मंगलवार, 5 मई 2026

किसान हितैषी कार्यों के लिए पहचाने गए अधिकारी: डीआईजी पदोन्नति पर मनोज राय का भव्य सम्मान

खंडवा- भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत, जिला खंडवा द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री मनोज राय के डीआईजी पद पर पदोन्नति एवं भोपाल स्थानांतरण के अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने श्री राय के कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया, जहां किसान संघ के पदाधिकारियों ने श्री राय को पुष्पमालाओं और अभिनंदन शब्दों के साथ सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि श्री मनोज राय का कार्यकाल खंडवा जिले के लिए अत्यंत उल्लेखनीय रहा है, जिसमें उन्होंने न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया, बल्कि आमजन, विशेषकर किसानों के हितों को भी प्राथमिकता दी।

प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशीलता का समन्वय

अपने कार्यकाल के दौरान श्री राय ने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ-साथ जनसुनवाई और संवाद की प्रभावी प्रणाली विकसित की। उन्होंने पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास का वातावरण निर्मित किया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सहयोग बढ़ा।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। फसल, भूमि विवाद, सुरक्षा और अन्य समस्याओं के समाधान में उन्होंने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिससे किसान वर्ग को राहत मिली और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।

किसान हितों में सक्रिय सहयोग

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री राय ने समय-समय पर किसानों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल की। उन्होंने किसान संगठनों के साथ समन्वय बनाकर कई मुद्दों का निराकरण कराया, जो उनके जनहितैषी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

सम्मान समारोह में प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत के प्रांत मंत्री श्री धर्मचंद पटेल, जिला अध्यक्ष राधेश्याम चाचरिया, जिला मंत्री सुभाष पटेल, जिला सदस्य शैलेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष दिनेश महाजन, तहसील अध्यक्ष संदीप सिंह सोलंकी, जितेन जी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने श्री राय के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने श्री मनोज राय को डीआईजी पद पर पदोन्नति के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारी में भी वे अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा की भावना से उत्कृष्ट कार्य करेंगे।

जनसेवा की मिसाल

यह सम्मान समारोह न केवल एक अधिकारी के प्रति सम्मान का प्रतीक था, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान किए गए जनहितैषी प्रयासों की सराहना भी थी। श्री मनोज राय का कार्यकाल खंडवा जिले में एक सकारात्मक छाप छोड़ गया है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

वैश्विक परमाणु सुरक्षा मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति: उच्च मानकों और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन

नई दिल्ली/वियना- भारत ने वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए Convention on Nuclear Safety (CNS) की 10वीं समीक्षा बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह बैठक International Atomic Energy Agency मुख्यालय, वियना में आयोजित हुई, जिसमें 86 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किया, जिसका नेतृत्व Atomic Energy Regulatory Board (AERB) के अध्यक्ष ए. के. बालासुब्रमण्यम ने किया। प्रतिनिधिमंडल में एईआरबी, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), एनपीसीआईएल तथा वियना स्थित भारतीय दूतावास के विशेषज्ञ शामिल रहे।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का व्यापक प्रस्तुतीकरण

बैठक के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसमें सुरक्षा प्रदर्शन, नियामक प्रक्रियाएं और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

भारत ने स्पष्ट किया कि परमाणु ऊर्जा के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संवाद को बढ़ावा

भारतीय प्रतिनिधियों ने अन्य देशों के विशेषज्ञों के साथ परमाणु सुरक्षा से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान साझा चुनौतियों और उनके समाधान पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

सुरक्षा मानकों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता

भारत ने Convention on Nuclear Safety को अनुमोदित कर उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया है। यह कन्वेंशन परमाणु प्रतिष्ठानों को रेडियोलॉजिकल खतरों से सुरक्षित रखने और मानव व पर्यावरण की रक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है।

IAEA के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य

कन्वेंशन के तहत देशों को International Atomic Energy Agency के Fundamental Safety Principles के अनुसार कार्य करना होता है। इसमें संयंत्रों की डिजाइन, निर्माण और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।

इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विकास के साथ-साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत का यह प्रयास वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और जिम्मेदार परमाणु ऊर्जा उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सोमवार, 4 मई 2026

हाईकोर्ट का सकारात्मक फैसला: महिला कर्मचारी को मिला न्याय का नया अवसर, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का संदेश

