शनिवार, 1 नवंबर 2025

आजादी के 78 साल बाद भी विकास से वंचित ग्रामीण- दलदल भरे रास्तों से स्कूल जाती लाड़ली लक्ष्मी

देश को आजाद हुए 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार अभी भी कछुए की चाल से आगे बढ़ रही है।

खालवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुदई माल के अंतर्गत आने वाले ग्राम अंधारिया के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं — जैसे सड़क, नाली और पक्के रास्ते — से वंचित हैं।

दलदल भरे रास्तों से स्कूल जाती हैं लाड़ली लक्ष्मियां

गांव के लोगों ने बताया कि ग्राम अंधारिया से करीब 3 किलोमीटर दूर ग्राम मलगांव में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है।
यहां पढ़ने के लिए प्रतिदिन 50 से 60 छात्र-छात्राएं, जिनमें लाड़ली लक्ष्मी योजना की बेटियां भी शामिल हैं, बारिश के मौसम में कीचड़ और दलदल भरे कच्चे रास्ते से होकर पैदल स्कूल जाती हैं।

बरसात के दिनों में यह रास्ता इतना बदहाल हो जाता है कि कई बार बच्चे और ग्रामीण फिसल कर घायल हो जाते हैं।
गांव के बच्चों का कहना है कि स्कूल पहुंचने में उन्हें अक्सर डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते हैं।

ग्रामीणों की रोजमर्रा की जद्दोजहद

सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि अंधारिया और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी इन्हीं कच्चे रास्तों से होकर बाजार, बैंक, पेट्रोल पंप और जिला मुख्यालय के कामों के लिए आते-जाते हैं।
यह क्षेत्र आईटीआई, स्कूल, छात्रावास और बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं से तो जुड़ा है, लेकिन सड़कें इतनी जर्जर हैं कि आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में विकास केवल कागजों तक सीमित है।
अंधारिया, मलगांव, मोहनिया, सिरपुर, भगावा, सालिया खेड़ा और कुंदई जैसे कई गांवों में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी नहीं हैं।

अटल जी का सपना अब भी अधूरा

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने “हर गांव को सड़क से जोड़ने” का सपना देखा था।
लेकिन भाजपा शासन के दो दशक और जनप्रतिनिधियों के चार दशक पूरे होने के बावजूद, खंडवा के ग्रामीण अंचलों में विकास अभी भी कोसों दूर है।

ग्रामीणों का कहना है कि नेता केवल चुनाव के समय वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई ध्यान नहीं देता।
अगर सड़कों और नालियों की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले समय में लोग मजबूर होकर अपना जनादेश बदलने पर विचार कर सकते हैं।

ग्रामीणों की मांग

  • अंधारिया से मलगांव तक 3 किमी सड़क का पक्का निर्माण
  • स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित मार्ग
  • नाली और जल निकासी की व्यवस्था
  • ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पारदर्शिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यदेश स्थापना दिवस पर बाग प्रिंट का ठप्पा लगाकर पारंपरिक कला को किया प्रोत्साहित

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के उद्घाटन समारोह में लाल परेड ग्राउंड,भोपाल में जहां मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और स्थानीय उद्योगों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार राष्ट्रीय एव अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोहम्मद बिलाल खत्री के स्टॉल का अवलोकन किया और खुद बाग प्रिंट का ठप्पा लगाकर इस पारंपरिक कला की महत्ता को रेखांकित किया। इस पर अवसर पर मंत्री एव अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे। 

कन्या विवाह योजना ने गरीबों के मन से बेटी की शादी की चिंता मिटा दी है - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, सामूहिक विवाह समारोह रीवा में 105 युगल विवाह बंधन में बंधे

