सोमवार, 2 जून 2025

कॉलेज चलो अभियान अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को बताएं रोजगारोन्मुखी एईडीपी पाठ्यक्रम के लाभ"

खंडवा - प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस, श्री नीलकण्ठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खंडवा में आनलाईन ई-प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। संस्था के प्राचार्य डॉ सोमपाल सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 में सामान्य पाठ्यक्रम के अतिरिक्त कौशल आधारित रोजगारोन्मुखी अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) में प्रवेश लेने का विकल्प भी विद्यार्थियों हेतु उपलब्ध है। उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत युवाओं को कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य की गई है। एईडीपी के पाठ्यक्रमों का कालेज चलो अभियान के अंतर्गत व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा विभिन्न संस्थाओं में जाकर विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जा रहा है। साथ ही एनसीसी , एनएसएस, रेड क्रॉस के विद्यार्थी अपने गांव, मोहल्ले , पड़ोस में भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
कॉलेज चलो अभियान के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं में पहुंचकर डाॅ. सोहन सिंह डावर एवं डॉ आशुतोष तिवारी ने विद्यार्थियों को बताया कि सत्र 2025-26 में महाविद्यालय में कॉमर्स में दो एईडीपी पाठ्यक्रम- बी. कॉम. इन बीएफएसआई तथा बी.कॉम. इन रिटेल ऑपरेशंस एवं साइंस में एक- बी.एससी इन फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग एंड क्वालिटी कुल तीन एईडीपी पाठ्यक्रम प्रत्येक 30-30 सीट के साथ प्रारंभ किए गए हैं। प्रारंभ हो चुकी ई -प्रवेश प्रक्रिया में 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी सामान्य पाठ्यक्रम की शुल्क पर ही अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं। एईडीपी स्नातक अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों को 6 से 12 माह की अप्रेंटिसशिप न्यूनतम ₹8000 प्रतिमाह स्टाइपेंड के साथ दी जाएगी। अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम लागू करने की यह पहल कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। कॉलेज चलो अभियान प्रभारी डॉ रेखा गुंजन ने विद्यार्थियों से उक्त रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने हेतु आह्वान किया है।

"सिन्धीयत जी पाठशाला" भाषा शिविर का हुआ शुभारंभ, समाज के वरिष्ठों के साथ युवा मिलकर संभाल रहे प्राचीन भाषा एवं संस्कृति को संभालने की बागडोर

खण्डवा- सिन्धी कॉलोनी स्थित सिन्धी पाठक मंच के सभागार में 15 दिवसीय "सिन्धीयत जी पाठशाला" शिविर का शुभारंभ प्रातः 9 बजे हुआ , जिसका समापन दिनांक 15 जून को होगा। यह शिविर सिन्धी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश एवं संस्कृति परिषद भोपाल द्वारा भारतीय सिन्धू सभा खंडवा व सिन्धी पाठक मंच खंडवा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है।सिन्धी पाठक मंच के संयोजक एवं भाषा प्रशिक्षक मनीष कुमार मलानी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सिन्धी समाज की नई पीढ़ी को सिन्धी भाषा-बोली, सिंधी संगीत, सिन्धी संस्कृति, सिन्धी महापुरुषों, व सिन्धू इतिहास की जानकारी देकर सिन्धी भाषा का संरक्षण एवं प्रचार प्रसार करना है, आज के आधुनिक युग में जहां नवीन पीढ़ी निज भाषा संस्कृति से दूर जा रही हैं ऐसे समय में यह शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती , भगवान झूलेलाल एवं सा प्रभु श्रीराम परिवार के चित्र पर माल्यर्पण व दिप प्रज्ज्वलन कर , सिन्धी भाषा में सरस्वती वंदना गाकर शिविर का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर पूज्य सिन्धी पंचायत के अध्यक्ष गेहीराम सीतलानी, भारतीय सिन्धू सभा के अध्यक्ष घनश्याम वाधवा, वरिष्ठ समाजसेवी जयरामदास खेमानी , भाषा शिक्षिका श्रीमती रानी खेमानी , सहयोगी शिक्षिका मनीषा संतवानी , युवा समाजसेवी व स्विमिंग कोच अमित वैडानी, महिला शाखा प्रमुख कोमल होतवानी उपस्थित रहे।अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत वन्दन किया गया। आयोजन की संक्षिप्त भूमिका कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी घनश्याम वाधवा ने रखी और बताया कि शिविर में भाषा एवं संस्कृति से संबंधित क्विज कॉम्पिटीशन एवं विभिन्न प्रतियोगियों के माध्यम से बच्चों को भाषा से जोड़ने के लिए नित नवीन प्रयास किए जाएंगे।उपस्थित अतिथियों ने शिविर में प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों को मार्गदशन देते हुए शुभकामनाएं दी।सभी आमंत्रित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किये व निज भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।
15 जून तक जारी रहेगा शिविर...कमल नागपाल
सिंधी समाज के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि यह निःशुल्क शिविर रोजाना 8:30 से 10 बजे तक संचालित होगा,और 15 जून तक अनवरत चलता रहेगा।समय समय पर विभिन्न समाजसेवियों के सानिध्य में बच्चों को सिंधी भाषा के प्रति आकर्षित करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।पूर्व में भी इस तरह के आयोजनों से समाज में हर्ष का माहौल है, वहीं पालक भी अति प्रसन्न और उत्साहित हैं।शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को अकादमी की ओर से प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।शिविर में रोजाना उपस्थित प्रतिभागियों को संस्था द्वारा स्वल्पाहार की भी व्यवस्था भी दी जा रही है।भारतीय सिन्धू सभा के साथियों ने समाज जनों से अधिक से अधिक बच्चों को शिविर में भेजने की अपील भी की।

