शुक्रवार, 26 जून 2020

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के क्रियान्वयन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित




भोपाल : राज्य शासन ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्व आयोजना, समन्वय एवं सहयोग के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है।
समिति में सदस्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव होगें । अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव खनिज संसाधन, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव वन, अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव कृषि एवं उद्यानिकी, अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव लोक निर्माण, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा, अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव श्रम, रेल मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि एवं संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के प्रतिनिधि सदस्य होगें।
भारत सरकार ने 20 जून 2020 से 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' प्रारंभ किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कोविड-19 वैश्विक महामारी से जनित परिस्थितियों के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आए प्रवासी श्रमिकों और प्रभावित अन्य ग्रामीणों को रोजगार तथा अजीविका के तात्कालिक अवसर उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य से शासकीय विभागों में समन्वय और उनकी योजनाओं व संसाधनों के द्वारा अद्योसंरचना व परिसंपत्ति निर्माण तथा आर्थिक क्षेत्र के विनिर्दिष्ट कार्यों का क्रियान्वयन 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' के लिये 125 दिन की अवधि में किया जाना है।

भू-राजस्व संहिता में संशोधन के लिये समिति पुनर्गठित



भोपाल : मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 के अधीन बने नियमों की समीक्षा कर नियमों में संशोधन अथवा नये नियम बनाने तथा नियमों के प्रारूपण के लिये गठित समिति को पुनर्गठित किया गया है। राज्य भूमि सुधार आयोग के अध्यक्ष श्री आई.एस.दाणी समिति के अध्यक्ष होंगे। प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी समिति के उपाध्यक्ष होंगे।
समिति में प्रमुख राजस्व आयुक्त, आयुक्त भू-अभिलेख, सचिव राजस्व मंडल श्री अशोक कुमार गुप्ता सदस्य राज्य भूमि सुधार आयोग और अपर सचिव राजस्व डॉ. श्रीकांत पाण्डेय सदस्य होंगे। समिति की संयोजक उपायुक्त राजस्व डॉ. भारती गुप्ता होंगी।
समिति मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम-2018 के अनुसरण में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 में किये गये संशोधनों के परिणामस्वरूप नियमों में संशोधन के प्रस्ताव प्राथमिकता से लेगी। समिति आवश्यकतानुसार अन्य विभागीय अधिकारियों को बैठकों में आमंत्रित कर सकेगी।

म.प्र. - 10 हार्सपावर तक के पंप पर 700 रूपये प्रति हार्सपावर प्रतिवर्ष बिजली बिल




भोपाल : प्रदेश के कृषि उपभोक्ताओं को फ्लेट रेट के 10 हार्सपावर तक के पंप पर 700 रूपये प्रति हार्सपावर प्रतिवर्ष की दर से तथा 10 हार्सपावर से अधिक के फ्लेट रेट उपभोक्ताओं को 1400 रूपये प्रति हार्सपावर प्रतिवर्ष की दर से बिजली दी जा रही है। इसके साथ ही एक हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले अनुसूचित जाति/जनजाति उपभोक्ताओं के 5 हार्सपावर तक के कनेक्शन में नि:शुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।
राज्य शासन द्वारा कोरोना महामारी में प्रभावी लॉकडाउन के दृष्टिगत विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। प्रदेश के निम्नदाब गैर घरेलू एवं निम्नदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं तथा उच्चदाब टैरिफ देयकों में स्थायी प्रभार की वसूली को आस्थगित किया गया है। आस्थगित राशि की वसूली माह अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 के विद्युत देयकों के नियमित भुगतान के साथ 6 समान किश्तों में बिना ब्याज के की जायेगी। प्रदेश के जिन उपभोक्ताओं (उच्चदाब सहित) द्वारा लॉकडाउन के चलते अप्रैल एवं मई माह में देय विद्युत बिलों का भुगतान सामान्य नियत तिथि तक किया गया है, उन्हें एक प्रतिशत की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (निम्नदाब उपभेक्ताओं को अधिकतम दस हजार तथा उच्चदाब उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख रूपये) आगामी बिल में दी जा रही है। यह राशि विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा वहन की जायेगी। वर्तमान मेंप्रदेश के कृषि उपभोक्ताओं को इंदिरा गृह ज्योति योजना के प्रावधानों के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।
प्रदेश के ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ता जो संबल योजना के हितग्राही हैं एवं जिनके माह अप्रैल, 2020 में देयक की राशि 100 रूपये तक थी, उनके आगामी तीन माह अर्थात् मई, जून एवं जुलाई, 2020 में देयक राशि 100 रूपये तक आने पर उनसे इन तीन माहों में मात्र 50 रूपये प्रतिमाह लिया जा रहा है। प्रदेश के ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ता जिनके माह अप्रैल, 2020 में देयक की राशि 100 रूपये तक थी, उनके आगामी तीन माह अर्थात् मई, जून एवं जुलाई, 2020 में देयक राशि 100 रूपये से 400 रूपये तक आने पर उनसे इन तीन माहों में मात्र 100 रूपये प्रतिमाह की राशि ली जा रही है।
प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनकी माह अप्रैल, 2020 में देयक राशि 100 रूपये से अधिक परन्तु 400 रूपये या उससे कम थी, उनके मई, जून एवं जुलाई, 2020 में देयक राशि 400 रूपये से अधिक आने पर उनसे इन माहों में देयक की राशि का मात्र 50 प्रतिशत लिया जा रहा है।। ऐसे उपभोक्ताओं के देयकों की शेष 50 प्रतिशत राशि के भुगतान के संबंध में देयकों की जांच के बाद निर्णय लिया जायेगा।

