खंडवा- हरसूद पुलिस ने आत्महत्या के दुष्प्रेरण के एक गंभीर मामले में मुख्य आरोपी अरबाज सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जिला जेल खंडवा भेज दिया गया।
घटना 29 अक्टूबर 2025 की है, जब सिविल अस्पताल हरसूद से सूचना प्राप्त हुई कि नेहा नामक युवती ने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया है। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस पर थाना हरसूद में मर्ग क्रमांक 89/25 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच प्रारंभ की गई।
जांच में उजागर हुआ उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन का दबाव
मृतिका नेहा की मां दीपा बाई के बयान के अनुसार, 26 अक्टूबर की रात मोहल्ले के अरबाज ने नेहा के साथ मारपीट की थी। दीपा बाई ने बताया कि अरबाज लगातार उसकी बेटी को सगाई तोड़कर धर्म परिवर्तन कर उससे विवाह करने का दबाव डाल रहा था और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। दबाव और उत्पीड़न से तंग आकर नेहा ने जहर खा लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
इस आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरबाज पिता आदत शाह (22 वर्ष) के विरुद्ध अपराध क्रमांक 384/25, धारा 108 बीएनएस, 3/5 मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021, एवं 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपियों द्वारा धमकी और जातिगत अपमान
उसी दिन मृतका की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी अरबाज के पिता आदत शाह, भाई साजिम, और अन्य आरोपियों फरदीन, आसिक, मुईन, आसिल, आसिम, शायना बी और आमरीन ने उनके घर पहुंचकर जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी।
इस पर अपराध क्रमांक 385/25, धारा 296, 351(3), 191(2) बीएनएस, तथा 3(1)(द, ध), 3(2)(वा) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) श्री राजेश रघुवंशी तथा एसडीओपी हरसूद श्री लोकेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हरसूद निरीक्षक राजकुमार राठौर ने विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की।
टीम ने मुख्य आरोपी अरबाज सहित सभी सात अन्य आरोपियों को 30 अक्टूबर को गिरफ्तार कर 31 अक्टूबर को विशेष न्यायालय खंडवा में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक राजकुमार राठौर, उनि चंद्रशेखर काड़े, उनि रमेश मोरे, सउनि नानाराम पाटीदार, प्र.आर. वीरसिंह राजपूत, प्र.आर. विनोद सिंह तोमर, प्र.आर. शिवशंकर उपाध्याय, प्र.आर. मंगल सिंह, आर. रोहित साहू, आर. भगवान सिंह, आर. अनिल मेहरा, एवं आर. रामविलास वामने की भूमिका सराहनीय रही।
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