रतिभाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खेलकूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
युवा शक्ति राष्ट्र की पूंजी : डॉ. विजय शाह
अपने संबोधन में मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने महाविद्यालय के विस्तार और छात्र सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है और हरसूद क्षेत्र में विभिन्न विभागों के माध्यम से विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका लाभ आम जनता को मिलेगा।
विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन
इस अवसर पर एसडीएम आर.सी. खेतड़िया सहित अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया और उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. जयेश वैष्णव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा, संस्कृति और सम्मान का यह संगम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ और वार्षिक सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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