भोपाल- मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शासकीय मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय में 105 युगल विवाह बंधन में बंधे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सामूहिक विवाह समारोह में नवयुगलों को पुष्पवर्षा करके शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देव प्रबोधनी एकादशी के शुभ अवसर पर 105 युगलों का विवाह संपन्न हुआ है। आप सबको देव प्रबोधनी एकादशी और सुखी वैवाहिक जीवन की बधाई है। आज के शुभ दिन एक ही पण्डाल में विवाह और निकाह संपन्न होकर सामाजिक एकता और समरसता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ने गरीबों के मन से बेटी की शादी की चिंता मिटा दी है।
       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवार की बेटी को कन्यादान योजना से विवाह के सथ 49 हजार रुपए की राशि नई गृहस्थी बसाने के लिए दी जा रही है। घरातियों-बरातियों के स्वागत, बैण्डबाजे, पण्डाल, नाश्ता, भोजन तथा विवाह की अन्य सभी व्यवस्थाएं नि:शुल्क की गई हैं। उप मुख्यमंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर और तमाम गणमान्य व्यक्ति नवयुगलों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दे रहे हैं। आज मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस है। यह आप सबके लिए दोहरी खुशी का अवसर है। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय ने कहा कि रीवा में चारों ओर विकास होने के साथ-साथ गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। आज 105 बेटियों का धूमधाम से विवाह संपन्न हो रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता ने नवयुगलों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा प्रभारी नगर निगम आयुक्त श्री मेहताब सिंह गुर्जर, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री अनिल दुबे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और वर-वधु के परिजन उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश आज सबसे तेज गति से विकास करने वाला प्रदेश - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, रीवा में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कलेक्ट्रेट रीवा में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास की राह पर चल रहा है। प्रदेश निर्माण का 70वां वर्ष मनाते हुए हम सबको गर्व है। कृषि, उद्योग, अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों गरीबों को लाभान्वित किया जा रहा है। एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश में बीमारू राज्य का टैग लगा था। प्रदेश में संसाधन, प्राकृतिक संपदा और परिश्रम करने वाले करोड़ों हाथ हैं। सरकार की सही नीतियों और कार्यक्रमों से अब प्रदेश के विकास को पंख लग गए हैं।
       उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ विन्ध्य प्रदेश का भी तेजी से विकास हुआ है। यहाँ पहले केवल एक लाख एकड़ में सिंचाई की सुविधा थी। हमने इसे तीन लाख एकड़ तक बढ़ाया है। अगले पाँच सालों में रीवा में नौ लाख एकड़ में सिंचाई की सुविधा मिल जाएगी। इससे जिले का तेजी से आर्थिक विकास होगा। विन्ध्य के निवासियों का उर्वर मस्तिष्क सकारात्मक दिशा में प्रयास कर देता है तो चमत्कार कर देता है। प्रदेश के विकास का हम अवलोकन करते हुए अतीत की गलतियों से सबक लेकर विकास का मार्ग प्रशस्त करें। नई पीढ़ी को नशे की राह से विमुख करना आवश्यक है। नई पीढ़ी यदि नशे की गिरफ्त में चली गई तो विकास के फल का स्वाद नहीं ले पाएगी। रीवा में प्रशासन ने नशे के विरूद्ध सराहनीय अभियान चलाकर 600 से अधिक नशे के सौदागरों को जेल भेजा है। भारी मात्रा में गांजा, कोरेक्स और अन्य मादक पदार्थ जब्त किया है।
       उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के शुभारंभ पर ध्वजारोहण किया। समारोह में सेंट्रल एकेडमी तथा संदीपनि पीके स्कूल के विद्यार्थियों ने सुमधुर गीत प्रस्तुत किए। समारोह में विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश गान की मधुर प्रस्तुति दी। समारोह में उद्योग विभाग से लाभान्वित पाँच हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, डीआईजी हेमंत चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए - उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, युवा अपनी ऊर्जा, उत्साह और सोच को सही दिशा में लगाकर देश को ऊंचाईयों तक पहुंचाने का संकल्प लें - थल सेना अध्यक्ष जनरल द्विवेदी