रविवार, 1 जून 2025

देवी अहिल्या की पावन नगरी महेश्वर तथा मंडलेश्वर के सम्पूर्ण मंदिर क्षेत्र को तम्बाकू मुक्त बनाया जाये, मंदिर क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तम्बाकू पदार्थ का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाये

उल्लंघन की दशा में दंडात्मक कार्यवाही की जाए,
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर संभागायुक्त श्री दीपक सिंह ने खरगोन जिला प्रशासन को दिए निर्देश
खण्डवा- लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की पावन नगरी महेश्वर और मण्डलेश्वर, दोनों ही अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। पूरे देश में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जन्म जयंती मनायी जा रही है। इस उपलक्ष्य में संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की पहल पर आज 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर खरगोन जिले के धार्मिक स्थल महेश्वर तथा मंडलेश्वर के सम्पूर्ण मंदिर क्षेत्र को तम्बाकू मुक्त बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।
    संभागायुक्त श्री दीपक सिंह ने कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगोन को निर्देशित किया है कि महेश्वर, मंडलेश्वर के सम्पूर्ण मंदिर क्षेत्र यथा मंदिर, किला परिसर, घाट, पार्किंग, प्रसाद काउंटर, टिकिट काउंटर, अन्न क्षेत्र इत्यादि में किसी भी प्रकार के तम्बाकू पदार्थ (सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा, हुक्का, इलेक्ट्रानिक सिगरेट व जर्दा इत्यादि) का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाये। इन स्थलों पर यदि कोई भी श्रद्धालु एवं समस्त कर्मचारी इत्यादि उक्त नियम का उत्लंघन करते हैं तो उल्लंघन कर्ताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाये। साथ ही महेश्वर, मंडलेश्वर के संपूर्ण मंदिर क्षेत्र में सुनिश्चित करें कि किसी भी रूप में कोई तम्बाकू उत्पादों का सेवन ना करें। तम्बाकू नियंत्रण हेतु नोडल अधिकारी नामित करें। उल्लंघन की दशा में दंडात्मक कार्यवाही की जाए। दंडात्मक कार्यवाही हेतु स्थानीय प्रवर्तन दल का गठन कर निगरानी की जाये। मंदिर परिसर के अन्दर एवं बाहर मुख्य स्थानों पर “तम्बाकू मुक्त क्षेत्र” का सूचना पटल लगायी जाये। 
    संभागायुक्त ने कहा है कि महेश्वर, मंडलेश्वर के सम्पूर्ण मंदिर क्षेत्र में उपरोक्त कार्यवाही करने से निर्दोष श्रद्धालुओं को तम्बाकू आपदा के खतरों से बचाने में, तम्बाकू सेवन के उपरान्त यत्र-तत्र थूकने से वातावरण को स्वच्छ रखने में एवं राज्य सरकार के नशा मुक्त एवं स्वछता अभियान में अहम योगदान होने के साथ ही जन स्वास्थ्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
     धार्मिक स्थल महेश्वर एवं मंडलेश्वर पवित्र सार्वजनिक स्थल के साथ महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। यहाँ पर आम नागरिकों का आना-जाना होता है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे एवं महिलाएं होती है। तम्बाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। यह कई गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग आदि का कारण बन सकता है। इन बीमारियों के बारे में जानकारी होने के बावजूद भी लोग इसका सेवन करते हैं। एक रिपोर्ट में पाया गया कि तम्बाकू से संबंधित बीमारियों के कारण हर साल विश्व में लगभग 6 मिलियन लोगों की मौत होती है। अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो 2030 तक यह आंकड़ा बढ़कर 8 मिलियन से अधिक भी हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा हर साल मई के अंत में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाये जाने की घोषणा की गयी। डब्ल्यूएचओ का उद्देश्य वर्ष 2030 तक तंबाकू के सेवन को 30 प्रतिशत तक कम करना है।
