मंगलवार, 3 जून 2025

धूनिवाला आश्रम मंदिर नव निर्माण समिति की प्रथम बैठक संपन्न, श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर निर्माण को लेकर हुए महत्वपूर्ण निर्णय

खण्डवा - श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर निर्माण के संबंध में गठित श्री धूनिवाला आश्रम मंदिर नव निर्माण समिति की प्रथम बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई।बैठक में मंदिर के भूमि पूजन की तारीख,संपूर्ण मंदिर निर्माण का प्लान एवं उसकी लागत के संबंध आदि विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन के लिये श्री दादाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से 13, 25 एवं 29 जून, पटेल सेवा समिति की ओर से 7 जुलाई, श्री छोटे सरकार की ओर से 30 जून की तिथियों का सुझाव दिया गया।बैठक में आए सुझावों के आधार पर शीघ्र ही तिथि निर्धारित की जाएगी।
बैठक में आर्किटेक्ट श्री विरेन्द्र त्रिवेदी से अनुबंध हेतु सर्वसहमति से निर्णय लिया गया।बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री त्रिवेदी 25 जून 2025 तक मंदिर की थ्री डी इमेज एवं वॉकथ्रू उपलब्ध करवायेंगे।मंदिर निर्माण हेतु टेण्डर प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।मंदिर निर्माण समिति के समस्त लेखों के प्रबंधन हेतु श्री भरत झंवर को प्रमुख अंकेक्षक के रूप में कार्य करने हेतु सर्वसहमति से निर्णय लिया गया। निर्माण के समय कार्य एवं पत्थर (मकराना) की गुणवत्ता की जांच करने के लिये इस क्षेत्र में महारथ रखने वाले व्यक्ति को साईट इंजार्च/साईट कॉर्डिनेटर के रूप में रखने हेतु चर्चा की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी समय में प्रत्येक माह के प्रथम गुरूवार को अपरान्ह 12 बजे समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। समिति का बैंक खाता एचडीएफसी बैंक शाखा आंनद नगर खण्डवा में खोला गया है जिसकी जानकारी सभी सदस्यों को दी गई।मंदिर निर्माण के लिए छोटे सरकार की ओर से 15 करोड़ रुपये एवं सदस्य श्री राकेश बंसल की ओर से 1.11 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है।
बैठक में खण्डवा लोकसभा सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, महापौर श्रीमती अमृता यादव, कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय,संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला,अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खण्डवा श्री बजरंग बहादुर सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सोमवार, 2 जून 2025

शोमेन राजकपूर को दी संगीतमई श्रृद्धाजंलि

खंडवा- सद्भावना मंच द्वारा जाने माने अभिनेता जिन्हें शोमेन के रूप में सब जानते हैं, राजकपूर की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।सद्भावना मंच के कमल नागपाल के अनुसार इस अवसर पर राजकपूर के द्वारा फिल्माए गानों को गाकर उनको याद किया। संस्थापक प्रमोद जैन ने राजकपूर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उनकी अदाकारी के सब दीवाने थे। कार्यक्रम में प्रमोद जैन,आनंद तोमर, सुरेन्द्र गीते, डॉ जगदीश चंद्र चौरे,ओम पिल्ले, ललित शुक्ला, नरेन्द्र दवे, धीरज नेगी,राधेश्याम शाक्य,अशोक पारवानी,मनीष गुप्ता, गणेश भावसार, विजया द्विवेदी, सुभाष मीणा, कैलाश पटेल आदि मौजूद थे।

स्वस्थ यकृत मिशन के तहत नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज(NAFLD) स्क्रीनिंग प्रारंभ, पहले दिन 21 सौ से अधिक की जांच

भोपाल: नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज की स्क्रीनिंग के लिए चलाये जा रहे स्वस्थ लीवर मिशन के पहले दिन 2191 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। कार्यक्रम में 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की स्क्रीनिंग जा रही है। स्क्रीनिंग में ऊंचाई, वजन, कमर के माप की गणना की जा रही है। फैटी लीवर के संभावित संदिग्ध श्रेणी के मरीजों की जानकारी संधारित की जा रही है। इन लोगों में चिकित्सकीय सलाह पर अन्य जांचों के माध्यम से फैटी लीवर होने की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। 
ये अभियान लीवर संबंधी बीमारियों की जागरुकता, प्रारंभिक पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए चलाया जा रहा है। मिशन के तहत प्रारम्भिक स्क्रीनिंग में मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा बीएमआई , सीबैक स्कोर एवं कमर का माप लिया जा रहा है। बीएमआई 23 से अधिक होने, महिलाओं में कमर का माप 80 सेमी और पुरुषों में 90 सेमी से अधिक होने पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं नजदीकी स्वास्थ्य संस्थाओं में जांच के लिए रेफरल किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन 1978 व्यक्तियों की बी एम आई स्क्रीनिंग में 565 का बीएमआई अधिक पाया गया। 867 पुरुषों की स्क्रीनिंग में 211 और 1324 महिलाओं में से 407 की कमर का माप निर्धारित मापदंडों से अधिक मिला है।  
 स्वस्थ लीवर मिशन में जोखिम कारकों की पहचान और मूल्यांकन , लीवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता , संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए रेफरल और फॉलोअप , चिकित्सकों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण सम्मिलित है । संदिग्ध मामलों की जांच के साथ साथ लीवर को स्वस्थ रखने के लिए घर में उपलब्ध पौष्टिक आहार के सेवन, शराब एवं धूम्रपान से दूर रहने का परामर्श दिया जा रहा है। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रही है जो कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे बीमारियों से संबंधित है। समय पर पहचान कर प्रबंधन और जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है।

नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के संबंध में बैठक सम्पन्न

हरदा- समाज के युवाओं, बच्चों व आमजन को तम्बाकू एवं मादक द्रव्य उत्पादों से होने वाली गंभीर बीमारियों व दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में 26 जून तक नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिये जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होने उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया कि जागरूकता कार्यक्रम के लिये व्यवस्थित कार्य योजना बनाई और उसी के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किये जायें। बैठक में उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री कमलेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह सहित संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे।    
          कलेक्टर श्री जैन ने उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया कि नागरिकों को नशा मुक्ति के लिये जागरूक करने हेतु शहर के किसी एक चौराहे का सौन्दर्यीकरण किया जाए। उन्होने निर्देशित किया कि गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से भी नागरिकों को नशा मुक्ति के लिये प्रेरित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री जैन ने सभी उपस्थित अधिकारियों को नशा मुक्ति के लिये शपथ भी दिलाई। 
*(फोटो संलग्न)*

विश्व माता-पिता दिवस पर गीत, संगीत, कविता, गोष्ठी का आयोजन

खंडवा- सद्भावना मंच द्वारा विश्व माता-पिता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सदस्यों ने गीत संगीत एवं कविता के माध्यम से माता-पिता की महिमा का उल्लेख किया। मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा माता-पिता की सेवा सबसे बड़ी ईश्वर की पूजा है। जो व्यक्ति जीवन में अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते उनके अनदेखी करते हैं वह कभी भी सुखी नहीं रह सकते। माता-पिता से संबंधित कराओके गाने तथा कविता प्रस्तुत कर समस्त माता-पिताओ का गुणगान किया गया। इस अवसर पर डॉ आसाराम पटेल, डॉ वीरेन्द्र लाड़, के बी मनसारे,ओम पिल्ले, सुरेन्द्र गीते,देवेन्द्र जैन,गणेश भावसार, रजत सोहनी,मनीष गुप्ता,एन के दवे, राधेश्याम शाक्य, वहीदभाई,सुभाष मीणा, कैलाश पटेल आदि मौजूद रहे।

स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी बनने के लिए हर स्तर पर समन्वय और सक्रियता अनिवार्य: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, 15वें वित्त आयोग एवं पीएम-अभिम अंतर्गत स्वास्थ्य विकास कार्यों की संभागवार वृहद समीक्षा की