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा में युवा अभिप्रेरणा कार्यक्रम संपन्न
भोपाल- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित युवा अभिप्रेरणा कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए। संस्कारवान व्यक्ति के संस्कार उसे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप उत्तरोत्तर प्रगति करें और उच्च पदों पर पहुंचे जिससे देश और प्रदेश में आपका नाम सम्मान से लिया जाय। 
     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि थल सेना अध्यक्ष के रीवा आगमन पर हम सब गौरवान्वित हैं। टीआरएस परिसर में उनके आगमन से उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। ऑपरेशन सिंदूर में थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख देश में हीरों के तौर पर उभर कर आयें हैं। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित जस्टिस व्ही.के. सिंह के मानस पटल पर भी रीवा की स्मृतियाँ सजीव हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय द्वारा किये गये कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति हमारे देश का वर्तमान व भविष्य हैं। इस कार्यक्रम से उन्हें जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलेगी। 
     थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा उत्साह और सोच को सही दिशा में लगाकर देश को ऊंचाईयों तक ले जाने का संकल्प लें। अनुशासन और मार्गदर्शन मिलने से हमारे देश की युवा शक्ति भारत को और आगे ले जाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, साहस, स्पष्टपता, साथ मिलकर कार्य करने तथा परिवर्तन ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलता दिलाई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सेना को खुली छूट दी और हमने आतंकवाद को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि सिंदूर अभियान की लड़ाई सिर्फ सेना ने नहीं बल्कि देशवासियों ने एकता के साथ लड़ी। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि टीआरएस कॉलेज की फुटबाल टीम को देखकर हम लोग के मन में ईर्षा होती थी। हमारे पिता जी ने भी इस ऐतिहासिक महाविद्यालय में अपनी पढ़ाई की थी। इस महाविद्यालय का मेरी परवरिश में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि रीवा में आपसी भाईचारा और सौहार्द बहुत है। यहां सब लोग मिलकर रहते हैं और उनमें अपनत्व बहुत है। जनरल द्विवेदी ने सभी को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस की बधाई दी। 
न्यायमूर्ति व्ही.के. सिंह ने कहा कि विन्ध्य की विभूतियों ने कर्म से महानता अर्जित की है। थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख एक ही विद्यालय के एक साथ पढ़ने वाले छात्र हैं। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी ने रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाया है। रीवा का भाईचारा यहां की विशेषता है। जो अपनापन यहां है वह अन्य जगह देखने को नहीं मिलता है। कार्यक्रम में प्राचार्य श्रीमती अर्पिता अवस्थी ने थल सेना अध्यक्ष का शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के प्राचार्य को के-9 बज्र की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र ताम्रकार सहित प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं कैडेट्स से भेंट की।

खालवा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा, मंत्री डॉ. विजय शाह ने किया जन औषधि केंद्र का शुभारंभ, आदिवासी अंचल में पहली बार खुला प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अब सस्ती दरों पर मिलेंगी गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं


खण्डवा, मध्य प्रदेश- 
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुवर विजय शाह ने शनिवार को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर खालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाना है, ताकि आमजन को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें।

मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि खालवा में प्रारंभ हुआ यह जन औषधि केंद्र प्रदेश के आदिवासी ब्लॉकों में शुरू होने वाला पहला केंद्र है। उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से लोगों को जेनरिक दवाएं बाजार भाव से काफी कम दरों पर मिलेंगी, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य “जनता के स्वास्थ्य में जनभागीदारी” को बढ़ावा देना है, और इस दिशा में यह केंद्र एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के बीच सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री शाह ने इस अवसर पर दिव्यांग लाभार्थियों को ट्राइसिकल, श्रवण यंत्र, चलने की छड़ी और कमर के बेल्ट प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और दिव्यांगजन इसके केंद्र में हैं।

कार्यक्रम में रही विशेष उपस्थिति

इस मौके पर एसडीएम श्री रमेश चंद्र खतेडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत, सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र कटारिया सहित अनेक चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मंत्री शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन औषधि केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू रखा जाए ताकि कोई भी मरीज आवश्यक दवाओं के लिए भटकने को मजबूर न हो। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की कि वे जेनरिक दवाओं के उपयोग को बढ़ावा दें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना — आमजन के लिए राहत

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत देशभर में सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अब खालवा क्षेत्र के ग्रामीणों को भी इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