      भारत में 13 से 14 लाख लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण हो जाती है। तम्बाकू सेवन करने वालों की प्रवत्ति यत्र-तत्र थूकने की होती है, जिसके कारण कई गम्भीर बीमारियों के संक्रमण फैलने एवं वातावरण दूषित होता है, जिससे बीमारियों के संक्रमण के लिए उपयुक्त परिस्थतियां तैयार होती है। सिगरेट, बीडी के धूम्रपान से निकलने वाले धुंए के कारण बड़ी संख्या में लोग परोक्ष धूम्रपान के शिकार होते हैं, जिसमें मुख्य रूप से महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं। श्रद्धालुओं को गैर संचारी एवं संचारी रोगों से बचाना अत्यंत जरुरी है। भारत सरकार द्वारा तम्बाकू आपदा से लोगों के बचाने के लिए अधिनियम कोटपा-2003, भारतीय न्याय संहिता /आईपीसी धारा-268, 269, 278, किशोर न्याय अधिनियम धारा-77 जैसे विभिन्न कानून भी बनाये गये हैं, जिनमें जुर्माने और सजा का भी प्रावधान है।

"सिन्धीयत जी पाठशाला" भाषा शिविर का हुआ शुभारंभ, समाज के वरिष्ठों के साथ युवा मिलकर संभाल रहे प्राचीन भाषा एवं संस्कृति को संभालने की बागडोर

खण्डवा: सिन्धी कॉलोनी स्थित सिन्धी पाठक मंच के सभागार में 15 दिवसीय "सिन्धीयत जी पाठशाला" शिविर का शुभारंभ दिनांक 1 जून प्रातः 9 बजे हुआ , जिसका समापन दिनांक 15 जून को होगा.
यह शिविर सिन्धी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश एवं संस्कृति परिषद भोपाल द्वारा भारतीय सिन्धू सभा खंडवा व सिन्धी पाठक मंच खंडवा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है. सिन्धी पाठक मंच के संयोजक एवं भाषा प्रशिक्षक मनीष कुमार मलानी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सिन्धी समाज की नई पीढ़ी को सिन्धी भाषा-बोली, सिंधी संगीत, सिन्धी संस्कृति, सिन्धी महापुरुषों, व सिन्धू ईतिहास की जानकारी देकर सिन्धी भाषा का संरक्षण एवं प्रचार प्रसार करना है, आज के आधुनिक युग में जहां नवीन पीढ़ी निज भाषा संस्कृति से दूर जा रही हैं ऐसे समय में यह शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा.
कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती , भगवान झूलेलाल एवं सा प्रभु श्रीराम परिवार के चित्र पर माल्यर्पण व दिप प्रज्ज्वलन कर, सिन्धी भाषा में सरस्वती वंदना गाकर शिविर का शुभारंभ किया गया.
इस अवसर पर पूज्य सिन्धी पंचायत के अध्यक्ष गेहिराम सितलानी, भारतीय सिन्धू सभा के अध्यक्ष घनश्याम वाधवा, वरिष्ठ समाज सेवी जयराम दास खेमानी, भाषा शिक्षिका श्रीमती रानी खेमानी , सहयोगी शिक्षिका मनीषा संतवानी , महिला शाखा प्रमुख कोमल होतवानी उपस्थित रहे. मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत वन्दन किया गया.आयोजन की संशिप्त भूमिका कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी घनश्याम वाधवा ने रखी ओर बताया कि शिविर में भाषा एवं संस्कृति से संबंधित क्विज कॉम्पिटीशन एवं विभिन्न प्रतियोगियों के माध्यम से बच्चों को भाषा से जोड़ने के लिए नित नवीन प्रयास किए जाएंगे. उपस्थित अतिथियों ने शिविर में प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों को मार्गदशन देते हुए शुभकामनाएं दी. सभी आमंत्रित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किये व निज भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला.
यह निःशुल्क शिविर रोजाना 8:30 से 10 बजे तक संचालित होगा, शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को अकादमी की ओर से प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे. शिविर में रोजाना उपस्थित प्रतिभागियों को संस्था द्वारा स्वल्पाहार की भी व्यवस्था भी दी जा रही है. भारतीय सिन्धू सभा के साथियों ने समाज जनों से अधिक से अधिक बच्चों को शिविर में भेजने की अपील भी की