जबलपुर/खंडवा- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा दिया गया एक हालिया निर्णय न्याय व्यवस्था की सकारात्मक सोच, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। महिला कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में न्यायालय ने पूर्व में पारित आदेश को निरस्त करते हुए मामले में पुनः विचार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे याचिकाकर्ता को न्याय पाने का एक नया अवसर प्राप्त हुआ है।

यह प्रकरण श्रीमती कला बाई से संबंधित है, जिनका नियमितीकरण आवेदन वर्ष 2013 में प्रशासन द्वारा आयु सीमा के आधार पर अस्वीकृत कर दिया गया था। उस समय प्रशासन का मत था कि नियुक्ति के समय याचिकाकर्ता की आयु निर्धारित सीमा से अधिक थी, जिसके कारण वे नियमितीकरण के लिए पात्र नहीं थीं।

हालांकि, याचिकाकर्ता ने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती देते हुए यह तर्क प्रस्तुत किया कि उनके मामले में महिला कर्मचारियों के लिए लागू विशेष प्रावधानों और नियमों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया। विशेष रूप से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति हेतु विशेष प्रावधान) नियम, 1997 तथा उससे संबंधित परिपत्र को नजरअंदाज कर निर्णय लिया गया था।

माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुनने के बाद यह पाया कि मामले में सभी प्रासंगिक नियमों का पूर्ण और निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक निर्णय लेते समय यदि किसी विशेष वर्ग के लिए बनाए गए प्रावधानों की अनदेखी की जाती है, तो वह निर्णय न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

इसी आधार पर न्यायालय ने वर्ष 2013 के विवादित आदेश को निरस्त करते हुए प्रकरण को संबंधित प्राधिकरण के पास पुनर्विचार हेतु भेज दिया है। साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारी सभी नियमों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समयसीमा में निष्पक्ष निर्णय लें।

इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि न्यायालय ने केवल तकनीकी आधार पर निर्णय देने के बजाय मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया है। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि न्याय व्यवस्था केवल कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांत भी निहित हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय उन सभी मामलों के लिए एक मार्गदर्शक उदाहरण बन सकता है, जहां किसी व्यक्ति के अधिकारों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया हो। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के संदर्भ में यह फैसला उनके अधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस निर्णय से यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि प्रशासनिक तंत्र भविष्य में अधिक सतर्कता और पारदर्शिता के साथ निर्णय लेगा, ताकि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न्यायालय की शरण में न जाना पड़े।

कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का यह निर्णय न केवल एक व्यक्ति के लिए राहत का माध्यम बना है, बल्कि यह समाज में न्याय के प्रति विश्वास को मजबूत करने वाला और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ है।

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने खंडवा में रणनीतिक बैठक, त्वरित और सुलभ न्याय पर जोर

खंडवा- आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खंडवा में पुलिस एवं न्यायिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खंडवा श्री संजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री ठाकुर प्रसाद मालवीय की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों का त्वरित, सुलभ और कम खर्च में निराकरण सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान लोक अदालत की कार्यप्रणाली, प्रक्रिया और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो आमजन को शीघ्र न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि लोक अदालत से संबंधित सूचना पत्रों की तामिली समय पर और प्रभावी तरीके से की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके और वे इस अवसर का लाभ उठा सकें। इसके लिए पुलिस विभाग को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए, जिससे नोटिसों की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री ठाकुर प्रसाद मालवीय ने निर्देशित किया कि जिले में लंबित प्रकरणों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का भार कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी त्वरित और सरल न्याय उपलब्ध हो सकेगा।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस विभाग और न्यायिक तंत्र के बीच समन्वय इस अभियान की सफलता की कुंजी है। यदि दोनों विभाग मिलकर कार्य करें, तो अधिकाधिक मामलों का निराकरण संभव है और न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर जिला रजिस्ट्रार श्री अरविंद सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पीयूष भावे, उप पुलिस अधीक्षक श्री अनिल चौहान सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया और लोक अदालत को सफल बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।

बैठक के अंत में यह निष्कर्ष निकाला गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आमजन को न्याय दिलाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। इसके सफल संचालन से न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि समाज में न्याय के प्रति विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।

रेडक्रॉस सप्ताह के तहत प्राचार्यों की बैठक संपन्न, यूथ रेडक्रॉस और जूनियर रेडक्रॉस विंग को सक्रिय किया जाएगा

