खंडवा- खंडवा में शिक्षा के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। दादाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेस कॉलेज में छात्रों से फर्जी रसीदों के जरिए लाखों रुपये वसूलने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि आरोपियों ने कॉलेज संचालक के फर्जी हस्ताक्षर कर छात्रों से फीस वसूली और करीब 74 लाख 87 हजार 998 रुपये का गबन कर लिया।
थाना मोघट रोड पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी हस्ताक्षर से वसूली, छात्रों को थमाई नकली रसीद
जानकारी के अनुसार कॉलेज संचालक अनिल धारवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर छात्रों से फीस जमा कराई जाती रही। आरोपियों ने छात्रों को असली जैसी दिखने वाली रसीदें थमा दीं, जिससे किसी को शक तक नहीं हुआ।
यह पूरा खेल 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2024 तक चलता रहा। लंबे समय तक यह फर्जीवाड़ा चलता रहा और कॉलेज प्रबंधन को भनक तक नहीं लगी।
तीन आरोपी नामजद, मिलकर रचा षड्यंत्र
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को नामजद किया है:
कृष्णराज सिंह मौर्य।
रीना मौर्य।
सचिन खेड़ेकर।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से छात्रों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे लाखों रुपये हड़प लिए।
74.87 लाख का बड़ा गबन
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर कुल ₹74,87,998 की राशि वसूली और उसका गबन कर लिया। जैसे ही यह मामला सामने आया, कॉलेज में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
प्रकरण क्रमांक 93/2026 थाना मोघट रोड में दर्ज किया गया है। मामले के कायमीकर्ता उपनिरीक्षक जितेन्द्र तिवारी हैं, जबकि विवेचना निरीक्षक धीरेश धारवाल द्वारा की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
धारा 420 — धोखाधड़ी।
धारा 409 — गबन।
धारा 467 — कूटरचना।
धारा 34 — सामूहिक अपराध।
और भी खुलासे संभव
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
4 साल तक चलता रहा फर्जीवाड़ा
📅 अवधि: 01 जनवरी 2020 से 30 जून 2024
💰 गबन राशि: ₹74,87,998
📍 स्थान: दादाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेस, खंडवा
⏰ मामला दर्ज: 29 मार्च 2026, रात 8:10 बजे
शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इस बड़े फर्जीवाड़े ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच में आगे और भी चौंकाने वाले खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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