भारत में विनिर्माण क्षेत्र के विकास के लिए ज्ञान को धन में बदलना महत्वपूर्ण है - श्री नितिन गडकरी




केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रीश्री नितिन गडकरी ने इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के प्रतिनिधियों के साथ महामारी के बाद की स्थिति में क्षेत्र के विकास पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
उन्होंने पैनल को प्रेरित करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र को अल्पकालिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हमें "सकारात्मकता और आत्मविश्वास" से तत्काल बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि अर्थव्यवस्था में सभी हितधारकों के बीच आपसी सहयोग से मौजूदा महामारी के कारण पैदा हुई कठिनाइयों से निपटने में मदद मिल सकती है।
बातचीत के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया और देश के सकल घरेलू उत्पाद, निर्यात और रोजगार सृजन में इस क्षेत्र के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र वर्तमान में देश के निर्यात में लगभग 48% का योगदान देता है और इसे तकनीकी उन्नयन और उत्पाद विकास के माध्यम से और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स, परिवहन और श्रम लागत में पर्याप्त कमी से देश में विनिर्माण उद्योग के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि निर्यात का समर्थन करने के लिए देश में पैकेजिंग और मानकीकरण की सुविधा अन्य महत्वपूर्ण कारक हैं जिन्हें विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि दुनिया धीरे-धीरे कोविड महामारी से निपटने में सफल हो रही है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय ने भारतीय एमएसएम उद्यमों को इक्विटी समर्थन देने के लिए फंड ऑफ फंड बनाया है। जिन एमएसएमईके ​​पास अच्छा कारोबार है वजीएसटी रिटर्न रिकॉर्ड और आयकर रिकॉर्ड भी ठीक हैं, उनका फिर से आकलन किया जायेगा और उन्हें रेटिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें सरकार से 15% इक्विटी का समर्थन प्राप्त हो जाएगा। यह उन्हें धीरे-धीरे पूंजी बाजार से धन जुटाने में सक्षम बनाएगा तथा प्रस्तावित एमएसएमई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने और विदेशी निवेश आकर्षित में मदद करेगा।
उन्होंने आगे सुझाव दिया कि उद्योगों को अपने वार्षिक लाभ का लगभग 2-3% अनुसंधान में निवेश करना चाहिए क्योंकि ज्ञान को धन में बदलना उद्योग के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पैनल से अपने विशेष सुझावों को भेजने का अनुरोध किया और सरकार से सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया।

गुरुवार, 25 जून 2020

कोरोना का कहर- खण्डवा जिले में आज कुल 6 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले, जिले में अब तक कुल 298 हुए कोरोना पॉजिटिव मरीज