खंडवा- रेडक्रॉस सप्ताह के अंतर्गत 2 से 8 मई 2026 तक जनसेवा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण एवं जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए सभी विद्यालयों में जूनियर रेडक्रॉस इकाइयों का गठन करना है। बैठक में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विद्यालयों में एक सक्रिय शिक्षक को कार्यक्रम अधिकारी के रूप में नियुक्त करें। उन्होंने बताया कि इसी कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय में जूनियर रेडक्रॉस इकाई का गठन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि विद्यार्थियों द्वारा शुल्क के रूप में जमा किए जाने वाले रेडक्रॉस अंशदान का उपयोग जूनियर रेड क्रॉस गतिविधियों के संचालन में किया जाए।
          कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में कहा कि जूनियर रेडक्रॉस के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं मित्रता की भावना विकसित की जा सकती है। यह इकाई न केवल विद्यार्थियों को समाजसेवा, नेतृत्व क्षमता और मानवीय मूल्यों से जोड़ती है, बल्कि विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार जैसे कार्यों को भी प्रभावी रूप से संचालित करने में सहायक होगी।
         बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने श्रीमती संगीता सोनवाने को जूनियर रेडक्रॉस का जिला काउंसलर नियुक्त करने के लिए कहा। उन्होंने प्रत्येक विकासखंड में भी एक एक काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में इन काउंसलरों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्राथमिक उपचार, सीपीआर, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण एवं जल संरक्षण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
          जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन श्री आशीष अग्रवाल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जूनियर रेड क्रॉस इकाई के गठन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला चेयरमैन श्री अखिलेश गुप्ता एवं सचिव श्री भानुभाई पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। रेडक्रॉस की प्रभारी अधिकारी सुश्री दीक्षा भगोरे ने सभी प्राचार्यों से आग्रह किया कि वे इस पहल को गंभीरता एवं सक्रियता के साथ अपने विद्यालयों में लागू करें। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में शैक्षणिक विकास के साथ-साथ मानव सेवा, सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी और वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की सेवा कर सकेंगे। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी.एस. सोलंकी, श्री संदीप जोशी, रेडक्रॉस सोसाइटी से श्री अनिल बाहेती सहित जिले के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

खंडवा में अवैध शराब पर सख्ती और सड़क सुरक्षा अभियान तेज, 2 आरोपी गिरफ्तार, 262 वाहन चालकों पर कार्रवाई

खंडवा- जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा एक साथ कई मोर्चों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जहां एक ओर आबकारी एक्ट के तहत अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसा गया है, वहीं दूसरी ओर सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है।

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेंद्र तारणेकर के मार्गदर्शन में 2 मई 2026 को अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना नर्मदानगर एवं थाना खालवा पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को पकड़ा।
थाना नर्मदानगर क्षेत्र में ग्राम चिकढालिया निवासी 55 वर्षीय कृष्णाबाई के कब्जे से 12 लीटर हाथ भट्टी निर्मित कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 1800 रुपये है, जब्त की गई। वहीं थाना खालवा क्षेत्र में ग्राम गुलरढाना निवासी 50 वर्षीय सीताराम के कब्जे से 10 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत लगभग 1000 रुपये आंकी गई, बरामद की गई।


दोनों आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

इसके साथ ही, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक चलाए जा रहे “हेलमेट विशेष अभियान” के तहत जिले में व्यापक स्तर पर सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अनिल कुमार राय के नेतृत्व में 3 मई को जिलेभर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की गई। इस दौरान हेलमेट का उपयोग न करने, ओवरस्पीडिंग, नियम विरुद्ध वाहन संचालन सहित अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 262 दोपहिया वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई में कुल 91,200 रुपये का समन शुल्क वसूला गया, वहीं गंभीर उल्लंघन के मामलों में 3 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा इस अभियान को केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए सुधारात्मक दृष्टिकोण से भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हेलमेट का उपयोग न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि यह जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी उपाय भी है। इसी के मद्देनजर जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कुल मिलाकर, खंडवा पुलिस द्वारा की जा रही यह दोहरी कार्रवाई—अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा—जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मीडिया सलाहकार ताहिर अली को दी विवाह वर्षगांठ की शुभकामनाएँ

भोपाल- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में अपने मीडिया सलाहकार एवं जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक श्री ताहिर अली को उनकी शादी की 41वीं वर्षगांठ के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस अवसर पर श्री अली के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन और दीर्घ दांपत्य जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री ताहिर अली ने अपने कार्यकाल में जनसंपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और वर्तमान में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।

वहीं श्री ताहिर अली ने उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

यह अवसर मंत्रालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया, जहां पारस्परिक सम्मान और शुभेच्छाओं का आदान-प्रदान हुआ।

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