"विकसित कृषि संकल्प अभियान" के तहत कृषक संगोष्ठी सम्पन्न

हरदा- विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत ग़हाल, खामापड़वा और केलनपुर में रविवार को किसान संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया । संगोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ. संध्या मुरे व उप संचालक कृषि श्री जे. एल. कास्दे ने खेती की नई नई तकनीको के बारे में किसानों को जानकारी दी। कार्यक्रम में सरपंच मोना पटेल सहित जनप्रतिनिधि व किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में आई आई एस एस, भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अविनाश दास ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड और मृदा नमूनाकरण के बारे में बताया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान किसानों को नवीन तकनीक, नवाचार एवं उन्नत खेती केे टिप्स बताए गए। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं का समाधान भी कृषि वैज्ञानिकों ने किया। कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भी किसानों को कृषि उपयोगी जानकारी दी।

हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा-2025 के आवेदन-पत्र भरने की तिथि 8 जून तक बढ़ी

हरदा- माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा वर्ष 2025 की हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी सर्टिफिकेट द्वितीय परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन-पत्र भरने की तिथि 8 जून तक बढ़ा दी गयी है। पहले यह तिथि 31 मई 2025 तक निर्धारित की गयी थी। माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल के सचिव ने बताया कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा में केवल अनुत्तीर्ण विषयों के लिए 8 जून 2025 की रात्रि 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन करने का अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन भरने के लिये पूर्व में जारी किये गये निर्देश यथावत लागू रहेंगे।

आरटीई के तहत पहले चरण में हरदा जिले के 557 छात्रों को मिला निजी स्कूलों में प्रवेश, प्रथम चरण के लिये 2 से 10 जून के बीच होगी प्रवेश प्रक्रिया

हरदा- जिले में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रथम प्रवेशित कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर एवं वंचित समूह के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। इसके लिये प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला परियोजना समन्वयक श्री बलवन्त सिंह पटेल ने बताया कि प्रथम चरण में 592 में से 557 बच्चों लॉटरी के माध्यम से सीटों का आवंटन कर दिया गया है। बच्चे 2 से 10 जून तक आवंटित स्कूलों में प्रवेश ले सकते हैं। उन्होने बताया कि लॉटरी में चयनित बच्चों को आवंटन पत्र प्रति निकलाकर 10 जून तक सभी दस्तावेजों के साथ आवंटित स्कूल में जमा कराना अनिवार्य है। 
डी पी सी श्री पटेल ने बताया कि 10 जून के बाद शेष रिक्त सीटों का आवंटन द्वितीय चरण की लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। उन्होने बताया कि द्वितीय चरण के लिये 10 जून के बाद निर्धारित तिथि तक स्कूलों की च्वाइस फिलिंग करनी होगी।