एक अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब पड़ोस में रहने वाले एक कर्मचारी की भी आई कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट 
खण्डवा/ओम्कारेश्वर- कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आज खण्डवा जिले के संदिग्ध मरीजों के सेम्पल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान ने बताया कि आज मेडिकल कॉलेज खण्डवा की प्रयोगशाला से कुल 86 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आईं हैं। जबकि 6 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। शाम को आई रिपोर्ट में 5 मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं जिसमें 3 सैफी कॉलोनी के और 2 छोटाअवार क्षेत्र के हैं। इस तरह आज दिन भर में कुल 6 पॉजिटिव, और 86 निगेटिव रिपोर्ट आ चुकी हैं।
खण्डवा जिले में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या बढ़कर 298 हो गई हैं जबकि अब तक कुल 263 मरीज संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके है।
इसके अलावा एक अन्य मामले में खण्डवा जिले के ओकारेश्वर क्षेत्र से 10 किलोमीटर दूर मोरघड़ी कॉलोनी में दूसरा कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी की रिपोर्ट के आने के बाद भी प्रशासन ने खण्डवा के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। एंबुलेंस 2:30 बजे आई और कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी को लेकर खंडवा के लिए रवाना हुई। कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी पर आसपास के लोग भड़के और उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक लापरवाही पूर्वक संदिग्ध होने के बाद भी घूमता रहा। तहसीलदार उदय मंडलोई ने कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी को लापरवाही बरतने पर फटकार लगाते हुए पूरे परिवार को क्वॉरेंटाइन का पालन करने के साथ परिवार को घर से बाहर जांच रिपोर्ट आने तक नहीं निकलने की हिदायत दी और कहा की लापरवाही बरतने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन हरकत में आया और पूरे क्षेत्र को सील कर चार लोगों को ड्यूटी पर तैनात किया।

सैयदपुर खैगांव कन्टेन्मेंट क्षेत्र के लिए ‘‘कोरोना चेन ब्रेकर्स‘‘ नियुक्त किए, सम-विषम तारीखों के लिए अलग अलग दल बनाए गए



खण्डवा- एसडीएम पंधाना श्री राहुल गुप्ता ने पंधाना क्षेत्र के कन्टेन्मेंट जोन सैयदपुर खैगांव में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से विभिन्न कर्मचारियों को कोरोना चेन ब्रेकर्स के रूप में तैनात करने के आदेश जारी किए है। जारी आदेश अनुसार ये कर्मचारी तीन शिफ्टों में कार्य करेंगे। पहली शिफ्ट प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे तक तथा दूसरी शिफ्ट अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे तक तथा तीसरी शिफ्ट रात्रि 12 से सुबह 8 बजे तक कार्य करेगी। सम विषम तारीखों के लिए अलग अलग दल बनाए गए है।  
जारी आदेश अनुसार सम दिनांकों में सैयदपुर खैगांव की गली नम्बर 1 व 2 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी आरती मौर्य, शिक्षिका सोनम लाड़ व सेवकराम दलपत कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी रामेश्वर अरझरे, शिक्षक गंगा प्रसाद राय व गणपत कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी तपन सिसोदिया, शिक्षक शफिक कुर रहमान व चेतराम पुनिया कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 3 व 4 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी संगीता सोनी, शिक्षिका अरूणा सोनवणे व नरेश बाबूलाल कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी प्रदीप शुक्ला, शिक्षक शादाब खान व कड़वा कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी शाहिद खान, शिक्षक अब्दुल सतार व बिहारी रामा कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 5 व 6 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी रूचिता मोरिया, शिक्षिका अनीता इन्दोलिया व कोमल बाला कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी देवेन्द्र उपाध्याय, शिक्षक कैलाश वर्मा व गेंदालाल कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी गौतम अरझरे, शिक्षक अनोखीलाल मसानी व प्रकाश मोजीलाल कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 7 व 8 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी आकृति मेहरा, शिक्षिका अल्पना चौहान व रामप्यारी चंपलाल कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी नैन सिंह चौहान, शिक्षक रूखडु भास्करे व भैयालाल जनक कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी राकेश चौधरी, शिक्षक दीपक कलम व मोतिराम कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 9 व 10 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी शीतल मोरे, शिक्षिका उर्मिला रजावत व रूखमनी बाई कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी चिंताराम पटेल, पंचायत समन्वयक अधिकारी बैराग सिंह सोलंकी व ध्याना परसराम कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी प्रताप सिंह, पंचायत समन्वयक अधिकारी मिश्रीलाल पटेल व हरचंद पुनिया कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 11 व 12 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी शिल्पा शुक्ला, शिक्षिका मनीषा बिल्लोरे व हुकुमचंद छगन कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में पटवारी सुशील खेरदे, पंचायत समन्वयक पूनमचंद हरियाले व सुखलाल नथ्थु कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में पटवारी सुमित कटारिया, पंचायत समन्वयक अधिकरी मकबूल खान व राकेश कोटवार को तैनात किया गया है।
जारी आदेश अनुसार विषम दिनांकों में सैयदपुर खैगांव की गली नम्बर 1 व 2 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में पटवारी रामप्रसाद महाजन, शिक्षिका पुष्पा कनाड़े व सेवकराम दलपत कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में सचिव प्रेम सिंग जंगल्या, एडीईओ प्रकाश भालसे व गणपत रूखडु कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव चम्पालाल राजोरे, एडीईओ जसवंत वर्मा व चेतराम पुनिया कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 3 व 4 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में सचिव सुरेश गोलकर, शिक्षिका बसंती व नरेश बाबूलाल कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में सचिव सोनु सिंह मण्डलोई, एडीईओ  आरएस शर्मा व कड़वा कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव प्रकाश पटेल, बीसी महेन्द्र सिंह धुवे व बिहारी रामा कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 5 व 6 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में सचिव कृष्णपाल चौहान, शिक्षिका अंजुम व कोमल बाला कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में सचिव सियाराम सोलंकी, एपीईओ नितिन महाजन व गेंदालाल कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव सुनील पिंजने, शिक्षक अनोखीलाल मसानी व प्रकाश मोजीलाल कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 7 व 8 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में सचिव जयपाल सिंह, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी अनीता बिसेन व रामप्यारी कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में सचिव मनोहरलाल खतवासे, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी राकेश पाल व भैयालाल जनक कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव गेंदालाल पटेल, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी कमल सिंह कौर व मोतिराम कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 9 व 10 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में सचिव दिलावर सिंह, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी निहालवाडी रूचि पांडे व रूखमनी बाई कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में जयपाल सिंह मौर्य, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी नारायण सिंह व ध्याना परसराम कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव संजय सिंह, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी अरविंद मण्डलोई व हरकचन्द पुनया कोटवार को तैनात किया गया है। गली नम्बर 11 व 12 में प्रातः 8 से अपरान्ह 4 बजे की शिफ्ट में सचिव किर्ति पटेल, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी लीना पंचोर व हुकुमचंद कोटवार को तैनात किया गया है। अपरान्ह 4 से रात्रि 12 बजे की शिफ्ट में सचिव दिनेश पवार, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी सुनील वास्केल व सुखलाल नथ्थु कोटवार को तैनात किया गया है। रात्रि 12 से सुबह 8 बजे की शिफ्ट में सचिव हरीश खंडे, स.उ.नि. कृषि उपज मण्डी योगेश कुमार व राकेश मांगीलाल कोटवार को तैनात किया गया है।

‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश‘ अभियान के लिए 30 जून तक सुझाव दें



भोपाल- मध्यप्रदेश शासन लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा एमपी इनोवेशन चैलेन्ज पोर्टल पर विचारों के आदान-प्रदान एवं विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए जाने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए है। मध्यप्रदेश इनोवेशन पोर्टल पर प्रदेश के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों के संबंध में प्रथम चरण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे है। आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप सभी के सुझाव 30 जून 2020 तक आमंत्रित है। साथ ही निर्धारित समय सीमा में एमपी इनोवेशन पोर्टल innovation.mp.gov.in पर लॉग इन कर अपने सुझाव अनिवार्य रूप से प्रेषित करने का कष्ट करें। यह सुझाव वर्तमान में क्रियान्वित हो रही किसी योजना के स्वरूप में परिवर्तन के विषय में योजना-कार्यक्रम के क्रियान्वयन की रणनीति में संशोधन के संबंध में अथवा किसी नवीन योजना को प्रारंभ करने के विषय में हो सकते हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में उपलब्ध नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर लोक सेवाओं के प्रदाय एवं नीतियों के क्रियान्वयन को और बेहतर किस प्रकार बनाया जा सकता है, इस विषय में भी सुझाव प्रदान किए जा सकते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी वर्तमान में जिस विभाग में कार्यरत हैं, केवल उसी विभाग से संबंधित सुझाव दे। पोर्टल पर किसी भी विभाग की योजना-नीति के संबंध में विचारों एवं सुझावों का आदान-प्रदान किया जा सकता है। वित्तीय मितव्ययता के साथ अथवा बिना वित्तीय भार के शासकीय सेवाओं का लाभ आम जनता तक किस प्रकार पहुंचाया जा सकता है, इस विषय में भी सुझाव आंमत्रित हैं। पोर्टल पर शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन और लोक सेवाओं के प्रभावी प्रदाय तथा अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर सभी क्षेत्रों में अभिनव सुझाव एवं विचार प्रदान किए जा सकते है। इनोवेशन चैलेन्ज प्रथम विषय के रूप में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की थीम का चयन किया गया है।