मंगलवार, 30 सितंबर 2025

एमपी ट्रांसको ने ऊर्जीकृत किया 200 एम.वी.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर, महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण में आई मजबूती, महाकौशल के क्षेत्रों को होगा लाभ

जबलपुर- प्रदेश में निरंतर और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 200 एम.वी.ए. क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। इस परियोजना पर लगभग 13 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत आई है।
इस उपलब्धि से न केवल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच विद्युत आदान-प्रदान में और अधिक विश्वसनीयता आएगी, बल्कि अंतर्राज्यीय पारेषण में लचीलापन भी बढ़ेगा।
ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको की इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारियों एवं कार्मिकों की मेहनत से प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि नए ट्रांसफार्मर से प्रदेश के अनेक जिलों को स्थिर और पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।
40 एम.वी.ए. अतिरिक्त क्षमता
नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.वी.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव, मुलताई और छिंदवाड़ा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को पर्याप्त और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
पांडुर्णा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 360 एम.वी.ए.
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि पहले पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर केवल 160 एम.वी.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर कार्यरत थे। उस स्थिति में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कई बार दिक्कत आती थी, जिससे दोनों राज्यों को आवश्यकता अनुसार बिजली का आदान-प्रदान करने में कठिनाई होती थी।
इस कमी को दूर करने के लिए अब नया 200 एम.वी.ए. क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके साथ ही पांडुर्णा सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 360 एम.वी.ए. हो गई है।
महाकौशल क्षेत्र को सीधा फायदा
नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से महाकौशल क्षेत्र के बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा छिंदवाड़ा 220 केवी सबस्टेशन से जुड़े विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यहां बिजली आपूर्ति अब और अधिक सुचारू एवं विश्वसनीय हो जाएगी।
ऊर्जा अवसंरचना को मिला नया आयाम
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट है कि एमपी ट्रांसको प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण की क्षमता बढ़ने से जहां औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर बिजली आपूर्ति होगी, वहीं कृषि कार्यों में भी किसानों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराना संभव होगा।
यह समाचार न केवल तकनीकी उपलब्धि को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी बताता है कि इस कदम से आम जनता और विशेषकर महाकौशल क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।



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