देवउठनी ग्यारस पर जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र वितरण- मानवता और सेवा का अद्भुत संगम, “हर हर महादेव” के जयघोष के बीच समाजसेवियों ने किया प्रेरणादायक कार्य

खंडवा- देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर जब संपूर्ण देश भगवान विष्णु के पुनर्जागरण का उत्सव मना रहा था, उसी समय खंडवा में मानवता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया गया। समाजसेवियों के सहयोग से प्रतिदिन सुबह 4 बजे से कचरा बीनने वाली जरूरतमंद महिलाओं को कपड़े वितरित कर इस दिवस को सेवा, करुणा और संवेदना का उत्सव बना दिया गया।

मानवता की मिसाल — सुबह से शुरू हुआ सेवा का क्रम

ठंड, बारिश और गर्मी में भी अपने परिवार के लिए मेहनत करने वाली इन महिलाओं को समाजसेवियों ने विशेष आमंत्रण देकर सुबह 8:30 बजे कपड़ा वितरण कक्ष में बुलाया।
यह कोई सामान्य वितरण नहीं था — यहाँ प्रत्येक महिला को उसके पूरे परिवार के लिए वस्त्र दिए गए।

सामान्यतः वस्त्र वितरण में प्रत्येक व्यक्ति को सीमित (चार से छह) कपड़े दिए जाते हैं, परंतु इस अवसर पर विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सभी को उनके परिवार के सभी सदस्यों — बच्चों, पुरुषों और महिलाओं — के लिए पर्याप्त वस्त्र दिए गए।

संगठित और सम्मानजनक वितरण व्यवस्था

वस्त्र वितरण की पूरी प्रक्रिया सुसंगठित और गरिमामय रही।
समाजसेवकों ने सभी कपड़ों को पहले से छाँटकर, साफ-सुथरा और उपयोग योग्य स्थिति में रखा था।
महिलाओं को उनकी आवश्यकता और परिवार के आकार के अनुसार कपड़े दिए गए — किसी को भी उपेक्षित महसूस नहीं होने दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों ने बताया कि वितरण केवल “दान” नहीं बल्कि “सम्मान के साथ सहायता” की भावना से किया गया।

भोले बाबा की कृपा से सतत सेवा कार्य

समाज सेवी मनोहर शामनानी ने बताया कि सभी समाजसेवकों और सहयोगी दानदाताओं ने एक स्वर में कहा कि यह सेवा कार्य भोलेनाथ की प्रेरणा और आशीर्वाद से निरंतर चल रहा है।
भोले बाबा की कृपा से लोग स्वयं आगे आकर नए और अच्छे वस्त्र दान कर रहे हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड या अभाव से पीड़ित न रहे।

“हम केवल वस्त्र नहीं बाँट रहे, बल्कि आत्मीयता बाँट रहे हैं।
भोले बाबा की कृपा से हर दिल में करुणा जागृत हो — यही हमारी कामना है।”

देवउठनी ग्यारस का सच्चा अर्थ — सेवा और जागरण

देवउठनी ग्यारस का धार्मिक अर्थ है — भगवान विष्णु का योगनिद्रा से जागरण।
किन्तु इस अवसर का सामाजिक अर्थ भी उतना ही गहरा है —
मानवता के भीतर सोई हुई करुणा और संवेदना को जगाना।
खंडवा में किया गया यह वस्त्र वितरण अभियान इसी भावना का सजीव उदाहरण बना।

समाज के लिए प्रेरणा

यह आयोजन न केवल एक धार्मिक पर्व की शोभा बढ़ाने वाला कार्यक्रम था, बल्कि समाज में सेवा भावना और सामूहिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा भी बना।
इस पहल ने यह संदेश दिया कि यदि हम सब मिलकर एक कदम बढ़ाएँ, तो समाज के हर वर्ग को गरिमा और स्नेह मिल सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की —

“हे भोले बाबा, सबका भला करें। हर घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
सेवा का यह भाव हमारे हृदयों में सदैव जीवित रहे।”

हर हर महादेव।