भोपाल: उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 15वें वित्त आयोग एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत – स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम) के अंतर्गत संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की संभागवार वृहद समीक्षा की। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, बजट व्यय की स्थिति, गुणवत्ता, समय-सीमा, तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग के महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा कर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बने, इसके लिए सभी स्तरों पर समन्वय और सक्रियता अनिवार्य है।
     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सभी कार्यों की सघन मॉनिटरिंग कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संभागीय स्तर पर कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। हर 15 दिवस में राज्य स्तर पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, परियोजना संचालक श्री नीरज कुमार सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
तकनीकी मैनपावर की समुचित व्यवस्था करें
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि तकनीकी सहयोग और कार्यों की गहन निगरानी हेतु आवश्यक तकनीकी मैनपावर की समुचित व्यवस्था की जाए और इसके लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र तैयार किया जाए। किसी भी स्तर पर कार्यों में अवरोध हो तो उसकी जानकारी तत्काल उच्च स्तर पर दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुलभ, सशक्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, वे तत्परता से उठाए जाएंगे।
    15वें वित्त आयोग में मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचे के सुदृढ़ीकरण के लिए 4 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से अब तक 2 हजार 540 करोड़ रुपये की राशि राज्य को प्राप्त हुई है और 1 हजार 487 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हेतु 1 हजार 649.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई, जिसमें 543.06 करोड़ रुपये जारी किए गए और 298.97 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स हेतु 94.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, 57.98 करोड़ रुपये जारी हुए और 44.47 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
    उप स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए 544.87 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई, जिसमें 312.96 करोड़ रुपये जारी किए गए और 226.36 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु 577.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 331.56 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई और 219.60 करोड़ रुपये व्यय हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने हेतु 395.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत और पूर्णतः जारी की गई, जिसमें से 297.78 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। 
     शहरी क्षेत्रों में डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विकास हेतु 144.28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, 54.34 करोड़ रुपये जारी हुए और 41.07 करोड़ रुपये व्यय किए गए। शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1 हजार 195.29 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से 845.12 करोड़ रुपये जारी हुए और 359.08 करोड़ रुपये व्यय किए गए। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्रदेश की 2 हजार 37 स्वास्थ्य इकाइयों के लिए कुल 1 हजार 512.64 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई, जिनमें से अब तक 347.99 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
   भवनविहीन 1790 उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 118 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 1507 कार्य निर्माणाधीन हैं। यह कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। भवनविहीन 119 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 26 कार्य पूर्ण, 88 प्रगतिरत हैं। ये कार्य स्वास्थ्य विभाग, म.प्र. भवन विकास निगम तथा म.प्र. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निर्माण निगम द्वारा किए जा रहे हैं। ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स के 117 कार्यों में से 77 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ये कार्य पीआईयू, स्वास्थ्य विभाग, एमपीपीएचसी और एमपीबीडीसी द्वारा किए जा रहे हैं। 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 3 कार्य प्रगति पर हैं और 8 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। अब तक भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, बीपीएचयू और सीएचसी के 221 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 1 हजार 616 कार्य प्रगति पर हैं और 30 कार्य टेंडर स्तर पर हैं। राज्य में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स की स्थापना हेतु कुल 47 इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 23 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 17 कार्य प्रगति पर हैं।
     भोपाल संभाग में स्वीकृत 281 कार्यों में से 12 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 241 कार्य प्रगति पर हैं। ग्वालियर संभाग में 294 कार्य स्वीकृत हुए, 43 कार्य पूर्ण हैं और 189 प्रगति पर हैं। जबलपुर संभाग में 321 कार्यों में से 13 कार्य पूर्ण हैं और 292 कार्य प्रगति पर हैं। इंदौर संभाग में 331 कार्यों में से 23 कार्य पूर्ण हैं और 290 कार्य प्रगति पर हैं। रीवा संभाग में 277 कार्य स्वीकृत हुए हैं, इनमें 27 कार्य पूर्ण हैं 245 कार्य प्रगति पर हैं। सागर संभाग में स्वीकृत 200 कार्यों में से 21 पूर्ण 145 प्रगतिरत हैं और उज्जैन संभाग में स्वीकृत 230 कार्यों में से 7 पूर्ण 194 निर्माणाधीन है। इन सभी संभागों में कार्यों की तेज़ी से प्रगति की जा रही है।

वस्त्र विक्रेता संघ की कार्यकारिणी बैठक संपन्न हुई

खंडवा- वस्त्र विक्रेता संघ की कार्यकारिणी सभा एक निजी होटल में संपन्न हुई, इसमें संस्था के सक्रिय सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया।जिसमें संस्था की वार्षिक शुल्क वसूली, प्रतिवर्षानुसार सांस्कृतिक यात्रा, व्यापारियों के लिए श्रमिक एवं हमसफर ट्रेन के स्टॉपेज के लिए सांसद से विधिवत भेंट तथा संस्था के विभिन्न पदों के लिए आगामी समय में होने वाले चुनाव आदि प्रमुख मुद्दे रहे।वहीं पूर्व से निर्धारित लंबित पड़ी जीवनदायिनी डायलिसिस योजना को फिर से शुरू करना आदि प्रमुख रूप से रहे|
प्रवक्ता मुदित जेटली ने बताया कि वरिष्ठ एवं युवा सदस्यों ने संस्था हित में आपसी सामंजस्य से अपनी अपनी बातें सभा पटल पर रखी।
उपाध्यक्ष रवि शाह ने सांस्कृतिक यात्रा के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए, वहीं उपाध्यक्ष कमल नागपाल ने कहा कि हमारी संस्था के सदस्य आपसी प्रतिस्पर्धा भूल एक परिवार की भांति रहते हैं।आपने कहा कि जिसको सेवा करनी है वह किसी पद की जिम्मेदारी के बिना भी सेवा दे सकता है।पद कोई मायने नहीं रखता।
कोषाध्यक्ष राजीव बाहेती ने कार्य संचालन और अन्य आयोजन के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क संग्रह करने का प्रस्ताव रखा।कार्यकारिणी के उपस्थित सदस्यों ने अपनी अपनी राशि बैठक में ही सौंपकर अपना सहयोग दिया।सहमति से जुलाई माह में सांस्कृतिक यात्रा पर जाना तय किया गया,जिसमें संस्था से जुड़ा हर इच्छुक सदस्य इसमें जाने के लिए पात्र होगा।
इस बैठक में अति वरिष्ठ सदस्यों में परमानंद जैन, हरमिंदर सिंह छाबड़ा, नरेंद्र शाह,देवेन्द्र बजाज, सक्रिय सदस्यों में अध्यक्ष गणेश गुरबानी,रवि शाह ,कमल नागपाल,महेंद्र शाह,बशीर मलिक,एम यूनुस, राजू वर्मा,संतोष मंगवानी,अखिलेश वर्मा,मनोज उधलानी,पराग शाह,महेश शादीजा,संजय चंचलानी और युवा सदस्यों में राजीव बाहेती, भरत जेठवानी ,हनी छाबड़ा और मुदित जेटली आदि उपस्थित रहे।संचालन कमल नागपाल ने किया।आभार सचिव एम.युनुस ने माना।